Asha Heart Care

Asha Heart Care Dr. Abhishek Sachdeva is an Intervention Cardiologist who is practicing in Prayagraj to give to the

ये आमतौर पर कार्डियक इवैल्यूएशन में पहला कदम होते हैं:1️⃣ दिल की सेहत के लिए बेसिक ब्लड टेस्टलिपिड प्रोफाइलकोलेस्ट्रॉल ल...
16/01/2026

ये आमतौर पर कार्डियक इवैल्यूएशन में पहला कदम होते हैं:

1️⃣ दिल की सेहत के लिए बेसिक ब्लड टेस्ट

लिपिड प्रोफाइल
कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करता है और ब्लॉकेज के खतरे का पता लगाने में मदद करता है।

ब्लड शुगर और HbA1c
हाई शुगर लेवल समय के साथ दिल की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाते हैं।

थायरॉइड प्रोफाइल
थायरॉइड डिसऑर्डर दिल की धड़कन की समस्याओं को ट्रिगर कर सकते हैं।

किडनी फंक्शन
सुरक्षित हार्ट ट्रीटमेंट के लिए हेल्दी किडनी ज़रूरी हैं।

कार्डियक मार्कर्स (ट्रोपोनिन, BNP)
संदिग्ध हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर का इवैल्यूएशन करते समय इस्तेमाल किया जाता है।

ब्लड टेस्ट जल्दी होते हैं, किफायती होते हैं, और ज़रूरी जानकारी देते हैं।

2️⃣ नॉन-इनवेसिव कार्डियक टेस्ट

ये सुरक्षित, दर्द रहित टेस्ट हैं जो डॉक्टरों को आपके शरीर के अंदर जाए बिना डिटेल में जानकारी देते हैं।

ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम)
एक सिंपल टेस्ट जो दिल की धड़कन और इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी की जांच करता है।

इकोकार्डियोग्राम (2D इको)
एक अल्ट्रासाउंड स्कैन जो दिखाता है कि आपका दिल कितनी अच्छी तरह पंप करता है।

ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट (TMT)
तनाव या एक्सरसाइज के दौरान दिल के परफॉर्मेंस का आकलन करता है।

कार्डियक CT स्कैन / CT कोरोनरी एंजियोग्राफी
बिना चीर-फाड़ के ब्लॉकेज का पता लगाने में मदद करता है।

होल्टर मॉनिटरिंग
घबराहट और AFib के लिए 24-48 घंटे की धड़कन की मॉनिटरिंग।

ये नॉन-इनवेसिव कार्डियक टेस्ट दिल की बीमारियों के डायग्नोसिस की रीढ़ हैं।

3️⃣ इनवेसिव कार्डियक टेस्ट

इनका इस्तेमाल तभी किया जाता है जब ज़रूरत हो या जब नॉन-इनवेसिव टेस्ट से ब्लॉकेज का पता चले।

कोरोनरी एंजियोग्राफी
आर्टरी ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए गोल्ड-स्टैंडर्ड टेस्ट।

कलाई या जांघ से एक पतली ट्यूब (कैथेटर) डाली जाती है ताकि एक सुरक्षित डाई इंजेक्ट की जा सके और दिल की आर्टरी की एक्स-रे इमेज ली जा सकें।

FFR, IVUS, OCT
एंजियोग्राफी के दौरान ब्लॉकेज की गंभीरता का आकलन करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एडवांस्ड इमेजिंग।

ज़्यादातर मामलों में, एंजियोग्राफी सुरक्षित होती है और कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है, और मरीज़ उसी दिन घर चला जाता है।

15/01/2026
रीनल डिनर्वेशन (RDN) हाइपरटेंशन के इलाज में एक बड़ी सफलता के रूप में सामने आया है, खासकर उन मरीज़ों के लिए जिन्हें दवा ल...
15/01/2026

रीनल डिनर्वेशन (RDN) हाइपरटेंशन के इलाज में एक बड़ी सफलता के रूप में सामने आया है, खासकर उन मरीज़ों के लिए जिन्हें दवा लेने में दिक्कत होती है या जिन्हें resistant hypertension है।

यह एक catheter आधारित प्रक्रिया है जो renal arteries में मौजूद नसों को नुकसान पहुंचाने के लिए radiofrequency एनर्जी या अल्ट्रासाउंड का इस्तेमाल करती है।

ये नसें sympathetic nervous system का हिस्सा हैं, जो दिमाग और किडनी के बीच communication करके ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

इन फ़ाइबर्स को "denervate" या नुकसान पहुंचाकर, RDN उस ज़्यादा एक्टिव sympathetic signaling को कम करता है जो क्रोनिक हाई ब्लड प्रेशर में योगदान देता है।

