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B S Chauhan Page Brijpal Singh Chouhan
(Naturopath, Editor, Social Worker, and Spiritual Seeker)
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❄️ गर्मियों में शरीर की भयंकर गर्मी, गुस्सा और हाई ब्लड प्रेशर (BP) को बिना दवा के कैसे शांत करें? ❄️हमारा शरीर और ब्रह्...
17/05/2026

❄️ गर्मियों में शरीर की भयंकर गर्मी, गुस्सा और हाई ब्लड प्रेशर (BP) को बिना दवा के कैसे शांत करें? ❄️

हमारा शरीर और ब्रह्मांड एक ही ऊर्जा से चलते हैं। हमारे शरीर में दाईं ओर 'सूर्य नाड़ी' (गर्मी) और बाईं ओर 'चंद्र नाड़ी' (शीतलता) होती है। भीषण गर्मियों में जब सूर्य नाड़ी हावी होती है, तो शरीर में एसिडिटी, छाले, हाई BP और गुस्सा बढ़ने लगता है।

योग विज्ञान में इसका एक बहुत ही सरल और चमत्कारी समाधान है— चंद्रभेदी प्राणायाम! 🧘‍♀️🌿

इसके अद्भुत लाभ:
✅ हाई BP में रामबाण: यह हृदय गति को शांत करता है। अचानक BP बढ़ने पर 5 मिनट का अभ्यास इसे नॉर्मल कर सकता है।
✅ गहरी नींद: यह मस्तिष्क की नसों को रिलैक्स कर प्राकृतिक 'स्लीपिंग पिल' का काम करता है।
✅ पित्त दोष शांत: एसिडिटी और पेट की जलन में तुरंत राहत।

कैसे करें (सरल विधि):
अपने दाएँ हाथ के अंगूठे से अपनी 'दाईं नाक' (Right Nostril) बंद करें। अब केवल 'बाईं नाक' (Left Nostril) से गहरी सांस लें, और फिर दाईं नाक से सांस बाहर छोड़ दें। (याद रखें: सांस हमेशा बाईं तरफ से ही लेनी है)। इसे 10-15 बार दोहराएं।

📦 दादी माँ का अचूक नुस्खा: रात को सोने से पहले पैरों के तलवों पर थोड़ा सा गाय का घी या नारियल तेल मलें और 5 मिनट यह प्राणायाम करें। आपको बेहद गहरी और मीठी नींद आएगी।

विस्तृत जानकारी के लिए आप मेरे ब्लॉग पर यह पूरा लेख पढ़ सकते हैं:

गर्मियों में हाई BP, गुस्से और नींद न आने की समस्या से परेशान अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ इस पोस्ट को शेयर (Share) जरूर करें! सबका स्वास्थ्य, सबका सुख! 🙏

🥭 सावधान: क्या आप भी आम खाने का यह सबसे जरूरी नियम तोड़ रहे हैं? 🥭गर्मियों में आम खाना किसे पसंद नहीं! यह शरीर को तुरंत ...
11/05/2026

🥭 सावधान: क्या आप भी आम खाने का यह सबसे जरूरी नियम तोड़ रहे हैं? 🥭

गर्मियों में आम खाना किसे पसंद नहीं! यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, नया खून बनाता है और कमजोरी दूर करता है। लेकिन अक्सर शिकायत मिलती है कि आम खाने से बच्चों के चेहरे पर मुहांसे, फोड़े-फुंसियां या पेट खराब हो गया। ऐसा क्यों?

कारण: पेड़ से टूटने के बाद आम में एक चिपचिपा तरल और छिलके में 'फाइटिक एसिड' (Phytic Acid) होता है। इसमें भयंकर गर्मी (पित्त) होती है। बाजार से लाकर इसे सीधे खा लेना पेट में आग डालने जैसा है। 🔥

✅ सही प्राकृतिक नियम: आम को खाने से कम से कम 2 से 4 घंटे पहले एक बाल्टी या बर्तन के सादे पानी में पूरी तरह डुबो कर रख दें। पानी इसकी सारी गर्मी और केमिकल्स खींच लेगा। इसके बाद यह आपके लिए अमृत बन जाएगा! 💧

दादी माँ का नुस्खा: अगर वजन बढ़ाना है, तो मीठे पके आम का रस ठंडे दूध में मिलाकर पिएं (मैंगो शेक)। यह कमजोरी दूर करने का सबसे बेहतरीन देसी टॉनिक है! 💪

डायबिटीज और आम का सच: क्या शुगर के मरीज आम खा सकते हैं?

