Vedic Life Yoga Center Agra

Vedic Life Yoga Center Agra Must give service opportunity once.

14/01/2026

यज्ञ ( हवन ) करने की सटीक और सही विधि :-

हमारे बहुत से आर्य समाज के मित्र या अन्य सनातनी भी बहुत सा यज्ञ करते और करवाते हैं परन्तु यज्ञ का पूरा लाभ जैसा कि शास्त्रों में वर्णित है वैसा लाभ नहीं उठा पाते हैं । इसका कारण है कि बहुत से प्रकार की भिन्न भिन्न यज्ञ पद्धतियों का प्रचलित होना । प्रत्येक आर्य समाज में या गायत्री संस्थानों में या अन्य सनातनी मंदिरों, मठों में यज्ञ करने की प्रक्रिया अलग अलग है । अधिकतर तो आर्य समाज के विद्वानों से यज्ञ की महिमा सुनकर अनेकों परिवार चाव में आकर अपने घरों में यज्ञ तो शुरु कर देते हैं परन्तु फिर कहते हैं "हमने तो पूरा एक वर्ष यज्ञ किया परन्तु हमें तो कोई लाभ नहीं हुआ" इसका कारण गलत प्रकार से यज्ञ करना है । ठीक विधि से यज्ञ न करने से लाभ के बजाए हानी होने की संभावना भी है । तो सही और गलत विधि क्या है इसपर नीचे के बिन्दुओ में विस्तार से लिखा जाता है :-

(१) सबसे पहले तो यज्ञ कुंड उसी आकार और परिमाण का होना चाहिए जैसी की शास्त्रों में बताया गया है । यानी कि ऊपर का चौकोर ( Square ) नीचे के चौकोर से चार गुना चौड़ा होना चाहिए । उदाहरण :- जैसे कि ऊपर का चौकोर यदि 16" x 16" है तो नीचे का 4" x 4" होना चाहिए और ये यज्ञ कुंड उतना ही गहरा यानी कि 16" होना चाहिए । यज्ञकुंड के इस आकार को गणित में Frustrum Square Pyramid भी कहा जाता है । इससे अलग परिमाण में बना हुआ यज्ञकुंड सही नहीं माना जाता ।

(२) यज्ञकुंड सबसे सर्वोत्तम तो मिट्टी का ही माना गया है जिसकी लिपाई देसी गाँय के गोबर से होती रहे । क्योंकि इस यज्ञकुंड में किए गए यज्ञ से चारों ओर सुगँध का प्रभाव अति तीव्र होचा है जो कि अन्य धातु निर्मित यज्ञकुंड से नहीं होता । यद्यपि धातु के यज्ञकुंड का निर्माण भी किया जा सकता है जो कि बाजार में मिलते हैं । धातु के यज्ञकुंड में चीकनी मिट्टी पोत लेनी चाहिए जिससे कि उससे वही सारे लाभ मिलें जो कि मिट्टी के यज्ञकुंड से मिलते हैं ।

(३) यज्ञकुंड का निर्माण भी यज्ञ के प्रकारों के अनुसार ही करना चाहिए । जैसे अकेले दैनिक यज्ञ करने के लिये छोटा यज्ञकुंड, घर के सदस्यों के साथ करने के लिये थोड़ा बड़े आकार का और बहुत बड़े यज्ञ जैसे कि चतुर्वेद परायण यज्ञ आदि के करने के लिये बड़े यज्ञकुंडों का निर्माण आवश्यक्ता के अनुसार करवा लेना चाहिए । यज्ञकुंड के आकार के अनुसार ही उसमें ईंधन का व्यय होता है ।

(४) यज्ञकुंड के आकार के अनुसार ही समिधाओं ( हवन की लकड़ियों ) का चयन करना चाहिए । यदि छोटा यज्ञ करना हो तो छोटी समिधाएँ पर्याप्त हैं । अधिक मात्रा में ली गईं या बड़ी समिधाओं से घृत का व्यय अधिक होता है । और समिधाएँ भी ऋतु अनुकूल ही लेनी चाहिएँ । जैसे कि यज्ञ करने के लिये आम, ढाक, पीपल, बड़, चन्दन, बेरी, नीम आदि की समिधाएँ सबसे उत्तम मानी गई हैं । यदी समिधाएँ बहुत मोटी या बड़ी हैं तो उनको आरी से काटकर पतला या छोटा कर लेना चाहिए जिससे की घृत का अधिक व्यय न हो । और देखना चाहिए कि समिधाओं में किसी प्रकार की दीमक न हो या कोई गंदगी न लगी हो यज्ञ करने से पहले प्रयोग होने वाली इन समिधाओं को शुद्ध और साफ कर लेना चाहिए ।

