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All Ayurvedic A Natural Way to Healthy Life हज़ारो वर्षो से चली आ रही भारतीय परम्परा से जुड़े, आइये आयुर्वेद को जाने और निरोग रहे।
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सौंफ का पानी पीने के फायदे (आयुर्वेद अनुसार)• सौंफ पाचन अग्नि को संतुलित करती है, जिससे गैस, अपच और भारीपन में आराम मिलत...
15/01/2026

सौंफ का पानी पीने के फायदे (आयुर्वेद अनुसार)
• सौंफ पाचन अग्नि को संतुलित करती है, जिससे गैस, अपच और भारीपन में आराम मिलता है।
• पेट की जलन और एसिडिटी को शांत करती है।
• वात और पित्त दोष को शांत करने में मदद करती है।
• पेट साफ रखती है, जिससे कब्ज की समस्या कम होती है।
• शरीर में जमा विषैले तत्व (आम) को बाहर निकालने में सहायक।
• मुंह की दुर्गंध कम करती है और भूख को नियंत्रित करती है।
⏰ सौंफ का पानी कब पीना चाहिए?
• सुबह खाली पेट – पाचन सुधारने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए।
• खाने के बाद – गैस, अपच और भारीपन से बचाव के लिए।
• गर्मी में दिन में 1–2 बार पी सकते हैं
🫖 सौंफ का पानी कैसे बनाएं?
• 1 चम्मच सौंफ
• 1 गिलास पानी में रात भर भिगो दें
• सुबह छानकर हल्का गुनगुना या सामान्य तापमान पर पिएं
📚 आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लेख
• भावप्रकाश निघंटु – सौंफ को दीपन (भूख बढ़ाने वाली) और पाचन सुधारक बताया गया है।
• चरक संहिता – सौंफ जैसे सुगंधित द्रव्यों को पाचन व वात-पित्त शमन में उपयोगी माना गया है।
सौंफ का पानी सिर्फ आदत नहीं, आयुर्वेद का सिंपल हेल्थ हैक है।





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कब्ज मतलब जब पेट साफ़ ठीक से न हो या शौच करते समय ज़ोर लगाना पड़े,पेट भारी-सा रहे, गैस बने, या कई दिन तक motion ही न आए ...
14/01/2026