डायबिटीज के मरीजों के लिए नियम: यदि डायबिटीज के मरीज इसे सीमित मात्रा में (दिन में आधा या एक आम) और चबा-चबा कर खाएं, तो इसमें मौजूद फाइबर (Fiber) शुगर को एकदम से बढ़ने नहीं देता। बस ध्यान रहे कि आम का जूस न पिएं, इसे साबुत खाएं। (नोट: डायबिटीज के मरीज हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका सेवन करें)।

आम के दीवाने अपने परिवार और दोस्तों को बीमारियों से बचाने के लिए इस पोस्ट को तुरंत शेयर (Share) करें! स्वस्थ रहें, प्राकृतिक रहें! 🌿🙏

15/04/2026

अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ के 29 वर्ष पूर्ण होने पर माता भगवती जगत जननी दुर्गा जी एवं परम पूज्य सदगुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के चरणों में शत-शत नमन बंदन प्रमाण। 🙏 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌺🌺🌺🌼🌺🌺🌼🙏🏻

💪 सफेद मूसली: शारीरिक शक्ति और यौवन का आधार 💪सफेद मूसली का प्राथमिक कार्य शरीर में स्थित सबसे मूल्यवान तत्व—मज्जा (वीर्य...
10/04/2026

💪 सफेद मूसली: शारीरिक शक्ति और यौवन का आधार 💪
सफेद मूसली का प्राथमिक कार्य शरीर में स्थित सबसे मूल्यवान तत्व—मज्जा (वीर्य)—को शोधित और पुष्ट करना है। जब वीर्य शुद्ध और शक्तिशाली होता है, तो व्यक्ति के अंदर ओज की वृद्धि होती है।

🌱 एक बॉडीबिल्डर के लिए इसके क्या मायने हैं?
प्राकृतिक टेस्टोस्टेरोन बूस्टर: सफेद मूसली में प्राकृतिक सैपोनिन्स होते हैं जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को संतुलित रखने में मदद करते हैं, जो मांसपेशियों के निर्माण (Muscle Building) के लिए अनिवार्य है।

🌱 तीव्र रिकवरी (Muscle Recovery): वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में होने वाली थकान और दर्द को कम करने में यह बहुत सहायक है।

🌱 स्थायी स्टैमिना: यह आपके 'कोर स्टैमिना' को बढ़ाती है, जिससे आप लंबे समय तक बिना थके भारी व्यायाम कर सकते हैं।

🌱 दोहरा लाभ (Dual Benefit): यह औषधि केवल पुरुषों के लिए नहीं, बल्कि स्त्रियों के लिए भी समान रूप से लाभकारी है, जो शारीरिक कमजोरी को दूर कर उन्हें ऊर्जावान बनाती है।

🌱 विशेष आयुर्वेदिक 'मूसली चूर्ण' फॉर्मूला (Expert Formulation)
केवल सफेद मूसली लेना पर्याप्त नहीं है। बॉडीबिल्डिंग और भारी व्यायाम के लिए, मैं एक विशेष मिश्रण का सुझाव देता हूँ जो सप्त धातुओं को पुष्ट करता है। इसे घर पर बनाने की विधि नीचे दी गई है:

🌱 घटक द्रव्य (Ingredients) और उनकी मात्रा:
सफेद मूसली (White Musli): 300 ग्राम (मुख्य आधार)
काली मूसली (Black Musli): 100 ग्राम
अश्वगंधा (Ashwagandha): 100 ग्राम (शक्ति के लिए)
शतावर (Shatavari): 100 ग्राम (रिकवरी के लिए)
तालमखाना (Talamkhana): 50 ग्राम
सालमपंजा (Salampanja): 50 ग्राम
लाजवन्ती के बीज (Lajwanti Seeds): 50 ग्राम
छोटी गोखरू (Gokhru): 50 ग्राम
बंसलोचन (Banslochan): 30 ग्राम
जावित्री (Javitri): 30 ग्राम
गिलोय सत्व (Giloy Satva): 30 ग्राम (इम्यूनिटी के लिए)
प्रवाल भस्म (Praval Bhasma): 30 ग्राम
केशर (Saffron): 20 ग्राम
इलायची (Cardamom): 20 ग्राम
🌱 विधि: इन सब सामग्रियों को कूट-पीसकर बारीक कपड़छन (सूती कपड़े से छानना) कर लें और एक एयर-टाइट डिब्बे में सुरक्षित रख लें।