(५) ये देखा गया है बहुत से लोग बाजार में मिलने वाले मिलावटी घी, भैंस के घी या डालडा आदि घृत से यज्ञ करते और करवाते हैं जो कि पूर्ण रूप से गलत है इससे तो प्रदूषण दूर होने के बजाए और बढ़ता है । भैंस के घृत से तो आलस्य ता संचार होता है । यज्ञ करने के लिये तो सर्वोत्तम मिलावट रहित गाँय का शुद्ध देसी घृत ही है । यदि आप मात्र 6 ग्राम ऐसा शुद्ध देसी घी अग्नि में डालेंगे तो इस एक चम्मच से लगभग 1000 किलो वायु शुद्ध होती है ऐसा यज्ञ पर शोध करने वालों ने पता लगाया है ।

(६) जो हवन सामग्री है वह ऋतु के अनुकूल ही होनी चाहिए क्योंकि प्रत्येक ऋतु में यदि एक ही प्रकार की फल सब्जियाँ सदा लाभ नहीं करतीं तो ठीक वैसे ही सर्वदा एक ही प्रकार की आयुर्वैदिक औषधियाँ सदा लाभ नहीं कर सकतीं । बहुत से आर्य समाजों में वही पैकेट में पड़ी पुरानी सामग्री से ही लोग हवन करते रहते हैं जिससे किसी प्रकार का लाभ नहीं होता बल्कि हानी ही होती है । तभी हमें प्रत्येक ऋतु के अनुकूल लाभ और हानी विचारकर ही हवन सामग्री का निर्माण स्वयं करना चाहिए जिसके लिये आप पंसारी की दुकान से सभी औषधियाँ जड़ी बूटियाँ मात्रा के अनुसार ओखली में कूटकर स्वयं तैय्यार कर सकते हैं जिसका कि आपको विशेष लाभ होगा । जैसे कि मान लें शरद ऋतु में लगभग 25 ऐसी औषधियाँ ( जटामासी, चिरायता आदि ) हैं तो प्रत्येक को लगभग २० ग्राम लें और पाऊडर करके आपके पास 250 ग्राम की सामग्री तैयार हो गई । जो कि समाप्त होने पर फिर से बनाई जा सकती है । ये ध्यान रखें कि सामग्री में चारों प्रकार के पदार्थों की मात्रा प्रचुर होनी चाहिए (क) मीठे पदार्थ ( मेवा, खाण्ड आदि ) (ख) रोगनाशक ( नीम आदि ) (ग) पुष्टिकारक (अखरोट, मखाने आदि ) (घ) बलवर्धक, बुद्धिवर्धक ( शंखपुष्पि, ब्राह्मी, गौघृत आदि )

(७) यज्ञ के जितने मंत्र हैं वे सब कंठस्थ होने चाहिएँ जिससे कि यज्ञ करने में आपका समय अधिक न लगे । इसके इलावा यज्ञ के मंत्रों के अर्थ भी आपको पता होने चाहिएँ । जैसे कि ईश्वरस्तुतिप्रार्थनोपासना, प्रातः साँयकालीन, स्वस्तिवाचनम्, शान्तिकरणम् , जन्मदिवस आदि के मंत्रों के स्पष्ट अर्थ आपको पता होने चाहिएँ । ऐसा होने से आपको यज्ञ करने में हृदय से विशेष प्रकार का रस आयेगा । और मंत्रों का उच्चारण आपका शुद्ध और सप्षट होना चाहिए तांकि सुनने वाले यजमानों को और दूर से सुनने वालों को भी विशेष आनंद आए और ये यज्ञ के प्रति आकर्षित हो पाएँ । वेद मंत्रों में वैसे ही आकर्षण और सौन्दर्य है जिससे कि सामने वाला सुनकर खिंचा चला आता है ।

(८) यज्ञ करते समय ये ध्यान रखें कि पर्याप्त समिधाएँ और पर्याप्त घृत अग्नि को अर्पण करते रहें तांकि अग्नि की लप्टें ऊपर ऊपर तक जाएँ क्योंकि ऊँची लप्टों वाला यज्ञ सर्वोत्तम माना जाता है ।