कब्ज मतलब जब पेट साफ़ ठीक से न हो
या शौच करते समय ज़ोर लगाना पड़े,
पेट भारी-सा रहे, गैस बने, या कई दिन तक motion ही न आए — यही कब्ज है।
आयुर्वेद के अनुसार 👇
कब्ज तब होता है जब शरीर में वात दोष बिगड़ जाता है ।
वात सूखापन बढ़ाता है, जिससे आँतें dry हो जाती हैं और मल सख़्त हो जाता है।
आयुर्वेद में कब्ज के main कारण
* कम पानी पीना 💧
* रूखा-सूखा, ज़्यादा junk food 🍟
* देर तक भूखा रहना या गलत टाइम पर खाना ⏰
* टेंशन लेना
* नींद पूरी न होना।
जब शरीर को सही पानी, तेलीय आहार और टाइम पर खाना नहीं मिलता,
तो वात बढ़ जाता है।
* आयुर्वेद के अनुसार कब्ज के दुष्प्रभाव -
आयुर्वेद में कब्ज को हल्का मत समझो, क्योंकि ये सिर्फ पेट की नहीं, पूरे शरीर की problem बना सकता है। जब वात दोष बिगड़ता है और मल शरीर में रुक जाता है, तो toxic vibes शुरू हो जाती हैं ।
🤢 1. अपच और गैस
कब्ज से खाना ठीक से नहीं पचता, जिससे गैस, एसिडिटी और पेट फूलना common हो जाता है।
😖 2. पेट दर्द और भारीपन
आँतों में जमा मल दर्द, ऐंठन और हमेशा भारीपन feel कराता है।
🤕 3. सिरदर्द और थकान
आयुर्वेद मानता है कि गंदगी अंदर रुकी रहे तो उसका असर दिमाग पर भी पड़ता है → headache + low energy।
😴 4. आलस और सुस्ती
शरीर हल्का feel ही नहीं करता, हर time lazy और sleepy mood रहता है।
😵‍💫 5. तनाव और चिड़चिड़ापन
कब्ज से वात और बढ़ता है, जिससे mood swings, anxiety और irritation होने लगती है।
😬 6. मुंह की बदबू
जब पेट साफ़ नहीं होता, तो toxins ऊपर की तरफ असर दिखाते हैं।
🌪️ 7. बवासीर और फिशर का खतरा
ज़ोर लगाकर motion करने से piles और fissure जैसी problems हो सकती हैं।
🧴 8. त्वचा की समस्याएँ
आयुर्वेद के अनुसार कब्ज से पिंपल्स, dull skin और रैशेज़ भी हो सकते हैं, क्योंकि body अंदर से clean नहीं रहती।
* आयुर्वेद के अनुसार वात-शामक आहार-
आयुर्वेद में वात दोष ठंडा, सूखा और हल्का होता है।
तो इसे शांत करने के लिए rule simple है 👉 गरम + नम + पौष्टिक खाना 😌
🥣 वात-शामक आहार क्या होता है?
जो खाना शरीर को गरमी, नमी और strength दे और digestion को smooth रखे — वही वात-शामक आहार है।
✅ क्या खाएं?
* गर्म और ताज़ा भोजन 🍲
* घी (थोड़ा-सा but daily) 🧈
* दूध (गरम करके) 🥛
* खिचड़ी, दलिया, सूप 🥣
* पकी हुई सब्ज़ियाँ – लौकी, तोरी,
* गाजर, कद्दू 🥕
* चावल, गेहूं 🍚
* खजूर, अंजीर, किशमिश (भिगोकर best) 🍯
❌ क्या avoid करें?
* बहुत सूखा और ठंडा खाना
* ज़्यादा कच्ची सब्ज़ियाँ
* जंक फूड, chips, cold drinks
* देर रात खाना 🌙
🧄 मसाले जो help करते
सोंठ, जीरा, अजवाइन, हींग 🌶️
ये digestion को boost करते हैं और गैस-कब्ज से बचाते हैं।
* आयुर्वेद के अनुसार वात दोष के लिए त्रिफला का सेवन-
त्रिफला = हरितकी + बिभीतकी + आँवला
ये तीनों मिलकर वात को शांत, पेट को smooth, और motion को easy बनाते हैं ।
🕰️ कब लें?
👉 रात को सोने से पहले सबसे best टाइम
क्योंकि रात में त्रिफला वात को settle करता है और सुबह पेट साफ़ कराने में help करता है ।
🥄 कैसे लें? (correct method 👇)
त्रिफला चूर्ण – ½ छोटा चम्मच
गुनगुना पानी या गुनगुना दूध – 1 कप
अच्छे से मिलाकर पी लो 🌙
अगर बहुत ज़्यादा वात है (dryness, gas, constipation),
तो गुनगुने दूध में थोड़ा सा घी डालना extra helpful होता है 🧈
⚠️ ध्यान रखने वाली बातें
रोज़ ज़्यादा मात्रा में मत लो
बहुत ज़्यादा कमजोरी, loose motion या पेट दर्द हो तो बंद कर दीजिए ।
खाली पेट दिन में लेने से बचो (वात वालों के लिए night best)
* अरंडी का तेल आयुर्वेद में वात-शामक माना जाता है। मतलब—वात शांत, पेट smooth,
🥄 1. कब्ज के लिए (most popular use)
👉 कैसे लें:
1 छोटा चम्मच अरंडी का तेल
1 कप गुनगुना दूध के साथ
👉 कब: रात को सोने से पहले 🌙
💡 इससे मल नरम होता है और सुबह पेट clean feel देता है।
* अगर बात आयुर्वेदिक ग्रंथों की करें जहाँ त्रिफला चूर्ण और अरंडी (Castor Oil / Eranda Taila) का ज़िक्र मिलता है, तो ये कुछ classical Ayurvedic texts हैं👇
📚 1. चरक संघीता (Charaka Samhita)
त्रिफला को त्रिदोष नाशक और रसायन (तीनों दोषों को संतुलित करने वाला) के रूप में बताया गया है।
यहाँ त्रिफला का पाचन, उर्जा और लम्बी आयु में लाभ के रूप में वर्णन मिलता है।
इसी ग्रंथ में अरंडी तेल (Eranda Taila) का भी उल्लेख है, खासकर विरेचन (cleansing/purgation) और वात दोष के इलाज में।
👉 असल में चरक संघीता आयुर्वेद का सबसे पुराना और authoritative ग्रंथ माना जाता है, जहाँ शरीर, दोष, औषधियाँ और उनकी क्रियाएँ detail में दी गयी हैं।
📚 2. सुश्रुत संघीता (Sushruta Samhita)
त्रिफला यहाँ भी वर्णित है और कई उपयोगों के साथ इसका therapeutic role बताया गया है।
अरंडी तेल का ज़िक्र भी सुश्रुत में मिलता है, विशेषकर वात-दोष से जुड़े रोगों की चिकित्सा में।
🪔 3. भावप्रकाश (Bhavaprakasha Nighantu)
यह एक बाद के काल का Ayurvedic text है जिसमें अरंडी तेल के गुण और उपयोग विस्तार से बताए गए हैं।
Eranda Taila को वात दोष, जोड़ों के दर्द, कब्ज आदि में उपयोगी बताया गया है।














