Dr Namrata Shukla

16/05/2026

pcos is now called PMOS | Reasons you must know about PMOS

10 homoepoathic medicine psoriasis SulphurOften discussed for psoriasis with intense itching, burning sensation, redness...
08/05/2026

10 homoepoathic medicine psoriasis
Sulphur

Often discussed for psoriasis with intense itching, burning sensation, redness, and dryness. Symptoms may worsen from heat and bathing.

Graphites

Used in cases of thick, rough, cracked skin with sticky or honey-like discharge. Commonly considered when skin folds are affected.

Arsenicum Album

Frequently mentioned for dry, scaly skin with burning pain and restlessness. Symptoms may improve with warmth.

Petroleum

Considered for very dry, hard, and deeply cracked skin, especially during winter weather.

Thuja Occidentalis

Often used in chronic skin conditions with thick scaling and rough skin texture.

Mezereum

Discussed for psoriasis with thick crusts, severe itching, and sensitivity to touch.

Kali Arsenicosum

Used for dry, scaly eruptions with marked itching and burning discomfort.

Lycopodium

Sometimes considered in long-standing skin conditions with dryness and digestive complaints.

Sepia

May be discussed when hormonal imbalance and stress are linked with skin flare-ups.

Natrum Muriaticum

Often associated with dry skin problems that worsen from emotional stress or sun exposure.

⚠️ Disclaimer: The effectiveness of homeopathic medicines for psoriasis is not scientifically proven. Always consult a qualified healthcare professional for diagnosis and treatment guidance.

20/04/2026

आज हम होम्योपैथी की एक सुप्रसिद्ध और अत्यंत प्रभावशाली औषधि चेलिडोनियम मेजस (Chelidonium Majus) के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। इसे 'लिवर की सबसे बड़ी दोस्त' माना जाता है।

1. परिचय
स्रोत: यह दवा सैलैंडाइन (Celandine) नामक पौधे के ताजे रस से तैयार की जाती है, इसलिए यह एक वनस्पति (Plant) स्रोत की दवा है।

मुख्य कार्यक्षेत्र (Sphere of Action): इसका सबसे गहरा असर लिवर (Liver), पित्ताशय (Gallbladder) और पाचन तंत्र पर होता है। इसके अलावा यह दाहिने फेफड़े और दाहिने कंधे पर भी विशेष प्रभाव डालती है।

2. प्रमुख लक्षण (Key Indications)
चेलिडोनियम को "लिवर और पित्त की बीमारियों (Liver & Gallbladder Disorders)" के लिए नंबर-1 दवा माना जाता है। इसका सबसे बड़ा ट्रेडमार्क लक्षण है—दाहिने कंधे की हड्डी के निचले कोने (Lower angle of right scapula) में लगातार होने वाला दर्द। यदि लिवर की तकलीफ के साथ यह दर्द मौजूद है, तो चेलिडोनियम सबसे सटीक दवा है।

3. विस्तृत लक्षण सूची (Detailed Symptoms)
पीलिया (Jaundice): त्वचा, आंखों और नाखूनों का पीला पड़ना।

दाहिने कंधे में दर्द: पीठ के पीछे दाहिनी तरफ कंधे की हड्डी के नीचे फंसा हुआ दर्द।

जीभ का रंग: जीभ पीली और उस पर दांतों के निशान (Indented tongue) होना।

गर्म खाने की इच्छा: रोगी को बहुत तेज इच्छा होती है कि वह बिल्कुल गर्म खाना खाए या गर्म दूध पिए।

कब्ज: मल मिट्टी के रंग का (Clay-colored) या छोटी-छोटी कठोर गोलियों जैसा होता है।

मुँह का स्वाद: मुँह का स्वाद कड़वा बना रहता है।

पित्त की पथरी (Gallstones): पित्त की थैली में पथरी के कारण होने वाला तेज दर्द।

दाहिनी तरफ की तकलीफ: शरीर के दाहिने हिस्से में सिरदर्द, आंखों में दर्द या पसलियों में दर्द।

