06/01/2026
❓ ऐसा क्यों हुआ? — एक ज़रूरी जागरूकता संदेश
कई मामलों में देखा गया है कि एंटी-रेबीज वैक्सीन की खुराकें तो दी जाती हैं, लेकिन जीवनरक्षक उपचार का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) या तो नहीं दिया जाता या देर से दिया जाता है।
👉 समझिए फर्क:
वैक्सीन शरीर को अपनी सुरक्षा (एंटीबॉडी) बनाने में मदद करती है, लेकिन इसमें कुछ दिन लगते हैं। अगर काटना गंभीर हो या सिर/गर्दन के पास हुआ हो, तो वायरस वैक्सीन के असर से पहले ही दिमाग तक पहुँच सकता है।
RIG घाव की जगह पर तुरंत “तैयार एंटीबॉडी” देकर वायरस को वहीं निष्क्रिय करता है।
⚠️ सिर और गर्दन के पास काटना ज़्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि वायरस को दिमाग तक पहुँचने की दूरी कम होती है।
आवारा जानवर से हुए उच्च-जोखिम (Category III) काटने में सही इलाज क्या है?
1️⃣ तुरंत घाव धोना: कम से कम 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से।
2️⃣ RIG: काटने की गंभीरता के अनुसार, घाव के भीतर और आसपास यथाशीघ्र इंजेक्शन।
3️⃣ पूरा वैक्सीन कोर्स: निर्धारित दिनों पर (आमतौर पर दिन 0, 3, 7 और 14–28)।
📌 याद रखें:
रेबीज में लक्षण आने के बाद मृत्यु दर 100% है, लेकिन सही कदम तुरंत उठें तो यह 100% रोकी जा सकती है।
घाव छोटा लगे या खून रुक गया हो, इंतज़ार न करें—तुरंत अस्पताल जाएँ।
ज़रूरत होने पर वैक्सीन के साथ RIG भी लें।
घरेलू नुस्ख़े न अपनाएँ (मिर्च, हल्दी, चूना आदि न लगाएँ)।
आवारा जानवरों से दूरी रखें; अजीब व्यवहार वाले जानवरों के पास न जाएँ।
अपने पालतू कुत्ते-बिल्लियों का पूरा टीकाकरण कराएँ।
🙏 अगर कभी किसी जानवर ने काटा या खरोंचा हो—सीधे अस्पताल जाएँ।
उचित पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PEP) ही बचाव का एकमात्र रास्ता है।
जानकारी साझा करें—किसी की जान बच सकती है।