27/12/2025
📚 CTET (Paper–I & Paper–II) में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न
🎯 छात्र जागरूकता के लिए विशेष पोस्ट
CTET परीक्षा में अधिगम विकार (Learning Disabilities) से जुड़े प्रश्न दोनों पेपर में बार-बार पूछे जाते हैं।
यदि आप शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन विषयों की स्पष्ट समझ बहुत ज़रूरी है 👇
🔹 डिस्लेक्सिया – पठन (Reading) से संबंधित विकार
🔹 डिसग्राफिया – लेखन (Writing) से संबंधित विकार
🔹 डिस्केलकुलिया – गणना/गणित से संबंधित विकार
🔹 डिस्प्रैक्सिया – पठन-लेखन-गणना से जुड़े एक से अधिक विकार
🔹 डिस्थीमिया – तनाव/भावनात्मक विकार
🔹 डिस्मॉर्फिया – शरीर की छवि को लेकर गलत धारणा
🔹 अफेज़िया – भाषा संप्रेषण से संबंधित विकार
🔹 डिस्फेज़िया – शारीरिक कारणों से भाषा समस्या
🔹 बुलीमिया – भोजन ग्रहण प्रवृत्ति से जुड़ा विकार
🔹 प्रोजेरिया – कम आयु में वृद्धावस्था के लक्षण
🔹 डिमेंशिया – स्मरण शक्ति व तर्क क्षमता में कमी
📌 CTET में पूछे जाने वाले प्रश्नों का फोकस
✔️ पहचान (Identification)
✔️ विशेषताएँ (Characteristics)
✔️ शैक्षिक रणनीतियाँ (Teaching Strategies)
✔️ समावेशी शिक्षा (Inclusive Education)
👩🏫👨🏫 एक संवेदनशील शिक्षक वही होता है जो बच्चों की कठिनाइयों को समझे, न कि उन्हें कमज़ोर समझे।
📢 यह पोस्ट सभी CTET, DSSSB, KVS, NVS और Special Education के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।
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