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I hope these babies grow up to find their happening doctor someday…😜     ❤️
22/01/2026

I hope these babies grow up to find their happening doctor someday…😜
❤️

18/01/2026
खुशियों की आई बहार,पतंग उड़ाने की चढ़ी खुमार,मुबारक हो आपको ये पतंगों का त्योहार,पल-पल सुनहरे फूल खिलें।मकर संक्रांति की...
14/01/2026

खुशियों की आई बहार,
पतंग उड़ाने की चढ़ी खुमार,
मुबारक हो आपको ये पतंगों का त्योहार,
पल-पल सुनहरे फूल खिलें।

मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌾🪁
#2026

11/01/2026

Its a month of girl power. 9th delivery in january so far. #2026 🙂

Welcoming year 2026 in obstetrician style ☺️🥰
01/01/2026

Welcoming year 2026 in obstetrician style ☺️🥰

Mother and baby going home. Very co operative and joyful family.   🙂☺️
18/12/2025

Mother and baby going home. Very co operative and joyful family. 🙂☺️

    🌼 स्तनपान के सही तरीके (Breastfeeding Practices in Hindi)✅ 1. जन्म के 1 घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करें • इसे Early I...
07/12/2025



🌼 स्तनपान के सही तरीके (Breastfeeding Practices in Hindi)

✅ 1. जन्म के 1 घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करें
• इसे Early Initiation of Breastfeeding कहते हैं।
• इससे बच्चे को कोलोस्ट्रम (पहला गाढ़ा पीला दूध) मिलता है, जो बच्चे की इम्युनिटी बढ़ाता है।



🍼 2. कोलोस्ट्रम ज़रूर दें
• बहुत फायदेमंद होता है—यह बच्चे को इंफेक्शन से बचाता है।
• इसे कभी भी न फेंकें।



🤱 3. बच्चे को माँ के करीब रखें (Rooming-in / Skin-to-skin)
• जन्म के तुरंत बाद बच्चे को माँ की छाती पर रखें।
• बॉन्डिंग बढ़ती है और दूध का बहाव भी बेहतर होता है।



🧘‍♀️ 4. फीडिंग की सही पोज़िशन

बच्चे का:
• सिर और शरीर एक सीध में हो
• मुँह पूरा एरिओला (निपल के आसपास का हिस्सा) को पकड़ सके
• ठोड़ी स्तन को छू रही हो
• बच्चा बड़ी-बड़ी निगलने की आवाज़ करे



🕑 5. मांग पर स्तनपान (On-demand feeding)
• जब भी बच्चा रोए या मुँह चलाए, दूध की तलाश करे – उसी समय दूध पिलाएँ।
• आमतौर पर हर 2–3 घंटे में।



🍼 6. 6 महीने तक सिर्फ माँ का दूध (Exclusive breastfeeding)
• कोई पानी, शहद, घुट्टी, गाय का दूध या अन्य चीज़ बिल्कुल नहीं।
• सिर्फ माँ का दूध ही पर्याप्त है।



⏳ 7. प्रत्येक फीड 20–30 मिनट तक
• पहले पतला दूध (Hindmilk) और फिर गाढ़ा दूध आता है, जिससे बच्चा भरपेट होता है।



🧴 8. बोतल या पैसिफायर से बचें
• इससे संक्रमण और निपल कन्फ्यूज़न का खतरा बढ़ता है।



💧 9. माँ की देखभाल भी जरूरी
• पर्याप्त पानी पिएँ
• पौष्टिक खाना खाएँ
• आराम करें
• तनाव कम रखें — इससे दूध की मात्रा अच्छी रहती है।



👶 10. समस्याओं पर ध्यान दें

अगर ये समस्याएँ हों तो डॉक्टर/लैक्टेशन कंसल्टेंट से मिलें:
• निपल में दर्द या घाव
• दूध कम लगना
• बच्चा ठीक से latch न कर पा रहा हो
• बच्चा कम पेशाब कर रहा हो (6 महीने से पहले रोज़ कम से कम 6–8 बार पेशाब)

नॉर्मल डिलीवरी के बाद देखभाल (Post-Delivery Care in Hindi)✅ 1. आराम और रिकवरी • शरीर को ठीक होने के लिए पूरा आराम ज़रूरी...
05/12/2025

नॉर्मल डिलीवरी के बाद देखभाल (Post-Delivery Care in Hindi)

✅ 1. आराम और रिकवरी
• शरीर को ठीक होने के लिए पूरा आराम ज़रूरी है।
• जब भी बच्चा सोए, आप भी सोएँ।
• 4–6 हफ्ते तक भारी सामान उठाने से बचें।
• घर में भी हल्का काम करें, ज्यादा थकान से बचें।



✅ 2. प्राइवेट पार्ट / टांकों की देखभाल (Perineal Care)

अगर टांके लगे हैं:
• दिन में 2–3 बार गुनगुने पानी से सिट्ज़ बाथ लें।
• जगह को साफ और सूखा रखें।
• हर 4–6 घंटे में सैनिटरी पैड बदलें।
• तीखे/रासायनिक साबुन का उपयोग न करें।

⚠️ अगर बदबूदार डिस्चार्ज, तेज़ दर्द, सूजन या बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर को बताएं।



✅ 3. खून आना (Lochia)

4–6 हफ्ते तक खून आना सामान्य है।
• केवल सैनिटरी पैड का उपयोग करें, टैम्पॉन न लगाएँ।
• यदि खून अचानक बहुत बढ़ जाए (1 घंटे में पैड भीग जाए) तो डॉक्टर से संपर्क करें।



