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30/10/2022

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24/10/2022
माइग्रेन अक्सर हल्का अथवा कष्टदायक सिरदर्द होता है जिसमें सिर की एक ओर झनझनाहट वाला तेज दर्द महसूस होता है।कई व्यक्तियों...
13/05/2022

माइग्रेन अक्सर हल्का अथवा कष्टदायक सिरदर्द होता है जिसमें सिर की एक ओर झनझनाहट वाला तेज दर्द महसूस होता है।

कई व्यक्तियों में मिचली, उल्टी और प्रकाश अथवा ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि जैसे लक्षण भी होते हैं।

माइग्रेन एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है, जो लगभग पाँच महिलाओं में से एक और लगभग 15 पुरुषों में से एक को प्रभावित करती हैं। सामान्यतः यह प्रारंभिक वयस्कता में आरम्भ होती है।

माइग्रेन निम्न सहित कई प्रकार की होती हैं :

पूर्वाभास युक्त माइग्रेन - जिसमें माइग्रेन आरम्भ होने से पूर्व टिमटिमाते प्रकाश जैसे विशिष्ट चेतावनी संकेत प्रस्तुत होते हैं
पूर्वाभास रहित माइग्रेन - जिसमें माइग्रेन किसी विशिष्ट चेतावनी के संकेतो के बिना उत्पन्न होता है
सिरदर्द रहित माइग्रेन जिसे शांत माइग्रेन भी कहा जाता है - जिसमें माइग्रेन के सिरदर्द के बिना पूर्वाभास अथवा अन्य लक्षणों का अनुभव होता ह
कुछ व्यक्तियों में बारंबार माइग्रेन, सप्ताह में कई बार होता है अन्य व्यक्तियों में केवल कभी-कभी ही माइग्रेन होता है। माइग्रेन के दौरो की अवधि कई वर्षों तक हो सकतीे है।
चिकित्सीय सलाह कब ली जाये
यदि आप में माइग्रेन के बारंबार अथवा कष्टदाई लक्षण उत्पन्न हो रहे हैं तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

माइग्रेन में पैरासिटामोल अथवा इबुप्रोफेन जैसे साधारण दर्द-निवारक प्रभावकारी हो सकते हैं। लेकिन सावधान रहें ध्यान रखें और अत्यधिक दर्-दनिवारक (दर्द की दवाइयां न लें क्योंकि ऐसा करने से कुछ समय के पश्चात सिरदर्दों का उपचार अधिक कठिन हो सकता हैं।

यदि आपको बारंबार माइग्रेन (महीने में पाँच से अधिक बार) हो रहा है तो, औषधिओं से फायदा के बावजूद, आपको अपने डॉक्टर से एप्पोइंटमेंट लेनी चाहिये ताकि आप उनके द्वारा प्रस्तावित रोग-निरोधी उपचार से लाभ उठा सकें।

यदि आपको अथवा आपके किसी साथी को निम्न स्थितियों का आभास हो रहा हो तो आपको तुरन्त एम्बुलेंस बुलानी चाहिये :

एक या दोनों बाजुओं और/अथवा चेहरे के एक ओर लकवा या कमजोरी
लड़खड़ाती या अस्पष्ट बोली
अचानक अंधकार उत्पन्न करने वाली ऐसी दुखदायी सिरदर्द जिसे पहले कभी अनुभव न किया हो
सिरदर्द के साथ उच्च ताप (बुखार), अकड़ी गर्दन, दिमागी व्याकुलता, दौरे, दोहरी दृष्टि और चकत्ता
ये लक्षण स्ट्रोक (लकवा) अथवा मेनिंजाइटिस जैसे अधिक गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं, और यथासंभव शिघ्रातिशीघ्र उनकी किसी डॉक्टर द्वारा जांच की जानी चाहिये।

माइग्रेन के रोग-निदान के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।
माइग्रेन के कारण
माइग्रेन का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, हालांकि यह माना जाता है कि यह मस्तिष्क में रसायन, नाड़ियों और रक्त कोशिकाओं में अल्पकालिक परिवर्तनों के कारण होता है।

माइग्रेन का अनुभव करने वालों में से लगभग आधे व्यक्तियों का कोई निकट रिश्तेदार भी इससे ग्रसित होता है, जिससे वंशाणुओं को कारक होना माना जा सकता है।

कुछ व्यक्तियो में माइग्रेन के दौरे निम्न सहित कुछ विशिष्ट प्रेरकों से संबन्धित होते हैं :

माहवारी का आरम्भ होना
मानसिक तनाव
थकावट
कुछ विशिष्ट आहार अथवा पेयजल
माइग्रेन का उपचार
माइग्रेन का कोई उपचार नहीं है, परन्तु लक्षणों को कम करने में सहायक कई उपचार उपलब्ध हैं :