🌱 सेवन की सही विधि और महत्वपूर्ण परहेज (Dosage & Restrictions)
आयुर्वेदिक औषधि तभी काम करती है जब उसे सही विधि और अनुशासन के साथ लिया जाए।

🌱 सेवन विधि (How to use):
मात्रा: प्रतिदिन 3 ग्राम चूर्ण (लगभग एक छोटा चम्मच)।
🌱 कब लें: सुबह और रात्रि में सोते समय।
किसके साथ: गाय के गुनगुने दूध के साथ, जिसमें थोड़ी मिश्री मिली हो।
🌱 कब तक: लगातार तीन महीने तक। यह औषधि सर्दियों के मौसम में लेना सबसे अधिक फायदेमंद होता है।

🌱 महत्वपूर्ण परहेज (Strict Precautions):
दवा सेवन काल में निम्नलिखित चीजों का सेवन पूर्णतः वर्जित करें:
तली हुई और मसालेदार चीजें (Fried Food)
खट्टी चीजें (Pickles, Vinegar)
बादी करने वाली चीजें (Foods that cause bloating)
शराब (Alcohol)
मांस (Meat)
इन चीजों का परहेज न करने पर औषधि का पूरा प्रभाव शरीर पर नहीं पड़ता है।

🌱 प्रकृति की ओर लौटें
सिंथेटिक सप्लीमेंट्स एक भ्रम हैं जो स्वास्थ्य की कीमत पर तात्कालिक संतुष्टि देते हैं। सफेद मूसली और आयुर्वेद, स्वास्थ्य, सुंदरता और स्थायी शक्ति का एक सुरक्षित और प्रामाणिक मार्ग हैं। यदि आप अपनी कांति, ओज और शारीरिक शक्ति को लंबे समय तक बरकरार रखना चाहते हैं और रोगों से मुक्त रहना चाहते हैं, तो आयुर्वेद की शरण में आएं।

प्राकृतिक तरीके से बना शरीर न केवल सुंदर दिखता है, बल्कि उसमें वास्तविक बल भी होता है जो बुढ़ापे तक आपका साथ देता है।

☀️ क्या अप्रैल-मई की गर्मी ने आपके पेट का हाल बेहाल कर दिया है? ☀️गर्मियों में पेट में जलन, भयंकर गैस, खट्टी डकारें और य...
10/04/2026

☀️ क्या अप्रैल-मई की गर्मी ने आपके पेट का हाल बेहाल कर दिया है? ☀️

गर्मियों में पेट में जलन, भयंकर गैस, खट्टी डकारें और यूरिन इन्फेक्शन की समस्या बहुत आम हो जाती है। हम राहत पाने के लिए तुरंत फ्रिज का ठंडा पानी या बाजारू ड्रिंक्स पी लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ड्रिंक्स आपके पाचन तंत्र को और ज्यादा खराब कर देते हैं?

प्रकृति ने हमें हमारी रसोई में ही एक जादुई 'डिटॉक्स ड्रिंक' दिया है— जीरा और धनिया का पानी! 🌿💧

यह कैसे काम करता है?
अक्सर लोग सोचते हैं कि जीरा और धनिया गरम मसाले हैं। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, जब आप एक चम्मच साबुत जीरा और एक चम्मच धनिया रात भर पानी में भिगोकर रखते हैं, तो इनकी तासीर 'शीतल' हो जाती है। सुबह उठकर इस पानी को घूंट-घूंट पीने से:
✅ पेट की एसिडिटी तुरंत शांत होती है।
✅ किडनी डिटॉक्स होती है और यूरिन की जलन दूर होती है।
✅ शरीर का 'पित्त दोष' संतुलित होता है और नर्वस सिस्टम रिलैक्स होता है।

