Dr Bhupendra Harjani

Dr Bhupendra Harjani Here, we follow strict and stringent hygiene & sterlization protocols.

The Top Cranio-Maxillofacial Hospital in Agra, we offer flexible timing, individual attention, affordability, accurate explanation of treatments, and excellent patient care.

22/12/2025
14/12/2025

कान की प्लास्टिक सर्जरी को हिंदी में कर्ण शल्य-चिकित्सा या ईयर प्लास्टिक सर्जरी कहा जाता है। यह एक कॉस्मेटिक (सौंदर्य-प्रसाधन) या पुनर्निर्माण प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य कान के आकार, स्थिति या अनुपात को बदलना है।
यह कई प्रकार की होती है, जिनमें शामिल हैं:
ओटोप्लास्टी (Otoplasty): यह सबसे आम प्रकार है, जिसका उपयोग बड़े या उभरे हुए कानों को ठीक करने के लिए किया जाता है, ताकि वे सिर के करीब आ सकें।
ईयर रिडक्शन (Ear Reduction): इसका उद्देश्य बहुत बड़े कानों के आकार को कम करना है।
ईयर लोब रिपेयर (Ear Lobe Repair): यह फटे हुए या खींचे हुए कान के निचले हिस्से (लोब) को ठीक करने के लिए किया जाता है।
रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी (Reconstructive Surgery): दुर्घटनाओं, जन्म दोषों (जैसे माइक्रोशिया) या बीमारियों के कारण कान के क्षतिग्रस्त हिस्सों को फिर से बनाने के लिए यह आवश्यक होती है।
यह प्रक्रिया आमतौर पर स्थानीय या Local एनेस्थीसिया के तहत की जाती है और इसमें आमतौर पर कुछ हफ़्तों की रिकवरी का समय लगता है।
अधिक जानकारी और व्यक्तिगत सलाह के लिए, एक योग्य फेशियल सर्जन से परामर्श करना सबसे अच्छा है।







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Mohan Manohar Chikitsalaya
Dental and Cranio-Facial Surgery Research Center
Laxmi Mill, Jeoni Mandi, Near Kali Mata Mandir, Agra
Call-8979152350; 9412542810
www.drharjani.in

30/11/2025

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रेट्रोग्नाथिक मैक्सिला (retrognathic maxilla) का अर्थ है जब ऊपरी जबड़े (मैक्सिला) का आकार सामान्य से छोटा होता है या वह पीछे की ओर स्थित होता है। यह स्थिति केवल कॉस्मेटिक नहीं है, बल्कि यह दांतों के संरेखण (malocclusion), सांस लेने में तकलीफ (स्लीप एपनिया सहित), और चबाने में कठिनाई जैसी कार्यात्मक समस्याएं भी पैदा कर सकती है।
इसका उपचार स्थिति की गंभीरता और रोगी की उम्र पर निर्भर करता है। उपचार के विकल्पों में शामिल हैं:
उपचार के विकल्प (Treatment Options)

ऑर्थोडोंटिक्स (Orthodontics): बच्चों और किशोरों में, जिनके जबड़े अभी भी विकसित हो रहे हैं, विकास को सही दिशा में निर्देशित करने के लिए ब्रेसेस, हेडगियर या विशेष कार्यात्मक उपकरणों (functional appliances) का उपयोग किया जा सकता है। ये उपकरण जबड़े के विकास को धीमा कर सकते हैं या आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं, जिससे दोनों जबड़ों के बीच संतुलन बनता है।

जबड़े की सर्जरी (Jaw Surgery/Orthognathic Surgery): वयस्कों में (जिनके जबड़े का विकास पूरा हो चुका है), जबड़े की हड्डी की संरचना को बदलने का एकमात्र तरीका सर्जरी है। इस प्रक्रिया में, ऊपरी जबड़े को सावधानीपूर्वक काटकर उसे सही, आगे की स्थिति में ले जाया जाता है और फिर छोटी धातु की प्लेटों और स्क्रू का उपयोग करके उसे स्थिर किया जाता है।

डबल जॉ सर्जरी (Double Jaw Surgery): गंभीर मामलों में, ऊपरी और निचले दोनों जबड़ों की सर्जरी (बाइमैक्सिलरी ओस्टियोटॉमी) की आवश्यकता हो सकती है ताकि चेहरे का सही संतुलन और दांतों का उचित संरेखण सुनिश्चित हो सके।

