22/01/2026
क्या आपको सुनने की जांच (Hearing Test) की जरूरत है?
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में हम अक्सर अपनी सेहत से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं। सुनने से जुड़ी परेशानी भी उन्हीं में से एक है। बहुत से लोग यह समझ ही नहीं पाते कि उन्हें सुनने की जांच की जरूरत है या नहीं। यदि समय रहते सुनने की जांच न कराई जाए, तो यह समस्या धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है।
सुनने की समस्या के आम संकेत
यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो यह सुनने की जांच कराने का सही समय हो सकता है:
बातचीत के दौरान बार-बार “क्या?” या “फिर से बोलिए” कहना
टीवी या मोबाइल की आवाज़ दूसरों की तुलना में ज्यादा तेज़ रखना
फोन पर बात करते समय ठीक से न सुन पाना
भीड़ या शोर वाली जगह पर बातचीत समझने में परेशानी
कान में सीटी जैसी आवाज़ (Tinnitus) आना
बच्चों का पढ़ाई में ध्यान कम लगना या बार-बार बात न समझ पाना
सुनने की जांच क्यों जरूरी है?
सुनना केवल बातचीत के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक जीवन के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। समय पर hearing test कराने से:
सुनने की समस्या की सही पहचान होती है
सही इलाज या डिजिटल हियरिंग एड का चयन आसान होता है
भविष्य में होने वाली गंभीर सुनने की हानि को रोका जा सकता है
जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) बेहतर होती है
कौन-कौन लोगों को नियमित Hearing Test करवाना चाहिए?
40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
मधुमेह (Diabetes) या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
तेज़ शोर वाले वातावरण में काम करने वाले लोग
बुजुर्ग नागरिक
बच्चे, यदि बोलने या सुनने में देरी हो
आज ही सुनने की जांच करवाएं
यदि आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को सुनने में जरा-सी भी परेशानी महसूस हो रही है, तो देर न करें। एक साधारण hearing test आपकी समस्या को समय पर समझने में मदद कर सकता है। आज उपलब्ध आधुनिक डिजिटल तकनीक के कारण सुनने की समस्या का समाधान पहले से कहीं अधिक आसान और प्रभावी हो गया है।