03/01/2026
क्षेत्रपाल हॉस्पिटल: एक ही ऑपरेशन मैं पित्ताशय और पित्त नली की पथरी का सफल इलाज
पंचशील नगर, अजमेर स्थित क्षेत्रपाल हॉस्पिटल की सर्जरी ओपीडी में 38 साल की एक महिला पेट दर्द और उल्टी की शिकायत लेकर आईं। उन्हें पहले से ही गॉल ब्लैडर में पथरी की समस्या थी। आगे जांच करने पर पता चला कि उनकी कॉमन बाइल डक्ट में पथरी फंसी हुई थी, जिससे उन्हें पीलिया हो गया था। आमतौर पर ऐसे मामलों में मरीज़ का पहले ईआरसीपी के ज़रिए सीबीडी से पथरी निकाली जाती है और फिर बाद में कोलेसिस्टेक्टोमी की जाती है। मरीज़ का इलाज डॉ. धर्मेन्द्र निर्वाण (जनरल सर्जन) और डॉ. अभिषेक यादव (गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट) ने मिलकर किया और एक ही एनेस्थीसिया सेशन में ईआरसीपी और कोलेसिस्टेक्टोमी करने का प्लान बनाया गया। इस मरीज़ का पहले ईआरसीपी के ज़रिए सीबीडी से पथरी निकाली गई और उसके तुरंत बाद उसी एनेस्थीसिया सेशन में लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी की गई, जिससे मरीज़ को दोबारा ऑपरेशन और दोबारा एडमिट होने से राहत मिली। मरीज़ को स्वस्थ हालत में हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
डॉ. अभिषेक यादव और डॉ. धर्मेन्द्र निर्वाण बताते हैं कि गॉल ब्लैडर की पथरी से होने वाले दर्द, उल्टी, पीलिया और बुखार से बाइल डक्ट में रुकावट, लिवर इन्फेक्शन, पैंक्रियाटाइटिस जैसी जानलेवा जटिलताएं हो सकती हैं। क्षेत्रपाल हॉस्पिटल अजमेर लिवर, गॉल ब्लैडर और पाचन तंत्र से जुड़ी सभी बीमारियों के लिए पूरी देखभाल प्रदान करता है। इस मामले में, सर्जरी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के बीच बेहतर तालमेल से मरीज़ को बेहतर नतीजा मिला।
मेडिकल अधीक्षक डॉ. मोनिका सचान व डॉ. प्रकाश चौधरी ने डॉ. अभिषेक यादव (गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट), डॉ. धर्मेन्द्र निर्वाण (जनरल सर्जन), ओ टी स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ को सराहनीय कार्यो के लिए धन्यवाद दिया