Vivek Srivastava Vikku

Vivek Srivastava Vikku Health Adviser- VIOM Healthcare

General secretory -Navratan Foundations

Founder General Secretory-

यशोदा मेडिसिटी ने एमएमजी ज़िला अस्पताल, गाज़ियाबाद के साथ एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर की शुरुआत की-केंद्रीय स्वास्थ्य...
25/02/2026

यशोदा मेडिसिटी ने एमएमजी ज़िला अस्पताल, गाज़ियाबाद के साथ एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर की शुरुआत की

-केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने किया उद्घाटन
- एमएमजी ज़िला अस्पताल को उन्नत क्रिटिकल केयर सेवाओं से जोड़ा गया

यशोदा मेडिसिटी ने रोगी-केंद्रित और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मज़बूत करते हुए एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर की शुरुआत की। यह पहल यशोदा फ़ाउंडेशन्स के अंतर्गत एक सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य तकनीक और विशेषज्ञ निगरानी के माध्यम से गंभीर मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाना है।

इस कमांड सेंटर का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने यशोदा मेडिसिटी के वरिष्ठ नेतृत्व और चिकित्सकों की उपस्थिति में किया। इस पहल के तहत यशोदा मेडिसिटी के बेस कमांड सेंटर को एमएमजी ज़िला अस्पताल, गाज़ियाबाद के आईसीयू से जोड़ा गया है।

यहां आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से मरीजों से जुड़े डेटा का रियल-टाइम विश्लेषण किया जाता है। यदि मरीज की स्थिति बिगड़ने की संभावना होती है, तो सिस्टम पहले से चेतावनी देता है। इससे दूर बैठकर विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा निगरानी, बेहतर समन्वय और तय चिकित्सा प्रक्रियाओं के अनुसार इलाज संभव हो पाता है।

अस्पताल की सूचना प्रणालियों और बेडसाइड मॉनिटरिंग उपकरणों से जुड़कर यह एआई-सक्षम ई-आईसीयू प्लेटफ़ॉर्म मरीजों के बड़े डेटा को एक ही डैशबोर्ड पर दिखाता है। इसमें मौजूद विशेष एआई इंजन मरीजों के जोखिम का आकलन करता है और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत अलर्ट भेजता है। इससे डॉक्टरों को त्वरित और सही निर्णय लेने में मदद मिलती है, संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और इलाज की लागत कम करने में भी सहायता मिलती है।

यशोदा मेडिसिटी की एक समर्पित और विशेषज्ञ क्रिटिकल केयर टीम इस कमांड सेंटर से 24x7 निगरानी करती है और ज़रूरत के अनुसार समय पर मार्गदर्शन करती है, जिससे वैश्विक मानकों के अनुरूप इलाज सुनिश्चित होता है।

यह पहल न केवल गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज के परिणामों में सुधार लाने में सहायक है, बल्कि आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के मरीजों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली आईसीयू सेवाओं को अधिक सुलभ और किफ़ायती बनाने में भी मदद करती है।

मरीजों की निगरानी के साथ-साथ यह प्रणाली ज़मीनी स्तर पर काम कर रही मेडिकल टीमों के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का भी माध्यम है। तय चिकित्सा प्रक्रियाओं और एआई से मिलने वाली जानकारी के ज़रिये विभिन्न आईसीयू में इलाज की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित होती है।

यह एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर यशोदा मेडिसिटी की उस दीर्घकालिक सीएसआर सोच का हिस्सा है, जिसके तहत एक जुड़े हुए क्रिटिकल केयर नेटवर्क का निर्माण किया जा रहा है। यशोदा मेडिसिटी ने अपनी लगभग सभी चिकित्सा सेवाओं में एआई तकनीक को अपनाया है और डेटा आधारित, सटीक और तकनीक-सहायता प्राप्त इलाज को आगे बढ़ा रहा है। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य ज़िला अस्पतालों तक भी विस्तार दिया जाएगा, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक विशेषज्ञ इलाज पहुंच सके।

इस अवसर पर माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जे. पी. नड्डा ने कहा, “यशोदा मेडिसिटी की एआई-सक्षम ई-आईसीयू जैसी पहल यह दिखाती है कि तकनीक के ज़रिये स्वास्थ्य सेवाओं को किस तरह मज़बूत किया जा सकता है। यह सीएसआर पहल गंभीर मरीजों के लिए लगातार विशेषज्ञ निगरानी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी साथ ही अन्य अस्पतालों को भी समाज के लिए योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।”

