स्वावलम्बन

स्वावलम्बन इस पेज का उद्देश्य स्वदेशी उत्पाद के बारे मे जानकारी देना और स्वावलम्बन है।

08/10/2025

हार्ट अटैक -: भारत में 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे। नाम था महाऋषि वागवट जी उन्होंने एक पुस्तक लिखी, जिसका नाम है, अष्टांग हृदयम Astang hrudayam इस पुस्तक में उन्होंने बीमारियों को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखें थे। यह उनमें से ही एक सूत्र है। वागवट जी लिखते हैं कि कभी भी हृदय को घात हो रहा है मतलब दिल की नलियों मे blockage होना शुरू हो रहा है तो इसका मतलब है कि रक्त blood में acidity अम्लता बढ़ी हुई है अम्लता आप समझते हैं, जिसको अँग्रेजी में कहते हैं acidity अम्लता दो तरह की होती है एक होती है पेट की अम्लता और एक होती है रक्त blood की अम्लता आपके पेट में अम्लता जब बढ़ती है तो आप कहेंगे पेट में जलन सी हो रही है, खट्टी खट्टी डकार आ रही हैं , मुंह से पानी निकल रहा है और अगर ये अम्लता acidity और बढ़ जाये तो hyperacidity होगी और यही पेट की अम्लता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त में आती है तो रक्त अम्लता blood acidity होती है और जब blood में acidity बढ़ती है तो ये अम्लीय रक्त blood दिल की नलियों में से निकल नहीं पाती और नलियों में blockage कर देता है तभी heart attack होता है इसके बिना heart attack नहीं होता और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं क्योंकि इसका इलाज सबसे सरल है ! इलाज क्या है ? वागवट जी लिखते हैं कि जब रक्त (blood) में अम्लता (acidity) बढ़ गई है तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो क्षारीय हैं आप जानते हैं दो तरह की चीजें होती हैं अम्लीय और क्षारीय ! acidic and alkaline अब अम्ल और क्षार को मिला दो तो क्या होता है ? acid and alkaline को मिला दो तो क्या होता है ? neutral होता है सब जानते हैं तो वागवट जी लिखते हैं कि रक्त की अम्लता बढ़ी हुई है तो क्षारीय (alkaline) चीजें खाओ ! तो रक्त की अम्लता (acidity) neutral हो जाएगी ! और रक्त में अम्लता neutral हो गई ! तो heart attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं ! ये है सारी कहानी ! अब आप पूछेंगे कि ऐसी कौन सी चीजें हैं जो क्षारीय हैं और हम खायें ? आपके रसोई घर में ऐसी बहुत सी चीजें है जो क्षारीय हैं जिन्हें आप खायें तो कभी heart attack न आए और अगर आ गया है तो दुबारा न आए यह हम सब जानते हैं कि सबसे ज्यादा क्षारीय चीज क्या हैं और सब घर मे आसानी से उपलब्ध रहती हैं, तो वह है लौकी जिसे दुधी भी कहते लौकी जिसे दुधी भी कहते हैं English में इसे कहते हैं bottle gourd जिसे आप सब्जी के रूप में खाते हैं ! इससे ज्यादा कोई क्षारीय चीज ही नहीं है ! तो आप रोज लौकी का रस निकाल-निकाल कर पियो या कच्ची लौकी खायो वागवट जी कहते हैं रक्त की अम्लता कम करने की सबसे ज्यादा ताकत लौकी में ही है तो आप लौकी के रस का सेवन करें, कितना सेवन करें ? रोज 200 से 300 मिलीग्राम पियो कब पिये ? सुबह खाली पेट (toilet जाने के बाद ) पी सकते हैं या नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते हैं इस लौकी के रस को आप और ज्यादा क्षारीय बना सकते हैं इसमें 7 से 10 पत्ते तुलसी के डाल लो तुलसी बहुत क्षारीय है इसके साथ आप पुदीने के 7 से 10 पत्ते मिला सकते हैं पुदीना भी बहुत क्षारीय है इसके साथ आप काला नमक या सेंधा नमक जरूर डाले ये भी बहुत क्षारीय है लेकिन याद रखें नमक काला या सेंधा ही डाले वो दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डाले ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है तो आप इस लौकी के जूस का सेवन जरूर करें 2 से 3 महीने की अवधि में आपकी सारी heart की blockage को ठीक कर देगा 21 वें दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा कोई आपरेशन की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी घर में ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा और आपका अनमोल शरीर और लाखों रुपए आपरेशन के बच जाएँगे आपने पूरी पोस्ट पढ़ी , आपका बहुत बहुत धन्यवाद।
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26/09/2025

प्राणायाम एक प्राचीन योगिक अभ्यास है जो श्वास को नियंत्रित करने और शरीर और मन को संतुलित करने में मदद करता है। प्राणायाम के कई लाभ हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

