Dr.Pravesh Kumar Giri

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जो पुरुष अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण रख सकता है, वही लंबे समय तक इस धरती पर सुख-शांति से जी सकता है।पुरुषों को ये समझना...
02/05/2025

जो पुरुष अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण रख सकता है, वही लंबे समय तक इस धरती पर सुख-शांति से जी सकता है।

पुरुषों को ये समझना चाहिए कि उनकी कई परेशानियों और पतनों की जड़ कई बार कई गर्लफ्रेंड्स होती हैं।

हर लड़की की आत्मा अच्छी नहीं होती।

कुछ राक्षसी स्वभाव की होती हैं, कुछ में ज़हर छिपा होता है, और कुछ औरतें किसी की किस्मत को बर्बाद करने वाली होती हैं। जैसा की अभी हाल में आप सब देख चुके हैं...!!

इसलिए सावधान रहें।

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1. हर बार अपने इरेक्शन (लिंगोत्थान) की बात मत मानो।
अधिकतर बार यह तुम्हें गलत दिशा में ले जाता है।
अगर आप अपने इरेक्शन पर नियंत्रण नहीं रख पाए, तो ज़िंदगी छोटी और गरीबी से भरी हो सकती है।

2. किसी लड़की के कर्व्स, बॉडी और फिगर को देखकर रिलेशनशिप मत बनाओ।
ये सब धोखा है, खासकर सोशल मीडिया पर। असली सुंदरता और मूल्य इससे कहीं ज्यादा होता है।

3. हर स्कर्ट के नीचे जो है, उसे हासिल करने की कोशिश मत करो।
कुछ स्कर्ट के नीचे सांप होते हैं, जो काटकर चैन छीन लेते हैं। संयम और अब्स्टिनेंस (संयमित जीवन) अक्सर सबसे अच्छा फल देता है।

4. कई गर्लफ्रेंड्स रखना मर्दानगी नहीं है।
ये सिर्फ आपको औरतबाज़, धोखेबाज़, और बच्चा बनाता है — असली मर्द नहीं।

5. सिर्फ बेड में अच्छे होने से मर्द नहीं बनते।
असली मर्द वह है जो अपनी जिम्मेदारियों से भागता नहीं, उन्हें पूरा करता है।

6. उस लड़की का सम्मान करो जो तुमसे सच्चा प्यार करती है।
किसी लड़की का प्यार और सपोर्ट मिलना आसान नहीं होता। यह उसकी भावनात्मक ताकत और ईमानदारी का सबूत है।

7. दुनिया उन्हीं पुरुषों को सम्मान देती है जो कामयाब होते हैं।
तुम्हारे पास अगर बहुत सारी गर्लफ्रेंड्स हैं, तो कोई तुम्हारी तारीफ नहीं करेगा।
ये सिर्फ समय, ऊर्जा, पैसा और वीर्य की बर्बादी है।

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याद रखो:
ईमानदार, वफादार और ज़िम्मेदार पुरुष ही असली मर्द कहलाते हैं।
संयम ही सफलता की कुंजी है।

ज़िंदगी में एक ऐसा दोस्त ज़रुर होना चाहिए, जिससे आप जब चाहें कॉल कर सकें, मैसेज कर सकें, सलाह-मशवरा ले सकें, सुख-दुःख बा...
13/01/2025

ज़िंदगी में एक ऐसा दोस्त ज़रुर होना चाहिए, जिससे आप जब चाहें कॉल कर सकें, मैसेज कर सकें, सलाह-मशवरा ले सकें, सुख-दुःख बाँट सकें, डांट सकें, लड़ सकें, कंधे पर सिर रख कर रो सकें, खुलकर हँस सकें, घूम सकें, जब चाहें मिल सकें, बेझिझक होकर निःसंकोच सब कुछ उसे बता सकें बिना इस बात की परवाह किये कि सामने वाला व्यक्ति क्या सोचेगा...? अगर ऐसा दोस्त आपके पास है तो वाकई आप दुनिया के सबसे खुशनसीब इंसान हैं..

