26/01/2026
जहाँ पवन बहे संकल्प लिए, जहाँ पर्वत गर्व सिखाते हैं, जहाँ ऊँचे-नीचे सभी रास्ते
बस भक्ति के सुर में गाते हैं। उस देवभूमि के ध्यान से ही मैं सदा धन्य हो जाता हूँ। है भाग्य मेरा, सौभाग्य मेरा,
मैं तुमको शीश नवाता हूँ...
77वें गणतंत्र दिवस की आप सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।