*शारीरिक लाभ:*

1. *तनाव कम करने में मदद करता है*: प्राणायाम तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है।
2. *फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है*: प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है और श्वसन प्रणाली को मजबूत करता है।
3. *रक्तचाप को नियंत्रित करता है*: प्राणायाम रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।
4. *पाचन तंत्र को सुधारता है*: प्राणायाम पाचन तंत्र को सुधारता है और पाचन संबंधी समस्याओं को कम करता है।

*मानसिक लाभ:*

1. *मानसिक शांति और स्थिरता*: प्राणायाम मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करता है।
2. *ध्यान और एकाग्रता में सुधार*: प्राणायाम ध्यान और एकाग्रता में सुधार करता है।
3. *तनाव और चिंता को कम करता है*: प्राणायाम तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है।
4. *आत्म-जागरूकता बढ़ाता है*: प्राणायाम आत्म-जागरूकता बढ़ाता है और आत्म-समझ में सुधार करता है।

*आध्यात्मिक लाभ:*

1. *आध्यात्मिक विकास*: प्राणायाम आध्यात्मिक विकास में मदद करता है।
2. *आंतरिक शांति और संतुष्टि*: प्राणायाम आंतरिक शांति और संतुष्टि प्रदान करता है।
3. *ऊर्जा और जीवन शक्ति बढ़ाता है*: प्राणायाम ऊर्जा और जीवन शक्ति बढ़ाता है।

*निष्कर्ष*

प्राणायाम एक शक्तिशाली अभ्यास है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करता है। नियमित प्राणायाम अभ्यास से आप अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
स्वास्थ्य रक्षा अभियान
स्वावलम्बन
Royal Rcm World
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Yash Kumar
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एशिया की पहली महिला लोको पायलट श्रीमती सुरेखा यादव जी 36 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुईं।एक सच्चा ट्रेलब्लैज़र, उ...
19/09/2025

एशिया की पहली महिला लोको पायलट श्रीमती सुरेखा यादव जी 36 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुईं।

एक सच्चा ट्रेलब्लैज़र, उसने बाधाओं को तोड़ दिया, अनगिनत महिलाओं को प्रेरित किया और साबित किया कि कोई भी सपना पहुंच से परे नहीं है

उनकी यात्रा भारतीय रेल में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनी रहेगी।
सेवानिवृत्त पर उनको हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐
#सेवा #संस्कार

19/09/2025

हरी मिर्च एक पौष्टिक और स्वादिष्ट सब्जी है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। यहाँ कुछ हरी मिर्च खाने के फायदे हैं:

*हरी मिर्च के फायदे:*

1. *विटामिन सी का स्रोत*: हरी मिर्च विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करता है।
2. *एंटीऑक्सीडेंट*: हरी मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाते हैं।
3. *पाचन तंत्र*: हरी मिर्च पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती है और भूख बढ़ाने में मदद करती है।
4. *वजन कम करने में मदद*: हरी मिर्च में कैप्साइसिन होता है जो वजन कम करने में मदद कर सकता है।
5. *कैंसर से बचाव*: हरी मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कैंसर से बचाव में मदद कर सकते हैं।

*हरी मिर्च के अन्य फायदे:*

1. *त्वचा और बालों के लिए*: हरी मिर्च में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
2. *सर्दी और खांसी से बचाव*: हरी मिर्च में विटामिन सी होता है जो सर्दी और खांसी से बचाव में मदद कर सकता है।

*नोट:*

- हरी मिर्च का सेवन करने से पहले अपने स्वास्थ्य और आहार विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित होगा, खासकर यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है।
- हरी मिर्च का अधिक सेवन करने से पेट दर्द और एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
स्वास्थ्य रक्षा अभियान
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1. पीरियड की अनियमितता को संतुलित करने में मदद करता है।2. दर्द और थकान को कम करने में सहायक।3. शरीर को 50 आवश्यक पोषक तत...
10/09/2025

1. पीरियड की अनियमितता को संतुलित करने में मदद करता है।

2. दर्द और थकान को कम करने में सहायक।

3. शरीर को 50 आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है।

4. हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है।

5. खून की कमी (एनीमिया) को कम करने में लाभकारी।

6. इम्युनिटी को मज़बूत करता है।

7. त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाता है।

8. बालों को झड़ने से रोकने में सहायक।

9. हड्डियों और दाँतों को मज़बूत बनाता है।

10. शरीर की थकान और कमजोरी को दूर करता है।

11. पाचन शक्ति को मज़बूत करता है।

12. तनाव और मूड स्विंग्स को कम करने में मदद करता है।

13. एनर्जी लेवल को बढ़ाता है।

14. शरीर में खून का सही संचार बनाए रखता है।

15. सम्पूर्ण महिला स्वास्थ्य को सुरक्षित और मज़बूत बनाता है।

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27/08/2025

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Gorakhpur
273014

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