RDN अभी उन मामलों में इस्तेमाल किया जाता है जिन मरीज़ों का ब्लड प्रेशर तीन या ज़्यादा एंटीहाइपरटेंसिव दवाएं लेने के बाद भी ज़्यादा रहता है और जिन मरीज़ों को ब्लड प्रेशर की दवाओं से गंभीर साइड इफ़ेक्ट होते हैं।

ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन या एक रात के बाद घर चले जाते हैं। इस प्रक्रिया को आम तौर पर बहुत सुरक्षित माना जाता है और vascular complications का खतरा कम होता है।

सूर्य देव के उत्तरायण की इस पावन बेला पर, आप सभी को मकर संक्रांति की ढेर सारी शुभकामनाएं! हमारी टीम हर कदम पर आपके स्वास...
14/01/2026

सूर्य देव के उत्तरायण की इस पावन बेला पर, आप सभी को मकर संक्रांति की ढेर सारी शुभकामनाएं! हमारी टीम हर कदम पर आपके स्वास्थ्य के लिए समर्पित है।

डाक्टरी में अपने काम के प्रति ईमानदार होने के कुछ तरीके ऐसे भी होते हैं जो किसी को दिखाई नहीं देते और समझाये नहीं जाते। ...
12/01/2026

डाक्टरी में अपने काम के प्रति ईमानदार होने के कुछ तरीके ऐसे भी होते हैं जो किसी को दिखाई नहीं देते और समझाये नहीं जाते। जैसे की -

- किसी मरीज़ को शायद बिना भर्ती के भी इलाज हो सकता है तो बिना भर्ती के ही किया जाए।
- मरीज़ को अगर 2 दिन भर्ती कर के ही काम चल जाए तो 5 दिन क्यों करना।
- अगर मरीज़ में ज़्यादा उम्मीद बाक़ी नहीं तो फालतू में उसे ना खींचना और तीमारदारों को सलाह देना की घर ले जाओ।
- अगर मरीज़ पूरी तरह ठीक नहीं हुआ तो कम से कम बिल में उसकी मदद करना।
- अगर किसी प्रोसीजर में बताए fixed पैकेज से ज़्यादा खर्च हो गया तो भी मरीज़ से पहले से बताया हुआ fixed पैकेज ही लेना।
- मरीज़ की अगर मौत हो जाए तो बकाया बिल माफ कर देना।
- मरीज़ अगर आपके महकमे का नहीं है जैसे अगर कैंसर का मरीज़ है तो उसे ख़ुद इलाज करने की कोशिश करने के बजाए सही डॉक्टर के पास जाने की सलाह देना।
- ज़्यादा बिल बनाने के बाद में discount का अहसान लादने से अच्छा पहले ही फ़ालतू के बिल ना बनने देना और बाद के डिस्काउंट के झंझट से बचना।
- पहले से अनुमान से थोड़ा खर्च बढ़ा कर ही बताना, भले ही बाद में असल खर्च कम हो तो कम लेना, बजाए इसके की पहले तो कम खर्च बताना और बाद में ज्यादा ले लेना।

ये सारी चीज़ें मैं अपनी प्रैक्टिस में करने की पूरी कोशिश करता हूँ। अगर मरीज़ को भर्ती से पहले ही जो खर्च बताया था यदि खर्च उसी के अंदर हुआ और मरीज़ स्वस्थ्य होकर घर गया तो मैं किसी के दबाव में नहीं आता।

Hope your new year starts on a healthy note. We wish you and your loved ones a very Happy New Year.
01/01/2026

Hope your new year starts on a healthy note. We wish you and your loved ones a very Happy New Year.

हम मानते हैं कि आपके स्वास्थ्य और कल्याण से ज़्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है। नए साल में प्रवेश करते हुए, हम सत्यनिष्ठा और...
31/12/2025

हम मानते हैं कि आपके स्वास्थ्य और कल्याण से ज़्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है। नए साल में प्रवेश करते हुए, हम सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता के अपने मूल्यों को याद रखेंगे, और आपसे भी अनुरोध करते हैं कि आप दो महत्वपूर्ण वार्षिक स्वास्थ्य जांचों को याद रखें। आइए उपचार से अधिक रोकथाम को प्राथमिकता दें! नियमित जांच के साथ अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और इस साल स्वस्थ जीवन शैली को एक आदत बनाएं। सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं!

Dr. Abhishek Sachdeva wishes you and your loved ones a Merry Christmas. This festive season pledge to lead a happy and h...
25/12/2025

Dr. Abhishek Sachdeva wishes you and your loved ones a Merry Christmas. This festive season pledge to lead a happy and healthy life.