बनाने की सरल विधि-
एक कांच के गिलास या मिट्टी के बर्तन में एक चम्मच साबुत जीरा और एक चम्मच साबुत धनिया के बीज लें।
इसमें साफ पानी भरकर रात भर के लिए ढक कर रख दें।
सुबह उठकर, इस पानी को छान लें और खाली पेट धीरे-धीरे (sip-sip करके) पिएं। आपको महसूस होगा कि बर्फ जैसी ठंडी और सौंधी हवा गले से नीचे पेट तक जा रही है। यदि आप चाहें, तो बीजों को पानी के साथ 1-2 मिनट उबालकर, फिर ठंडा करके भी पी सकते हैं। स्वाद के लिए इसमें थोड़ी मिश्री या शहद मिलाया जा सकता है।

दादी माँ का अचूक नुस्खा: अगर तेज धूप में लू लग जाए या जी मिचलाए, तो भुने हुए जीरे और धनिया पाउडर में थोड़ा काला नमक मिलाकर पिएं। यह तुरंत इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करता है!

कॉल टू एक्शन (CTA): गर्मियों में अपने परिवार और दोस्तों को बीमारियों से बचाने के लिए इस पोस्ट को शेयर जरूर करें! स्वस्थ रहें, प्राकृतिक रहें! 🌿🙏

🦵क्या रात को सोते समय अचानक आपकी पिंडलियों की नस चढ़ जाती है या तेज दर्द होता है? ⚡क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप रात में गहर...
09/04/2026

🦵क्या रात को सोते समय अचानक आपकी पिंडलियों की नस चढ़ जाती है या तेज दर्द होता है? ⚡

क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप रात में गहरी नींद में सो रहे हों और अचानक पिंडलियों (Calf Muscles) में इतनी तेज ऐंठन या दर्द हो कि आपकी चीख निकल जाए? पैरों की नस चढ़ने का यह दर्द इतना असहनीय होता है कि कुछ पलों के लिए पैर हिलाना भी मुश्किल हो जाता है। अक्सर लोग घबराकर पेनकिलर्स का सहारा लेते हैं, लेकिन प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार, शरीर दर्द के माध्यम से हमसे कुछ कह रहा होता है। पिंडलियों में फाटन कोई भयंकर बीमारी नहीं, बल्कि शरीर का एक अलार्म है। Calf Cramps in Hindi

पिंडलियों में दर्द और नस चढ़ने के मुख्य कारण
दवाइयों की तरफ भागने से पहले हमें इसके मूल कारणों को समझना होगा। प्रकृति के नियमों की अनदेखी ही इस दर्द का मुख्य कारण है:

डिहाइड्रेशन (पानी की कमी): शरीर में पानी की कमी होने से मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं।

इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन: पसीने या गलत खान-पान के कारण शरीर में कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी लवणों की कमी।

गलत मुद्रा और थकान: दिन भर खड़े रहना, गलत जूते पहनना या अत्यधिक शारीरिक श्रम करना।
रक्त संचार की कमी: शारीरिक सक्रियता (Exercise) न होने के कारण पिंडलियों तक खून का सही प्रवाह न होना।

🚨 रात में पैर दर्द के कारण- रात को अचानक नस चढ़ जाए तो तुरंत क्या करें? (First Aid)
अगर रात में अचानक पिंडलियों में दर्द उठे, तो घबराएं नहीं। पिंडलियों में ऐंठन के घरेलू उपाय, प्राकृतिक चिकित्सा के ये त्वरित उपाय तुरंत राहत देंगे, पैरों की नस चढ़ने का उपाय:

स्ट्रेचिंग (खिंचाव): पैर को बिल्कुल सीधा करें और अपने पंजों को अपनी तरफ (घुटने की ओर) खींचें। इससे सिकुड़ी हुई नस तुरंत खुल जाएगी।

विपरीत दिशा में मालिश: दर्द वाली जगह पर अंगूठे की मदद से नीचे से ऊपर की ओर (हृदय की दिशा में) हल्के हाथों से दबाव डालें।

नंगे पैर चलें: अगर संभव हो तो ठंडी फर्श पर कुछ कदम नंगे पैर चलें; यह शरीर के 'अर्थिंग' (Earthing) तंत्र को सक्रिय कर मांसपेशियों को आराम देता है।