अन्य सहायक उपचार:
माउथ गार्ड/स्प्लिन्ट्स: ये स्लीप एपनिया जैसी जटिलताओं के प्रबंधन में मदद कर सकते हैं, हालांकि ये अंतर्निहित हड्डी की समस्या का इलाज नहीं करते हैं।
स्पीच थेरेपी (Speech Therapy): यदि बोलने में कठिनाई होती है, तो यह सहायक हो सकती है।

सलाह: यह महत्वपूर्ण है कि आप किसी योग्य मैक्सिलोफेशियल सर्जन (मुख और चेहरे के सर्जन) से परामर्श लें। वे आपके मामले का मूल्यांकन करने, निदान करने और आपकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार सर्वोत्तम उपचार योजना की सिफारिश करने के लिए एक्स-रे और अन्य परीक्षणों का उपयोग करेंगे।
Mohan Manohar Chikitsalaya
Dental and Cranio-Facial Surgery
Research Centre
Laxmi Mill, Jeoni Mandi, Near Kali Mata Mandir, Agra
Call: 8979152350; 9412542810








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24/11/2025

कंपाउंड नेज़ल बोन फ्रैक्चर (compound nasal bone fracture) एक गंभीर चोट है जिसमें हड्डी टूट जाती है और अक्सर त्वचा के माध्यम से दिखाई देती है या खुली होती है, जिससे संक्रमण का खतरा रहता है। इसका इलाज एक फेशियल सर्जन (facial surgeon) द्वारा किया जाता है। उपचार का मुख्य लक्ष्य हड्डी को सही जगह पर लाना, संक्रमण को रोकना और नाक के कार्य व सौंदर्यशास्त्र को बहाल करना है। 

फेशियल सर्जन द्वारा उपचार प्रक्रिया

चूंकि यह एक कंपाउंड फ्रैक्चर है, इसलिए आमतौर पर सर्जरी की आवश्यकता होती है। प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:

आपातकालीन प्रबंधन: सबसे पहले, सर्जन रक्तस्राव को नियंत्रित करता है और घाव को अच्छी तरह से साफ करता है ताकि संक्रमण को रोका जा सके।

निदान: चोट की गंभीरता का आकलन करने के लिए शारीरिक परीक्षण के अलावा सीटी स्कैन (CT scan) किया जाता है, क्योंकि एक्स-रे अक्सर फ्रैक्चर को सटीक रूप से नहीं दिखा पाते हैं।

सर्जरी (रिडक्शन):

क्लोज्ड रिडक्शन (Closed Reduction): यदि फ्रैक्चर 14 दिनों से कम पुराना है और हड्डियाँ बहुत अधिक विस्थापित (displaced) नहीं हुई हैं, तो सर्जन बिना चीरा लगाए, विशेष उपकरणों और हाथों से हड्डियों को सही स्थिति में ला सकता है।

ओपन रिडक्शन (Open Reduction): गंभीर, कई फ्रैक्चर, या देर से इलाज के मामलों में, हड्डियों को सही स्थिति में लाने और उन्हें ठीक करने के लिए सर्जरी (ओपन रिडक्शन) की आवश्यकता हो सकती है। इसमें संक्रमण को साफ करना और हड्डियों को वापस संरेखित करना शामिल है।

स्थिरीकरण (Stabilization): हड्डियों को स्थिर करने और उन्हें ठीक होने के दौरान सही स्थिति में रखने के लिए नाक के अंदर पट्टियाँ (nasal packing) या स्प्लिंट्स (splints) लगाए जाते हैं। बाहर से भी एक बाहरी स्प्लिंट या प्लास्टर लगाया जाता है।

दवाएँ: संक्रमण को रोकने के लिए एंटीबायोटिक्स और दर्द से राहत के लिए दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं। 
उपचार के बाद की देखभाल और सावधानियाँ

सूजन कम करने के लिए प्रभावित क्षेत्र पर बर्फ लगाएं।

सर्जरी के बाद कुछ हफ्तों तक ज़ोरदार गतिविधियों और संपर्क खेलों से बचें।

नाक को किसी भी तरह के झटके या दबाव से बचाए
समय पर फेशियल सर्जन से इलाज कराना महत्वपूर्ण है ताकि नाक के आकार में स्थायी विकृति (deformity) या सांस लेने में कठिनाई जैसी दीर्घकालिक समस्याओं से बचा जा सके।








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