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दही और योगर्ट दोनों ही स्वास्थ्यवर्धक और प्रोबायोटिक से भरपूर डेयरी उत्पाद हैं, लेकिन इनके उत्पादन और पोषक तत्वों में अं...
15/04/2026

दही और योगर्ट दोनों ही स्वास्थ्यवर्धक और प्रोबायोटिक से भरपूर डेयरी उत्पाद हैं, लेकिन इनके उत्पादन और पोषक तत्वों में अंतर होता है। दही विशिष्ट जीवाणु किण्वन द्वारा बनाया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप यह चिकना और गाढ़ा होता है, जबकि योगर्ट दूध को अम्ल या स्टार्टर के साथ किण्वित करके बनाया जाता है, जिससे यह पतला और खट्टा हो जाता है।
#आयुर्वेदसेउपचार

21/03/2026

Each type of fruit has specific properties, requiring mindful .and timely routine consumption.
#आयुर्वेदसेउपचार

21/03/2026

Not all food items require refrigeration, as some may not retain their quality after being refrigerated. #आयुर्वेदसेउपचार 🍯🌿💛👍😊

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20/03/2026

Discover a world of salads that combine flavor, color, and nutrition in perfect harmony. Our collection features 9 salads, from classic Caesar to fresh Asian-inspired options. Which one will you add to your plate today? #आयुर्वेदसेउपचार

कुछ ऐसी चीजें जिन्हें कभी भी फ्रिज में नहीं रखना चाहिए: टमाटर: ठंडे तापमान से इनका स्वाद खराब हो जाता है और ये नरम, गूदे...
20/03/2026

कुछ ऐसी चीजें जिन्हें कभी भी फ्रिज में नहीं रखना चाहिए:

टमाटर: ठंडे तापमान से इनका स्वाद खराब हो जाता है और ये नरम, गूदेदार हो जाते हैं।

ब्रेड: ठंड में ब्रेड कमरे के तापमान की तुलना में बहुत जल्दी बासी और सूख जाती है।

प्याज और लहसुन: इन्हें हवा का प्रवाह आवश्यक होता है; फ्रिज में रखने पर ये नरम, रबर जैसे और फफूंदीदार हो जाते हैं तथा नमी सोख लेते हैं।

आलू: ठंड के कारण स्टार्च शर्करा में परिवर्तित हो जाता है, जिससे स्वाद और बनावट में बदलाव आ जाता है।

केले: ठंड से उनका प्राकृतिक रूप से पकना बाधित हो जाता है, जिससे वे काले पड़ जाते हैं।

शहद: ठंड के कारण इसमें क्रिस्टलीकरण होता है, जिससे यह जम जाता है।

कॉफी: फ्रिज में कॉफी गंध को सोख लेती है और अपनी सुगंध खो देती है, जिससे उसका स्वाद खराब हो जाता है।

जैतून का तेल: फ्रिज में रखने पर यह जम जाएगा और धुंधला हो जाएगा

ताजी जड़ी-बूटियाँ और तुलसी: ठंड के कारण ऑक्सीकरण से इनका स्वाद खराब हो जाता है और ये सूख जाती हैं या काली पड़ जाती हैं।

एवोकैडो और खरबूजे: इन्हें पकने के लिए काउंटर पर रखें, क्योंकि ठंड पकने की प्रक्रिया को रोक देती है।

हॉट सॉस: इनमें सिरका/अम्ल की मात्रा अधिक होने के कारण ये आम तौर पर रसोई में लंबे समय तक खराब नहीं होते।

फ्रिज में रखने पर ये चीजें क्यों खराब हो जाती हैं:
बनावट/स्वाद में कमी: ठंड फलों और सब्जियों में कोशिका संरचनाओं को तोड़ देती है, जिससे उनकी बनावट नरम और चिपचिपी हो जाती है।
नमी का अवशोषण: प्याज और कॉफी जैसी कई चीजें फ्रिज से गंध और नमी को अवशोषित कर लेती हैं, जिससे वे जल्दी खराब हो जाती हैं।
बासी होना: ब्रेड जैसी स्टार्च-आधारित वस्तुएं सूख जाती हैं, जबकि केले जैसी उष्णकटिबंधीय वस्तुएं पकने की अपनी क्षमता खो देती हैं।
#आयुर्वेदसेउपचार

