22/06/2019
जय काली माँ
ग्रह और रोग
सूर्य:
रोग: हड्डियों से सम्बंधित रोग, दन्त रोग, दृष्टि, खून का संचरण, गंजापन, तेज बुखार, कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता, दिल सम्बंधित बीमारी इत्यादि।
दान: गेंहूँ, शक्कर, लाल चन्दन, तांबा, सोना, लाल वस्त्र, माणिक्य इत्यादि।
चन्द्रमा:
रोग: मानसिक कमजोरी, डिप्रेशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी, अनिद्रा, कमजोरी, नर्वस सिस्टम की समस्या, पागलपन इत्यादि।
दान: सफ़ेद वस्त्र, गाय का दूध, चावल, दही, खीर, सफ़ेद चन्दन, मोती इत्यादि।
मंगल:
रोग: क्रोध, झुंझलाहट, रक्त विकार, बवासीर, भगन्दर, गुप्तांगो में रोग, ऑपरेशन, हड्डियों का टूटना, दुर्घटना, ट्यूमर, कैंसर इत्यादि।
दान: मसूर दाल, लाल वस्त्र, ताम्बा, लाल चन्दन, मूंगा इत्यादि।
बुध:
रोग: हकलाना, चर्म रोग, अवसाद, कमजोर यादाश्त, स्नायु तंत्र सम्बंधित समस्या, अस्थमा, आंत सम्बन्धी रोग इत्यादि।
दान: मूंग की दाल, हरे वस्त्र, नारियल, सोना, पन्ना इत्यादि।
गुरु:
रोग: मोटापा, लीवर सम्बधित रोग, पीलिया, थॉयरॉयड, मधुमेह, कैंसर, ट्यूमर, कान में रोग इत्यादि।
दान: चने की दाल, पीले वस्त्र, सोना, मिठाइयाँ, पीले फल, पुस्तकें, पुखराज इत्यादि।
शुक्र:
रोग: लकवा, गुप्तांगो में रोग और कमजोरी, खून की कमी, पथरी, मूत्राशय सम्बन्धी रोग इत्यादि।
दान: चावल, सफ़ेद वस्त्र, दूध, दही, सफ़ेद चन्दन, सुगन्धित द्रव्य और इत्र, ओपल इत्यादि।
शनि:
रोग: लकवा, पेट की बीमारियाँ, गठिया, वायु विकार, सिर दर्द, ह्रदय रोग, कैंसर, पैरों का फ्रैक्चर, व्यसन इत्यादि।
दान: लोहे और लकड़ी के फर्नीचर, लोहे के बर्तन, सरसों या तिल का तेल, नीला कपडा, उड़द की दाल, नीलम इत्यादि।
राहु:
रोग: पागलपन, कुष्ठ रोग, गुर्दा सम्बन्धी रोग, अल्सर, कैंसर, अल्सर, उच्च रक्तचाप, पेट सम्बन्धी बीमारियाँ, वायु विकार, ज़हरीले जीव जंतुओं के काटने के कारण होने वाले रोग।
दान : काला वस्त्र, कोयला, लोहे के बर्तन, काली तिल, सरसों का तेल, गोमेद इत्यादि।
केतु:
रोग: चोट, ऑपरेशन, फ्रैक्चर, रीढ़ की हड्डी और स्नायु तंत्र सम्बंधित रोग, बुरी लत, व्यसन, पागलपन, निम्न रक्त चाप इत्यादि।
दान: भूरे रंग या रंग-बिरंगा वस्त्र, कम्बल, सरसों या तिल का तेल, लोहे के बर्तन, लहसुनिया (कैट्स आई ) इत्यादि।