(९) यज्ञ की अग्नि में कोई उच्छिष्ट ( जूठा ) पदार्थ , नमकीन, कृमीयुक्त ( कीड़ों वाला ) पदार्थ कभी न डालें ।

(१०) यज्ञ करने से पूर्व यज्ञ के स्थान को स्वच्छ कर लें ।

(११) यज्ञ करने के स्थान पर शोर शराबा न हो । प्रयास करें कि शांतमय वातावरण में यज्ञ हो और आपका ध्यान न भटके ।

(१२) यज्ञ करते समय गले में गायत्री मंत्र या ओ३म् के पट्टे डालें तांकि जिससे स्वयं की और सामने देखने वालों में भी यज्ञ के प्रती श्रद्धा उत्पन्न हो ।

(१३) यदि संभव हो तो प्रतीदिन दो समय दैनिक यज्ञ घर में किया करें, यदि नहीं तो एक बार किया करें यदि इससे भी नहीं तो सप्ताह मे एक बार यदि इतना भी नहीं तो पूर्णमासी और अमावस्या को ही यज्ञ घर में किया करें ।

(१४) जिस स्थान पर यज्ञ किया हो उस स्थान पर वायु अत्यन्त शुद्ध होती है वहाँ पर किये गए प्राणायाम और ध्यान आदि का विशेष लाभ होता है ।

(१५) यज्ञ समाप्त होने पर यजमानों के साथ वैदिक धर्म के सिद्धान्तों पर भी थोड़ी सी चर्चा किया करें , या फिर रामायण, महाभारत या मनुस्मृति की शिक्षाप्रद बातों पर चर्चा किया करें जिससे कि अच्छे संस्कारो का संचार प्रत्येक यजमान के मन में होता रहे ।

(१६) यज्ञ की अग्नि में थोड़े से सूखे नीम के पत्ते या निमोलियाँ डालने से मच्छर मर जाते हैं ।

(१७) जन्मदिवस, वैवाहिक वर्षगांठ आदि पर पार्टीयाँ करके धन को व्यर्थ बहाने के बजाए कम खर्च में ही घर में बड़ा यज्ञ करवाया करें । जिससे कि सभी सगे सम्बन्धियों में अपनी प्रतिष्ठा भी बढ़े और पवित्रता का संचार घर मे हो ।

(१८) प्रयास करना चाहिए कि यज्ञ धूएँ रहित हो या कम से कम धूआँ उत्पन्न हो ।

(१९) यज्ञ करने का सही समय सूर्योदय से लेकर आगे ४५ मिनट तक का और सांयकाल में सूर्यास्त से पूर्व ३० मिनट का होता है अर्थात् सूर्य के प्रकाश में ही यज्ञ करने का विधान है ।

तो ऐसे ही अनेकों सुधार यज्ञ पद्धति में करने से ही यज्ञ का विशेष लाभ मिलेगा । गलत विधि से यज्ञ करके यज्ञ की निन्दा करने वाले महामूर्ख होते हैं ।

-- कुमार आर्य्य

 #अतिबला🌿🌿 (Abutilon indicum) को आयुर्वेद में उसके शक्तिशाली गुणों के कारण "अति बल" (अत्यधिक शक्ति) देने वाली माना गया ह...
14/01/2026

#अतिबला🌿🌿 (Abutilon indicum) को आयुर्वेद में उसके शक्तिशाली गुणों के कारण "अति बल" (अत्यधिक शक्ति) देने वाली माना गया है। यह वात और पित्त दोष को संतुलित करने में मदद करती है और इसकी तासीर ठंडी होती है।👇 Ankit Katariya
🌿 अतिबला (Abutilon indicum) 🌿
आयुर्वेद की “अति-बल” प्रदान करने वाली दिव्य औषधि
अतिबला को आयुर्वेद में उसके शक्तिशाली गुणों के कारण “अति बल” (अत्यधिक शक्ति देने वाली) औषधि माना गया है।
इसकी तासीर ठंडी होती है और यह वात व पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक है।
🌟 अतिबला के प्रमुख आयुर्वेदिक लाभ
💪 शक्ति व ओज वर्धक
• शरीर की ताकत, सहनशक्ति और ओज को बढ़ाती है
• शारीरिक कमजोरी और थकान में लाभकारी
🔥 यौन स्वास्थ्य (वाजीकरण)
• पुरुषों में शुक्रधातु (वीर्य) की मात्रा और गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक
• यौन शक्ति व कामेच्छा को बढ़ाती है
🧠 मानसिक एवं तंत्रिका स्वास्थ्य
• उत्तम नर्व टॉनिक
• तनाव, अनिद्रा, वातजन्य तंत्रिका रोग एवं पक्षाघात में उपयोगी
🌿 दर्द और सूजन में लाभ
• शक्तिशाली सूजनरोधी (Anti-inflammatory)
• जोड़ दर्द, गठिया व मांसपेशियों की ऐंठन में राहत
• प्राकृतिक दर्द निवारक
🍃 मूत्र व किडनी संबंधी लाभ

