29/12/2025
राजस्थान में महिला सुरक्षा पर आपात चेतावनी
दिसंबर 2023 से जुलाई 2025 तक की सरकारी रिपोर्ट राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जो भयावह तस्वीर सामने रखती है, वह पूरे समाज को झकझोर देने वाली है।
- 19 महीनों में 63,195 महिला अपराध दर्ज
- 1,250 महिला हत्याएं, जिनमें से 221 मामले आज भी लंबित
- 1,289 दुष्कर्म के मामले
- 283 सामूहिक बलात्कार, लेकिन सिर्फ 4 मामलों में दोषसिद्धि
- हजारों मामलों में चार्जशीट और एफआईआर के बाद भी वर्षों से न्याय अधूरा
ये आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि समस्या केवल अपराध की नहीं, बल्कि न्याय प्रक्रिया की धीमी गति और कमजोर क्रियान्वयन की भी है। जब दोषियों को समय पर सज़ा नहीं मिलती, तब यह पूरे समाज के लिए एक खतरनाक संदेश देता है।
जयपुर, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़ जैसे जिलों में महिला अपराधों की संख्या चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है। ग्रामीण हो या शहरी क्षेत्र — महिलाएं हर जगह असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
राजस्थान जाट महासभा महिला प्रकोष्ठ की ओर से हम यह स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि —
महिलाओं की सुरक्षा कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि मानवीय और संवैधानिक जिम्मेदारी है। अपराध के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि अपराध से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। महिला अपराधों से जुड़े मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, समयबद्ध सुनवाई और कठोर दंड अनिवार्य किए जाएं। पुलिस प्रशासन को जवाबदेह बनाया जाए और पीड़ित महिलाओं को कानूनी, मानसिक व सामाजिक संरक्षण मिले।
हम सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से यह मांग करते हैं कि केवल बयान नहीं, ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
साथ ही समाज के प्रत्येक व्यक्ति से आह्वान है कि —. चुप रहना अपराध को बढ़ावा देना है।. बेटी, बहन और मां की सुरक्षा हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
राजस्थान जाट महासभा महिला प्रकोष्ठ महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए हर स्तर पर संघर्ष करता रहेगा।
✊अब नहीं सहेंगे। अब न्याय चाहिए।
सन्तोष सहारण ,
प्रदेश अध्यक्ष ,
राजस्थान जाट महासभा,
महिला प्रकोष्ठ
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Santosh Chouudhary
Santosh Sahharan
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