त्वचा की देखभाल करने वाले पेय पदार्थ त्वचा में चमक लाते हैं, नमी बढ़ाते हैं, कोलेजन को बढ़ावा देते हैं और सूजन को कम करत...
17/03/2026

त्वचा की देखभाल करने वाले पेय पदार्थ त्वचा में चमक लाते हैं, नमी बढ़ाते हैं, कोलेजन को बढ़ावा देते हैं और सूजन को कम करते हैं। इनमें अक्सर एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और खनिज मौजूद होते हैं। प्रमुख विकल्पों में नींबू पानी (विटामिन सी), हल्दी की चाय (सूजनरोधी), ग्रीन टी (पॉलीफेनॉल) और नारियल पानी (इलेक्ट्रोलाइट्स) शामिल हैं। ये पेय पदार्थ त्वचा को आंतरिक रूप से नमी प्रदान करते हैं और मुहांसे, बढ़ती उम्र के निशान और त्वचा की चमक फीकी पड़ने जैसी समस्याओं से लड़ने के लिए पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं।

त्वचा की देखभाल के लिए पेय पदार्थों के प्रमुख लाभ:
हाइड्रेशन बूस्ट: नारियल पानी और खीरे का पानी जैसे पेय पदार्थ त्वचा की कोशिकाओं को भरा-भरा रखते हैं, जिससे सूखापन, पपड़ीदारपन से बचाव होता है और त्वचा की लोच में सुधार होता है।
सूजन और मुंहासों में कमी: हल्दी वाला दूध, अदरक की चाय और एलोवेरा के रस में सूजन-रोधी गुण होते हैं जो मुंहासों, लालिमा और जलन को शांत करने में मदद करते हैं।

निखार और कोलेजन सपोर्ट: विटामिन सी से भरपूर पेय पदार्थ (जैसे, आंवला का रस, नींबू पानी) और चुकंदर का रस कोलेजन संश्लेषण को बढ़ावा देते हैं, जिससे त्वचा में कसाव आता है, रूखापन कम होता है और रंगत अधिक चमकदार और कांतिमान होती है।
विषहरण और पोषक तत्वों की पूर्ति: हरे रस (पालक/केल) और सब्जियों के रस आवश्यक विटामिन (ए, सी, के) प्रदान करते हैं जो त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं, जिससे पर्यावरणीय क्षति से लड़ने में मदद मिलती है।

एंटी-एजिंग प्रभाव: एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पेय पदार्थ, जैसे कि ग्रीन टी और बेरी स्मूदी, त्वचा को फ्री रेडिकल क्षति से बचाते हैं, जो समय से पहले उम्र बढ़ने से रोक सकते हैं और महीन रेखाओं को कम कर सकते हैं।

त्वचा के लिए सर्वोत्तम दैनिक पेय:
नींबू पानी/आंवला का रस: यह विटामिन सी से भरपूर होता है, कोलेजन को बढ़ाता है और त्वचा को चमकदार बनाता है ।

हल्दी लट्टे/दूध: यह सूजन से लड़ता है और त्वचा की मरम्मत में सहायता करता है।

ग्रीन टी: पॉलीफेनॉल से भरपूर होती है जो त्वचा को नुकसान से बचाती है ।

नारियल पानी: त्वचा को हाइड्रेट करता है और इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ एक स्वस्थ चमक प्रदान करता है ।

चुकंदर/गाजर का रस: यह विटामिन से भरपूर होता है जो त्वचा के नवीनीकरण में सहायक होता है ।

एलोवेरा का रस: त्वचा को आराम और ठंडक प्रदान करता है, जिससे त्वचा के ठीक होने की प्रक्रिया तेज होती है।
#आयुर्वेदसेउपचार