हो सके तो किसी के अच्छे दोस्त बनिए, किसी को सुनने का प्रयास करिए, क्योंकि अधिकांश लोग अकेलेपन के अवसाद से ग्रसित हैं, आये दिन लोग गलत कदम उठा लेते हैं, कभी सोचा है क्यों?? क्योंकि इनके पास सुनाने वाले तो बहुत हैं पर सुनने वाला कोई नहीं...!

♦️ ठंड से बचने के लिए कुछ लोग अक्सर मुंह को ढक कर सो जाते हैं। यह आदत सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। ♦️ मुंह ढककर सोने स...
04/01/2025

♦️ ठंड से बचने के लिए कुछ लोग अक्सर मुंह को ढक कर सो जाते हैं। यह आदत सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।

♦️ मुंह ढककर सोने से न सिर्फ सांस लेने में दिक्कत होती है, बल्कि शरीर में ऑक्सीजन की कमी और कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता भी हो सकती है। इससे कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा मुंह ढक कर सोने से संक्रमण का खतरा, त्वचा पर रैशेज और मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

♦️ अगर आपको भी ऐसी आदत है तो इसे तुरंत बदल लें। रोजाना इस अवस्था में सोने से अस्थमा और सांस लेने वाली नलियों की सूजन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। रजाइ या कंबल में मुंह ढक कर सोने से सांस लेने के दौरान ऑक्सीजन मिलने में बाधा उत्पन्न होती है और शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ जाता है, जो थकान, सिर दर्द और बेचैनी का कारण बन सकता है।

♦️ इससे दिल और फेफड़ों के लिए भी समस्या पैदा हो सकती है। इससे कई बार दम भी घुटने लगता है। मुंह ढककर सोने से दूषित हवा के कारण नींद की क्वालिटी खराब होती है। जिससे हर समय थकान, मस्तिष्क की समस्याएं और शरीर के तापमान में वृद्धि हो सकती है। इसके कारण शरीर के अधिक गर्म होने का खतरा भी बढ़ जाता है, जो आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

♦️ अगर आपको अस्थमा, साइनस, दिल से जुड़ी कोई समस्या या सांस से जुड़ी कोई समस्या है, तो मुंह ढक कर सोने से बचना चाहिए। इससे आपकी समस्या और अधिक बढ़ सकती है।

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पिता बेचते है फूटपाथ पर गोलगप्पे बेटे को मिला गूगल से 1.25 करोड़ का पैकेज गरीब का बेटा है इसलिए कोई बधाई नहीं देता है
04/01/2025

पिता बेचते है फूटपाथ पर गोलगप्पे बेटे को मिला गूगल से 1.25 करोड़ का पैकेज

गरीब का बेटा है इसलिए कोई बधाई नहीं देता है

हम जुठा व बासी नही खाते.....!! अगली बार ये कहने से पहले सोचियेगा..!!कुछ दिन पहले एक परिचित मित्र मुझे पार्टी के लिये एक ...
22/08/2024

हम जुठा व बासी नही खाते.....!!

अगली बार ये कहने से पहले सोचियेगा..!!

कुछ दिन पहले एक परिचित मित्र मुझे पार्टी के लिये एक मशहूर रेस्टोरेंट में ले गये।

मैं अक़्सर बाहर खाना खाने से कतराता हूँ किन्तु मित्र का सामाजिक दबाव तले जाना पड़ा।

आजकल पनीर खाना रईसी की निशानी है इसलिए उन्होंने कुछ डिश पनीर की ऑर्डर की।

प्लेट में रखे पनीर के अनियमित टुकड़े मुझे कुछ अजीब से लगे। ऐसा लगा की उन्हें कांट छांट कर पकाया है।

मैंने वेटर से कुक को बुलाने के लिए कहा, कुक के आने पर मैंने उससे पूछा पनीर के टुकड़े अलग अलग आकार के व अलग रंगों के क्यों हैं तो उसने कहा ये स्पेशल डिश है।

मैंने कहा की मैँ एक और प्लेट पैक करवा कर ले जाना चाहता हूं लेकिन वो मुझे ये डिश बनाकर दिखाये।

सारा रेस्टोरेंट अकबका गया...?

