01/02/2018
जिन्जेवाईटिस मसूड़े की सूजन के लिए प्रयोग की जाने वाली मेडिकल टर्म है। Gingivitis is inflammation of the gums। यह एक पेरिओडोंटल periodontal रोग है। पेरिओडोंटल रोग में उन ऊतकों / टिशु, में सूजन और संक्रमण हो जाता है जो की दांत को सपोर्ट करते हैं। यह ऊतक पेरिओडेंटल लिगामेंट, टूथ सोकेट या गम हो सकते है। जिन्जेवाईटिस के लक्षणों में शामिल है मसूड़ों से खून आना, मसूड़ों का सूज जाना-फूल जाना, दर्द होना, मुंह में छाले हो जाना आदि।
पर्याय: Gum disease, Periodontal disease
जिंजीवाइटिस किन कारणों से हो सकता है?
जिंजीवाइटिस मसूड़ों की समस्या है और मसूड़ों में कोई भी इन्फेक्शन इसका कारण हो सकता है।
दांतों में जमने वाला प्लाक इसका मुख्य कारण है। प्लाक एक चिपचिपा सा पदार्थ है जो की दांतों में जम जाता है। यह बैक्टीरिया, म्यूकस, और खाने से बना हुआ होता है। प्लाक यदि साफ़ नहीं होता तो यह टार्टर बन जाता है और दांतों में जम जाता है। दांतों में नीचे जमा हुआ टार्टर मसूड़ों में सूजन पैदा करता है। यही मसूड़ों में होने वाली सूजन मेडिकल भाषा में जिंजीवाइटिस कहलाती है।
जिंजीवाइटिस खतरे को बढ़ाने वाली कुछ अन्य स्थितियां है:
दांतों का टेढ़ा मेढ़ा होना
दांतों में डेन्चर, ब्रेसेस लगा होना, क्राउन ठीक से लगा होना
दांतों की सफाई ठीक से न करना
शरीर में कुछ तरह के इन्फेक्शन
गर्भावस्था
अनियंत्रित डायबिटीज
कुछ दवाओं का सेवन जैसे गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन आदि।
जिंजीवाइटिस के क्या लक्षण हैं?
मसूड़ों से खून आना
मसूड़ों का रेड – परपल हो जाना
मसूड़ों को छूने पर उनमें दर्द होना
महू में छाले हो जाना
मसूड़ों का चमकना
जिंजीवाइटिस की जांच कैसे होती है?
जिंजीवाइटिस की जांच के लिए डेंटिस्ट मुंह की जांच करते हैं। देख कर और मसूड़ों के लाल-फूले-सूजन वाले होने से जिंजीवाइटिस होने की सम्भावना होती है। दांतों के नीचे प्लाक देखा जा सकता है।
डेंटल एक्स रे द्वारा दांतों में किसी भी दिक्कत न होने को कंफ़र्म करते हैं।
जिंजीवाइटिस का इलाज़
जिंजीवाइटिस में मसूड़ों की सूजन दूर करने के लिए पेस्ट का प्रयोग कर सकते हैं।
डेंटिस्ट दांतों की सफाई की भी सलाह भी देते है।
गर्म पानी में नमक घुला कर मुंह में कुछ देर रखकर फिर कुल्ला करते हैं।
जिंजीवाइटिस के लिए लाभप्रद पेस्ट/लिक्विड
GUM-TONE Charak
HIORA TOOTHPASTE Himalaya
GELORA Reckitt Benckiser
KAMILLOSAN LIQD Zydus (G Rem)
जिंजीवाइटिस को कैसे रोकें?
मुंह को अच्छे से साफ़ करें।
दिन में दो बार ब्रश करें।
फ्लोसिंग करें।
प्लाक न जमने दें।
एंटीप्लाक और एंटीटार्टर टूथपेस्ट का प्रयोग करें।
साल में दो बार डेंटिस्ट से टीथ क्लीनिंग कराएं।