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All Ayurvedic A Natural Way to Healthy Life हज़ारो वर्षो से चली आ रही भारतीय परम्परा से जुड़े, आइये आयुर्वेद को जाने और निरोग रहे।
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फैटी लिवर से परेशान?आयुर्वेद से पाएं स्थायी समाधानफैटी लिवर आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है। आयुर्वेद के अनुसार यह मुख्...
13/04/2026

फैटी लिवर से परेशान?
आयुर्वेद से पाएं स्थायी समाधान
फैटी लिवर आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है। आयुर्वेद के अनुसार यह मुख्य रूप से अग्नि (पाचन शक्ति) की कमजोरी और कफ दोष के बढ़ने के कारण होता है। सही आहार और जीवनशैली से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
🔍 लक्षण (Ayurveda Perspective)
फैटी लिवर में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
😴 लगातार थकान महसूस होना
🤕 पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द
🍽️ भूख कम लगना
🥴 पाचन क्रिया कमजोर होना (अपच, गैस)
⚖️ वजन बढ़ना
🤢 जी मिचलाना और उल्टी जैसा महसूस होना
👉 आयुर्वेद के अनुसार ये संकेत हैं कि आपका लिवर और पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा।
🥗 उपयोगी आहार / खाद्य पदार्थ
फैटी लिवर को ठीक करने के लिए ये चीजें बहुत फायदेमंद मानी जाती हैं:
🥛 हल्दी वाला दूध (Haldi Doodh)
👉 लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है
🍏 आंवला और एलोवेरा जूस
👉 लिवर की सूजन कम करता है और पाचन सुधारता है
🥬 हरी पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक)
👉 शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद
🍎 फाइबर युक्त फल (सेब, पपीता)
👉 पाचन मजबूत और फैट कम करने में सहायक
🌾 साबुत अनाज (जौ, ओट्स)
👉 वजन कंट्रोल और लिवर हेल्थ के लिए अच्छा
🍋 अदरक और नींबू पानी
👉 मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और फैट जमा होने से रोकता है
⚠️ जरूरी आयुर्वेदिक टिप्स
❌ ज्यादा तला-भुना और जंक फूड अवॉइड करें
🚶‍♀️ रोज़ाना हल्का व्यायाम या योग करें
💧 दिनभर गुनगुना पानी पिएं
🕒 समय पर भोजन करें (लेट न करें)
📚 संदर्भ:
चरक संहिता
सुश्रुत संहिता
Note: This post includes AI‑generated images/videos for illustration




क्या आपको भी है आयरन (Iron) की कमी?👉 ये आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं!⚠️ आयरन की कमी के संकेत (Symptoms):अगर आपके शरीर में आयरन...
13/04/2026

क्या आपको भी है आयरन (Iron) की कमी?
👉 ये आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं!
⚠️ आयरन की कमी के संकेत (Symptoms):
अगर आपके शरीर में आयरन की कमी है तो ये लक्षण दिख सकते हैं:
😴 बार-बार थकान होना – थोड़ा काम करते ही थक जाना
💪 कमजोरी महसूस होना – शरीर में ऊर्जा की कमी
😮‍💨 सांस फूलना – सीढ़ी चढ़ने या चलने पर जल्दी सांस चढ़ना
🟡 चेहरे पर पीलापन – त्वचा का रंग फीका पड़ना
👁️ आंखों के नीचे काले घेरे – डार्क सर्कल्स बढ़ना
🥗 आयरन की कमी दूर करने वाले आयुर्वेदिक आहार:
🍯 1. ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे):
खजूर – खून बढ़ाने में मदद करता है
अंजीर – आयरन और फाइबर से भरपूर
किशमिश – रक्त की कमी दूर करने में सहायक
🥬 2. हरी पत्तेदार सब्जियां:
पालक, मेथी, धनिया, आंवला
👉 ये सभी आयरन के अच्छे स्रोत हैं और खून बढ़ाने में मदद करते हैं।
🍊 3. विटामिन C का सेवन:
👉 आंवला और साइट्रस फल (जैसे संतरा, नींबू)
आयरन के अवशोषण (Absorption) को बढ़ाते हैं
शरीर में आयरन जल्दी और बेहतर तरीके से लगता है
🥕 4. अन्य लाभकारी फल-सब्जियां:
चुकंदर – खून बढ़ाने के लिए बेहद फायदेमंद
गाजर – शरीर को पोषण और ताकत देता है
अनार – हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है
🌿 आयुर्वेदिक टिप:
👉 आयरन बढ़ाने के लिए इन चीजों को नियमित आहार में शामिल करें
👉 साथ में गर्म पानी, हल्का व्यायाम और सही दिनचर्या (Dinacharya) अपनाएं
📚 संदर्भ (Reference):
चरक संहिता (Charak Samhita)
सुश्रुत संहिता (Sushrut Samhita)
भावप्रकाश निघंटु (Bhavaprakash Nighantu)
आधुनिक रिसर्च आधारित स्वास्थ्य सिद्धांत
Note: This post includes AI‑generated images/videos for illustration