बहुत से लोग थे जो खाना रोककर मुझे देखने लगे...

स्टाफ तरह तरह के बहाने करने लगा। आखिर वेटर ने पुलिस के डर से बताया की अक्सर लोग प्लेटों में खाना,सब्जी सलाद व रोटी इत्यादी छोड़ देते हैं।

रसोई में वो फेंका नही जाता। पनीर व सब्जी के बड़े टुकड़ों को इकट्ठा कर दुबारा से सब्जी की शक्ल में परोस दिया जाता है।

प्लेटों में बची सलाद के टुकड़े दुबारा से परोस दिए जाते है । प्लेटों में बचे सूखे चिकन व मांस के टुकड़ों को काटकर करी के रूप में दुबारा पका दिया जाता है। बासी व सड़ी सब्जियाँ भी करी की शक्ल में छुप जाती हैं...

ये बड़े बड़े होटलों का सच है। अगली बार जब प्लेट में खाना बचे तो उसे इकट्ठा कर एक प्लास्टिक की थैली में साथ ले जाएं व बाहर जाकर उसे या तो किसी जानवर को दे दें या स्वयं से कचरेदान में फेकेँ

वरना क्या पता आपका जुठा खाना कोई और खाये या आप किसी और कि प्लेट का बचा खाना खाएं।

एक बार मैं दिल्ली गया था एक यजमान के बुलाने पर उनके साथ.....

लंबी यात्रा के बाद हम सभी को कड़ाके की भूख लगी थी सो एक साफ से दिखने वाले रेस्टोरेंट पर रुक गये । समय नष्ट ना करने के लिए खाना मंगाई गया....

एक साफ से ट्रे में दाल, सब्जी,चावल, रायता व साथ एक टोकरी में रोटियां आई।

पहले कुछ कौर में ध्यान नही गया फिर मुझे कुछ ठीक नही लगा। मुझे रोटी में खट्टेपन का अहसास हुआ, फिर सब्जी की ओर ध्यान दिया तो देखा सब्जी में हर टुकड़े का रंग अलग अलग सा था। चावल चखा तो वहां भी माजरा गड़बड़ था।

सारा खाना छोड़ दिया।

फिर काउंटर पर बिल पूछा यो 650 का बिल थमाया।

मैंने कहा 'भैया! पैसे तो दूँगा लेकिन एक बार आपके रसोई देखना चाहता हूं" वो अटपटा गया और पूछने लगा "क्यों?"*

मैंने कहा "जो पैसे देता है उसे देखने का हक़ है कि खाना साफ बनता है या नहीँ?

इससे पहले की वो कुछ समझ पाता मैंने होटल की रसोई की ओर रुख किया।

आश्चर्य की सीमा ना रही जब देखा रसोई में कोई खाना नहीं पक रहा था। एक टोकरी में कुछ रोटियां पड़ी थी। फ्रिज खोला तो खुले डिब्बों में अलग अलग प्रकार की पकी हुई सब्जियां पड़ी हुई थी।

कुछ खाने में तो फफूंद भी लगी हुई थी।*

फ्रिज से बदबू का भभका आ रहा था।

डांटने पर रसोइये ने बताया की सब्जियां करीब एक हफ्ता पुरानी हैं। परोसने के समय वो उन्हें कुछ तेल डालकर कड़ाई में तेज गर्म कर देता है और धनिया टमाटर से सजा देता है।

