23/12/2025
अग्निहोत्र (Agnihotra) एक वैदिक अनुष्ठान है जिसका अर्थ है 'अग्नि की उपासना' या 'अग्नि में आहुति देना', जो सूर्योदय और सूर्यास्त के समय किया जाता है; यह वातावरण को शुद्ध करने, सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करने और उपचार (healing) के लिए भूरे चावल, भारतीय गाय घी और देशीगाय के गोबर के उपलों से ही पवित्र अग्नि में मंत्रों के साथ की जाने वाली एक दैनिक प्रक्रिया है, जिसके धुएँ में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं और यह आयुर्वेद और वैदिक विज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अग्निहोत्र का मतलब (Meaning of Agnihotra)
अग्नि + होत्र: 👉यह दो शब्दों से मिलकर बना है - 'अग्नि' (पवित्र अग्नि) और 'होत्र' (आहुति या उपचार)।
वैदिक यज्ञ: यह वैदिक युग से चली आ रही एक सरल दैनिक यज्ञ क्रिया है, जिसमें विशेष विधि से अग्नि जलाकर आहुति दी जाती है।
मुख्य कार्य और लाभ (Key Functions & Benefits)
वातावरण शुद्धि: 👉यह सूर्योदय और सूर्यास्त के समय वातावरण से हानिकारक कणों और बैक्टीरिया को नष्ट करता है, जिससे हवा शुद्ध होती है।
ऊर्जा और सकारात्मकता:👉 यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा को आकर्षित करता है और सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करता है।
आयुर्वेदिक महत्व: यह तनाव कम करने, ऊर्जा प्रदान करने और विभिन्न रोगों के निवारण में सहायक माना जाता है।
मंत्रों का प्रयोग:👉 इसमें वैदिक मंत्रों का जाप होता है, जो मन और वातावरण पर गहरा प्रभाव डालते हैं।
कैसे करते हैं (How it's Done)
समय: सूर्योदय और सूर्यास्त के सटीक समय पर।
सामग्री: तांबे के पिरामिड के आकार के हवन कुंड में भूरे चावल, देशी गाय का घी और गाय के गोबर के उपलों का प्रयोग किया जाता है।
विधि:👉 विशेष मंत्रों के साथ अग्नि में आहुतियाँ दी जाती हैं, और इसके धुएँ का औषधीय उपयोग भी किया जाता है।
संक्षेप में, अग्निहोत्र एक प्राचीन वैदिक विधि है जो आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों तरीकों से पर्यावरण और व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार करती है।