05/12/2025
नॉर्मल डिलीवरी के बाद देखभाल (Post-Delivery Care in Hindi)
✅ 1. आराम और रिकवरी
• शरीर को ठीक होने के लिए पूरा आराम ज़रूरी है।
• जब भी बच्चा सोए, आप भी सोएँ।
• 4–6 हफ्ते तक भारी सामान उठाने से बचें।
• घर में भी हल्का काम करें, ज्यादा थकान से बचें।
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✅ 2. प्राइवेट पार्ट / टांकों की देखभाल (Perineal Care)
अगर टांके लगे हैं:
• दिन में 2–3 बार गुनगुने पानी से सिट्ज़ बाथ लें।
• जगह को साफ और सूखा रखें।
• हर 4–6 घंटे में सैनिटरी पैड बदलें।
• तीखे/रासायनिक साबुन का उपयोग न करें।
⚠️ अगर बदबूदार डिस्चार्ज, तेज़ दर्द, सूजन या बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर को बताएं।
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✅ 3. खून आना (Lochia)
4–6 हफ्ते तक खून आना सामान्य है।
• केवल सैनिटरी पैड का उपयोग करें, टैम्पॉन न लगाएँ।
• यदि खून अचानक बहुत बढ़ जाए (1 घंटे में पैड भीग जाए) तो डॉक्टर से संपर्क करें।
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✅ 4. स्तनपान (Breastfeeding) देखभाल
• दिन में 8–12 बार या बच्चे की मांग पर स्तनपान कराएँ।
• सही लैच लगाएँ, इससे निप्पल फटने से बचते हैं।
• पानी खूब पिएँ और पौष्टिक भोजन खाएँ।
• निप्पल दर्द हो तो माँ के दूध या लैनोलिन क्रीम लगाएँ।
• दूध ज़्यादा भरने पर:
• फीड से पहले हल्की गर्म सिकाई
• फीड के बाद ठंडी सिकाई
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✅ 5. पेट की देखभाल
• डॉक्टर की सलाह से पोस्टपार्टम बेल्ट 2–3 हफ्ते बाद पहन सकते हैं।
• हल्की पेट की एक्सरसाइज 6 हफ्ते बाद शुरू करें, केवल डॉक्टर की अनुमति से।
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✅ 6. खाना–पीना (Diet)
• गर्म, हल्का, पौष्टिक भोजन खाएँ।
• दाल, हरी सब्ज़ियाँ, दूध, सूखे मेवे, घी की सही मात्रा।
• पानी दिन भर में 8–10 गिलास।
• कब्ज़ से बचने के लिए फल और फाइबर ज़रूरी हैं।
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✅ 7. मानसिक स्वास्थ्य (Mood Swings)
डिलीवरी के बाद मूड बदलना आम है।
• परिवार का सपोर्ट लें।
• नींद और आराम पूरा करें।
• अगर लगातार उदासी, रोना या चिड़चिड़ापन 2 हफ्ते से ज़्यादा चले तो डॉक्टर से बात करें।
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✅ 8. कब तक संभोग से बचें?
• आमतौर पर 6 हफ्ते तक संभोग न करने की सलाह दी जाती है।
• टांके या दर्द होने पर और समय लग सकता है — डॉक्टर की गाइडेंस लें।
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✅ 9. डॉक्टर को कब दिखाना ज़रूरी है?
• बुखार
• बहुत ज्यादा खून
• बदबूदार डिस्चार्ज
• तेज पेट/बॉडी पेन
• पेशाब करने में बहुत दर्द
• निप्पल में बहुत ज्यादा क्रैक या खून