सिरदर्द: सिर के पिछले हिस्से (Occiput) में भारीपन और दर्द।

पेशाब का रंग: पेशाब गहरा पीला या भूरा (Dark yellow/brown) होता है।

मानसिक सुस्ती: रोगी बहुत सुस्त, आलसी और उदास महसूस करता है।

नींद: दिन में बहुत अधिक नींद आना, विशेषकर खाना खाने के बाद।

जी मिचलाना: लिवर की गड़बड़ी के कारण लगातार उल्टी जैसा महसूस होना।

बढ़ा हुआ लिवर (Hepatomegaly): पसलियों के नीचे दाहिनी तरफ भारीपन और सूजन।

सांस लेने में दिक्कत: दाहिने फेफड़े में भारीपन के कारण सांस लेने में तकलीफ।

त्वचा में खुजली: पीलिया के कारण पूरे शरीर में खुजली होना।

चेहरे का रंग: चेहरा पीला-सा या मटमैला दिखाई देना।

4. अन्य अंगों पर प्रभाव
श्वसन तंत्र: दाहिने तरफ का निमोनिया (Right-sided pneumonia) जिसमें खांसी के साथ बलगम निकालना मुश्किल हो।

जोड़: उंगलियों के जोड़ों में दर्द और यूरिक एसिड का बढ़ना।

पेट: पेट फूलना और गैस बनना, जो गर्म पेय पीने से कम हो जाए।

5. पोटेंसी और खुराक (Potency & Dosage)
Q (Mother Tincture): लिवर फंक्शन और पीलिया के लिए सबसे प्रभावी। 10-15 बूंदें आधा कप गुनगुने पानी में दिन में 3 बार।

30C: सिरदर्द और पित्त की पथरी के दर्द के लिए। 2-2 बूंद दिन में 3 बार।

200C: पुरानी लिवर की समस्याओं के लिए। हफ्ते में 1 या 2 बार।

1M: बहुत गहरी मानसिक सुस्ती और गंभीर स्थितियों में (डॉक्टर की सलाह पर)।

6. दवाओं का कॉम्बिनेशन
लिवर टॉनिक कॉम्बिनेशन: Chelidonium Q + Carduus Marianus Q + Hydrastis Q (बराबर मात्रा में मिलाकर 10-10 बूंदें दिन में 3 बार)।

पित्त की पथरी के लिए: Chelidonium 30C + Berberis Vulgaris Q + Lycopodium 30C।

गैस और अफारा के लिए: Chelidonium 30C + Carbo Veg 30C + China 30C।

7. सावधानियां और एग्रेवेशन (Aggravation)
तकलीफ कब बढ़ती है: सुबह के समय (4 बजे), दाहिनी करवट लेटने पर और ठंडी हवा से।

सुधार (Amelioration): बहुत गर्म खाना खाने या गर्म दूध पीने से और रात के खाने के बाद।

सावधानी: मदर टिंचर का उपयोग करते समय पानी की मात्रा पर्याप्त रखें।

8. निष्कर्ष
चेलिडोनियम मेजस लिवर को डिटॉक्स करने और पाचन तंत्र को सुचारू बनाने की सर्वश्रेष्ठ औषधि है। चाहे वह फैटी लिवर हो, पीलिया हो या पित्त की पथरी, यह दवा अपने विशिष्ट लक्षणों के आधार पर अद्भुत काम करती है।

आज हम चर्चा करेंगे होम्योपैथी की एक ऐसी दवा के बारे में जो पाचन तंत्र की गड़बड़ी और उससे जुड़े सिरदर्द के लिए रामबाण मानी ज...
17/04/2026

आज हम चर्चा करेंगे होम्योपैथी की एक ऐसी दवा के बारे में जो पाचन तंत्र की गड़बड़ी और उससे जुड़े सिरदर्द के लिए रामबाण मानी जाती है। इसका नाम है आइरिस वर्सिकलर (Iris Versicolor), जिसे सामान्यतः 'ब्लू फ्लैग' (Blue Flag) भी कहा जाता है।