🌿 जायफल के फायदे और इस्तेमाल (आयुर्वेद अनुसार)🔸 1. पाचन में सुधारजायफल में पाचन शक्ति बढ़ाने वाले गुण होते हैं।गैस, अपच ...
12/04/2026

🌿 जायफल के फायदे और इस्तेमाल (आयुर्वेद अनुसार)
🔸 1. पाचन में सुधार
जायफल में पाचन शक्ति बढ़ाने वाले गुण होते हैं।
गैस, अपच और पेट दर्द में राहत देता है
आंतों को मजबूत बनाता है
भूख बढ़ाने में भी मदद करता है
🔸 2. अच्छी नींद के लिए
अगर नींद नहीं आती या बार-बार टूटती है तो जायफल फायदेमंद है।
दिमाग को शांत करता है
तनाव (Stress) और Anxiety कम करता है
गहरी और सुकून भरी नींद लाने में मदद करता है
🔸 3. त्वचा के लिए लाभकारी
जायफल स्किन के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है।
रंग साफ करने में मदद
मुहांसे (Acne) कम करता है
स्किन को नैचुरल ग्लो देता है
🔸 4. सर्दी-खांसी में राहत
जायफल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
सर्दी-खांसी में आराम देता है
गले की खराश कम करता है
इम्युनिटी मजबूत करता है
🥄 कैसे लें जायफल?
🔹 चूर्ण के रूप में
जायफल का पाउडर बनाकर
1 चुटकी शहद के साथ मिलाकर लें
🔹 दूध के साथ
रात को सोने से पहले
गर्म दूध में 1 चुटकी जायफल मिलाकर पीएं
⏰ कब लेना चाहिए?
🌙 रात को
सोने से पहले दूध के साथ लेने से नींद अच्छी आती है
* खाने के बाद
पाचन सुधारने के लिए खाने के बाद ले सकते हैं
* जायफल ज्यादा मात्रा में नहीं लेना चाहिए
* रोजाना सिर्फ 1 चुटकी ही पर्याप्त है
अधिक सेवन से उल्टा असर हो सकता है
📚 Reference
भावा प्रकाश निघंटु (Bhavaprakasha Nighantu)
Note: This post includes AI‑generated images/videos for illustration


🌿 फाइबर खाने के क्या फायदे हैं?आयुर्वेद के अनुसार (According to Ayurveda)1️⃣ पाचन में सुधारफाइबर युक्त आहार आंतों की गति...
12/04/2026

🌿 फाइबर खाने के क्या फायदे हैं?
आयुर्वेद के अनुसार (According to Ayurveda)
1️⃣ पाचन में सुधार
फाइबर युक्त आहार आंतों की गति (Bowel Movement) को बेहतर बनाता है।
यह मल त्याग को नियमित करता है और कब्ज, गैस व अपच जैसी समस्याओं को कम करता है।
आयुर्वेद के अनुसार यह “अग्नि” (Digestive Fire) को संतुलित रखता है।
2️⃣ वजन नियंत्रण में सहायक
फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती।
इससे ओवरईटिंग कम होती है और वजन कंट्रोल में रहता है।
3️⃣ रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है
फाइबर ग्लूकोज के अवशोषण (Absorption) को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती।
यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
4️⃣ हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा
* फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है।
* इससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है और दिल स्वस्थ रहता है।
5️⃣ शरीर को डिटॉक्स करता है
फाइबर शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने में मदद करता है।
यह आंतों की सफाई कर शरीर को अंदर से शुद्ध करता है।
🌿 आयुर्वेदिक दृष्टि से फाइबर के स्रोत
* साबुत अनाज (जौ, गेहूं)
* दालें और बीन्स
* हरी सब्जियां (पालक, गाजर)
* फल (सेब, पपीता)
* बीज (अलसी, चिया)
📚 संदर्भ (Reference):
चरक संहिता (Charaka Samhita) सूत्रस्थान 27
सुश्रुत संहिता (Sushruta Samhita) सूत्रस्थान 46
Note: This post includes AI‑generated images/videos for illustration

