24/11/2024
पूर्व क्रिकेटर, अभिनेता, और नेता नवजोत सिद्धू ने भ्रामक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अपनी पत्नी के कैंसर का इलाज “डाइट” से किया है। यह दावा कुछ साल पहले एक साध्वी द्वारा गाय के मूत्र सेवन से स्तन कैंसर का इलाज करने की तरह पूरी तरह से भ्रामक हैं।
जबकि सच यह है कि सिद्धू की पत्नी का इलाज आधुनिक चिकित्सा से किया गया था, जिसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी, हार्मोनल थेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी शामिल थीं। यह इलाज कैंसर विशेषज्ञों (ऑंकोलॉजिस्ट) की निगरानी में किया गया था। आम जनता को इस भ्रम में नहीं पड़ना चाहिए कि कैंसर का इलाज सिर्फ “डाइट” से किया जा सकता है।
कैंसर के बारे में जानकारी:
कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर की कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। सामान्य रूप से, कोशिकाएँ शरीर की ज़रूरत के अनुसार विभाजित और विकसित होती हैं, लेकिन कैंसर में ये कोशिकाएँ बिना नियंत्रण के बढ़ती रहती हैं और एक गांठ या ट्यूमर बना सकती हैं।
कैंसर शरीर के विभिन्न हिस्सों में फैल सकता है और स्वस्थ कोशिकाओं को प्रभावित कर सकता है, जिससे अंगों और शरीर की सामान्य क्रियाओं में बाधा उत्पन्न होती है।
कैंसर कई प्रकार का हो सकता है, जैसे स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, रक्त कैंसर (ल्यूकेमिया) इत्यादि। इसके लक्षण और उपचार कैंसर के प्रकार और अवस्था पर निर्भर करते हैं।
कैंसर का पता लगाने के लिए कई तरह के परीक्षण किए जाते हैं। इसमें सबसे पहले डॉक्टर शारीरिक जांच करते हैं, जैसे शरीर में गांठ या सूजन देखना। इसके बाद खून और मूत्र की जांच की जाती है ताकि शरीर में किसी असामान्यता का पता चल सके। एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, PET स्कैन जैसी इमेजिंग तकनीकों से शरीर के अंदर की स्थिति का पता लगाया जाता है। कैंसर की पुष्टि के लिए बायोप्सी सबसे सटीक तरीका है, जिसमें संदिग्ध हिस्से से टिश्यू का नमूना लेकर जांच की जाती है।
आशा और संभावना:
कैंसर का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस प्रकार का है, उसकी अवस्था क्या है, और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति कैसी है।
शुरुआती चरण (Early stages): कैंसर के शुरुआती चरण में, इलाज की संभावना बहुत अधिक होती है। अधिकतर मामलों में, सर्जरी या अन्य उपचारों के बाद कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है, क्योंकि यह उस समय तक शरीर के अन्य भागों में नहीं फैला होता है।
देर के चरण (Late stages): कैंसर के देर के चरण में, इलाज की सफलता की संभावना कम हो जाती है क्योंकि कैंसर अक्सर अन्य अंगों में फैल चुका होता है। पहले इसमें उपचार का मुख्य उद्देश्य लक्षणों को नियंत्रित करना, दर्द को कम करना और जीवन की गुणवत्ता को सुधारना था। लेकिन आधुनिक चिकित्सा ने Late stage के इलाज में कई नए दरवाजे खोले हैं। जहाँ पहले स्टेज 4 कैंसर को अंतिम चरण माना जाता था, वहीं अब कई रोगियों में, आधुनिक उपचार से “कम्प्लीट रेमिशन” (Complete Remission) भी देखा गया है, जहाँ कैंसर के सभी लक्षण गायब हो जाते हैं और बाद में कैंसर फ़्री कर दिया जाता है।
इलाज/थेरेपी:
कैंसर के इलाज में अक्सर Combination therapy का उपयोग किया जाता है, जिसमें दो या अधिक उपचार विधियों का संयोजन किया जाता है। यहां कुछ मुख्य उपचार विधियाँ दी गई हैं।
1. सर्जरी (Surgery): शुरुआती चरण में, कैंसर अक्सर सीमित क्षेत्र में होता है, इसलिए सर्जरी द्वारा पूरे ट्यूमर को हटा दिया जाता है।
2. रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy): कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए उच्च-ऊर्जा किरणों का उपयोग। यह ट्यूमर को छोटा करने या पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रभावी हो सकती है।
3. कीमोथेरेपी (Chemotherapy): ट्यूमर के आकार को कम करने के लिए सर्जरी से पहले या बाकी बची कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए सर्जरी के बाद दी जा सकती है।
4. इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy): यह उपचार शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करता है ताकि वह कैंसर कोशिकाओं को पहचान सके और उन पर हमला कर सके। इसका फायदा यह है कि यह शरीर की सामान्य कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाए बिना सिर्फ कैंसर कोशिकाओं पर केंद्रित रहता है।
5. टार्गेटेड थेरेपी (Targeted Therapy): कुछ मामलों में, विशेष दवाओं का उपयोग किया जाता है जो केवल कैंसर की कोशिकाओं पर असर डालती हैं, जिससे साइड इफेक्ट कम होते हैं।
6. हार्मोन थेरेपी (Hormone Therapy): हार्मोन-संवेदनशील कैंसर, जैसे स्तन और प्रोस्टेट कैंसर में, हार्मोन थेरेपी का उपयोग करके ट्यूमर की वृद्धि को नियंत्रित किया जा सकता है।
7. CAR-T सेल थेरेपी (CAR-T Cell Therapy): यह एक नवीनतम तकनीक है जिसमें मरीज की टी कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से संशोधित करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए सक्षम किया जाता है।
फंडिंग और सहायता:
कैंसर के उपचार में पैसे का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है, कैंसर के इलाज की लागत इस पर निर्भर करती है कि किस प्रकार का उपचार किया जा रहा है, किस प्रकार का कैंसर है, और यह किस स्टेज में है। कैंसर के इलाज में आर्थिक सहायता के लिए भी कई योजनाएँ हैं।
1. सरकारी योजनाएँ भी कैंसर मरीजों के इलाज में मदद कर सकती हैं, जिनमें केंद्र के स्तर पर राष्ट्रीय आरोग्य निधि (RAN), पीएम नेशनल रिलीफ फंड (PMNRF) और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) प्रमुख हैं। कुछ राज्य सरकारें भी कैंसर के इलाज में मदद करती हैं।
2. कुछ अस्पतालों में वित्तीय सहायता कार्यक्रम भी होते हैं, जिनके माध्यम से योग्य मरीजों को रियायत या मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकती है।
3. कई संगठन और एनजीओ (NGOs) हैं जो कैंसर के इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं।
4. स्वास्थ्य बीमा कवर से कैंसर के इलाज की लागत में बड़ी सहायता मिल सकती है। हालांकि, हर प्रकार के बीमा में हर प्रकार के कैंसर उपचार शामिल नहीं होते। इसलिए, बीमा कवर का चयन करते समय ध्यान देना आवश्यक है कि इसमें कैंसर उपचार की किन विधियों को शामिल किया गया है।
निष्कर्ष यही है कि कैंसर के इलाज के लिए विशेषज्ञ की सलाह और उचित उपचार आवश्यक है। अफ़वाहों और भ्रामक दावों से बचे।
- डॉ. ब्रजेश मौर्य
नेफ़्रोलॉजिस्ट और ट्रांस्प्लांट फ़िज़िशियन
डीएम नेफ्रोलॉजी (एम्स, न्यू दिल्ली)