डॉ. पी. एन. अरोड़ा, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, ने कहा कि हमारी हमेशा से यही सोच रही है कि हर मरीज को विश्वस्तरीय इलाज मिले। एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर के ज़रिये हम आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ देखरेख को अस्पताल की सीमाओं से बाहर तक पहुंचा रहे हैं। इसका उद्देश्य ज़मीनी स्तर पर काम कर रही मेडिकल टीमों को लगातार सहयोग देना है ताकि सही समय पर सही इलाज संभव हो सके।

श्री शुभांग अरोड़ा, एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा कि यह एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर हमारी उस सोच को दर्शाता है, जिसमें तकनीक के ज़रिये बड़े स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। एआई और रियल-टाइम निगरानी के माध्यम से हम क्रिटिकल केयर के मानकों को और मज़बूत कर रहे हैं।

यह उद्घाटन यशोदा मेडिसिटी की रोगी सुरक्षा, इलाज की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं के नए मानक स्थापित करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

*यशोदा मेडिसिटी के बारे में:*

यशोदा मेडिसिटी दिल्ली-एनसीआर में स्थित एक अत्याधुनिक क्वाटरनरी केयर अस्पताल है, जो यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की तीन दशकों की विरासत पर आधारित है। 8+ एकड़ में फैले इस परिसर में कुल 1,200 बेड हैं, जिनमें से पहले चरण में 635 बेड कार्यरत हैं। यहां 65 से अधिक विशेषताएं और 12 से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हैं। यह अस्पताल आधुनिक तकनीक, हरित और डिजिटल डिज़ाइन तथा रोगी-केंद्रित देखभाल के साथ भारत और अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है।

Yashoda Medicity is now empanelled with the CGHS, marking a proud moment in our continued journey to strengthen trust an...
21/02/2026

Yashoda Medicity is now empanelled with the CGHS, marking a proud moment in our continued journey to strengthen trust and expand access to quality healthcare.

This empanelment reflects our continued efforts towards delivering structured, reliable, and compassionate care, backed by clinical excellence and patient-first values.

To book your consultation or to know more, please contact 9266610101 / 0120-4869900
Emergency Number: 8800811811

नोएडा की नवरत्न फाउंडेशन्स संस्था  का शीत-कवच अभियान के अंतिम चरण में नौनिहालों के संग संग श्रमजीवियों  के भी चेहरे की ब...
12/02/2026

नोएडा की नवरत्न फाउंडेशन्स संस्था का शीत-कवच अभियान के अंतिम चरण में नौनिहालों के संग संग श्रमजीवियों के भी चेहरे की बना मुस्कान

शीत-कवच अभियान की मुहिम के अंतिम चरण में श्री रमेश अरोड़ा के साथ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, गाजियाबाद में, प्राइमरी स्कूल, कांशी राम कॉलोनी, सेक्टर 45 नोएडा में नोएडा पंजाबी समाज और यश कृष्ण मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के विपिन मल्हन -संरक्षक, राजीव अजमानी-अध्यक्ष, रणधीर सिंह, रजनीश, राजन खुराना तथा अंजना श्रीवास्तव-आशा वर्कर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस संस्कार केंद्र, जेजे कॉलोनी सेक्टर 17 में लेडीज क्लब ऑफ क्लब 26 की श्रीमती मीनू वाधवा-संयोजक, गुंजन जैन और अनीता शर्मा के साथ और सेक्टर 8, बांस बल्ली मार्केट जेजे कॉलोनी की कोऑर्डिनेटर राधा देवी द्वारा
600 से अधिक विद्यार्थियों को स्वेटर तथा विभिन्न सेक्टर स्थित कार्यरत गार्डों को 120 कम्बल वितरित किये गये।

इस वर्ष नवरत्न शीत कवच अभियान में कुल मिला कर करीब 1200 आर्थिक रूप से कमज़ोर बच्चों को कड़कड़ाती ठंड से बचाव करने में सक्षम हुए हम लोग.

