17/04/2020
कोविद19/ कोरोना वाइरस से उत्पन्न इस विषम परिस्थिति में दंत चिकित्सालय में पधारे दंत रोगियों के लिए
१. आने वाले कुछ महीनों तक या स्थिति सामान्य होने तक कृपया गैर आवश्यक/ज़रूरी दंत चिकित्सकीय कार्यों से बचें |
२. कोविद १९/कोरोना वायरस से बचाओ के नियमों का उल्लंघन कर किसी भी प्रकार की दंत चिकित्सकीय प्रक्रिया रोगी/मरीज़, रोगी के परिवार, दंत चिकित्सक, उनके स्टाफ और दंत चिकित्सक के परिवारजनों के लिए अत्यंत गंभीर या घातक परिणाम वाले हो सकते हैं |
३. सिर्फ आपात स्थिति में ही अपने दंत चिकित्सक से संपर्क करें |
४. अपने दंत चिकित्सक से गैर आपात परामर्श के लिए उनके दूरभाष पर संपर्क करें |
क्यों दंत चिकित्सकों को गैर ज़रूरी/ वैकल्पिक चिकित्सकीय कार्य नहीं करना है
१. हम कोरोना/कोविद १९ की जाँच कराये बिना ये जानने में असक्षम हैं की कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या नहीं |
२ कई दंत चिकित्सकीय कार्य पद्धतियों में एयरोसोल (किसी ठोस अथवा तरल औषधि या अन्य पदार्थ के कणों का किसी गैस में निलंबन) उत्पन्न होता है, जिससे रोगी अथवा उसके आसपास उपस्थित अन्य लोगों के लिए संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है और माननीय उच्चतम न्यायालय एवं भारतीय दन्त चिकित्सा परिषद् (DCI) ने अगले आदेश तक सभी एयरोसोल उत्पन्न करने वाले दंत चिकित्सकीय कार्यों पर प्रतिबन्ध/पाबन्दी लगा रखी है
३. अगर कोई एयरोसोल जनक दंत चिकित्सकीय कार्य करना भी हो तो, ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधा या माहौल तैयार करना पड़ेगा जो की व्यावाहरिक रूप से संभव नहीं है|
४ इस समय PPE किट की उपलब्धता की भारी कमी है और अगर हम इसे गैर ज़रूरी या गैर आपात कार्यों में इसका इस्तेमाल करते हैं तो हम कोरोना/कोविद १९ से लड़ रहे उन सभी अग्रपंक्ति में लगे डॉक्टर्स अथवा स्वास्थ्य कर्मियों के साथ नाइंसाफी करेंगे|
अतः आप सभी रोगियों/मरीज़ों से विनम्र निवेदन है की आप अपने दंत चिकित्सक पर गैर ज़रूरी दबाव न बनाएं और इस संकट की घड़ी में देश के साथ कोरोना/कोविद 19 के खिलाफ लड़ाई में उनका और हमारा सहयोग करें|