Ganga Ayurvedic Chikitsalaya

Ganga Ayurvedic Chikitsalaya help people to improve lifestyle and various disease will be cured with help of AYURVEDA, PANCHAKARMA and YOGA...

फैटी लिवर से लिवर सिरोसिस तक की यात्रा कई स्टेज में होती है।लिवर जब तक गंभीर रूप से बीमार ना हो जाय तब तक कम ही लक्षण दि...
31/10/2025

फैटी लिवर से लिवर सिरोसिस तक की यात्रा कई स्टेज में होती है।
लिवर जब तक गंभीर रूप से बीमार ना हो जाय तब तक कम ही लक्षण दिखाता है।
शुरुवात में तो लक्षण दिखते ही नहीं है किसी-किसी को लक्षण दिखते हैं कि गैस बनना, अपचन, हल्का पेट दर्द लेकिन ज्यादातर लोगों को तो लक्षण तभी दिखते हैं जब लिवर की क्षति गंभीर स्थिति में पहुँच जाती है।
इससे बच्चे रहने के लिए;-
१- थोड़े से लक्षणों को भी उपेक्षित ना करें विशेषज्ञ की सलाह लें।
२- स्वस्थ जीवन शैली का पालन करें।
३- नियमित व्यायाम करें।
४- हर छ महीने पर अल्ट्रासाउंड कराते रहें।

गुड़ के गुण:-गुड़ मल भेदक(पेट साफ रखने वाला), पचने में हल्का,पित्त और वात को कम करने वाला, मधुर(मीठा), पोषण करने वाला, रक्...
03/07/2025

गुड़ के गुण:-
गुड़ मल भेदक(पेट साफ रखने वाला), पचने में हल्का,पित्त और वात को कम करने वाला, मधुर(मीठा), पोषण करने वाला, रक्त संबंधित दोष को ठीक करने वाला होता है।

पुराना गुड़- वीर्य वर्धक, अग्नि जनक (पाचन शक्ति), पुष्टिकारक, पित्त नाशक, मधुर, रक्त शोधक होता है।

नवीन (नया) गुड़-कफ, दमा रोग, खाँसी, तथा शरीर/पेट मे कीड़े उत्पन्न करने वाला तथा पाचन शक्ति को बढ़ाने वाला होता है।

●यदि गुड़ को अदरक के साथ प्रयोग किया जाए कफ को शीघ्र ही नष्ट करता है।
●यदि गुड़ को हरीतकी(हरड़) के साथ प्रयोग में लिया जाय तो पित्त दोष की समस्या को दूर करता है।
●यदि गुड़ को सोंठ के साथ प्रयोग किया जाए तो सभी वात विकार नष्ट होते हैं।
रोगानुसार गुड़ का प्रयोग-
◆दमा होने पर 3 ग्राम से 12 ग्राम की मात्रा में गुड़ और इसी के बराबर मात्रा में सरसों का तेल लेकर 21 दिनों तक रोज खाएं
◆अग्निमांद्य(अपच) में गुड़ के साथ जीरा मिलाकर प्रयोग करने से पाचन ठीक होता है।
◆ठण्डी के मौसम में सर्दी लगने से बचने के लिए काले तिल और गुड़ का लड्डू खाना चाहिए।
◆कब्ज में 5-8 ग्राम गुड़ के साथ 4-5 ग्राम हरीतकी(हरड़) का प्रयोग सुबह और रात भोजन के पहले करें।
◆पुराना सूखा गुड़ पीसकर इसमे पिसी हुई सोंठ मिलाकर सूंघने से हिचकी आना बन्द हो जाती है।
◆पुराना सूखा गुड़ पीसकर इसमे पिसी हुई सोंठ मिलाकर गोली बना लें और इसी गोली को चूसते रहें तो भी हिचकी बन्द हो जाएगी।
◆पेशाब साफ न होने पर गरम दूध में गुड़ मिलाकर पीने से पेशाब सही से होने लगती है।

गुड़ खाने के नुकसान -
●गुड़ का अधिक मात्रा में सेवन करना पित्त प्रकृति के व्यक्तियों के लिए बहुत हानिकारक होता है।
●बसंत ऋतु में गुड़ नहीं खाना चाहिए।
●पित्त प्रकृति के व्यक्तियों को नया गुड़ नहीं खाना चाहिए।

