23/02/2022
Ayurveda (आयुर्वेद)
आयुर्वेद भारतीय उपमहाद्वीप की एक प्राचीन चिकित्सा प्रणाली है। ऐसा माना जाता है कि यह प्रणाली भारत में 5000 साल पहले उत्पन्न हुई थी। शब्द आयुर्वेद दो संस्कृत शब्दों 'आयुष' जिसका अर्थ जीवन है तथा 'वेद' जिसका अर्थ 'विज्ञान' है, से मिलकर बना है' अतः इसका शाब्दिक अर्थ है 'जीवन का विज्ञान'।
आयुर्वेद का क्या अर्थ है?
आयुर्वेद का प्रलेखन वेदों में वर्णित है। उसका विकास विभिन्न वैदिक मंत्रों से हुआ है, जिनमें संसार तथा जीवन, रोगों तथा औषधियों के मूल तत्व/दर्शन का वर्णन किया गया है।
आयुर्वेद का महत्व क्या है?
आयुर्वेद विश्व की सबसे प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है जो की अनादि एवं शाश्वत है। जो शास्त्र या विज्ञान आयु का ज्ञान कराये उसे आयुर्वेद की संज्ञा दी गयी है। ... चरक संहिता के अनुसार आयुर्वेद का प्रयोजन है स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य का संरक्षण करना एवं यदि व्यक्ति रुग्ण हो जाता है तो उसकी चिकित्सा करना।
आयुर्वेद के अनुसार स्वास्थ्य की परिभाषा क्या है?
आयुर्वेद के अनुसार स्वास्थ्य की परिभाषा
जिन कारकों के आधार पर व्यक्ति को स्वस्थ कहा जाता है, वे हैं दोषों का संतुलन (3 प्रमुख शारीरिक कारक), अग्नि (चयापचय स्वास्थ्य), धातु (ऊतक स्वास्थ्य), माला (उत्सर्जक कार्य), साथ ही साथ एक खुशहाल अवस्था जिसमे आत्मा, इंद्रिया (इंद्रिय अंग) और मानस (मन) का संतुलन हो।
आज के युग में आयुर्वेद का क्या महत्व है?
आयुर्वेद पांच हजार साल पुरानी चिकित्सा पद्धति है, जो हमारी आधुनिक जीवन शैली को सही दिशा देने और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी आदतें विकसित करने में सहायक होती है। इसमें जड़ी बूटि सहित अन्य प्राकृतिक चीजों से उत्पाद, दवा और रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाले पदार्थ तैयार किए जाते हैं।
आयुर्वेद कितने प्रकार के होते हैं?
इस पांच प्रकार की चिकित्सा, वमन, विरेचन, अनुवासन बस्ति, निरूह बस्ति तथा नस्य, को पंचकर्म कहा जाता है जो आयुर्वेद की अत्यन्त ही प्रसिद्ध तथा प्रचलित चिकित्सा है।
आयुर्वेद कितने साल पुराना है?
विभिन्न धार्मिक विद्वानों ने इसका रचना काल ५,००० से लाखों वर्ष पूर्व तक का माना है। इस संहिता में भी आयुर्वेद के अतिमहत्त्व के सिद्धान्त यत्र-तत्र विकीर्ण है। चरक, सुश्रुत, काश्यप आदि मान्य ग्रन्थकार आयुर्वेद को अथर्ववेद का उपवेद मानते हैं।