रोटी का आटा 2 दिन में एक बार ही गूंधता है।

कई कई घण्टे जब बिजली चली जाती है तो खाना खराब होने लगता है तो वो उसे तेज़ मसालों के पीछे छुपाकर परोस देते हैं। रोटी का आटा खराब हो तो उसे वो नॉन बनाकर परोस देते हैं।

मैंने रेस्टोरेंट मालिक से कहा कि "आप भी कभी यात्रा करते होंगे, इश्वेर करे जब अगली बार आप भूख से बिलबिला रहे हों तो आपको बिल्कुल वैसा ही खाना मिले जैसा आप परोसते हैं

उसका चेहरा स्याह हो गया....

आज आपको खतरो, धोखों व ठगी से सिर्फ़ जागरूकता ही बचा सकती है क्योंकी भगवान को भी दुष्टों ने घेर रखा है।

भारत से सही व गलत का भेद खत्म होता जा रहा है....

हर दुकान व प्रतिष्ठान में एक कोने में भगवान का बड़ा या छोटा मंदिर होता है, व्यपारी सवेरे आते ही उसमे धूप दीप लगाता है, गल्ले को हाथ जोड़ता है और फिर सामान के साथ आत्मा बेचने का कारोबार शुरू हो जाता है!!!

भगवान से मांगते वक़्त ये नही सोचते की वो स्वयं दुनिया को क्या दे रहे हैं....!!

जागरूक बनिये...!!
और कोई चारा नही है...!!

21/08/2024
पुरुष के पास पैसा हो तो औरत नंगी हो जाती है,और अगर पैसे ना हो तो आदमी नंगा हो जाता है... जब एक पुरूष की एक महिला से शादी...
20/08/2024

पुरुष के पास पैसा हो तो औरत नंगी हो जाती है,और अगर पैसे ना हो तो आदमी नंगा हो जाता है...

जब एक पुरूष की एक महिला से शादी की बात चल रही थी, तो लगता था कि ये वही लड़की है जिसे भगवान ने उसके लिए बनाया है..

परिवारीक रजामंदी से शादी हुई शादी बाद इतना घुल मिल गए, की एक दूसरे की जिम्मेदारियों की बाते शारीरिक संबंध तक पहुंच गईं..

पुरुष का कहना था कि वो मुझसे ज्यादा मेरे मां बाप को प्यार करेगी
एक पुरुष को क्या चाहिए ऐसी लड़की जो उसे जी भर शारीरिक सुख दे उसका और उसके मां बाप का ध्यान भी रख सके...

दोनों की शादी होती है, और उनके बीच सब अच्छा चलता है, शादी के बाद ही पता चला कि जिस चीज को करने की आदमी को इतनी जल्दी होती है, उससे कहीं ज्यादा तड़प एक औरत में होती है..

पुरुष को भी महिला पर इतना प्यार आता था, कि मन करता था उसकी हर ख्वाइश पूरी करे और प्रयास भी करता था..

लेकिन समय के साथ जिम्मेदारियां बड़ी तो पुरुष ने पत्नी को बोला कि हम दोनों को जीवन साथ काटना है इस लिए खर्चे पर थोड़ा ध्यान देना होगा..

इसे सुन के उसने तुरंत बोला कि अब क्या कटौती करनी है , ऑलरेडी बहुत सपने मन में मार कर रहती हूं..

पुरुष ने मन में सोचा कि वह तो इसकी हर ख्वाइश पूरी करता है फिर ये ऐसे कैसे बोल सकती है कि मन मार के रहती हूं...

पुरुष बोला आखिर क्या कमी है जो तुम बोल रही हो मन मार के रहती हो..

उसने पुरुष को गिनाया, की मैं भी बड़ी गाड़ी में घूमना चाहती हूं
मैं भी चाहती हूं कि साल में कम से कम 4, 5 जगहों का भ्रमण करू
मैं भी चाहती हूं कि मेरा घर सजा रहे .