इनमें निम्न सम्मिलित हैं :

दर्द-निवारक औषधियाँ - जिनमें पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन जैसी बिना नुस्खे वाली औषधियाँ सम्मिलित हैं
ट्रिपटाँस - औषधियाँ जो मस्तिष्क में माइग्रेन उत्पन्न करने वाले परिवर्तनों को उलटनें में सहायक हो सकें
एंटी-एमेटिक्स - औषधियाँ जो अक्सर मिचली और उल्टी कम करन के लिये दी जाती हैं
माइग्रेन के दौरे के दौरान, कई व्यक्तियों के लिये अंधकारमाय कमरे में सोना अथवा लेटना भी सहायक होता है।

माइग्रेन रोक-थाम
यदि आप मानसिक तनाव या किसी विशिष्ट आहार को माइग्रेन

का कारण मानते/मानती हैं, तो इस प्रेरक को कम करने से भी माइग्रेन के दौरो के जोखिम कम किये जा सकते हैं।

नियमित व्यायाम, नींद व आहार के साथ-साथ स्वयं को हाइड्रेट रखना (पानी पीना) और कैफेटिन और मदिरापान जैसे पेय को सीमित करना भी सामान्य स्वस्थ जीवनशैली को बनाये रखने में सहायक होता है।

यदि आपके माइग्रेन कष्टदायी है और संभावित प्रेरको को दूर रहने का प्रयास करने के बावजूद आप लक्षणों से पीड़ित \हैं, तो आपके डॉक्टर दौरों से बचने के लिये औषधियों का नुस्खा दे सकते हैं।

माइग्रेन रोकथाम में प्रयोग आने वाली औषधियों में एंटी-सीज़र औषधि टोपिरामेट और सामान्यत: उच्च रक्तचाप का उपचार करने वाली प्रोप्रानोलोल नामक औषधियां होती हैं। माइग्रेन के लक्षणों में सुधार आने में कई सप्ताह लग सकता है।

दृष्टिकोण
आपकी जीवन की गुणवत्ता को माइग्रेन सिरदर्द अत्यंत प्रभावित कर सकता है और आपको सामान्य दैनिक गतिविधियां करने से रोक सकता हैं। अक्सर यह दर्द लोगों को कई दिनों तक बिस्तर पर रहने को बाध्य कर सकता हैं।

हालाँकि, लक्षणों को कम करने और दौरों की रोकथाम के लिये कई उपचार उपलब्ध हैं।

कभी-कभी समय बीतने के साथ माइग्रेन के दौरे अत्यंत तकलीफदायक हो सकते हैं परन्तु अधिकतर लोगों में कई वर्षों बाद धीरे-धीरे सुधार आ जाता है।

लक्षण
आम तौर पे माइग्रेन का मुख्य लक्षण सिर की एक ओर तीव्र सिरदर्द का होना है।

दर्द अक्सर एक नियंत्रित अथवा कष्टदायक झनझनाहट वाला होता है जो आपकी हलचल से बढ़ जाता है और आपको सामान्य गतिविधियां करने से रोकता है।

कुछ मामलों में, दर्द सिर की दोनों ओर हो सकता है और आपके चेहरे अथवा गर्दन को पीड़ित कर सकता है।

अतिरिक्त लक्षण
माइग्रेन से संबन्धित लक्षणों में अक्सर निम्न सम्मिलित होते हैं :

मिचली
उल्टी
प्रकाश और ध्वनि के प्रति बढ़ी हुई संवेदनशीलता - इसलिये माइग्रेन से ग्रसित कई व्यक्ति किसी शांत, अंधेरे कमरे में विश्राम करना चाहते हैं।
कभी-कभी कुछ व्यक्तियों में निम्न सहित अन्य लक्षण उत्पन्न होते हैं :

पसीना आना
कमजोर एकाग्रता, (व्यग्रता)
अत्यंत गर्म अथवा अत्यंत ठंडा महसूस करना
पेट में दर्द
दस्त
माइग्रेन से ग्रसित सभी व्यक्तियों में ये अतिरिक्त लक्षण नहीं होते हैं और कुछ व्यक्ति बिना सिरदर्द ही उन्हें अनुभव करते हैं।

अक्सर माइग्रेन के लक्षण चार घंटे से तीन दिन तक रहते हैं, हालांकि बाद में एक सप्ताह तक थकावट महसूस हो सकती है।
पूर्वाभास के लक्षण
लगभग तीन में से एक माइग्रेन प्रभावित व्यक्ति को अल्पकालिक चेतावनी लक्षण महसूस होते हैं जिन्हें किसी माइग्रेन से पहले के पूर्वाभास कहते हैं। इनमें निम्न सम्मिलित हैं :