1. परिचय
स्रोत: यह दवा 'ब्लू फ्लैग' (Blue Flag) नामक पौधे की ताजी जड़ (Rhizome) से तैयार की जाती है, इसलिए यह एक वनस्पति (Plant) स्रोत की औषधि है।

मुख्य कार्यक्षेत्र (Sphere of Action): इसका सबसे प्रमुख प्रभाव पाचन तंत्र (Alimentary Canal), लिवर, पैनक्रियाज (Pancreas) और थायराइड ग्रंथि पर होता है। यह शरीर के पाचक रसों (Digestive juices) की असामान्यता को ठीक करने में बहुत प्रभावी है।

2. प्रमुख लक्षण (Key Indications)
आइरिस वर्सिकलर को "एसिडिटी के साथ होने वाले माइग्रेन (Sick Headache)" के लिए नंबर-1 दवा माना जाता है। यदि रोगी को सिरदर्द के साथ मुँह में बहुत अधिक खट्टा या कड़वा पानी आता हो और पूरे पाचन मार्ग में जलन महसूस होती हो, तो यह दवा सबसे सटीक चुनाव है।

3. विस्तृत लक्षण सूची (Detailed Symptoms)
अत्यधिक जलन: मुँह से लेकर गुदा द्वार (A**s) तक पूरे पाचन मार्ग में जलन का अहसास।

खट्टी उबकाई: मुँह में बहुत अधिक खट्टा और कड़वा पानी आना जो दांतों को खट्टा कर दे।

माइग्रेन (Sick Headache): सिरदर्द जो अक्सर आराम के दिनों (जैसे रविवार) में होता है और जिसके साथ उल्टी आती है।

दृष्टि दोष: सिरदर्द शुरू होने से पहले आँखों के सामने धुंधलापन या चमक महसूस होना।

लार का अधिक बनना: मुँह में लगातार चिपचिपी लार का बनते रहना।

पैनक्रियाज की गड़बड़ी: पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द और वसायुक्त (Fatty) भोजन पचाने में दिक्कत।

दस्त: पानी जैसे दस्त जो बहुत अधिक जलन पैदा करते हैं।

कब्ज: पेट साफ न होना और साथ में सिरदर्द का बना रहना।

खट्टी डकारें: खाना खाने के बाद गले और सीने में तेज जलन।

लिवर क्षेत्र में दर्द: दाहिनी ओर पसलियों के नीचे भारीपन और हल्का दर्द।

गले में जलन: ऐसा महसूस होना जैसे गले में आग लगी हो या कुछ गर्म फंस गया हो।

मानसिक उदासी: बीमारी के दौरान रोगी बहुत निराश और उदास महसूस करता है।

एकाग्रता की कमी: सिरदर्द के दौरान किसी भी काम में मन न लगना।

कमजोरी: बार-बार खट्टी उल्टी होने के कारण शरीर में अत्यधिक थकावट।

पसीना: सिरदर्द के साथ माथे पर ठंडा पसीना आना।

जीभ का लक्षण: जीभ पर सफेद परत जमी होना लेकिन किनारे लाल होना।

रात की परेशानी: एसिडिटी के लक्षण रात में अधिक बढ़ जाते हैं।

4. अन्य अंगों पर प्रभाव
त्वचा: चेहरे और शरीर पर होने वाले दाने (Pustules) जिनमें खुजली और जलन हो।

जोड़: साइटिका (Sciatica) का दर्द जो बाएं कूल्हे से नीचे की ओर जाए।

श्वसन: कभी-कभी पेट की खराबी के कारण सूखी खांसी का आना।

5. पोटेंसी और खुराक (Potency & Dosage)
30C: माइग्रेन और एसिडिटी के शुरुआती लक्षणों के लिए। 2-2 बूंद दिन में 3 बार।