🧘‍♀️✨ HEALTHY MOVES YOGA – BALANCE YOUR BODY & MIND ✨🧘‍♂️At Vede Life Yoga, we believe true wellness is where strength m...
05/01/2026

🧘‍♀️✨ HEALTHY MOVES YOGA – BALANCE YOUR BODY & MIND ✨🧘‍♂️

At Vede Life Yoga, we believe true wellness is where strength meets flexibility and inner peace flows naturally. Our thoughtfully designed yoga sessions help you improve posture, reduce stress, boost energy, and create harmony between body and mind—whether you are a beginner or advancing your practice.

Step into a healthier lifestyle with guided yoga classes, therapeutic sessions, calming meditation, and the convenience of online learning—crafted to support your daily wellness journey.

Join us and begin your transformation today 📞 8923765866


🧘‍♀️✨ STAY YOUNG, STRONG & HEALTHY WITH YOGA ✨🧘‍♂️Discover the power of a balanced life through yoga and meditation. At ...
01/01/2026

🧘‍♀️✨ STAY YOUNG, STRONG & HEALTHY WITH YOGA ✨🧘‍♂️

Discover the power of a balanced life through yoga and meditation. At Vedic Life Yoga, every practice is designed to strengthen your body, calm your mind, and help you live healthier every day.

🌿 From yoga classes and yoga therapy to guided meditation and online sessions, experience holistic wellness that fits your lifestyle.
🔥 Accept the challenge for a stronger body and a more peaceful mind—start your journey toward lifelong well-being today.

🧘‍♂️✨ Begin Your Yoga Journey with Vedic Life Yoga ✨🧘‍♂️Experience the power of disciplined practice and mindful living ...
27/12/2025

🧘‍♂️✨ Begin Your Yoga Journey with Vedic Life Yoga ✨🧘‍♂️

Experience the power of disciplined practice and mindful living through structured yoga sessions designed to strengthen your body and calm your mind.

Train under the guidance of Yoga Acharya Pawan Arya and embrace a balanced lifestyle with daily morning and evening classes. 🌿🕉️

Join today, scan the QR to connect, and take the first step toward better health, focus, and inner harmony. 📲💫


26/12/2025

#उतिष्ठपश्चिमोत्तानासन

🧘‍♀️✨ Transform Your Mind & Body with Vedic Life Yoga 🌿 ✨🧘‍♂️Join Vedic Life Yoga’s online yoga classes and begin your j...
26/12/2025

🧘‍♀️✨ Transform Your Mind & Body with Vedic Life Yoga 🌿 ✨🧘‍♂️

Join Vedic Life Yoga’s online yoga classes and begin your journey toward a healthier, calmer, and more balanced life. 🌸💆‍♂️ From guided online sessions to personalized yoga therapy and effective weight management practices, every class is designed to nurture both mind and body. 🌱🔥

Connect today, scan the QR code, and take the first step toward holistic wellness from the comfort of your home. 📲🌟
Contact: 8923765866


25/12/2025

The Power of Inner Inquiry 🧘‍♀️

In this second part, Yoga Acharya Pawan Arya shares a simple truth—as our curiosity deepens, answers begin to arise from within. Problems may seem external, but their solutions live inside us.

Yoga invites us to restart our inner journey and rediscover clarity through self-awareness and reflection.

✨ Pause. Turn inward. Begin your yogic journey today.

25/12/2025

Yoga for beginner level

Address

E-311, Tanki Road, Near Jain Mandir, Kamla Nagar
Agra

Opening Hours

Monday 5am - 8pm
Tuesday 5am - 8pm
Wednesday 5am - 8pm
Thursday 5am - 8pm
Friday 5am - 8pm
Saturday 5am - 8pm

Telephone

+918923765866

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Vedic Life Yoga Center Agra posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Vedic Life Yoga Center Agra:

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram

Category