Guruji ayurvedic hospital Behror

Guruji ayurvedic hospital Behror It is the best ayurveda hospital in this area and the many thousand patients satisfy our service any

24/11/2020
The festival of Joy, light and hope marks a new beginning in our lives.. Let the lamp that is lit on the day of Diwali a...
14/11/2020

The festival of Joy, light and hope marks a new beginning in our lives.. Let the lamp that is lit on the day of Diwali add brilliance to your life and mark a fresh beginning towards a glorious future..
Wishing u a sparkling festival of lights !..
Have a happy ,safe and Cheerful Diwali..🎆🎇
Regards -
Dr. Sudhir bhardwaj
Guruji ayurvedic hospital behror

Covid-19 महामारी मै immunity promoting के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा दिए निर्देश
17/05/2020

Covid-19 महामारी मै immunity promoting के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा दिए निर्देश

25/10/2019

धनतेरस की हार्दिक शुभ कामनाये गुरूजी आयुर्वेदा की तरफ से सभी देशवासियो को परम श्रदगुरु जी के आशीर्वाद से स्वास्थ को अब आम जन मानस पहुंचाने का लक्ष्य है ।
1.शुगर की बीमारी
2. अस्थमा दमा
3. पथरी की दवा
4.सफ़ेद दाग

5 स्वेत प्रदर
6. थायराइड की बीमारी ।
7. बार बार गर्भ पात होना
8. पुत्र प्राप्ति
9. कफ की शमश्या

11. आंखो की दवा( नजर कमजोर ,एलर्जी ,चश्मे को उतारना )
12. दांतो के रोग ( पायरिया,कीड़ा लगना )
13. गर्भ धारण करने के लिए
15. मिर्गी का रोग
16. लकवा का रोग
17. गठिया रोग (कितना भी पुराना हो)
18. किसी भी प्रकार का वात रोग
19. किसी भी प्रकार दाद ,खुजली केलिए
20. चर्म रोग
21. शरीर को बलवान बनाने के लिए

14/09/2019

आज गुरूजी आयुर्वेदा के ऑफिसियल पेज पर 1000 से अधिक लोग जुड़ चुके है आप सभी का दिल से अभिनन्दन और सदैव मानव सेवा मै उपस्थित 🙏🙏🙏

दोस्तों आज हम आपको दूध में हल्दी मिलाकर पीने से होने वाले फायदों के बारे में बतायेंगे। भारत में हल्दी हर रशोई घर में पाई...
27/11/2018

दोस्तों आज हम आपको दूध में हल्दी मिलाकर पीने से होने वाले फायदों के बारे में बतायेंगे। भारत में हल्दी हर रशोई घर में पाई जाती हैं। हल्दी को हम एक मसाले के रूप में काम में लेते हैं। लेकिन हम यह नही जानते की अगर हल्दी को दूध में डालकर पीने से यह औषधि के रूप में काम करता हैं।
आयुर्वेद में हल्दी को सबसे बेहतरीन नेचुरल एंटीबायोटिक माना गया है। इसलिए यह स्किन, पेट और शरीर के कई रोगों में उपयोग की जाती है। हल्दी के पौधे से मिलने वाली इसकी गांठें ही नहीं, बल्कि इसके पत्ते भी बहुत उपयोगी होते हैं। ये तो हुई बात हल्दी के गुणों की, इसी प्रकार दूध भी प्राकृतिक प्रतिजैविक है।
यह शरीर के प्राकृतिक संक्रमण पर रोक लगा देता है। हल्दी व दूध दोनों ही गुणकारी हैं, लेकिन अगर इन्हें एक साथ मिलाकर लिया जाए तो इनके फायदे दोगुना हो जाते हैं। इन्हें एक साथ पीने से यह कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं दूर होती हैं। हल्दी दूध के गुणो के कारण इसे गोल्डन मिल्क (Golden Milk) कहा जाता है। आइये जानते है इसके बारे में...

हल्दी दूध के फायदे :

1) हडि्डयों को पहुंचाता है फायदा : रोजाना हल्दी वाला दूध लेने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलता है। हड्डियां स्वस्थ और मजबूत होती है। यह ऑस्टियोपोरेसिस के मरीजों को राहत पहुंचाता है।

2) गठिया दूर करने में है सहायक : हल्दी वाले दूध को गठिया के निदान और रियूमेटॉइड गठिया के कारण सूजन के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। यह जोड़ो और पेशियों को लचीला बनाकर दर्द को कम करने में भी सहायक होता है।

3) टॉक्सिन्स दूर करता है : आयुर्वेद में हल्दी वाले दूध का इस्तेमाल शोधन क्रिया में किया जाता है। यह खून से टॉक्सिन्स दूर करता है और लिवर को साफ करता है। पेट से जुड़ी समस्याओं में आराम के लिए इसका सेवन फायदेमंद है।

4) कीमोथेरेपी के बुरे प्रभाव को कम करते हैं : एक शोध के अनुसार, हल्दी में मौजूद तत्व कैंसर कोशिकाओं से डीएनए को होने वाले नुकसान को रोकते हैं और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करते हैं।