दृष्टि संबंधी समस्याएं - जैसे की टिमटमाता प्रकाश देखना, टेढ़े-मेढ़े पैटर्न अथवा अंधबिन्दु
सुन्नता अथवा पिनों और सुईयों जैसी सिहरन का एहसास - जो अक्सर आपके चेचरे, होंठो और जिह्वा को प्रभावित करने से पूर्व एक हाथ में आरम्भ होता है और बाजू पर ऊपर की ओर जाता है
चक्कर आना अथवा असंतुलित महसूस करना
बोलने में कठिनाई
बेहोशी - (हालांकि यह असामान्य है)
पूर्वाभास के लक्षण लगभग पाँच मिनट से एक घंटे के भीतर विकसित होते हैं। कुछ व्यक्तियों में पूर्वाभास के पश्चात केवल हल्की सिरदर्द होती है अथवा कोई सिरदर्द महसूस नहीं होती है।

चिकित्सीय सलाह कब ली जाये
यदि आप में बारंबार अथवा कष्टदाई माइग्रेन के लक्षण उत्पन्न हो रहे हैं जो पैरासिटामोल जैसी बिना नुस्खे की दर्द-निवारक औषधि के अनियमत प्रयोग से ठीक नहीं हो रहे, तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिये।

ध्यान रखें और अत्यधिक दर्द-निवारक औषधियाँ न लें क्योंकि ऐसा करने से कुछ समय के पश्चात सिरदर्दों का उपचार अधिक कठिन हो सकता हैं।

यदि औषधिओं से नियंत्रण में आने के बावजूद, आपको बारंबार माइग्रेन (महीने में पाँच से अधिक बार) हो रहा है तो, आपको अपने डॉक्टर से एप्पोइंटमेंट लेना चाहिये ताकि आप उनके द्वारा प्रस्तावित रोग-निरोधी उपचार के लाभ उठा सकें।

यदि आपको अथवा आपके किसी साथी को निम्न स्थितियों का आभास हो रहा हो तो आपको तुरन्त एम्बुलेंस बुलानी चाहिये :

एक या दोनों बाजुओं और/अथवा चेहरे के एक ओर लकवा अथवा कमजोरी
लड़खड़ाती या अस्पष्ट बोली
अचानक अंधकार उत्पन्न करने वाली ऐसी दुखदायी सिरदर्द जिसे पहले कभी अनुभव न किया हो
सिरदर्द के साथ उच्च ताप (बुखार), अकड़ी गर्दन, दिमागी व्याकुलता, दौरे, दोहरी दृष्टि और चकत्ता
ये लक्षण स्ट्रोक (लकवा) अथवा मेनिंजाइटिस जैसे अधिक गंभीर समस्याओं के संकेत हो सकते हैं, और यथासंभव शिघ्रातिशीघ्र इनकी किसी डॉक्टर द्वारा जांच की जानी चाहिये।

कारण
माइग्रेन का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, हालांकि यह माना जाता है कि यह मस्तिष्क में नाड़ियों के सिग्नल, रसायन और रक्त कोशिकाओं में अल्पकालिक गातिविधि के कारण होता है।

यह स्पष्ट नहीं है कि मस्तिष्क की गतिविधि में किस कारण परिवर्तन होता है, परन्तु यह सम्भव है कि आपके वंशाणु माइग्रेन के दौरों के लिये प्रेरक बनें।

माइग्रेन प्रेरक
कई माइग्रेन प्रेरक सुझाये गये हैं जिनमें हार्मोनल, भावनात्मक, शारीरिक, आहारीय, पर्यावरिक और औषधीय कारक सम्मिलित हैं।

ये प्रेरक अत्यंत विशिष्ट है परन्तु एक डायरी रखना सहायक होगा ताकि आप किसी पुनरावृत्त प्रेरक की पहचान कर सकें। कभी-कभी यह भी कहना कठिन है कि कोई कारण वास्तव में प्रेरक है या क्या आप माइग्रेन के दौरे के प्रारम्भिक लक्षणों को झेल रहे/रही हैं।

हार्मोनल परिवर्तन
कुछ महिलाओं को उनकीे माहवारी के आस-पास के दिनों में माइग्रेन होता है जब संभवत: ईस्ट्रोजन जैसे हार्मोनों के स्तर में घटित परिवर्तन होते हैं।

सामान्यत: इस प्रकार के माइग्रेन आपकी माहवारी से दो दिन पहले और तीन दिन बाद तक होते हैं। कुछ महिलाओं को केवल इस समय के आस-पास ही माइग्रेन होता हैं, जिसे शुद्ध माहवारी माइग्रेन कहते हैं। हालांकि, अधिकांश महिलाओं को अन्य समयों में भी होता है और इसे माहवारी-संबन्धित माइग्रेन कहते हैं।

