02/12/2025
डॉ अदिति- एक आशा एक भरोसा
आज तक सुना था कि,
डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं ।
पर स्वयं अनुभव से जान लिया कि,
वे तो ईश्वर के भेजे-“जीवन रक्षक-दूत “ होते हैं ।।
ऐसे ही फरिश्ते से,
भगवान ने मुझे मिलाया ।
जिसने मेरे बंजर जीवन को,
दो फूलों से है सजाया।।
इस ५ साल के जीवन में,
जब भी मैं हो उदास घबराती थी।
सच्ची सहेली बनकर मेरी,
समझाकर हौसला बढ़ाती थी।।
भोर हो या आधी रात हो,
आप मेरे लिए उपलब्ध हैं ।
मेरे सवालों के रिक्त स्थान में,
हमेशा ही पूरक शब्द हैं ।।
जिस गाँठ के साथ मेरा,
गर्भधारण कर पाना असंभव था।
उसका निवारण कर सकने वाला,
वो आपका परम अनुभव था ।।
मुझसे ज़्यादा मेरी चिंता करके,
मेरे रिपोर्ट्स के हल बतलाती हो।
कभी डॉक्टर,सखी,बड़ी बहन,
कभी माँ जैसी समझती हो ।।
दादी माँ कहती थी,डॉक्टर बनने के लिए,
लोहे के चने चबाने पड़ते हैं।
हमें कष्ट ना हो, इसके लिए इन्हें अपने,
कितने खुशियों के पल गवाने पड़ते हैं।।
उस दिन भी कुछ ऐसा हुआ,
जब आधी रात मुझे दर्द उठा।
नींद,चैन, आराम छोड़,
आपने अपना कर्तव्य चुना।।
देखके नन्ही जान को,
आप मुझसे ज़्यादा प्रसन्न हुईं ।
देख आपका उसके प्रति दुलार को,
OT में थी आनंद से भरी हुई।।
अच्छे डॉक्टर के साथ ही आप,
बहुत ही बढ़िया इंसान हैं ।
मानवता को दर्शाने वाली,
आप उच्च कोटि मिसाल हैं।।
ईश्वर करे आप ,
दिन दोगुनी,रात चौगुनी तरक्की करें।
ऐसा ही साथ हमारा,
ज़िंदगी भर बना रहे।।
-श्वेता