इसके लिये हम अपने सभी दान दाताओं एवं सहयोगी संस्थाओं का ह्रदय से आभार प्रकट करते हैं

अंतिम चरण के अभियान में नवरत्न फाउंडेशन्स से अध्यक्ष डॉ. अशोक श्रीवास्तव, मुरलीधरन ए वी-महा सचिव, विभा मिश्रा-संरक्षक, हेमन्त शर्मा-उपाध्यक्ष, अजय मिश्रा-कार्यालय प्रभारी तथा केन्द्र समन्वयक-सुनीता शुक्ला एवं संगीता तिवारी उपस्थित रहे जिनकी सहयोग से इस नेक पहल को क्रियान्वित किया गया।

नवरत्न फाउंडेशन्स परिवार

Vaccination goes beyond childhood; it is a lifelong shield for health. Yesterday, we inaugurated the Adult Vaccination C...
07/02/2026

Vaccination goes beyond childhood; it is a lifelong shield for health. Yesterday, we inaugurated the Adult Vaccination Clinic at Yashoda Medicity in the presence of Shri Sunil Kumar Sharma, Hon’ble Minister for IT & Electronics, Government of Uttar Pradesh. Guided by this belief, our Executive Director, Mr. Shubhang Arora emphasised the importance of preventive healthcare and shared the vision of building a structured ecosystem for adult immunisation through awareness, guidance, and accessibility.

Yashoda Medicity is one of Delhi-NCR’s first hospitals to have a preventive healthcare center. With changing lifestyles, rising life expectancy, and increasing chronic health conditions, adults today remain vulnerable to infections such as influenza, pneumonia, hepatitis, tetanus, and shingles.

Through this initiative, Yashoda Medicity aims to make adult vaccination accessible, accepted, and integrated into routine healthcare.

Sunil Kumar Sharma

यशोदा मेडिसिटी के ‘A Match That Saves Lives’ नामक जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से स्टेम सेल डोनेशन में मैने भी रेजिस्ट्र...
01/02/2026

यशोदा मेडिसिटी के ‘A Match That Saves Lives’ नामक जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से स्टेम सेल डोनेशन में मैने भी रेजिस्ट्रेशन कर जांच के लिए सैंपल दिया।
यशोदा मेडिसिटी द्वारा आयोजित यह अभियान DATRI स्टेम सेल डोनेशन रजिस्ट्री और जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के सहयोग से संपन्न हुआ। डॉ Nivedita Dhingra जी की कल्पना द्वारा ही यह पूरा कार्यक्रम सुसज्जित किया गया।
आसपास की आवासीय सोसायटियों से बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि समाज अब जीवनरक्षक प्रयासों के प्रति पहले से कहीं अधिक जागरूक और संवेदनशील हो रहा है।
यह सहभागिता भारत में स्टेम सेल डोनर रजिस्ट्री के विस्तार की आवश्यकता को भी स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है।
ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, थैलेसीमिया और अन्य गंभीर रक्त विकारों से जूझ रहे अनेक मरीजों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही एकमात्र उपचारात्मक विकल्प होता है।

दुर्भाग्यवश, 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को परिवार के भीतर उपयुक्त डोनर नहीं मिल पाता। असंबंधित डोनर से मेल मिलने की संभावना भी अत्यंत कम ( लगभग दस हजार में एक ) होती है, क्योंकि इसके लिए HLA का अत्यधिक सटीक मेल आवश्यक होता है।
यही वह चुनौती है, जिसे यह अभियान सामूहिक प्रयासों से कम करना चाहता है। अभियान के केंद्र में रहा बकल स्वाब टेस्ट, एक अत्यंत सरल, सुरक्षित, त्वरित और पूरी तरह दर्दरहित प्रक्रिया।
लोगों को यह समझाया गया कि जीवन बचाने की दिशा में पहला कदम किसी जटिल प्रक्रिया से नहीं, बल्कि एक छोटे से स्वाब से शुरू हो सकता है। साथ ही, स्टेम सेल डोनेशन को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि डर के स्थान पर विश्वास और जानकारी के साथ लोग आगे आ सकें।
‘A Match That Saves Lives’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि यह संदेश है कि अस्पताल की जिम्मेदारी चारदीवारी तक सीमित नहीं होती। जब चिकित्सा सेवा समाज से जुड़ती है, तब हर जागरूक नागरिक संभावित जीवनरक्षक बन सकता है और यही इस पहल की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

31/01/2026

लखीमपुर खीरी- दुधवा नेशनल पार्क में उस वक्त पर्यटक रोमांचित हो उठे जब उन्होंने घूमते एक बाघ को बेहद नज़दीक से देख लिया। बाघ को देखकर लोग फोटो और वीडियो बनाने लगे और काफी देर तक उसे निहारते रहे। यह नज़ारा जंगल सफारी के दौरान सामने आया, जिससे पार्क में मौजूद सैलानियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