आयुर्वेद में तिल को सर्वश्रेष्ठ तैलबीज माना गया है। तिल का स्वभाव ऊष्ण, स्निग्ध और गुरु होता है, इसलिए ये सर्दियों में श...
14/01/2026

आयुर्वेद में तिल को सर्वश्रेष्ठ तैलबीज माना गया है। तिल का स्वभाव ऊष्ण, स्निग्ध और गुरु होता है, इसलिए ये सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म रखता है और रूखापन दूर करता है। तिल वात दोष को शांत करता है, जिस वजह से जोड़ों के दर्द, कमर दर्द और शरीर की अकड़न में लाभ माना गया है। तिल में मौजूद प्राकृतिक तेल त्वचा और बालों को पोषण देता है और शरीर की ताकत बढ़ाने में मदद करता है।
गुड़ आयुर्वेद में मधुर रस, उष्ण वीर्य और स्निग्ध गुण वाला बताया गया है। यह पाचन अग्नि को मजबूत करता है, गैस-कब्ज की समस्या को कम करता है और शरीर से विषैले तत्वों (आम) को बाहर निकालने में सहायक माना जाता है। गुड़ खून को शुद्ध करने वाला और थकान दूर करने वाला भी माना गया है, इसलिए सर्दियों में ये इंस्टेंट एनर्जी देता है।
जब तिल और गुड़ साथ में खाए जाते हैं, तो ये एक परफेक्ट आयुर्वेदिक कॉम्बिनेशन बन जाता है। तिल की ऊष्णता और गुड़ की पाचक शक्ति मिलकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है। तिलगुड़ नियमित रूप से लेने से ठंड में होने वाली खांसी, जुकाम और कमजोरी से बचाव माना गया है। यही वजह है कि मकर संक्रांति के समय तिलगुड़ खाने की परंपरा आयुर्वेद से जुड़ी हुई मानी जाती है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लेख 📚
• चरक संहिता – तिल को बलवर्धक, वातनाशक और पौष्टिक बताया गया है।
• सुश्रुत संहिता – तिल को ऊष्मा प्रदान करने वाला और शरीर को मजबूत करने वाला माना गया है।
• भावप्रकाश निघंटु – गुड़ को दीपनीय (पाचन बढ़ाने वाला), रक्तशोधक और ऊर्जावर्धक बताया गया है।