🟢 फैटी लिवर के लिए आयुर्वेदिक पेययह आयुर्वेदिक पेय लिवर को स्वस्थ रखने, शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) निकालने और फैट क...
12/04/2026

🟢 फैटी लिवर के लिए आयुर्वेदिक पेय
यह आयुर्वेदिक पेय लिवर को स्वस्थ रखने, शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) निकालने और फैट कम करने में मदद करता है।
🧪 आवश्यक सामग्री (घटक)
आंवला स्वरस
गिलोय स्वरस
हल्दी पाउडर
अदरक
त्रिफला चूर्ण
एलोवेरा
पानी
🥤 बनाने की विधि
एक गिलास पानी लें
उसमें 1-1 चम्मच आंवला और गिलोय स्वरस मिलाएं
चुटकी भर हल्दी पाउडर डालें
थोड़ा कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाएं
1/2 चम्मच त्रिफला चूर्ण डालें
1-2 चम्मच एलोवेरा जूस मिलाएं
सभी को अच्छी तरह मिक्स करके सुबह खाली पेट सेवन करें
💚 फायदे
लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है
फैटी लिवर की समस्या को कम करने में सहायक
शरीर में जमा अतिरिक्त फैट घटाने में मदद
सूजन (इंफ्लेमेशन) कम करता है
पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है
इम्यूनिटी बढ़ाता है
⚠️ ध्यान रखने योग्य बातें
गर्भवती महिलाएं या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग डॉक्टर की सलाह लेकर ही सेवन करें
अधिक मात्रा में सेवन न करें
नियमित और संतुलित आहार के साथ ही इसका अच्छा असर दिखता है
📚 आयुर्वेद अनुसार
आयुर्वेद शास्त्र के अनुसार, ये सभी जड़ी-बूटियां (आंवला, गिलोय, त्रिफला आदि) लिवर को स्वस्थ रखने और दोष संतुलन (विशेषकर पित्त व कफ) में मदद करती हैं।
संदर्भ: भावप्रकाश निघंटु
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🌿 दालचीनी की चाय पीने के जबरदस्त फायदे!Songara All Ayurvedic🫖 दालचीनी की चाय बनाने की विधि:सबसे पहले 1 कप पानी को उबाल ल...
12/04/2026

🌿 दालचीनी की चाय पीने के जबरदस्त फायदे!
Songara All Ayurvedic
🫖 दालचीनी की चाय बनाने की विधि:
सबसे पहले 1 कप पानी को उबाल लें
उसमें 1–2 टुकड़े दालचीनी डालें
इसे 5–7 मिनट तक अच्छे से पकाएं
छानकर इसमें शहद या नींबू (वैकल्पिक) मिलाएं
✅ दालचीनी की चाय के फायदे:
🔸 वजन घटाने में मदद करे
दालचीनी मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे फैट बर्न होने में सहायता मिलती है।
🔸 प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाए
इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
🔸 शुगर कंट्रोल में फायदेमंद
दालचीनी ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में सहायक मानी जाती है।
🔸 सर्दी-जुकाम में आराम दिलाए
इसकी गर्म तासीर गले की खराश और सर्दी में राहत देती है।
⏰ कब पिएं?
🌞 सुबह खाली पेट
🌙 रात को सोने से पहले
📚 Reference (According to Ayurveda):
चरक संहिता
सुश्रुत संहिता
भावप्रकाश निघंटु
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🌿 पेट की गैस और अपच का आयुर्वेदिक समाधान🔸 गैस बनने के मुख्य कारण (Ayurveda के अनुसार)पेट में गैस बनना आजकल बहुत common p...
11/04/2026