5) कान के दर्द में आराम मिलता है : हल्दी वाले दूध के सेवन से कान दर्द जैसी कई समस्याओं में भी आराम मिलता है। इससे शरीर का रक्त संचार बढ़ जाता है जिससे दर्द में तेजी से आराम होता है।

6) चेहरा चमकाने में मददगार : रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से चेहरा चमकने लगता है। रूई के फाहे को हल्दी वाले दूध में भिगोकर इस दूध को चेहरे पर लगाएं। इससे त्वचा की लाली और चकत्ते कम होंगे। साथ ही, चेहरे पर निखार और चमक आएगी।

7) ब्लड सर्कुलेशन ठीक करता है : आयुर्वेद के अनुसार, हल्दी को ब्लड प्यूरिफायर माना गया है। यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को मजबूत बनाता है। यह रक्त को पतला करने वाला आैर लिम्फ तंत्र और रक्त वाहिकाओं की गंदगी को साफ करने वाला होता है।

8) मोटापा घटाए : रोजाना एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर लेने से शरीर सुडौल हो जाता है। दरअसल गुनगुने दूध के साथ हल्दी के सेवन से शरीर में जमा फैट्स घटता है। इसमें उपस्थित कैल्शियम और अन्य तत्व सेहतमंद तरीके से वेट लॉस में मददगार हैं।

9) स्किन प्रॉब्लम्स में है रामबाण : हल्दी वाला दूध स्किन प्रॉब्लम्स में भी रामबाण का काम करता है।

10) लीवर को मजबूत बनाता है : हल्दी वाला दूध लीवर को मजबूत बनाता है। यह लीवर से संबंधित बीमारियों से शरीर की रक्षा करता है और लिम्फ तंत्र को साफ करता है।

11) अल्सर ठीक करता है : यह एक शक्तिशाली ऐन्टी-सेप्टिक होता है और आंत के स्वस्थ बनाने के साथ-साथ पेट के अल्सर और कोलाइटिस का उपचार करता है। इससे पाचन बेहतर होता है और अल्सर, डायरिया और अपच नहीं होता।

12) महावारी में होने वाले दर्द से राहत देता है : हल्दी वाला दूध माहवारी में होने वाले दर्द में राहत देता है। गर्भवती महिलाओं को इस सुनहरे दूध को आसान प्रसव, प्रसव बाद सुधार, बेहतर दूध उत्पादन और शरीर को जल्दी सामान्य करने के लिए हल्दी का दूध लेना चाहिए।

13) सर्दी खांसी में है रामबाण : हल्दी वाले दूध के एंटीबायोटिक गुण के कारण सर्दी-खांसी में ये एक कारगर दवा का काम करता है। हल्दी वाला दूध मुक्त रैडिकल्स से लड़ने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत है। इससे कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं।

14) ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है : दूध में हल्दी मिलाकर पीने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है। आयुर्वेद के अनुसार, हल्दी को ब्लड प्यूरिफायर माना गया है। यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को मजबूत बनाता है। यह रक्त को पतला करने वाला और लिम्फ तंत्र और रक्त वाहिकाओं की गंदगी को साफ करने वाला होता है।

15) शरीर को सुडौल मजबूत बनाता है : रोज एक गिलास दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से हमारा शरीर सुडौल हो मजबूत हो जायेगा। दरअसल गुनगुने दूध के साथ हल्दी के सेवन से इसमें उपस्थित कैल्शियम और अन्य तत्व सेहतमंद तरीके से वजन को कम करने में मददगार हैं। सिर्फ 7 दिन दूध में हल्दी डालकर पीने से हमे शरीर में फर्क महसूस होने लगेगा।

16) हडि्डयों को मजबूत बनाता हैं : दूध में हल्दी मिलाकर पीने से हड्डियां मजबूत होती हैं क्यूंकि इसको पीने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलता है। हड्डियां स्वस्थ और मजबूत होती है।

17) चेहरा चमकाने में मददगार : दूध में हल्दी मिलाकर पीने से चेहरा चमकने लगता है। इससे त्वचा की लाली और चकत्ते कम होंगे। साथ ही, चेहरे पर निखार और चमक आएगी। सिर्फ 7 दिन दूध में हल्दी डालकर पीने से तवचा में फर्क महसूस होने लगेगा

हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्।मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते।‌। The science of life which deals with t...
05/11/2018

हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्।
मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते।‌।

The science of life which deals with the beneficial, harmful, happy and unhappy life, and their yardsticks, promoters, and nature is called Ayurveda (Ch.Su. 1.44).

Wishing you all a very Happy Dhanteras,Happy Dhanwantari Jayanti and National Ayurved Day...