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🪁 मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है ? 🪁 मकर संक्रांति इसलिए मनाई जाती है क्योंकि इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है...
13/01/2026

🪁 मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है ? 🪁
मकर संक्रांति इसलिए मनाई जाती है क्योंकि इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। इसे संक्रांति कहते हैं। इसी दिन से सूर्य उत्तरायण होता है यानी दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर बढ़ने लगता है। आयुर्वेद और ज्योतिष के अनुसार यह समय शुभ, पवित्र और ऊर्जा से भरपूर माना जाता है।
इस दिन से ठंड कम होने लगती है, दिन बड़े होते हैं और नई फसल का आगमन होता है, इसलिए यह पर्व किसानों के लिए खास होता है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग नामों से मनाया जाता है—
गुजरात में उत्तरायण 🪁
पंजाब में लोहड़ी 🔥
तमिलनाडु में पोंगल 🌾
महाराष्ट्र में तिलगुल 🍬
तिल-गुड़ खाने की परंपरा इसलिए है क्योंकि ये शरीर को गर्मी देते हैं और रिश्तों में मिठास लाते हैं।





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भिगोए हुए बादाम खाने के फायदे (आयुर्वेद के अनुसार)आयुर्वेद में बादाम (वाताम / वातामबीज) को बलवर्धक, मेध्य और रसायन माना ...
13/01/2026

भिगोए हुए बादाम खाने के फायदे (आयुर्वेद के अनुसार)
आयुर्वेद में बादाम (वाताम / वातामबीज) को बलवर्धक, मेध्य और रसायन माना गया है। जब बादाम को रातभर पानी में भिगोकर खाया जाता है, तो उसकी गरम तासीर बैलेंस हो जाती है और पचाना आसान हो जाता है।
मुख्य फायदे👇
🧠 दिमाग तेज करता है
भिगोए हुए बादाम मेमोरी, एकाग्रता और बुद्धि को बढ़ाते हैं। स्टूडेंट्स के लिए ये सुपर फूड है ।
💪 ताकत और ऊर्जा बढ़ाता है
ये शरीर को बल देता है, कमजोरी दूर करता है और थकान को दूर करता है।
🌸 वीर्य और हार्मोन हेल्थ के लिए फायदेमंद
आयुर्वेद में इसे शुक्रवर्धक माना गया है, यानी शरीर की अंदरूनी ताकत को सपोर्ट करता है।
🔥 वात दोष को शांत करता है
भिगोने से बादाम वात को बैलेंस करता है, जिससे जोड़ों का दर्द, ड्राइनेस और नर्व वीकनेस में मदद मिलती है।
✨ स्किन और बालों के लिए भी स्ले
त्वचा में ग्लो लाता है और बालों को पोषण देता है।
📚 आयुर्वेदिक किताबों में उल्लेख
भिगोए हुए बादाम के गुणों का वर्णन इन ग्रंथों में मिलता है।
भावप्रकाश निघण्टु – बादाम को बल्य, पुष्टिकारक और मेध्य बताया गया है
राज निघण्टु – वाताम को शरीर को ताकत देने वाला माना गया है
कैवल्यदेव निघण्टु – बादाम को रसायन (rejuvenating) गुणों वाला कहा गया है
🕖 खाने का सही तरीका
रात को 4–6 बादाम पानी में भिगो दें
सुबह छिलका उतारकर खाली पेट खाएं
चाहो तो 1 चम्मच शहद या गर्म दूध के साथ भी ले सकते हो




This article will guide us through the essential aspects of Ayurvedic skincare, from identifying our skin type to incorp...
13/01/2026

This article will guide us through the essential aspects of Ayurvedic skincare, from identifying our skin type to incorporating Ayurvedic principles into our daily routines.