🌿 पेट की गैस और अपच का आयुर्वेदिक समाधान
🔸 गैस बनने के मुख्य कारण (Ayurveda के अनुसार)
पेट में गैस बनना आजकल बहुत common problem है, और आयुर्वेद के अनुसार इसके पीछे ये कारण होते हैं:
अनियमित भोजन (Irregular eating habits)
समय पर खाना न खाना, बार-बार कुछ भी खाते रहना पाचन को कमजोर करता है।
गैस बनाने वाले भोजन का अधिक सेवन
जैसे – ज्यादा तला-भुना, राजमा, छोले, फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक्स आदि।
तनाव और अधूरी नींद
Stress और कम नींद से Agni (पाचन अग्नि) कमजोर हो जाती है।
वात और पित्त दोष का असंतुलन
खासकर वात दोष बढ़ने से गैस, पेट फूलना और डकार जैसी समस्याएं होती हैं।
🌿 गैस से राहत के लिए आयुर्वेदिक उपाय
🔹 सरल और प्रभावी घरेलू नुस्खे
हींग और अजवायन का काढ़ा।
1 चुटकी हींग + ½ चम्मच अजवायन
गुनगुने पानी में उबालकर पिएं।
👉 गैस तुरंत कम करने में मदद करता है।
जीरा + धनिया + सौंफ का चूर्ण।
भोजन के बाद 1 चम्मच लें।
👉 पाचन सुधारता है और गैस बनने से रोकता है।
पुदीने की चाय या अदरक का रस।
👉 ये digestive enzymes को activate करता है।
भोजन धीरे-धीरे और अच्छे से चबाकर खाएं।
👉 जल्दी-जल्दी खाने से गैस ज्यादा बनती है
* अतिरिक्त आयुर्वेदिक टिप्स
✔️ भोजन के बाद 10 मिनट वज्रासन करें
✔️ रात का खाना हल्का और जल्दी करें
✔️ ज्यादा ठंडा और बासी खाना avoid करें
✔️ रोज थोड़ा walk जरूर करें
📚 संदर्भ (Reference)
भवप्रकाश निघंटु (Bhavaprakash Nighantu)
चरक संहिता (Charaka Samhita)
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भगवान धन्वन्तरि सबका कल्याण करें 🙏🙏
11/04/2026

भगवान धन्वन्तरि सबका कल्याण करें 🙏🙏

चुकंदर का जूस पीने के फायदे (आयुर्वेद के अनुसार)1. खून बढ़ाने में सहायक ।चुकंदर में आयरन, फोलेट और मिनरल्स भरपूर होते है...
10/04/2026

चुकंदर का जूस पीने के फायदे (आयुर्वेद के अनुसार)
1. खून बढ़ाने में सहायक ।
चुकंदर में आयरन, फोलेट और मिनरल्स भरपूर होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करते हैं। यह खासकर एनीमिया (खून की कमी) वाले लोगों के लिए फायदेमंद है।
2. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है ।
चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट्स होते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करते हैं और ब्लड फ्लो बेहतर बनाते हैं, जिससे हाई BP कंट्रोल में रहता है।
3. शरीर का डिटॉक्स करता है ।
यह लीवर को साफ करने में मदद करता है और शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) बाहर निकालता है। आयुर्वेद में इसे शरीर शुद्धि के लिए उपयोगी माना गया है।
4. पाचन शक्ति बढ़ाता है ।
चुकंदर अग्नि (digestive fire) को मजबूत करता है और कब्ज, गैस जैसी समस्याओं में राहत देता है।
5. त्वचा को बनाता है ग्लोइंग
रक्त शुद्ध होने से स्किन साफ और चमकदार बनती है। पिंपल्स और डलनेस में भी फायदा मिलता है।
🥤 चुकंदर का जूस कैसे बनाएं
* 1–2 ताजे चुकंदर लें, उन्हें अच्छी तरह धोकर छील लें।
* छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
* इन टुकड़ों को ब्लेंडर में डालें और थोड़ा पानी मिलाकर पीस लें।
* अब इसे छान लें (अगर स्मूद जूस चाहिए)।
* स्वाद के लिए इसमें नींबू का रस और थोड़ा सेंधा नमक मिला सकते हैं।
* सुबह खाली पेट या दिन में कभी भी ताजा जूस पिएं।
* ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पेट में गर्मी या ढीलापन हो सकता है।
* किडनी स्टोन वाले लोग डॉक्टर की सलाह से लें।
📚 आयुर्वेदिक संदर्भ
चरक संहिता
भावप्रकाश निघंटु
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🌿 गिलोय: प्रकृति का अमृत संजीवनी🔥 कमज़ोरी, बुखार और इम्युनिटी डाउन? गिलोय है नैचुरल सुपरहीरो!🟢 गिलोय क्या है?गिलोय (Tino...
10/04/2026