कई महिलाओं में देखा गया है कि उनके मासिक धर्म के बंद हो जाने के पश्चात उनके माइग्रेन में सुधार आता है, हालांकि मासिक धर्म का बंद होना माइग्रेन बढ़ा सकता हैं अथवा कुछ महिलाओं में उन्हें और अधिक खराब बना सकता हैं।

भावात्मक प्रेरक :
तनाव
उत्सुकता
टेंशन
आघात
निराशा
उत्तेजना
शारीरक प्रेरक :
थकावट
खराब नींद
शिफ्ट में कार्य
गलत मुद्रा
गर्दन अथवा कंधे में खिंचाव
जैट लैग
निम्न रक्त शर्करा (हाईपोग्लाईकेमिया) (हाइपोग्लाईसेमिआ)
कठोर व्यायाम, जब आपको इसकी आदत नहीं है
आहारीय प्रेरक :
छूट गये, देरी से लिये गये अथवा अनियमित आहार
डीेहाईड्रेशन (पानी की कमी)
मदिरा
खाद्य योज्य टाइरमीन
चाय और कॉफी जैसे कैफ़िन उत्पाद
चॉक्लेट, खट्टे फल और पनीर जैसे विशिष्ट खाद्य पदार्थ
पर्यावरिक प्रेरक :
चमकता प्रकाश
टेलेविजन अथवा कम्प्युटर स्क्रीन की टिमटिमाती बत्ती
धूम्रपान (अथवा धुएँ वाले कमरे)
अत्याधिक शोर
नमी अथवा अत्यंत ठंडे तापमान में होने वाले परिवर्तन जैसे जलवायु परिवर्तन
तीखी गंध
घुटन-भरा वातावरण
औषधियाँ :
कुछ प्रकार की नींद की गोलियां
संयुक्त गर्भनिरोधक गोली
हार्मोन प्रतिस्थापन थेरैपी (HRT), जो कभी-कभी मासिक धर्म के बंद होने के पश्चात लक्षणों से छुटकारा पाने के लिये प्रयोग की जाती है
रोग-निदान
माइग्रेन के रोग-निदान के लिये कोई विशिष्ट जांच नहीं है। ठीक रोग-निदान करने के लिये, आपके डॉक्टर को बार-बार होने वाले संबन्धित लक्षणों के साथ सिरदर्दों के पैटर्न की पहचान करनी चाहिये।

माइग्रेन अप्रत्याशित हो सकते हैं एवं ये कभी-कभी बिना अन्य लक्षणों के भी हो सकते हैं। कभी-कभी ठीक रोग-निदान में कुछ समय लग सकता है।

डॉक्टर से संपर्क करना
माइग्रेन का पहला दौरा होने पर आपके डॉक्टर शारीरिक जाँच एवं आपकी दृष्टि, तालमेल, प्रतिक्रियाएं और इन्द्रियबोध चैक कर सकते हैं। ये आपके लक्षणों के कुछ अन्य अंतर्निहित संभावित कारणों को ख़ारिज़ में सहायक होंगे।

आपके डॉक्टर पूछ सकते हैं कि क्या आपका सिरदर्द :

सिर की एक ओर होते हैं
धड़कते हुये दर्द हैं
आपकी दैनिक गतिविधियां करने में अड़चन लगाते हैं
शारीरिक गतिविधि अथवा हलचल से अधिक कष्टदाई होते हैं
मिचली और उल्टी के साथ होते हैं
प्रकाश और शोर के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं
माइग्रेन डायरी
कुछ सप्ताहों के लिये माइग्रेन के दौरों की डायरी रखना रोग-निदान में सहायक होगा। निम्न विवरण नोट करें :

तिथि
समय
माइग्रेन आरम्भ होते समय आप क्या कर रहे थे
दौरे के अवधि
अनुभव किए गये लक्षण
औषधी (यदि कोई ली हो)
अत्यधिक दर्द-निवारक औषधियाँ लेना भी माइग्रेन के उपचार में उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों का महत्वपूर्ण कारण है। इसे पीड़ानाशक अति-प्रयोग सिरदर्द कहा जाता है। आप कौनसी दर्द-निवारक औषधियाँ और उन्हें कितनी बार लेते/लेती हैं इसका रिकॉर्ड रखना अत्यन्त सहायक होगा। आपको दीर्घ-काल में प्रति माह 10 दिन से अधिक बार दर्द-निवारक औषधियाँ नहीं लेनी चाहिये।

महिलाओं द्वारा अपनी माहवारी आरम्भ होने की तिथि नोट करनी चाहिये क्योंकि यह उनके डॉक्टर द्वारा संभावित प्रेरको की पहचान करने में सहायक होती है।

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