25/11/2025
वशीकरण हेतु आज उनके द्वारा रचित मंत्र ही ज्यादातर प्रयोग में लाए जाते हैं। इन मंत्रों की विशेषता है कि ये स्वतः सिद्ध हैं। इन्हें खास विधि-विधान से सिद्ध करने की जरूरत नहीं पड़ती। इन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है। यथा कुछ मंत्र के अंत में गुरू गोरख नाथ का नाम होता है, परंतु कहीं सिर्फ फुरौ मंत्र इश्वरी वाचा कहा जाता है। उनके मंत्रों का इस्तेमाल करने से पूर्व स्मरण रखें इनकी रचना उस महान पुरूष द्वारा की गई है, जो स्वयं विषय-वासना से कोसो दूर था। इसलिए इनका इस्तेमाल किसी को कठपुतली की तरह नचाने के लिए न करके अपने जीवन को उन्नत व खुशहाल बनाने के लिए ही करें। मान्यता है, कि गुरू गोरखनाथ मंत्रों का उच्चारण रात में करना चाहिए।
गोरखनाथ के शाबर मंत्र
गुरू गोरखनाथ ने अपने जीवनकाल में हजारो मंत्रों की रचना की। परंतु उनका शाबर मंत्र अत्यधिक प्रसिद्ध है। इसके पीछे संभवतः यह भी कारण हो सकता है कि सभी शाबर मंत्र जन साधारण की बोली में रचे गए हैं। धर्मग्रन्थों के कठिन शब्द मात्र प्रकाण्ड विद्वान ही समझ सकते हैं। परंतु शाबर मंत्र में कही गई बात हर कोई आसानी से समझ सकता है। इसके अलावा इन्हें सिद्ध करने के लिए भारी भरकम अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं पड़ती। गुरू गोरखनाथ द्वारा रचित कुछ प्रसिद्ध शाबर मंत्रों का विवरण तथा उपयोग विधि निम्नलिखित है-
बज्र में कोठा बज्र में ताला, बज्र में बंध्या दस्ते द्वारा
जहां बज्र का लगे किवाड़ा, बज्रमें चौखट बज्र में कील
जहां से आए , वहीं को जाए , जिसने भेजा, उसी को खाए
हमको फिर न मुंह दिखाए, हाथ को, नाक को, सिर को
पीठ को , कमर को , छाती को , जो जख्म पहुँचाए
तो फुरे गुरू गोरखनाथ की आज्ञा
मेरी भक्ति, गुरू की शक्ति, फुरौ मंत्र इश्वरो वाचा।
यदि कोई लंबे समय से बीमार चल रहा हो तो उस पर यह मंत्र प्रयोग करें,वह शीघ्र ही स्वस्थ हो जाएगा।
गोरखनाथ प्रयोग विधि: सात कूएं से अथवा सात नदी से अथवा सात तालाब से जल लेकर आएं, इस मंत्र को पढ़ें तथा उक्त जल से पीड़ित को स्नान करवा दें। ऊपरी बाधा, भूत-प्रेत, वशीकरण आदि का समस्त प्रभाव समाप्त हो जाएगा।
जती गोरख मच्छेंदर का चेला, शिव अवतार दिखे अलबेला
कानन कुण्डल गले में नादी, हाथ त्रिशूल नाथ है आदि|
अलख पुरूष को करूं आदेश, सात के काटो क्लेश
भगवा भेष औ हाथ में खप्पर,
भैरव शिव का चेला, जहां-जहां जाए
वहाँ लगे मेला
गोरख तापे शिव का धुना, काल-कंटक थरथर कांपे
मेरी रक्षा करे नवनाथ
राम-दूत हनुमान ऋिद्धि सिद्धि आंगन विराजे
माता अन्नपूर्णा सुखवंत शब्द सांचा, पिंड काँचा
फुरौ मंत्र इश्वरी वाचा
गोरखनाथ वशीकरण विधि: यह सर्व मनोकामना सिद्धि मंत्र है। इसका जाप नित्य 11 बार करने से सभी लौकिक सुख प्राप्त होते हैं। इस मंत्र के पाठ करके हृदय से कामना करने पर मनोवांछित नौकरी, आर्थिक सुख समृद्धि, परिवार में शांति प्राप्त की जा सकती है|🙏✨️👌🎊👏