ये सभी प्रयोग अनुभव और ग्रंथों के आधार पर बताये गए हैं, इनका प्रयोग करने से पहले वैद्यकीय सलाह अवश्य लें ।
वैद्य आनन्द पाण्डेय
गंगा आयुर्वेदिक चिकित्सालय व पंचकर्म चिकित्सा केंद्र
सारनाथ, वाराणसी, 221007
संपर्क सूत्र-9415687743
dr.pandey.anand@gmail.com

10/06/2025

10/06/2025

10/06/2025

खुजली, सोरियासिस, विटिलिगो या किसी से भी बिना जाने समझे जोड़ों के दर्द की दवा लेने पर यह हाल हो सकता है।कूल्हे की हड्डी ...
10/06/2025

खुजली, सोरियासिस, विटिलिगो या किसी से भी बिना जाने समझे जोड़ों के दर्द की दवा लेने पर यह हाल हो सकता है।
कूल्हे की हड्डी के दोनों बॉल्स (फ़ीमर का हेड) घिस चुका है।
आपको जान बूझकर स्टेरॉइड्स दे दी जाती है क्योंकि आपको तुरन्त आराम चाहिए होता है और उसका दुष्परिणाम भी आप को ही भुगतना पड़ता है!





समोसा कचौड़ी खाने के शौक़ीन है तो सावधान और बाख़बर भी रहें कि यह समोसा कचौड़ी जो कि एक ही तेल को कई बार गर्म करके बनाई ज...
01/06/2025

समोसा कचौड़ी खाने के शौक़ीन है तो सावधान और बाख़बर भी रहें कि यह समोसा कचौड़ी जो कि एक ही तेल को कई बार गर्म करके बनाई जा रही हैं वो आपके लिये प्राणघातक भी हो सकते हैं!
यह आपका प्रिय खाद्य आपको मोटापा, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, कैंसर जैसे जो की जड़ है को अपनी शाखाएँ धीरे-धीरे आपके शरीर में फैला रहा है !

बार बार गर्म किए गये इस तेल में एल्डीहाइड जैसे ज़हरीले तत्व तैयार हो जाते हैं जो सीधे-सीधे कैंसर को न्योता देते हैं या शरीर में सूजन कर इम्युनिटी को भी कमजोर कर कई अन्य रोगों को पैदा करते हैं!

बार-बार गर्म किये तेल से काला धुआँ निकलता है, कोलेस्ट्रॉल के कारण सीने में दर्द या दिल की बीमारी की समस्या हो सकती है!

इस तेल से एसिडिटि जैसी समस्या हो जाती है

बार-बार गर्म किये गये तेल में एंटी ऑक्सीडेंट्स ख़त्म हो जाते हैं जिससे हमारी इम्युनिटी के लिये ये तेल घातक साबित होता है !

वैद्य आनन्द पांडेय
गंगा आयुर्वेदिक चिकित्सालय
पहड़िया, सारनाथ, वाराणसी

17/05/2025
जितना खतरनाक बड़ों के लिए “अल्कोहल/शराब” है उतना ही खतरनाक बच्चों के लिए “चीनी” है।पूरे विश्व में जितने भी फैटी लिवर के ...
06/05/2025

जितना खतरनाक बड़ों के लिए “अल्कोहल/शराब” है उतना ही खतरनाक बच्चों के लिए “चीनी” है।
पूरे विश्व में जितने भी फैटी लिवर के रोगी हैं उनमें 35% से ज़्यादा बच्चे (१४ वर्ष से कम उम्र के बच्चे) हैं।
रिसर्च तो यह भी कहती हैं कि छोटे बच्चों (दो वर्ष तक) को चीनी और नमक दोनों नहीं देना चाहिए, यदि आप ऐसा करते हैं तो उनके शारीरिक व मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

जब भी किसी को लिवर सिरोसिस होता है तो पहला सवाल यही पूछा जाता रहा है कि “शराब” पीते हो?लेकिन “चीनी” भी आपको लिवर सिरोसिस...
06/05/2025

जब भी किसी को लिवर सिरोसिस होता है तो पहला सवाल यही पूछा जाता रहा है कि “शराब” पीते हो?
लेकिन “चीनी” भी आपको लिवर सिरोसिस तक बड़े आराम से पहुँचा सकती है!

चीनी का सेवन—>फैटी लिवर—>स्कार/फाइब्रोसिस—>लिवर सिरोसिस

नोट- अगर आपको फैटी लिवर की समस्या है तो उसे अभी ठीक कीजिए इसे नज़रअंदाज़ करना भारी नुक़सान को दावत देना है।

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