Q (Mother Tincture): लिवर और पैनक्रियाज की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए। 5-10 बूंदें थोड़े पानी में (चिकित्सक के परामर्श पर)।

200C: पुराने माइग्रेन के लिए जो हर हफ्ते लौटकर आता हो। हफ्ते में एक बार।

1M: गहरी मानसिक और शारीरिक अवस्थाओं के लिए (केवल विशेषज्ञ सलाह पर)।

6. दवाओं का कॉम्बिनेशन
भयंकर एसिडिटी के लिए: Iris Versicolor 30C + Robina 30C + Natrum Phos 6X।

माइग्रेन के साथ उल्टी: Iris Versicolor 30C + Sanguinaria 30C + Epiphegus 30C।

लिवर की सूजन के लिए: Iris Versicolor Q + Chelidonium Q + Carduus Mar Q।

7. सावधानियां और एग्रेवेशन (Aggravation)
तकलीफ कब बढ़ती है: शाम के समय, रात में, आराम करने से (जैसे छुट्टी के दिन) और मीठा खाने से।

सुधार (Amelioration): लगातार चलते रहने से (Gentle motion) लक्षणों में आराम मिलता है।

सावधानी: दवा लेने के आधा घंटा पहले और बाद में कुछ न खाएं। कच्चा प्याज, लहसुन और कॉफी से परहेज करें।

8. निष्कर्ष
आइरिस वर्सिकलर पाचन तंत्र को संतुलित कर "एसिड-बेस" लेवल को ठीक करती है। यह उन लोगों के लिए वरदान है जिनका सिरदर्द उनके पेट की खराबी से जुड़ा हुआ है।

31/03/2026

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आज हम चर्चा करेंगे होम्योपैथी की एक ऐसी दवा के बारे में जो पाचन तंत्र की गड़बड़ी और उससे जुड़े सिरदर्द के लिए रामबाण मानी ज...
31/03/2026

आज हम चर्चा करेंगे होम्योपैथी की एक ऐसी दवा के बारे में जो पाचन तंत्र की गड़बड़ी और उससे जुड़े सिरदर्द के लिए रामबाण मानी जाती है। इसका नाम है आइरिस वर्सिकलर (Iris Versicolor), जिसे सामान्यतः 'ब्लू फ्लैग' (Blue Flag) भी कहा जाता है।

1. परिचय
स्रोत: यह दवा 'ब्लू फ्लैग' (Blue Flag) नामक पौधे की ताजी जड़ (Rhizome) से तैयार की जाती है, इसलिए यह एक वनस्पति (Plant) स्रोत की औषधि है।

मुख्य कार्यक्षेत्र (Sphere of Action): इसका सबसे प्रमुख प्रभाव पाचन तंत्र (Alimentary Canal), लिवर, पैनक्रियाज (Pancreas) और थायराइड ग्रंथि पर होता है। यह शरीर के पाचक रसों (Digestive juices) की असामान्यता को ठीक करने में बहुत प्रभावी है।

2. प्रमुख लक्षण (Key Indications)
आइरिस वर्सिकलर को "एसिडिटी के साथ होने वाले माइग्रेन (Sick Headache)" के लिए नंबर-1 दवा माना जाता है। यदि रोगी को सिरदर्द के साथ मुँह में बहुत अधिक खट्टा या कड़वा पानी आता हो और पूरे पाचन मार्ग में जलन महसूस होती हो, तो यह दवा सबसे सटीक चुनाव है।

3. विस्तृत लक्षण सूची (Detailed Symptoms)
अत्यधिक जलन: मुँह से लेकर गुदा द्वार (A**s) तक पूरे पाचन मार्ग में जलन का अहसास।

खट्टी उबकाई: मुँह में बहुत अधिक खट्टा और कड़वा पानी आना जो दांतों को खट्टा कर दे।