मैं मेकअप के सामान ब्रांडेड इस्तेमाल करूं..

पुरुष बोला खुद 2000 की लिपस्टिक लगाती हो 3000 का पाऊडर और क्या चाहिए
जवाब में पत्नी ने ऐसी बात बोली मानो एहसान गिना रही हो।कि किसी चीज की डिमांड नहीं करती है...

और पुरुष को खुद पर आत्म ग्लानि होने लगी कि उसकी पत्नी की ख्वाइश वह पूरा नहीं कर पा रहा, पुरुष ने दोबारा बात नहीं की इस बारें में...

और कम्पनी में अपने काम के घंटे बढ़ा दिया और एकाद काम साईड से भी करने लगा जिससे कुछ सुधार हो

तभी उसका जन्मदिन आने वाला था, उसने एक ड्रेस पसंद की थी दुकान पर जिसकी कीमत 8000 रूपये थी..

पुरुष कम्पनी से आता है, और वो पुरुष गले लगाती है, पानी देती है, और बोलती है पैसे देदो, जाके ड्रेस लेलूँ..

पुरूष भी मजाक के मूड में था, और बोला कि अरे डियर पैसे तो नहीं हो पाएं हैं क्यों कि इस महीने सैलेरी मिलने में काफी दिक्कत होगी....

इस बार साथ में जन्मदिन मनाते हैं ड्रेस तुम अगले महीने ले लेना और साथ में अपनी महंगी वाली लिपस्टिक भी...

तभी वो पुरुष को अपने से दूर जाने को बोलने लगी...

क्या यार आपसे एक चीज बोली थी वो भी आपने लाकर नहीं दी, मैने शॉप वाले को बोल के रखा था ले लुंगी बेचना मत...

अब बेइज्जती हो गई

तुरंत पुरूष बोला, कि अरे इसमें बेइज्जती कैसी शॉप है, बिक भी जाए तो फिर उसी में का मंगवा लेना...

अच्छा मंगवा लूंगी और जो मैने अपने फ्रेंड्स को बोला है कि मैं जन्मदिन पर वही ड्रेस पहनूंगी उसका क्या
क्या ये मेरी बेइज्जती नहीं है

इस बात पर पुरुष बोला तो क्या मैं चोरी करने जाऊं अगर कम्पनी में वेतन लेट हो रहा तो इसमें मेरी क्या गलती है...

उसने तुरंत बोला यार तुम्हारा हर बार का नाटक यही है
एक तो मैं कभी कुछ मांगती नहीं हूं और मांग रही हूं तो तुम ऐसी बात कर रहे हो...
हट जाओ मुझसे बात मत करना
और पूरी शाम उसने पुरुष से बात नहीं की।
रात में भी ठीक से खाना नहीं बनाया

और बेड रूम में चली गई पुरुष भी सोने वाला था और उसे 8000 रुपए ड्रेस के और 10000 पार्टी के दिए..

पैसे देखते ही उसने पुरुष को बोला कि अरे बाबू जब पैसे लाए थे तो बताया क्यों नहीं
और गले लगा कर सोरी बोलने लगी,
और बोला ना जाने क्या क्या बोल दिया आप को बाबू
तमाम दिखावा किया अबतक की हुई पुरुष की बेइज्जती भूल गयी

पुरुष कुछ बोला नहीं सो गया,अगले दिन सुबह उठते ही उसने पुरुष को सॉरी बोला और करीब आके शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की,पर इस बार पुरूष का अंदर से मन भी नहीं था पुरूष ने उससे मना कर दिया.. कम्पनी जाते टाइम पत्नी ने पुरूष को बोला गलती हो गई माफ कर दो,

पुरुष बोला गलती तुमसे नहीं हुई है मुझसे हुईं है
तुम मुझसे प्यार करती ही नहीं तुम्हें बस मेरे पैसे से प्यार है और पुरुष कम्पनी चला गया