प्राकृतिक मिठास जैसे शहद (PURE BLOSSOM HONEY) और स्टीविया स्वास्थ्यवर्धक विकल्प हैं। इनमें खनिज, विटामिन और एंटीऑक्सीडें...
17/03/2026

प्राकृतिक मिठास जैसे शहद (PURE BLOSSOM HONEY) और स्टीविया स्वास्थ्यवर्धक विकल्प हैं। इनमें खनिज, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो पाचन में सुधार, ऊर्जा बढ़ाने, श्वसन संबंधी एलर्जी को कम करने और रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने में सहायक होते हैं। ये शरीर में सूजन कम करते हैं और वजन प्रबंधन में मददगार हो सकते हैं।
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16/03/2026

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#आयुर्वेदसेउपचार

रोजाना शहद के साथ सलाद खाने से एंटीऑक्सीडेंट का सेवन बढ़ता है, पाचन क्रिया बेहतर होती है और कोलेस्ट्रॉल व रक्तचाप को निय...
16/03/2026

रोजाना शहद के साथ सलाद खाने से एंटीऑक्सीडेंट का सेवन बढ़ता है, पाचन क्रिया बेहतर होती है और कोलेस्ट्रॉल व रक्तचाप को नियंत्रित करके हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिलता है। यह संयोजन उच्च फाइबर, आवश्यक विटामिन और प्रीबायोटिक एंजाइम प्रदान करता है जो पोषक तत्वों के अवशोषण और आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। यह एक पौष्टिक आदत है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ा सकती है और सूजन को कम कर सकती है

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#आयुर्वेदसेउपचार

रोजाना ताजा, पोषक तत्वों से भरपूर जूस पीने से विटामिन (खासकर विटामिन सी और ए) की मदद से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, त...
16/03/2026

रोजाना ताजा, पोषक तत्वों से भरपूर जूस पीने से विटामिन (खासकर विटामिन सी और ए) की मदद से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, त्वचा स्वस्थ रहती है और कैफीन के बिना भी ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है, पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और रक्तचाप को कम कर सकता है। हालांकि, कम चीनी वाले हरे रंग के सब्जियों के जूस पर ध्यान देना बेहतर है, क्योंकि फलों के जूस में कैलोरी अधिक हो सकती है।

रोजाना जूस पीने के प्रमुख लाभ
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है: ताजे जूस, विशेष रूप से अदरक, हल्दी और खट्टे फलों जैसे तत्वों वाले जूस, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए उच्च मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं।
पोषक तत्वों का बेहतर सेवन: जूस पीने से फलों और सब्जियों से बड़ी मात्रा में विटामिन, खनिज और एंजाइम का सेवन करना आसान हो जाता है।
पाचन स्वास्थ्य में सुधार: हरे जूस में ऐसे यौगिक होते हैं जो पाचन में सहायता करते हैं और पाचन तंत्र को फाइबर को पचाने से अस्थायी रूप से आराम दे सकते हैं।
त्वचा के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है: ताजे जूस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन, जैसे विटामिन ए और सी, त्वचा को साफ और अधिक चमकदार बनाने में मदद कर सकते हैं।
प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत: मीठे सोडा के विपरीत, ताजा जूस फ्रक्टोज और ग्लूकोज जैसी प्राकृतिक शर्करा के माध्यम से ऊर्जा का एक स्थिर स्रोत प्रदान करता है।
हृदय स्वास्थ्य: अध्ययनों से पता चलता है कि 100% जूस का सेवन डायस्टोलिक और सिस्टोलिक रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है।
हाइड्रेशन: कई पेय पदार्थ, विशेष रूप से हरे जूस, दैनिक तरल पदार्थ के सेवन को बढ़ाने में मदद करते हैं।