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ध्यान के फायदे 1️⃣ मानसिक शांति और स्ट्रेस कंट्रोलध्यान करने से मन शांत होता है, ओवरथिंकिंग कम होती है और एंग्ज़ायटी लेव...
12/01/2026

ध्यान के फायदे
1️⃣ मानसिक शांति और स्ट्रेस कंट्रोल
ध्यान करने से मन शांत होता है, ओवरथिंकिंग कम होती है और एंग्ज़ायटी लेवल डाउन हो जाता है। आयुर्वेद के अनुसार यह वात दोष को शांत करता है, जो डर, बेचैनी और अस्थिरता का कारण होता है।
2️⃣ एकाग्रता और स्मरण शक्ति में बढ़ोतरी
रेगुलर मेडिटेशन से दिमाग शार्प होता है, फोकस बढ़ता है और याददाश्त स्ट्रॉन्ग होती है। स्टूडेंट्स और क्रिएटिव लोगों के लिए ये सुपरपावर जैसा है।
3️⃣ नींद को बनाए डीप और सुकून वाली
जो लोग नींद न आने या बार-बार टूटने की प्रॉब्लम से जूझते हैं, उनके लिए ध्यान रामबाण है। यह मन को रिलैक्स करके नेचुरल स्लीप साइकिल को ठीक करता है।
4️⃣ भावनात्मक संतुलन (Emotional Balance)
ध्यान से गुस्सा, चिड़चिड़ापन और नेगेटिव इमोशन्स कंट्रोल में रहते हैं। मन स्थिर रहता है और फैसले लेने की क्षमता बेहतर होती है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लेख:
📖 चरक संहिता — मन, आत्मा और स्वास्थ्य के संतुलन के लिए ध्यान का महत्व बताया गया है।
📖 सुश्रुत संहिता — मानसिक शुद्धि और रोगों से बचाव में ध्यान को सहायक माना गया है।
📖 भगवद गीता (आयुर्वेदिक दर्शन से जुड़ी) — ध्यान को आत्म-ज्ञान और मानसिक स्थिरता का मार्ग बताया गया है।




दूध में घी डालकर पीने के फायदेपाचन मजबूत होता।कब्ज में आराम।शरीर को बल।दिमाग शार्प।नींद क्यूट सी।त्वचा ग्लोइंग।जोड़ों मे...
12/01/2026

दूध में घी डालकर पीने के फायदे
पाचन मजबूत होता।
कब्ज में आराम।
शरीर को बल।
दिमाग शार्प।
नींद क्यूट सी।
त्वचा ग्लोइंग।
जोड़ों में लचीलापन।
वात दोष शांत।
आयुर्वेदिक लॉजिक
दूध पोषण देता।
घी अग्नि बढ़ाता।
दोनों मिलकर ओज बढ़ाते।
शरीर डीप लेवल तक पोषित।
आयुर्वेद की किताबें
चरक संहिता
सुश्रुत संहिता
अष्टांग हृदयम्
इनमें घी और दूध के गुण बताए।
कैसे पिए
रात को बेस्ट।
गुनगुना दूध।
½ चम्मच देसी घी।
रोज नहीं।
हफ्ते में 3–4 बार।




आंवला–मिश्री–अदरक–पुदीना–नींबू–काला नमक का जूस(आयुर्वेद के अनुसार Hair & Skin के फायदे)🧠 आयुर्वेदिक गुणआंवला – रसायन है,...
11/01/2026