और सोचने लगा कि आजकल की महिलाएं ऐसी हैं, की अगर मेरे पास पैसा है तो वो मेरे लिए नंगी हो जाएंगी
और अगर मेरे पास पैसे ना हो तो मुझे नंगा कर देगी

पुरूष शाम को घर आया पर बात नहीं की 3 दिन बाद उसका जन्मदिन था, अच्छे से मनाया

और घर आके बोला कि अब बैंगलोर में नहीं रहूंगा, पुरुष ने कम्पनी से छुट्टी ले लिया है..
अब पुरूष बोला गांव चल कर मां बाप के साथ रहूंगा,

पत्नी बोली अरे क्यों वहां इतनी दिक्कत है, लाइट नहीं रहती है
फिर मैने बोला कि ठीक है मां बाप को यहां बुला लेते हैं

इसपर पत्नी का जवाब आया कि अरे वो यहां आएंगे तो उनका मन नहीं लगेगा बड़ी बड़ी बंद बिल्डिंग में गांव के खुले मौसम में रहने वाले कहा रह पाएंगे.

पुरुष बोला बस इसी लिए उनके पास जाना है क्यों कि वो मुझसे बिना किसी शर्त के प्यार करते हैं
मेरे पैसे पर तुमसे पहले उनका अधिकार है..

ऐसा बोल के पुरुष ने सामान पैक किया और बोला चलना है तो चलो यहां रहना है तो यहां रहो..

पत्नी ने चलने को मना कर दिया, पुरुष भी उसे वहीं छोड़ के घर आगया..

घर आकर पापा और मां को बात बताई तो उन्होंने पुरूष को ही गलत समझा..

पर पुरुष सच्चाई जनता था, उसे बुलाया पर वो नहीं आई
कुछ दिन पुरुष पैसे भेजता था, लेकिन 4 महीने बाद जब उसने एक बार ये भी बोला कि उसे भी साथ आके रहना है
तो पुरुष ने भी पैसे। देने बंद कर दिए..

जैसे ही पैसे बंद हुए उसका पत्नी का चेहरा सामने आया

उसने पुरुष पर ही केस किया कि शादी के बाद भी पत्नी को शारीरिक सुख देने में समर्थ नहीं है
इस लिए उसे तलाक चाहिए और बदले में हर महीने एक फिक्स धनराशि

कोर्ट में जब पुरुष ने अपनी बात रखी कि ये मुझसे नहीं सिर्फ मेरे पैसे से प्यार करती थी..
और ये मेरे मां बाप के साथ नहीं रहना चाहती थी,
तो पता चला ऐसा तो कोई कानून नहीं है जिसमें महिला को मां बाप की सेवा करना जरूरी हो..

पुरुष केस हार गया और आज भी हर महीने 40000 पत्नी को देता है और अपने मां बाप के साथ गांव में रहता है

एक बात पता चली बहुत खुश मुनासिब होते हैं वो लोग जिनको प्रेम करने वाली पत्नी मिलती हैं
क्यों की आज के समय में सिर्फ 2 लोग ही हैं जो बिना किसी स्वार्थ के आपसे प्रेम करते हैं
और बदले में किसी चीज की उम्मीद नहीं रखते

वो हैं माता पिता

एक बार गांव की कम सुंदर दिखने वाली भोली लड़की से शादी कर लेना पर शहर की सुंदर लड़कियों से करने से पहले 10 बार सोचना..

09/08/2024

*बांग्लादेश में हिंदुओं को*
*मुस्लिम बनाया जा रहा है*
*और देखिए मुस्लिम बनने को भी तैयार हो गई*
*सोचो आपके पुरखे किस हालात में रहे थे*बहुत बुरे हालात हैं बंगलादेश मे हिन्दुओ के उनके उपर क्या बीत रही है वो हि जानते हे आज भी समय है जागजाओ वरना एक दिन रोवो गे शिर पकड़कर

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