🌿 प्राकृतिक चिकित्सा के अचूक और स्थायी उपाय
अगर आप इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं, पिंडलियों में दर्द का इलाज तो अपनी जीवनशैली में इन प्राकृतिक समाधानों को शामिल करें:

1. जल चिकित्सा (Hydrotherapy)
रात को सोने से पहले बाल्टी में सहने योग्य गर्म पानी लें और उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक मिला लें। 10-15 मिनट तक अपने पैरों को इसमें डुबो कर रखें। इससे पिंडलियों का रक्त संचार तेज होता है और रात में नस चढ़ने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है।

2. सरसों तेल और सेंधा नमक की मालिश
सरसों के तेल को हल्का गुनगुना करें और उसमें चुटकी भर सेंधा नमक मिला लें। इस तेल से पिंडलियों की नीचे से ऊपर की ओर मालिश करें। यह मांसपेशियों की जकड़न को खोलने का एक जादुई तरीका है।

3. इलेक्ट्रोलाइट्स की प्राकृतिक भरपाई (आहार)
बाजार के सप्लीमेंट्स के बजाय प्राकृतिक स्रोतों पर भरोसा करें:

केला: यह पोटैशियम का खजाना है। दिन में एक केला जरूर खाएं।
नारियल पानी: यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाता है।
नींबू पानी और गुड़: चीनी की जगह गुड़ और नींबू का पानी पिएं।

4. सूर्य किरण और मिट्टी चिकित्सा
सुबह की हल्की धूप में अपने पैरों को खुला रखें। इसके अलावा, हफ्ते में एक बार पिंडलियों पर साफ गीली मिट्टी का लेप लगाने से मांसपेशियों की अंदरूनी गर्मी और तनाव खिंच जाता है।

मेरी राय में:
पेनकिलर्स केवल दर्द के अहसास को सुन्न करते हैं, वे बीमारी की जड़ को खत्म नहीं करते। प्रकृति ने हमें स्वयं को हील (Heal) करने की अद्भुत क्षमता दी है। सही आहार, थोड़ा सा व्यायाम और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाकर आप इस समस्या को जड़ से मिटा सकते हैं।

🌿 महुआ: आदिवासियों का 'कल्पवृक्ष' और शारीरिक कमजोरी का अचूक देसी इलाज! 🌿आप सभी से जय माता की - जय गुरुवर की! 🙏आज का आधुन...
05/04/2026

🌿 महुआ: आदिवासियों का 'कल्पवृक्ष' और शारीरिक कमजोरी का अचूक देसी इलाज! 🌿
आप सभी से जय माता की - जय गुरुवर की! 🙏
आज का आधुनिक समाज प्रोटीन पाउडर और सिंथेटिक विटामिन की गोलियों पर हजारों रुपये खर्च कर रहा है, जबकि हमारी प्रकृति ने हमें "महुआ" के रूप में 'गरीबों का बादाम' मुफ्त में दिया है! आइए मेरी पुस्तक "प्रकृति के संग, स्वास्थ्य का संकल्प" के इस अंश से जानें महुआ के चमत्कारी फायदे:
👉 खून की कमी और भयंकर थकान का नाशक: खराब खानपान से महिलाओं और बच्चों में खून की कमी आम है। महुआ में आयरन और कैल्शियम का भंडार है, जो तुरंत नया खून बनाता है और पुरानी से पुरानी थकान मिटाता है।
👉 हड्डियों की मजबूती: बढ़ती उम्र में जोड़ों का दर्द (वात रोग) परेशान करता है। महुआ की कैल्शियम और फास्फोरस की ताकत हड्डियों को लोहे जैसा मजबूत बनाती है।
📦 दादी माँ का अचूक नुस्खा (प्रसवोत्तर कमजोरी और दर्द के लिए):
रात को 10-12 सूखे महुए के फूलों को पानी में धोकर एक गिलास देसी गाय के दूध में अच्छी तरह उबाल लें। रात को सोने से पहले महुए चबा-चबाकर खाएं और दूध पी लें। मात्र 15-20 दिनों में फौलाद जैसी ताकत आ जाएगी!
🔍 भ्रांति और सच (Myth vs. Fact):
लोग सोचते हैं महुआ एक नशीला पदार्थ है (देसी शराब)। यह सबसे बड़ा अज्ञान है! महुआ प्राकृतिक रूप में बिल्कुल नशीला नहीं होता। इसे दूध या खीर के साथ खाना 100% सात्विक है और यह हर उम्र के लिए सुपरफूड है।
📢 कॉल टू एक्शन (CTA):
मेडिकल स्टोर्स से कृत्रिम डिब्बे लाना बंद करें और प्रकृति के इस खजाने को अपनी रसोई में लाएं। महुआ को लेकर फैले इस भ्रम को दूर करने के लिए इस पोस्ट को अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर (Share) जरूर करें! 👇

