08/09/2023
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Girdhar Patel
डायबिटीज के लिए व्यायाम
कई सज्जन यह शिकायत करते पाये जाते हैं कि वे लम्बे समय से डायबिटीज की दवाएँ ले रहे हैं, पूरा परहेज भी कर रहे हैं और व्यायाम भी करते हैं, परन्तु उनका डायबिटीज ठीक नहीं हो रहा है। उनकी शिकायत गलत नहीं होती, लेकिन उनके मन में कई भ्रम होते हैं, जिनको यहाँ दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
पहली बात तो यह है कि दवाओं से कभी डायबिटीज ठीक नहीं हो सकती। ये दवाएँ इस उद्देश्य से बनायी ही नहीं जातीं कि उनसे डायबिटीज ठीक हो जाये। दवाओं का उद्देश्य केवल शरीर में इंसूलिन बनाना या उसकी पूर्ति करना होता है, ताकि भोजन के साथ जो शर्करा हमारे शरीर में अनिवार्य रूप से चली जाती है, वह पच जाये। इसलिए दवाइयाँ अपना और डायबिटीज अपना काम करते रहते हैं। संसार का कोई डॉक्टर यह दावा नहीं कर सकता कि उसने दवाइयों से किसी रोगी का डायबिटीज ठीक किया है।
वास्तव में डायबिटीज का मूल कारण शरीर में इंसूलिन का न बनना नहीं, बल्कि पाचन शक्ति की खराबी है। पाचन शक्ति सुधारे बिना डायबिटीज कभी ठीक नहीं हो सकती। ऐलोपैथिक डॉक्टरों के पास ऐसी कोई दवा नहीं है जिससे पाचन क्रिया में सुधार होता हो। इसलिए दवाओं से डायबिटीज कभी ठीक नहीं होती। कुछ आयुर्वेदिक दवाएँ अवश्य पाचन शक्ति सुधार सकती हैं।
जहाँ तक परहेज का प्रश्न है, वह इसलिए कराया जाता है कि शरीर में अनावश्यक शुगर न जाये और अधिक इंसूलिन की आवश्यकता न पड़े। इसलिए परहेज करने से भी डायबिटीज ठीक नहीं होती।
अब आइए व्यायाम पर। जितने प्रकार के भी व्यायाम प्रचलित हैं, उनमें केवल टहलना एक ऐसा व्यायाम है जिसका पाचन शक्ति पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अन्य अधिकांश व्यायामों का इस पर या तो कोई प्रभाव पड़ता ही नहीं या नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए जो लोग टहलते नहीं, केवल अन्य व्यायाम करते हैं, उनकी डायबिटीज भी कभी ठीक होने में नहीं आती।
अनेक प्रकार के व्यायामों से हमारे शरीर का वजन कम हो सकता है, शरीर की शक्ति बढ़ सकती है, लेकिन पाचन शक्ति नहीं सुधर सकती। वैसे भी वजन का डायबिटीज से कोई सीधा सम्बंध नहीं होता। अत्यधिक पतले लोगों से लेकर अत्यधिक मोटे लोग भी डायबिटीज से पीड़ित पाये जाते हैं। इसलिए यदि किसी मोटे व्यक्ति को यह भ्रम है कि वजन कम होने से उसका डायबिटीज भी ठीक हो जाएगा, तो वह भ्रम उसको अपने मन से निकाल देना चाहिए।
इसलिए डायबिटीज ठीक करने के लिए टहलना ही सर्वश्रेष्ठ व्यायाम है। मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को प्रतिदिन 45 मिनट से लेकर 1 घंटे तक नियमित टहलना चाहिए। अधिक और निश्चित लाभ लेने के लिए उनको टहलने से पहले अपने पेड़ू को दो-तीन मिनट तक ठंडे पानी या बर्फ से पोंछा लगाकर ठंडा कर लेना चाहिए। इससे पाचन शक्ति में चमत्कारी सुधार होता है। मैंने इस उपाय से कई लोगों का डायबिटीज जड़ से ठीक किया है, यहाँ तक कि इंसूलिन लेने वालों को भी ठीक किया है।
टहलने के अतिरिक्त कुछ यौगिक क्रियायें भी पाचन शक्ति सुधारने में हमारी बड़ी सहायता कर सकती हैं। ये क्रियायें हैं- नौली, अग्निसार, त्रिबन्ध, कपालभाति और अनुलोग-विलोम प्राणायाम। यदि टहलने के साथ इनको भी जोड़ लिया जाए, तो बहुत शीघ्र डायबिटीज से छुटकारा मिल सकता है।
-- डॉ. विजय कुमार सिंघल