05/03/2026
संशोधन चिकित्सा
आयुर्वेद के अनुसार प्रमेह (डायबिटीज) में शरीर में संचित दोषों को निकालने के लिए शोधन चिकित्सा की जाती है। इसमें मुख्य रूप से वमन, विरेचन और बस्ती जैसे पंचकर्म प्रयोग किए जाते हैं, जिससे शरीर की शुद्धि होती है, दोष संतुलित होते हैं और रोग की प्रगति को रोकने में सहायता मिलती है।
बृंहण चिकित्सा
जब रोगी में धातु क्षय, कमजोरी या वातज प्रमेह की स्थिति हो, तब बृंहण चिकित्सा दी जाती है। इसमें पोषण देने वाले आहार-विहार और औषधियों का उपयोग किया जाता है, जिससे शरीर की धातुओं को बल मिलता है, कमजोरी कम होती है और रोगी की शक्ति बढ़ती है।