✅ 4. स्तनपान (Breastfeeding) देखभाल
• दिन में 8–12 बार या बच्चे की मांग पर स्तनपान कराएँ।
• सही लैच लगाएँ, इससे निप्पल फटने से बचते हैं।
• पानी खूब पिएँ और पौष्टिक भोजन खाएँ।
• निप्पल दर्द हो तो माँ के दूध या लैनोलिन क्रीम लगाएँ।
• दूध ज़्यादा भरने पर:
• फीड से पहले हल्की गर्म सिकाई
• फीड के बाद ठंडी सिकाई



✅ 5. पेट की देखभाल
• डॉक्टर की सलाह से पोस्टपार्टम बेल्ट 2–3 हफ्ते बाद पहन सकते हैं।
• हल्की पेट की एक्सरसाइज 6 हफ्ते बाद शुरू करें, केवल डॉक्टर की अनुमति से।



✅ 6. खाना–पीना (Diet)
• गर्म, हल्का, पौष्टिक भोजन खाएँ।
• दाल, हरी सब्ज़ियाँ, दूध, सूखे मेवे, घी की सही मात्रा।
• पानी दिन भर में 8–10 गिलास।
• कब्ज़ से बचने के लिए फल और फाइबर ज़रूरी हैं।



✅ 7. मानसिक स्वास्थ्य (Mood Swings)

डिलीवरी के बाद मूड बदलना आम है।
• परिवार का सपोर्ट लें।
• नींद और आराम पूरा करें।
• अगर लगातार उदासी, रोना या चिड़चिड़ापन 2 हफ्ते से ज़्यादा चले तो डॉक्टर से बात करें।



✅ 8. कब तक संभोग से बचें?
• आमतौर पर 6 हफ्ते तक संभोग न करने की सलाह दी जाती है।
• टांके या दर्द होने पर और समय लग सकता है — डॉक्टर की गाइडेंस लें।



✅ 9. डॉक्टर को कब दिखाना ज़रूरी है?
• बुखार
• बहुत ज्यादा खून
• बदबूदार डिस्चार्ज
• तेज पेट/बॉडी पेन
• पेशाब करने में बहुत दर्द
• निप्पल में बहुत ज्यादा क्रैक या खून

    नॉर्मल डिलीवरी के लिए ज़रूरी टिप्स1. प्रेग्नेंसी के दौरान नियमित व्यायाम • हल्की वॉक • प्रेग्नेंसी योगा • पेल्विक फ्...
30/11/2025


नॉर्मल डिलीवरी के लिए ज़रूरी टिप्स

1. प्रेग्नेंसी के दौरान नियमित व्यायाम
• हल्की वॉक
• प्रेग्नेंसी योगा
• पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज (Kegel)
ये पूरे शरीर को मजबूत बनाते हैं और लेबर आसान करते हैं।



2. सही और संतुलित खान-पान
• प्रोटीन (दाल, पनीर, अंडा)
• आयरन (हरी सब्जियाँ, गुड़)
• कैल्शियम (दूध, दही)
• खूब पानी
अच्छा पोषण माँ और बच्चे दोनों के लिए ज़रूरी है।



3. पर्याप्त नींद और मानसिक शांति
• 7–8 घंटे अच्छी नींद
• मेडिटेशन, दीप ब्रीदिंग
• तनाव कम रखने की कोशिश
मन शांत रहेगा तो लेबर भी बेहतर होता है।



4. डॉक्टर की नियमित जाँच
• हर जांच और अल्ट्रासाउंड समय पर कराएँ
• ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, बेबी की पोजिशन चेक करवाते रहें



5. डिलीवरी के समय सही पोज़िशन और ब्रीदिंग
• लेबर के दौरान गहरी साँसें
• पेन मैनेजमेंट तकनीकें सीखें
• स्क्वाटिंग, वॉकिंग, बर्थिंग बॉल पर बैठना मदद करता है (अगर डॉक्टर अनुमति दें)



6. वज़न कंट्रोल में रखें

बहुत अधिक वजन लेबर को मुश्किल बना सकता है। उचित डायट और हल्की एक्सरसाइज से वज़न संतुलित रखें।



7. अच्छा डॉक्टर और हॉस्पिटल चुनें

ऐसा डॉक्टर चुनें जो नॉर्मल डिलीवरी को सपोर्ट करता हो और आपको सही गाइड करे।



8. लेबर क्लासेज़ अटेंड करें

यहाँ आप ब्रीदिंग, पुशिंग और लेबर पोज़िशन्स सीखती हैं—बहुत मदद मिलती है।



9. आख़िरी महीनों में ध्यान रखें
• रोज़ 30–40 मिनट वॉक
• ज्यादा देर एक ही पोजीशन में न बैठें
• बच्चा नीचे आने में मदद के लिए हल्की स्ट्रेचिंग
• डॉक्टर की सलाह पर perineal massage



10. पॉज़िटिव रहें

डर और तनाव लेबर को कठिन बनाते हैं। खुद को समझाएँ कि आप सक्षम हैं और आपका शरीर इसके लिए बना है।



अगर आप चाहें, तो मैं डिलीवरी के लिए एक पूरा डाइट प्लान, प्रेग्नेंसी योगा की लिस्ट, या आपके महीने के हिसाब से पर्सनल गाइड भी बना सकती/सकता हूँ।

Its a november normal delivery month. Best wishes to newbie parents and lots of love to all the newborns♥️
16/10/2025

Its a november normal delivery month. Best wishes to newbie parents and lots of love to all the newborns♥️

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