🌿 गिलोय: प्रकृति का अमृत संजीवनी
🔥 कमज़ोरी, बुखार और इम्युनिटी डाउन? गिलोय है नैचुरल सुपरहीरो!
🟢 गिलोय क्या है?
गिलोय (Tinospora cordifolia) एक आयुर्वेदिक औषधीय बेल है, जिसे “अमृता” कहा जाता है। इसका अर्थ है :- जीवन देने वाली औषधि।
यह शरीर के तीनों दोष (वात, पित्त, कफ) को संतुलित करने में मदद करती है और शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है।
🥄 गिलोय का सही उपयोग कैसे करें?
✔️ गिलोय की ताज़ी डंडी का रस पी सकते हैं
✔️ गिलोय पाउडर या कैप्सूल के रूप में सेवन कर सकते हैं
👉 सेवन विधि (रोग अनुसार):
🔸 काढ़ा:
2–3 इंच गिलोय की डंडी लेकर सुबह खाली पेट उबालकर पिएं
🔸 जूस:
आधा कप ताज़ा गिलोय जूस दिन में 1–2 बार लें
✨ गिलोय के चमत्कारी फायदे (Benefits)
✔️ 🛡️ इम्युनिटी बढ़ाता है – शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति देता है
✔️ बुखार में फायदेमंद – डेंगू, वायरल, सामान्य बुखार में उपयोगी
✔️ खून साफ करता है – त्वचा और शरीर को अंदर से शुद्ध करता है
✔️ डिटॉक्स करता है – शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालता है
✔️ जोड़ों के दर्द में राहत – सूजन और दर्द कम करता है
✔️ डायबिटीज कंट्रोल में मददगार – शुगर लेवल संतुलित करने में सहायक
📖 आयुर्वेद के अनुसार गिलोय
आयुर्वेद में गिलोय को “अमृता” और “जीवंतिका” कहा गया है।
यह एक शक्तिशाली रसायन (Rejuvenator) है जो शरीर को ताकत देता है और आयु बढ़ाने में सहायक होता है।
👉 यह विशेष रूप से पित्त और कफ दोष को शांत करता है और शरीर को संतुलित रखता है।
📚 संदर्भ (References):
📖 चरक संहिता
📖 भावप्रकाश निघंटु
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🌿 शीतली प्राणायाम – एक परिचय, लाभ और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण* शीतली प्राणायाम क्या है?शीतली प्राणायाम एक ऐसा श्वास अभ्यास ह...
10/04/2026

🌿 शीतली प्राणायाम – एक परिचय, लाभ और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
* शीतली प्राणायाम क्या है?
शीतली प्राणायाम एक ऐसा श्वास अभ्यास है जो शरीर और मन को ठंडक प्रदान करता है।
इसमें जीभ को नली (ट्यूब) की तरह मोड़कर मुंह से धीरे-धीरे सांस अंदर ली जाती है और फिर नाक से बाहर छोड़ी जाती है।
इस प्रक्रिया से शरीर में शीतलता आती है, मानसिक शांति मिलती है और तनाव कम होता है। यह विशेष रूप से गर्मी के मौसम या शरीर में अधिक गर्मी (पित्त वृद्धि) होने पर बहुत लाभकारी होता है।
* शीतली प्राणायाम के लाभ
1. शरीर को ठंडा करता है
यह शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करता है, खासकर गर्मियों में बहुत फायदेमंद है।
2. मानसिक तनाव और चिंता कम करता है
नियमित अभ्यास से मन शांत होता है और मानसिक तनाव, चिंता और बेचैनी कम होती है।
3. ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में मदद
यह हृदय को शांत करता है और रक्तचाप को संतुलित रखने में सहायक होता है।
4. गुस्सा और चिड़चिड़ापन शांत करता है
यह मन को ठंडक देता है, जिससे क्रोध और चिड़चिड़ापन कम होता है।
5. पाचन में सुधार करता है
यह पाचन अग्नि को संतुलित करता है और गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत देता है।
🌿 आयुर्वेद के अनुसार लाभ
1. पित्त दोष को शांत करता है
शीतली प्राणायाम शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करके पित्त दोष को संतुलित करता है।
👉 जिन लोगों को जलन, एसिडिटी, ज्यादा पसीना या गुस्सा आता है, उनके लिए यह बहुत लाभकारी है।
2. वायु (वात) तत्व को संतुलित करता है
यह मन को स्थिर करता है और मानसिक अस्थिरता, चिंता व घबराहट को कम करता है।
📚 रेफरेंस (संदर्भ)
हठयोग प्रदीपिका
घेरंड संहिता
पतंजलि योग सूत्र
आयुर्वेद के सिद्धांत (विशेषकर पित्त संतुलन से संबंधित वर्णन)
* बहुत ठंडे मौसम में या सर्दी-जुकाम होने पर इस प्राणायाम से बचें।
यदि कोई गंभीर बीमारी हो तो विशेषज्ञ/चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
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09/04/2026






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