22/12/2025
तर्क पर इतना बवाल क्यों आखिर ?
धर्म ( मज़हब )का मतलब अनुशासन होता है अंधविश्वास नहीं ।
अगर किसी के मन में कोई सवाल है तो इसमें गलत क्या है , क्या मजहब ए इस्लाम सवाल पूछने की ,तर्क करने की इजाजत नहीं देता ?
अगर किसी के मन में कोई doubt है किसी भी सब्जेक्ट्स को लेके तो उसको हल या मूतमइन करने की जिम्मेदारी किसकी है ?
जाहिर सी बात है एक अलीम दिन,मुफ्ती या उस सब्जेक्ट्स का माहिर,
उसमें फलां शख्स नास्तिक मूर्तद न जाने क्या क्या ये कहा तक सही है ।
मैने ३ बार डिबेट्स सुना है और ऑब्जर्व भी किया सवाल तो वाकई सोचनीय है ।