विचारणीय बिंदु और सर्वोत्तम अभ्यास
फलों का सेवन सीमित करें, सब्जियों का सेवन बढ़ाएं: अधिक चीनी और कैलोरी के सेवन से बचने के लिए सब्जियों (केल, पालक, अजवाइन) पर ध्यान केंद्रित करें, जिससे वजन बढ़ सकता है।
फाइबर की कमी: जूस बनाने से अधिकांश फाइबर निकल जाता है, जो तृप्ति और पाचन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसे साबुत फलों और सब्जियों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
अत्यधिक सेवन से सावधान रहें: बहुत अधिक फलों का रस पीने से रक्त शर्करा का स्तर बढ़ सकता है, जबकि बहुत अधिक हरे रस का सेवन करने से शरीर में सोडियम (अजवाइन से) या ऑक्सलेट की मात्रा अधिक हो सकती है।
सुरक्षा: खाद्य जनित बीमारियों से बचने के लिए कच्चे रसों को उचित तरीके से संभालना आवश्यक है।

अनुशंसित दृष्टिकोण:
कुछ गूदा और रेशे बनाए रखने के लिए ब्लेंडर का इस्तेमाल करें।
अपने आहार को संतुलित रखें; जूस एक स्वस्थ आहार का पूरक होना चाहिए, न कि उसका विकल्प।
पोषक तत्वों के अधिकतम अवशोषण को सुनिश्चित करने के लिए जूस को ब्लेंड करने के तुरंत बाद उसका सेवन करें।

#आयुर्वेदसेउपचार

संतुलित आहार (दालें, अनाज, फल, सब्जियां) शरीर को ऊर्जा, प्रतिरक्षा और आवश्यक पोषक तत्व (प्रोटीन, फाइबर, विटामिन) प्रदान ...
15/03/2026

संतुलित आहार (दालें, अनाज, फल, सब्जियां) शरीर को ऊर्जा, प्रतिरक्षा और आवश्यक पोषक तत्व (प्रोटीन, फाइबर, विटामिन) प्रदान करते हैं। ओट्स, फलियां, सोया, और कम वसा वाले डेयरी उत्पाद पोषण से भरपूर माने जाते हैं। शाकाहारी (दूध सहित), मांसाहारी, और भूमध्यसागरीय आहार जैसे विभिन्न प्रकार के आहार विशिष्ट स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं।

विभिन्न आहार और उनकी पोषण संबंधी जानकारी:
शाकाहारी आहार (Vegetarian Diet): दालें, अनाज, फल और सब्जियां शामिल हैं। यह फाइबर, विटामिन और खनिजों का अच्छा स्रोत है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, यदि सही तरीके से पालन किया जाए, तो यह हृदय रोग और मोटापे के जोखिम को कम कर सकता है।
लैक्टो-ओवो शाकाहारी (Lacto-Ovo Vegetarian): इसमें डेयरी उत्पाद और अंडे शामिल हैं, जो प्रोटीन और कैल्शियम के बेहतरीन स्रोत हैं।
मांसाहारी आहार (Non-Vegetarian Diet): इसमें मांस, मछली और पोल्ट्री शामिल हैं। यह प्रोटीन, आयरन और विटामिन B12 का अच्छा स्रोत है।
भूमध्यसागरीय आहार (Mediterranean Diet): इसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज, जैतून का तेल और मछली शामिल हैं। यह हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।
फोर्टिफाइड आहार (Fortified Foods): डीडब्ल्यूसीडी के अनुसार, भारत में कुपोषण को दूर करने के लिए, फोर्टिफाइड चावल और गेहूं, जिसमें अतिरिक्त आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 होता है, प्रदान किए जाते हैं।

मुख्य पोषक तत्व और स्रोत:
प्रोटीन: दालें, सोया उत्पाद, अंडे, कम वसा वाले डेयरी, मांस, मछली।
फाइबर: साबुत अनाज, फल, सब्जियां।
स्वस्थ वसा: एवोकाडो, बादाम, जैतून का तेल।

ध्यान दें: संतुलित आहार में मौसमी फल और सब्जियां शामिल करना बेहतर है।

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