इधर मौसम बहुत तेज़ी से बदला है और अचानक ठंड आ गयी है। ठंडे मौसम में, हृदय हमें गर्म और स्वस्थ रखने के लिए अधिक मेहनत करत...
08/12/2025

इधर मौसम बहुत तेज़ी से बदला है और अचानक ठंड आ गयी है। ठंडे मौसम में, हृदय हमें गर्म और स्वस्थ रखने के लिए अधिक मेहनत करता है - इस प्रकार सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा 50% तक बढ़ सकता है।

लेकिन क्यों?
पहली वजह हाइपोथर्मिया है - कम शरीर का तापमान एनजाइना या सीने में दर्द को ट्रिगर कर सकता है।
दूसरा, ब्लड प्रेशर में वृद्धि - सर्दियों में, धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे हृदय का पंप करना कठिन हो जाता है।
तीसरा, रक्त का थक्का जमाने वाले प्रोटीन में वृद्धि - सर्दियाँ रक्तप्रवाह में कुछ रक्त के थक्के बनाने वाले प्रोटीनों को बढ़ा देती हैं।
चौथा, प्रदूषक - सर्दियों के धुंध से छाती में संक्रमण हो सकता है, जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है।
पांचवा, मौसमी डिप्रेशन - सर्दी से संबंधित डिप्रेशन तनाव के स्तर को बढ़ा देता है।
और आखरी में, fluctuating कोलेस्ट्रॉल - इससे बॉर्डर लाइन डायबिटीज वाले लोगों को सबसे ज्यादा जोखिम होता है।

तो फिर आपको क्या करना है? मैं कुछ सुझाव दे रहा हूँ, इनको अपनाइये -
अपने आप को गर्म और ढके रखें।
बहुत ज्यादा खाने से बचें और नमक का सेवन सीमित करें।
ठंडी सुबह की सैर से बचें क्योंकि उस समय रक्तचाप बढ़ जाता है।
सीने में तकलीफ, सांस फूलना, पसीना आना, गर्दन में दर्द आदि लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

अगर कोई भी समस्या आती है तो तुरंत मुझसे संपर्क करिये।

स्वरूप रानी अस्पताल, प्रयागराज में चिकित्सा जगत की एक और बड़ी सफलता!डॉ. अभिषेक सचदेवा और उनकी टीम ने दो जटिल हृदय सर्जरी...
04/11/2025

स्वरूप रानी अस्पताल, प्रयागराज में चिकित्सा जगत की एक और बड़ी सफलता!
डॉ. अभिषेक सचदेवा और उनकी टीम ने दो जटिल हृदय सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर युवाओं को नयी जिंदगी दी है।

यह उपलब्धि न केवल स्वरूप रानी अस्पताल के उत्कृष्ट चिकित्सा मानकों को दर्शाती है, बल्कि डॉ. अभिषेक सचदेवा द्वारा प्रयागराज में आधुनिक हृदय उपचार की नई उम्मीद भी जगाती है।

स्वस्थ हृदय, स्वस्थ जीवन के इस मिशन में डॉ. अभिषेक सचदेवा लगातार नई ऊंचाइयाँ प्राप्त कर रहे हैं।



प्रयागराज,02 नवम्बर(हि.स.)। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के कार्डियोलॉजी विभा....

Heartbeat Running Too Fast? It Could Be an Accelerated Idioventricular Rhythm (AIVR)When your heart starts beating irreg...
03/11/2025

Heartbeat Running Too Fast? It Could Be an Accelerated Idioventricular Rhythm (AIVR)

When your heart starts beating irregularly or too quickly, it’s more than just anxiety — it could be a sign of an underlying rhythm disorder.

Accelerated Idioventricular Rhythm (AIVR) is an abnormal heart rhythm often seen after heart attacks or cardiac procedures. Early evaluation helps prevent complications and ensures optimal heart recovery.

Get your heart rhythm checked by Dr. Abhishek Sachdeva, a leading cardiologist known for accurate diagnostics and advanced cardiac care with –

1. Comprehensive ECG and Holter Monitoring
2. Advanced arrhythmia evaluation
3. Personalized treatment for rhythm disorders
4. Preventive heart health programs

Your heart deserves expert care. Schedule your consultation today.

Dr. Abhishek Sachdeva – Trusted Heart Specialist for Rhythm Disorders

Expertise. Precision. Compassionate Care.

बाहर, शहर रोशनी से जगमगा रहा है, परिवार फिर से मिल रहे हैं, मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं, हर कोने में हँसी गूँज रही है। लेक...
20/10/2025

बाहर, शहर रोशनी से जगमगा रहा है, परिवार फिर से मिल रहे हैं, मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं, हर कोने में हँसी गूँज रही है। लेकिन आशा हार्ट केयर में कोई शोर नहीं, कोई रंगोली नहीं, कोई मिठाई नहीं - केवल कर्तव्य, प्रेम और मानवता।

हमारी सेवा और आपके लिए अपनापन, समझ से कहीं ज़्यादा कुछ है।

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15/1, Malviya Road, Darbhanga Colony, George Town, Prayagraj
Allahabad
211003

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