आंवला–मिश्री–अदरक–पुदीना–नींबू–काला नमक का जूस
(आयुर्वेद के अनुसार Hair & Skin के फायदे)
🧠 आयुर्वेदिक गुण
आंवला – रसायन है, मतलब अंदर से rejuvenation
अदरक – अग्नि बढ़ाता है, digestion strong
पुदीना – पित्त शांत करता है, skin cool रहती है
नींबू – Vitamin C से भरपूर, glow को बढ़ाता है ।
मिश्री – शरीर को ठंडक, acidity balance
काला नमक – digestion के लिए अच्छा है।
💇‍♀️ बालों (Hair) के लिए फायदे
बालों की जड़ों को पोषण देता है।
hair fall कम करने में सहायक
premature greying (सफेद बाल) को slow करता है।
scalp में blood circulation improve करता है।
बालों में natural shine लाता है ।
😍 त्वचा (Skin) के लिए फायदे
चेहरे पर natural glow लाता है।
pimples & acne कम करने में मदद
blood को साफ करता है (rakta shodhan)
skin dullness दूर करता है।
अंदर से cooling effect, इसलिए skin calm रहती है ।
📚 आयुर्वेद की किन पुस्तकों में उल्लेख मिलता है?
इस drink के ingredients का उल्लेख इन ग्रंथों में मिलता है 👇
चरक संहिता – आंवला, अदरक (रसायन व दीपनीय द्रव्य)
भावप्रकाश निघंटु – आंवला, पुदीना, नींबू
सुश्रुत संहिता – रक्त शुद्धि व त्वचा स्वास्थ्य के लिए आंवला
अष्टांग हृदयम् – पाचन व त्वचा संतुलन के लिए अदरक व पुदीना
(पूरा juice एक साथ नहीं, पर ingredients का mention मिलता है।
🥤 बनाने की विधि
1 आंवला (या 1 tbsp आंवला रस)
5–6 पुदीना पत्ते
थोड़ा सा अदरक
1 गिलास पानी
→ blend करें
फिर डालें:
चुटकी भर काला नमक
थोड़ा सा मिश्री
आधा नींबू का रस
छानकर पी लें 💚
⏰ कैसे और कब लें? (आयुर्वेद अनुसार)
सबसे अच्छा समय: सुबह खाली पेट 🌞
मात्रा: 1 गिलास (रोज नहीं, 3–4 दिन/हफ्ता)
बेहतर असर: 1–2 महीने नियमित सेवन
⚠️ ध्यान रखें
ज्यादा नींबू या अदरक न डालें
सर्दी, खांसी या बहुत ज्यादा पित्त हो तो skip करें
छोटे बच्चों में मात्रा कम रखें।
शुगर वाले को मिश्री नहीं डालनी है ।




Protein Drink बनाने की सही विधि(Pumpkin seeds, सूरजमुखी बीज, बादाम, अखरोट, अलसी + दूध)✨ सामग्री (1 गिलास के लिए)कद्दू के...
11/01/2026

Protein Drink बनाने की सही विधि
(Pumpkin seeds, सूरजमुखी बीज, बादाम, अखरोट, अलसी + दूध)
✨ सामग्री (1 गिलास के लिए)
कद्दू के बीज (Pumpkin seeds) – 1 छोटा चम्मच
सूरजमुखी के बीज – 1 छोटा चम्मच
बादाम – 4–5 (रात में भिगोए हुए)
अखरोट – 1–2
अलसी (Flax seed) – ½ छोटा चम्मच
दूध – 1 गिलास (गुनगुना, उबला हुआ)
इलायची पाउडर – चुटकी भर (optional )
🥣 बनाने की विधि
कद्दू के बीज, सूरजमुखी बीज और अलसी को हल्का सा सूखा भून लें
ठंडा होने पर इन्हें बादाम और अखरोट के साथ मिक्सी में पीस लें
अब इस पाउडर के 1–2 चम्मच लें
गुनगुने दूध में मिलाकर अच्छे से घोल लें
ऊपर से इलायची डालो।
🌿 इसके फायदे
शरीर को प्राकृतिक प्रोटीन मिलता है
मांसपेशियाँ strong होती हैं ।
हड्डियाँ और नसें मज़बूत
दिमाग तेज होता है ।
बाल और स्किन को भी मजबूती मिलती है।
कमजोरी और थकान दूर होती है।
📚 आयुर्वेदिक पुस्तकों में उल्लेख
इन बीजों और ड्राई फ्रूट्स के गुण आयुर्वेद की इन पुस्तकों में बताए गए हैं:
भावप्रकाश निघंटु – बीज, बादाम, अखरोट के पौष्टिक गुण
चरक संहिता – बल्य (ताकत देने वाले) और पौष्टिक आहार का वर्णन
सुश्रुत संहिता – शरीर बल, धातु पोषण और ओज वृद्धि के लिए
राज निघंटु – बीजों और मेवों के गुण
(Direct “protein drink” शब्द नहीं है, लेकिन इन ingredients को बलवर्धक और पौष्टिक बताया गया है 💯)
रोज़ नहीं → हफ्ते में 3–4 बार enough
रात में avoid