☀️ गर्मियों का प्राकृतिक AC: बेल का शरबत! ☀️जय माता की! 🙏अप्रैल के महीने में जब धूप तेज होने लगती है, तो हम अक्सर प्यास ...
03/04/2026

☀️ गर्मियों का प्राकृतिक AC: बेल का शरबत! ☀️
जय माता की! 🙏
अप्रैल के महीने में जब धूप तेज होने लगती है, तो हम अक्सर प्यास बुझाने के लिए बाजारू कोल्ड-ड्रिंक्स की तरफ भागते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये रंग-बिरंगे और केमिकल युक्त ड्रिंक्स हमारे शरीर को अंदर से जलाते हैं?
प्रकृति ने हमें तपती गर्मी से बचाने के लिए सबसे अद्भुत औषधीय फल 'बेल' (Wood Apple) उपहार में दिया है। मेरी पुस्तक "प्रकृति के संग, स्वास्थ्य का संकल्प" के इस अंश में आइए जानते हैं कि प्राकृतिक चिकित्सा में बेल को 'संजीवनी' क्यों माना गया है:
👉 पेट की सूजन और अल्सर में रामबाण: गर्मी में मसालेदार खाने या कम पानी पीने से अक्सर पेट में अल्सर (छाले) या एसिडिटी हो जाती है। बेल का शरबत आंतों की अंदरूनी परत पर एक सुरक्षात्मक लेप (Coating) बना देता है, जिससे जलन शांत होती है और पाचन तंत्र मजबूत होता है।
👉 खून की सफाई और ऊर्जा का संचार: बेल में विटामिन सी, कैल्शियम और फाइबर का भरपूर भंडार होता है। यह पसीने के रास्ते शरीर से हानिकारक तत्वों (Toxins) को बाहर निकालता है और खून को साफ करता है। गर्मियों में थकान दूर करने वाला यह असली देसी एनर्जी ड्रिंक है!
📦 दादी माँ का अचूक प्राकृतिक नुस्खा:
गर्मियों में दस्त या पेचिश हो? कच्चे या आधे पके बेल के गूदे को भूनकर खाएं।
भयंकर कब्ज हो? पके हुए बेल का शरबत (बिना चीनी मिलाए) सुबह खाली पेट पिएं। यह आंतों में जमे पुराने मल को खुरच कर बाहर निकाल देता है।
🔍 स्वास्थ्य भ्रांति और सच (Myth vs. Fact):
लोग कहते हैं डायबिटीज के मरीज बेल नहीं खा सकते। यह गलत है! बेल का प्राकृतिक मीठापन नुकसानदायक नहीं है। शुगर के मरीज बाजार का चीनी युक्त शरबत पीने के बजाय, घर पर बेल के गूदे को पानी में मथकर (बिना चीनी या गुड़) छानकर पी सकते हैं। इसका फाइबर ब्लड शुगर को एकदम से बढ़ने नहीं देता।
🌿 मेरी राय:
गर्मियों में अपने फ्रिज को कृत्रिम कोल्ड ड्रिंक्स से भरने के बजाय, अपने किचन में ताजे बेल को जगह दें। इसे बनाते समय चीनी की जगह धागे वाली मिश्री या गुड़ का प्रयोग करें।
📢 कॉल टू एक्शन (CTA):
अपने परिवार को केमिकल वाले ड्रिंक्स से बचाएं और आज ही घर पर बेल का शरबत बनाएं। यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी अपने परिवार और मित्रों के साथ शेयर (Share) जरूर करें ताकि वे भी स्वस्थ रहें!

