15/05/2026
ॐ || शाम्भ सदाशिव || ॐ
मौन में स्थित… शिवत्व में लीन।
जब मन शांत हो जाता है,
तभी भीतर का “सदाशिव” प्रकट होता है।
त्रिपुण्ड की रेखाएँ केवल भस्म नहीं,
बल्कि वैराग्य, ज्ञान और आत्म-जागरण का प्रतीक हैं।
रुद्राक्ष की प्रत्येक माला,
शिव-तत्व की अनंत ऊर्जा से जुड़ने का माध्यम है।
“शाम्भ सदाशिव” वह अवस्था है
जहाँ व्यक्ति स्वयं को सीमित शरीर नहीं,
बल्कि शुद्ध चेतना के रूप में अनुभव करता है।
ॐ नमः शिवाय 🔱