14/04/2026
क्या आप भी सोने से पहले घंटों मोबाइल स्क्रॉल करते हैं?
समस्या मोबाइल नहीं, बल्कि इससे मिलने वाला 'Continuous Stimulation' है। लगातार शॉर्ट वीडियो देखने से हमारा डोपामाइन लेवल बढ़ जाता है, जिससे अटेंशन स्पैन कम होता है और गहरी सोच की क्षमता घटने लगती है।
अपने दिमाग को भी आराम और फोकस का समय दें। अगर आप या आपके परिवार में कोई याददाश्त या ध्यान केंद्रित करने जैसी न्यूरोलॉजी समस्याओं से जूझ रहा है, तो आज ही संपर्क करें Yashfeen hospital...