सहजन (Moringa): वसंत का 'सुपरफूड' जो 300 बीमारियों को शरीर से रखता है दूरवसंत ऋतु में एक ऐसा पेड़ सफेद फूलों से लद जाता ...
28/03/2026

सहजन (Moringa): वसंत का 'सुपरफूड' जो 300 बीमारियों को शरीर से रखता है दूर
वसंत ऋतु में एक ऐसा पेड़ सफेद फूलों से लद जाता है, जिसे आयुर्वेद में 'अमृत समान' और आधुनिक विज्ञान में दुनिया का सबसे ताकतवर 'सुपरफूड' (Superfood) कहा गया है। यह पेड़ है- 'सहजन' (Moringa / Drumstick)।
सर्दियों और गर्मियों के बीच के इस मौसम में जब इम्युनिटी सबसे ज्यादा डगमगाती है और जोड़ों का दर्द या कफ परेशान करता है, तब सहजन की फलियां और इसके फूल शरीर के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच बन जाते हैं।
पोषण का सबसे बड़ा प्राकृतिक पावरहाउस
सहजन कोई साधारण सब्जी नहीं है। इसके पत्तों और फलियों में संतरे से 7 गुना ज्यादा विटामिन-सी, दूध से 4 गुना ज्यादा कैल्शियम और केले से 3 गुना ज्यादा पोटैशियम होता है।
• लिवर की डीप सर्विसिंग: वसंत में जब शरीर डिटॉक्स मोड में होता है, तो सहजन का सूप लिवर में जमे हुए सबसे जिद्दी टॉक्सिन्स को गलाकर बाहर कर देता है। यह खून को साफ करके त्वचा को निखारता है।
• चेचक और मौसमी बुखार से बचाव: वसंत में सहजन के फूलों की सब्जी खाने की एक बहुत पुरानी परंपरा है। इसके फूल 'एंटी-वायरल' होते हैं जो इस मौसम में फैलने वाले चेचक (Chickenpox) और खसरे के वायरस को खत्म कर देते हैं।
📦 दादी माँ का अचूक प्राकृतिक नुस्खा
जोड़ों के दर्द और वात के लिए 'सहजन का सूप': वसंत में कफ और वात दोनों असंतुलित हो सकते हैं। 2-3 ताजी सहजन की फलियों को छोटे टुकड़ों में काट लें। इन्हें 2 कप पानी में लहसुन की 2 कलियां, थोड़ा सा अदरक, सेंधा नमक और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह उबाल लें। जब फलियां नरम हो जाएं, तो उनका गूदा निकालकर पानी के साथ पीस लें और छान लें। शाम के समय इस गर्म सूप को पीने से घुटनों का दर्द, सूजन और अस्थमा जादू की तरह गायब हो जाते हैं।
🔍 स्वास्थ्य भ्रांति और सच (Myth vs. Fact)
• भ्रांति (Myth): सहजन की तासीर बहुत गर्म होती है, इसलिए इसे वसंत या गर्मियों की शुरुआत में खाने से पेट में गर्मी और गैस बन सकती है।
• सच (Fact): सहजन की तासीर 'उष्ण' (गर्म) जरूर है, लेकिन यह 'कफ और वात नाशक' है। वसंत ऋतु में जब कफ पिघल रहा होता है, तब शरीर को इसी हल्की गर्माहट की जरूरत होती है। यदि इसे सूप के रूप में या कम मसालों के साथ पकाया जाए, तो यह पेट में गर्मी नहीं करता, बल्कि आंतों की सफाई (Detox) करके पाचन तंत्र को लोहे जैसा मजबूत बना देता है।
मेरी राय में:
वसंत ऋतु में प्रकृति के इस चमत्कारिक उपहार को अपनी रसोई का राजा बनाएं। विदेशी और महंगे सप्लीमेंट्स के बजाय अपनी मिट्टी में उगने वाले सहजन को अपनाएं। यह प्राकृतिक मल्टीविटामिन आपकी 'जीवनी शक्ति' को अपार ऊर्जा और बीमारियों से लड़ने का बल प्रदान करेगा।

चैत्र नवरात्रि के नौवे दिन माता भगवती को प्रणाम करते हुए परम पूज्य सादगुरुदेव जी महाराज             🙏
27/03/2026

चैत्र नवरात्रि के नौवे दिन माता भगवती को प्रणाम करते हुए परम पूज्य सादगुरुदेव जी महाराज
🙏

