15/03/2026
अंखियां वा दिन की हैं प्यासी
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जिस दिन एम्बुलेंस आयुर्वेद की तरफ दौड़ने लगें
और
लोग वहां से रोग बुढ़ापा और मृत्यु से मुक्त होते हुए अक्षय आयु के साधक भोगी बन कर लौटें
तब समझो
कि
आयुर्वेद जिंदा है
वरना तब तक केवल ग्रांट का
गैट
ईट
और
डाइजैस्ट
का ही खेल है
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आयुर्वेद शब्द वापस करके उसका विभाग मंत्रालय और व्याप पूरा एलोपैथी की तरह करना पड़ेगा
आयुर्वेद को भारत की राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित करना पड़ेगा
सभी दवाओं का लैबोरेट्री टेस्ट और सैंपलिंग कंपल्सरी करना पड़ेगा
तभी आयुर्वेद बच पायेगा
किसी विषय पर चर्चा मेरे फोन पर सीधी बात करके की जा सकती है
मैसेज की आशा न करें
मोबाइल नंबर 63950 63320 एवं 94564 04916 वैद्य मोहन बृजेश आयुर्वेदाचार्य