27/12/2025
सर्दियों के दौरान हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। डॉ. बिमल छाजेड़ इस वीडियो में बताते हैं कि ठंड के मौसम में शरीर में कई बदलाव आते हैं जो दिल के लिए घातक साबित हो सकते हैं।
सर्दियों में हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट का खतरा क्यों बढ़ता है?
• रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना (Vasoconstriction): ठंड के कारण शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है और दिल को अधिक काम करना पड़ता है
• खून का गाढ़ा होना: सर्दियों में खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे क्लॉट (थक्का) बनने की संभावना बढ़ जाती है
• असामान्य हृदय गति (Arrhythmia): ठंड के कारण दिल की धड़कन का कम या ज्यादा होना (Palpitations) आम हो जाता है, जिससे अचानक कार्डिएक अरेस्ट का खतरा पैदा हो सकता है सावधानी के संकेत (Warning Signs): यदि आपको निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
• छाती में जकड़न, बेचैनी या दर्द का बढ़ना
• सांस फूलना या असामान्य रूप से थकान महसूस होना
• दिल की धड़कन का बार-बार तेज होना या कमजोरी महसूस होना
बचाव के तरीके:
1. खुद को ढंक कर रखें: बाहर निकलते समय सिर, कान और पैरों को मोजों से अच्छी तरह ढंकें ताकि शरीर की गर्मी बनी रहे
2. वॉक का समय बदलें: सुबह की कड़कड़ाती ठंड में बाहर जाने के बजाय, धूप निकलने पर ही टहलने जाएं
3. खान-पान: सर्दियों में शारीरिक सक्रियता कम होने के कारण कैलोरी कम लें और फल-सब्जियों का सेवन अधिक करें
4. नियमित जांच: सर्दियों की शुरुआत में अपना फुल बॉडी चेकअप कराएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवाइयों की खुराक (जैसे ब्लड थिनर) एडजस्ट करवाएं
अधिक जानकारी के लिए साओल हार्ट सेंटर से मिलें या संपर्क करें..
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