हेयर ग्रोथ ड्रिंक बनाने की विधिसामग्री:5–6 भिगोए हुए बादाम1 चम्मच आंवला पाउडर / 1 ताज़ा आंवला8–10 पुदीने के पत्ते2 खजूर ...
10/01/2026

हेयर ग्रोथ ड्रिंक बनाने की विधि
सामग्री:
5–6 भिगोए हुए बादाम
1 चम्मच आंवला पाउडर / 1 ताज़ा आंवला
8–10 पुदीने के पत्ते
2 खजूर (बीज निकालकर)
1 चम्मच मोरिंगा पाउडर (सहजन)
1 चम्मच अलसी (Flax seed)
1 गिलास गुनगुना पानी
बनाने का तरीका:
रात में बादाम, अलसी और खजूर भिगो दें।
सुबह सब चीज़ें मिक्सी में डालें।
पानी डालकर अच्छे से ब्लेंड करें।
छानकर या बिना छाने पी सकते हो।
👉 सुबह खाली पेट पियो – best results
💆‍♀️ इसके फायदे
🌱 नए बाल उगाने में मदद
💪 बालों की जड़ें strong बनती हैं
❌ Hair fall, dandruff कम होता है
✨ बाल shiny, thick और smooth होते हैं
🩸 शरीर में खून की कमी दूर → scalp nourishment
🔥 शरीर की अंदरूनी heat balance रहती है
📚 आयुर्वेद में उल्लेख
इस ड्रिंक के ingredients का वर्णन इन ग्रंथों में मिलता है:
चरक संहिता – आंवला, बादाम, खजूर
सुश्रुत संहिता – आंवला, अलसी
भावप्रकाश निघंटु – पुदीना, मोरिंगा
कायचिकित्सा ग्रंथ – बालों के पोषण हेतु
आयुर्वेद के अनुसार ये सब केशवर्धक (बाल बढ़ाने वाले) और रसायन माने गए हैं ।




हल्दी (Haridra)फायदे (Ayurveda):शरीर की सूजन कम करेखून साफ करेइम्युनिटी बढ़ाएत्वचा रोगों में फायदेमंदग्रंथ संदर्भ:📖 चरक ...
10/01/2026

हल्दी (Haridra)
फायदे (Ayurveda):
शरीर की सूजन कम करे
खून साफ करे
इम्युनिटी बढ़ाए
त्वचा रोगों में फायदेमंद
ग्रंथ संदर्भ:
📖 चरक संहिता, सुश्रुत संहिता
🌿 तुलसी (Tulsi)
फायदे:
सर्दी-खांसी में रामबाण
सांस के रोगों में लाभ
तनाव कम करे
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए
ग्रंथ संदर्भ:
📖 चरक संहिता, भावप्रकाश निघंटु
🍏 आंवला (Amalaki)
फायदे:
सबसे बेस्ट रसायन (Rejuvenator)
पाचन मजबूत करे
बाल-त्वचा के लिए टॉप
आँखों की रोशनी बढ़ाए
ग्रंथ संदर्भ:
📖 चरक संहिता, अष्टांग हृदय
🧄 लहसुन (Lahsun)
फायदे:
वात दोष शांत करे
जोड़ों के दर्द में राहत
हृदय को मजबूत बनाए
पाचन अग्नि बढ़ाए
ग्रंथ संदर्भ:
📖 भावप्रकाश निघंटु, चरक संहिता
🌰 बादाम (Badam / Vatada)
फायदे:
दिमाग को तेज करे
कमजोरी दूर करे
वीर्यवर्धक
हड्डियों को मजबूत बनाए
ग्रंथ संदर्भ:
📖 भावप्रकाश निघंटु, राज निघंटु





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