जिला लखीमपुर खीरी से संचालित सुप्रसिद्ध फ्रेंड्स फॉर एवर फाउंडेशन FFE❤️का समागम 2026 का कार्यक्रम प्रेसिडेंट पार्क लखीमप...
28/01/2026

जिला लखीमपुर खीरी से संचालित सुप्रसिद्ध फ्रेंड्स फॉर एवर फाउंडेशन FFE❤️का समागम 2026 का कार्यक्रम प्रेसिडेंट पार्क लखीमपुर में सकुशल सम्पन्न हुआ,
लखीमपुर जनपद के अलावा अन्य कई राज्यों में अपने अतुलनीय सहयोग व सेवा के लिए जाने जाने वाले फ़्रेंड्स फॉर एवर फॉउंडेशन में एक एक सदस्य एक योद्धा की तरह सेवा के लिए सदैव समर्पित होने के लिए तैयार संघर्ष सेवा और समर्पण का एक अनोखा व इकलौता फॉउंडेशन,
खुश किस्मती मेरी की मैं भी इस परिवार का हिस्सा हूँ गणतंत्र दिवस की संध्या पर पूरे परिवार के साथ स्नेहिल व आनन्दायक रूप से सम्पन्न हुआ।
हम कहते नहीं कर जाते हैं।
#लखीमपुर
#फ्रेंड्स फॉर एवर फाउंडेशन

अमर उजाला कायस्थ कम्युनिटी संवाद- नोएडा
25/01/2026

अमर उजाला कायस्थ कम्युनिटी संवाद- नोएडा

तराई वेलफेयर एसोसिएशन के 8वें स्थापना दिवस पर नोएडा में हुए आयोजन की खबर प्रमुख अखबारों में।धन्यवाद टीम तराई,धन्यवाद पत्...
24/01/2026

तराई वेलफेयर एसोसिएशन के 8वें स्थापना दिवस पर नोएडा में हुए आयोजन की खबर प्रमुख अखबारों में।
धन्यवाद टीम तराई,
धन्यवाद पत्रकार बंधुओं।
जय तराई

तराई वेलफेयर एसोसिएशन के आठवें स्थापना दिवस के पावन अवसर पर हम सभी तराईवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाइयाँ🎉💐यह हमा...
21/01/2026

तराई वेलफेयर एसोसिएशन के आठवें स्थापना दिवस के पावन अवसर पर हम सभी तराईवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाइयाँ🎉💐
यह हमारा एसोसिएशन निरंतर प्रगति करता रहे, एकता और सौहार्द का प्रतीक बना रहे, यही हमारी मंगलकामना है।
हम सब आपसी सहयोग, सद्भाव और सेवा-भाव के साथ एक दूसरे की हर संभव सहायता करते रहें तथा समाज के हित में मिलकर आगे बढ़ते रहें।
ईश्वर से प्रार्थना है कि तराई वेलफेयर एसोसिएशन यूँ ही फलता-फूलता रहे और नई ऊँचाइयों को प्राप्त करे। जय तराई

स्टेम सेल दान: एक जीवन रक्षक पहल​सही स्टेम सेल मैच मिलना किसी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है, लेकिन डोनर्स की कमी के का...
18/01/2026

स्टेम सेल दान: एक जीवन रक्षक पहल
​सही स्टेम सेल मैच मिलना किसी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है, लेकिन डोनर्स की कमी के कारण कई मरीजों को लंबे समय तक इंतज़ार करना पड़ता है। स्टेम सेल दान की प्रक्रिया को समझकर, आप किसी को ज़िंदगी का दूसरा मौका देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा सकते हैं।
​इसकी शुरुआत एक साधारण 'बकल स्वैब' (Buccal Swab) टेस्ट से होती है—एक छोटा सा कदम जो किसी की दुनिया बदल सकता है।
​हमसे जुड़ें:
नीचे दिए गए QR कोड को स्कैन करके रजिस्टर करें और हमारी इस मुहिम का हिस्सा बनें:


Finding the right stem cell match can be life-saving, yet many patients face delays because the pool of registered donors is limited. By learning how stem cell donation works, you can take a meaningful step in giving someone a second chance at life.

It starts with a simple buccal swab test, a small action that can make a life-changing difference. Register by scanning the QR code and join us in our initiative .

03/01/2026

Celebrating my 11th year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you. 🙏🤗🎉

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