माइग्रेन (Sick Headache): सिरदर्द जो अक्सर आराम के दिनों (जैसे रविवार) में होता है और जिसके साथ उल्टी आती है।

दृष्टि दोष: सिरदर्द शुरू होने से पहले आँखों के सामने धुंधलापन या चमक महसूस होना।

लार का अधिक बनना: मुँह में लगातार चिपचिपी लार का बनते रहना।

पैनक्रियाज की गड़बड़ी: पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द और वसायुक्त (Fatty) भोजन पचाने में दिक्कत।

दस्त: पानी जैसे दस्त जो बहुत अधिक जलन पैदा करते हैं।

कब्ज: पेट साफ न होना और साथ में सिरदर्द का बना रहना।

खट्टी डकारें: खाना खाने के बाद गले और सीने में तेज जलन।

लिवर क्षेत्र में दर्द: दाहिनी ओर पसलियों के नीचे भारीपन और हल्का दर्द।

गले में जलन: ऐसा महसूस होना जैसे गले में आग लगी हो या कुछ गर्म फंस गया हो।

मानसिक उदासी: बीमारी के दौरान रोगी बहुत निराश और उदास महसूस करता है।

एकाग्रता की कमी: सिरदर्द के दौरान किसी भी काम में मन न लगना।

कमजोरी: बार-बार खट्टी उल्टी होने के कारण शरीर में अत्यधिक थकावट।

पसीना: सिरदर्द के साथ माथे पर ठंडा पसीना आना।

जीभ का लक्षण: जीभ पर सफेद परत जमी होना लेकिन किनारे लाल होना।

रात की परेशानी: एसिडिटी के लक्षण रात में अधिक बढ़ जाते हैं।

4. अन्य अंगों पर प्रभाव
त्वचा: चेहरे और शरीर पर होने वाले दाने (Pustules) जिनमें खुजली और जलन हो।

जोड़: साइटिका (Sciatica) का दर्द जो बाएं कूल्हे से नीचे की ओर जाए।

श्वसन: कभी-कभी पेट की खराबी के कारण सूखी खांसी का आना।

5. पोटेंसी और खुराक (Potency & Dosage)
30C: माइग्रेन और एसिडिटी के शुरुआती लक्षणों के लिए। 2-2 बूंद दिन में 3 बार।

Q (Mother Tincture): लिवर और पैनक्रियाज की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए। 5-10 बूंदें थोड़े पानी में (चिकित्सक के परामर्श पर)।

200C: पुराने माइग्रेन के लिए जो हर हफ्ते लौटकर आता हो। हफ्ते में एक बार।

1M: गहरी मानसिक और शारीरिक अवस्थाओं के लिए (केवल विशेषज्ञ सलाह पर)।

6. दवाओं का कॉम्बिनेशन
भयंकर एसिडिटी के लिए: Iris Versicolor 30C + Robina 30C + Natrum Phos 6X।

माइग्रेन के साथ उल्टी: Iris Versicolor 30C + Sanguinaria 30C + Epiphegus 30C।

लिवर की सूजन के लिए: Iris Versicolor Q + Chelidonium Q + Carduus Mar Q।

7. सावधानियां और एग्रेवेशन (Aggravation)
तकलीफ कब बढ़ती है: शाम के समय, रात में, आराम करने से (जैसे छुट्टी के दिन) और मीठा खाने से।

सुधार (Amelioration): लगातार चलते रहने से (Gentle motion) लक्षणों में आराम मिलता है।

सावधानी: दवा लेने के आधा घंटा पहले और बाद में कुछ न खाएं। कच्चा प्याज, लहसुन और कॉफी से परहेज करें।

8. निष्कर्ष
आइरिस वर्सिकलर पाचन तंत्र को संतुलित कर "एसिड-बेस" लेवल को ठीक करती है। यह उन लोगों के लिए वरदान है जिनका सिरदर्द उनके पेट की खराबी से जुड़ा हुआ है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक जानकारी के लिए है।




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