Living Bliss परमानंद

Living Bliss परमानंद Bringing Bliss into your Living
- Wellbeing of Humanity.
- founder Shree Tarun Agasti

13/02/2026

राम राम

आनि सजीवन हाथ दिए तब ,लछिमन के तुम प्रान उबारो ॥
12/02/2026

आनि सजीवन हाथ दिए तब ,
लछिमन के तुम प्रान उबारो ॥

कौन सो संकट मोर गरीब को ,जो तुमसे नहिं जात है टारो I
08/02/2026

कौन सो संकट मोर गरीब को ,
जो तुमसे नहिं जात है टारो I

05/02/2026

A few voices in India may spread confusion and push people to reject our own ancient wisdom. Yet, while they mislead innocent minds, the world is embracing this knowledge for its depth, science, and universal benefit. The irony remains — others value what some try to make us forget.

05/02/2026
न पश्यति जन्मान्धः कामान्धो नैव पश्यति ।न पश्यति मदोन्मत्तो ह्यर्थी दोषान्न पश्यति ॥Physical blindness merely limits the...
01/02/2026

न पश्यति जन्मान्धः कामान्धो नैव पश्यति ।
न पश्यति मदोन्मत्तो ह्यर्थी दोषान्न पश्यति ॥

Physical blindness merely limits the eyes, but the true blindness is far more subtle and dangerous. A person overwhelmed by desire, ego, intoxication, attachment, or greed loses the ability to see reality as it is. Such inner blindness clouds judgment, hides one’s own faults, and leads to choices that quietly harm oneself and others. Examples: Ravan in Ramayan and Dhrutarashtra in Mahabharat.

ॐ नमः शिवाय

“धर्मो रक्षति रक्षितः”यह श्लोक हमें चेतावनी भी देता है।धर्म तभी रक्षा करता है, जब उसकी रक्षा सत्य और शुद्ध आचरण से की जा...
31/01/2026

“धर्मो रक्षति रक्षितः”
यह श्लोक हमें चेतावनी भी देता है।
धर्म तभी रक्षा करता है, जब उसकी रक्षा सत्य और शुद्ध आचरण से की जाए।

आज अनेक धार्मिक नेता, संस्था और कथावाचक धर्म और शास्त्रों का उपयोग अपने व्यक्तिगत और संगठनात्मक लाभ के लिए कर रहे हैं। ऐसा दुरुपयोग धर्म को अधर्म में बदल देता है।

अस्थायी लोकप्रियता मिल सकती है,
लेकिन परिणाम
अनिश्चित और दूरगामी होते हैं।

यह उन्हें समझ लेना चाहिए—
जब कठिन समय आएगा,
तब धर्म उनका साथ नहीं देगा।

ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्‍धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात्
25/01/2026

ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्‍धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात्

नमो ब्रह्मण्य देवाय गोब्राह्मण हिताय च ।जगत् हिताय कृष्णाय गोविन्दाय नमो नमः जहाँ ब्राह्मण और गौमाता का सम्मान नहीं होता...
23/01/2026

नमो ब्रह्मण्य देवाय गोब्राह्मण हिताय च ।
जगत् हिताय कृष्णाय गोविन्दाय नमो नमः

जहाँ ब्राह्मण और गौमाता का सम्मान नहीं होता, वहाँ समाज अपने ही मूल्यों से दूर होकर अंधकारमय भविष्य की ओर बढ़ता है। संस्कृति का उजाला तभी बना रहता है जब हम अपनी परंपराओं, करुणा और धर्म के आधार स्तंभों का आदर करें।

ॐ तमसो मा ज्योतिर्गमय । वसन्त पंचमीकी शुभकामनाएँ ।
23/01/2026

ॐ तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
वसन्त पंचमीकी शुभकामनाएँ ।

“धर्मो रक्षति रक्षितः”यह श्लोक हमें चेतावनी भी देता है।धर्म तभी रक्षा करता है,जब उसकी रक्षासत्य और शुद्ध आचरण से की जाए।...
21/01/2026

“धर्मो रक्षति रक्षितः”
यह श्लोक हमें चेतावनी भी देता है।
धर्म तभी रक्षा करता है,
जब उसकी रक्षा
सत्य और शुद्ध आचरण से की जाए।

आज अनेक धार्मिक नेता, संस्था और कथावाचक
धर्म और शास्त्रों का उपयोग
अपने व्यक्तिगत और संगठनात्मक लाभ के लिए कर रहे हैं।

ऐसा दुरुपयोग
धर्म को अधर्म में बदल देता है।

अस्थायी लोकप्रियता मिल सकती है,
लेकिन परिणाम
अनिश्चित और दूरगामी होते हैं।

यह उन्हें समझ लेना चाहिए—
जब कठिन समय आएगा,
तब धर्म उनका साथ नहीं देगा।

बज्र देह मन तेज अपारा ।रघुवर चरन बसत तुम्हारा ॥
20/01/2026

बज्र देह मन तेज अपारा ।
रघुवर चरन बसत तुम्हारा ॥

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