🌱 चैत्र मास की 'नीम की कोपलें': साल भर के लिए रक्त शुद्धि का प्राकृतिक 'टीका' (Vaccine) 🌱वसंत ऋतु के चरम (चैत्र मास/मार्...
24/03/2026

🌱 चैत्र मास की 'नीम की कोपलें': साल भर के लिए रक्त शुद्धि का प्राकृतिक 'टीका' (Vaccine) 🌱
वसंत ऋतु के चरम (चैत्र मास/मार्च-अप्रैल) में जब प्रकृति अपना पुराना आवरण छोड़कर नए पत्ते धारण करती है, तब नीम के पेड़ पर भी लाल और हल्के हरे रंग की बहुत ही कोमल पत्तियां (कोपलें) आती हैं। हमारे पूर्वजों ने चैत्र के महीने में इन कोपलों को चबाने का एक बहुत ही कड़ा नियम बनाया था। प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार, वसंत की ये नीम की कोपलें कोई साधारण पत्ते नहीं, बल्कि शरीर को पूरे वर्ष भर भयंकर बीमारियों और चर्म रोगों से बचाने वाला 'प्राकृतिक टीका' (Natural Vaccine) हैं।
🌱 रक्त की डीप क्लींजिंग (Deep Blood Detox)
सर्दियों के भारी खान-पान के बाद खून में बहुत से टॉक्सिन्स (गंदगी) जमा हो जाते हैं। नीम स्वाद में 'तिक्त' (कड़वा) और 'कषाय' (कसैला) होता है। जब हम वसंत ऋतु में सुबह खाली पेट इन ताजी कोपलों को चबाते हैं, तो यह सीधे हमारे लिवर (यकृत) पर काम करती हैं। यह खून में पनप रहे हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस को जड़ से मार देती हैं। इसके 15 दिन के सेवन से साल भर तक मुहांसे, दाद, खाज और फोड़े-फुंसियां नहीं होते।
🌱 इम्युनिटी का सुरक्षा चक्र
चैत्र का महीना मौसम के बदलाव का है, जिसमें चेचक (Chickenpox) और खसरा जैसी बीमारियां फैलती हैं। नीम की कोपलों में शक्तिशाली एंटी-वायरल गुण होते हैं जो इन मौसमी बीमारियों को शरीर में प्रवेश ही नहीं करने देते।
📦 दादी माँ का अचूक प्राकृतिक नुस्खा
नीम और गुड़ की जादुई गोली: नीम की पत्तियां बहुत कड़वी होती हैं, इसलिए बच्चे इन्हें नहीं खा पाते। सुबह 4-5 नीम की कोमल पत्तियों को पीस लें और उसमें थोड़ा सा पुराना गुड़ मिला लें। इसकी छोटी सी गोली बनाकर पानी के साथ निगल लें। गुड़ खून को बढ़ाता है और नीम उसे साफ करता है। यह 15 दिन का कोर्स आपके शरीर की पूरी 'ओवरहॉलिंग' कर देगा।
🔍 स्वास्थ्य भ्रांति और सच (Myth vs. Fact)
• भ्रांति (Myth): नीम बहुत कड़वा और रुक्ष (Dry) होता है, इसे रोज खाने से शरीर की ताकत कम हो जाती है और पुरुषों में कमजोरी आती है।
• सच (Fact): यदि आप साल भर अधिक मात्रा में नीम खाएंगे, तो यह नुकसान कर सकता है। लेकिन वसंत ऋतु (चैत्र मास) के 15-20 दिनों के लिए ताजी 'कोपलों' (Tender leaves) का सेवन करना अमृत के समान है। यह कमजोरी नहीं लाता, बल्कि खून को इतना शुद्ध कर देता है कि शरीर में नई स्फूर्ति और बल का संचार होता है।
🌱 मेरी राय में:
इस वसंत में महंगे ब्लड प्यूरीफायर (Blood Purifier) सिरप भूल जाइए। सुबह की सैर पर निकलें और नीम के पेड़ से कुछ ताजी कोपलें तोड़कर लाएं। प्रकृति का यह कड़वा उपहार आपके स्वास्थ्य को जीवन भर की मिठास और एक शुद्ध 'जीवनी शक्ति' से भर देगा।

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