*सफेद दाग का 100% आयुर्वेदिक इलाज*➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖         *सफेद दाग (leucoderma)*➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖इस रोग में त्वचा का प्राकृतिक रं...
17/04/2018

*सफेद दाग का 100% आयुर्वेदिक इलाज*
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
*सफेद दाग (leucoderma)*
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
इस रोग में त्वचा का प्राकृतिक रंग बदल जाता है और वहां सफेदी आ जाती है। सफेदी के कारण इसे शिवत्र भी कहते हैं। इस रोग को हिन्दी में ‘श्वेत कुष्ठ’ अथवा ‘सफेद कोढ़’ के नामों से भी जाना जाता है, परंतु कुछ चिकित्सक इसे ‘कोढ़” न मानकर एक अलग ही रोग मानते हैं। शरीर के किसी भी हिस्से पर त्वचा का रंग में बदलाव होकर धीरे-धीरे यह रोग फैलता जाता है और एक समय ऐसा आता है, जब लगभग सारा शरीर ही सफेद हो जाता है। शरीर के विभिन्न भागों (चेहरा, होंठ, टांग, हाथ) पर पहले छोटे-छोटे सफेद दाग या सफेद चकत्ते पड़ जाते हैं, परंतु बाद में वे धीरे-धीरे फैलते जाते हैं | यह रोग संक्रामक नहीं होता और न ही इसके होने पर दर्द होता है। मेडिकल टर्म में इस समस्या को vitiligo के नाम से जाना जाता है | दरअसल त्वचा के बाहरी स्तर में मेलेनिन नामक रंजक द्रव्य रहता है, जो त्वचा को प्राकृतिक रंग देता है। विभिन्न कारणों से (जो आगे चलकर हम बतायेंगे ) इसके ठीक से काम न करने से सफेद दाग उत्पन्न होते है |
✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒
ये सफेद दाग कभी-कभी तो अपने आकार में सिमटकर ही रह जाते हैं और कभी-कभी शरीर पर अत्यधिक फैल जाते हैं। एलोपैथिक चिकित्सा में इसको चेक करने के लिए रोगी के सफेद दागों वाली त्वचा को चुटकी से ऊपर उठाकर मांस से अलग करके उसमें सुई चुभोकर देखते हैं यदि उसमें रक्त निकल आए तो चिकित्सा योग्य समझा जाता है और यदि पानी जैसा तरल निकले तो-‘असाध्य’ यानि “लाइलाज” मान लिया जाता है | (घर पर इस टेस्ट को ना आजमायें क्योंकि यह परीक्षण केवल एक प्रशिक्षित डॉक्टर द्वारा ही किया जाता है |
✍🏼✍🏼✍🏼✍🏼✍🏼✍🏼✍🏼✍🏼✍🏼✍🏼✍🏼
सफेद दाग कोई ऐसा रोग नहीं जो एक से दूसरे को लग जाए। पीड़ित रोगी की संतान भी सफेद दाग से ग्रस्त हो, ऐसा जरुरी नहीं होता।

🧐 *सफेद दाग के कारण* 🧐

आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार श्वेत कुष्ठ की उत्पति प्रकृति विरुद्ध खाना खाने से , खाने में अनियमितता, बासी, दूषित सड़े-गले मांस के खाने से होती है।

वैसे ज्यादातर विशेषज्ञों का मत यह है की सफेद दाग होने के प्रमुख कारणों में त्वचा में मेलानोसाइट्स सेल्स द्वारा उत्पादित मेलेनिन की कमी ही होता है |

*श्वेत कुष्ठ कोई प्राणघातक रोग नहीं, लेकिन इन सफेद दागों से चेहरे की सुंदरता नष्ट हो जाने के कारण सभी इस रोग से भयभीत रहते हैं।*
🖌🖌🖌🖌🖌🖌🖌🖌🖌🖌🖌
*सफेद दाग के लक्षण*
🖌🖌🖌🖌🖌🖌🖌🖌🖌🖌🖌
इस रोग के लक्षणों में शुरू में हाथों, कोहनी, चेहरे, टखने, पैर, कमर आदि स्थानों पर सफेद दाग उभर कर धीरे-धीरे सारे शरीर में फैलते हैं तथा इन दागों में कोई पीड़ा नहीं होती है।

👉🏼 *पथ्य➖अपथ्य* 👈🏼

🔷नमक रहित गेहूं, बाजरा, ज्वार, जौ की रोटी, जौ का दलिया, पुराना चावल, मूंग, मसूर की दाल भोजन में खाएं।

🔶खट्टी चीजें जैस इमली, खटाई, नीबू, संतरा, आम, अंगूर, टमाटर, आंवला, अमरुद, आलूबुखारा, अचार, दही, लस्सी, मिर्च, मैदा, उड़द दाल न खाएं। इन चीजो का सफेद दाग में परहेज रखें |
♻♻♻♻♻♻♻♻♻♻♻

👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼👇🏼
*अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे:-*
Guruji Ayurvedic hospital Behror
NH:-8
Mob no. 8502033919/ 9992203919

Benefits aswagandha
14/04/2018

Benefits aswagandha

Address

NH-8 Behror
Behror
301701

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Guruji ayurvedic hospital Behror posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Guruji ayurvedic hospital Behror:

Share

Category