07/09/2025
*नेत्रदान पर संगोष्ठी का आयोजन*
भीलवाड़ा। स्थानीय रामस्नेही चिकित्सालय में नेत्रदान पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
चिकित्सालय के आई बैंक प्रभारी सुरेश जी कोगटा ने बताया कि राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा का आयोजन पूरे भारत वर्ष में किया जा रहा है। उसी क्रम के सिलसिले में रामस्नेही चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में नेत्रदान पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय परंपरा में अनुसार तेरापंथ युवक परिषद् के राष्ट्रीय सलाहकार गौतम जी डुग्गर एवं सिंधी समाज महासभा के ललित जी, भारत विकास परिषद् से राजेश जी मुहणौत, अमित जी मेहता, गोपाल जी विजयवर्गीय, डॉ मनीषा जी, डॉ सुरेश जी भदादा रामस्नेही चिकित्सालय के प्रबंध समिति के सचिव रतन जी दरगड द्वारा स्वामी रामचरण जी महाराज की स्वरुप पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सुरेश भदादा ने बताया कि भारत में करीब 22 लाख लोगो को नेत्र प्रत्यारोपण की जरुरत है, जबकि आई डोनेशन पूरे भारत वर्ष में केवल प्रतिमाह 22 हजार ही होते है। डॉ सुरेश भदादा ने बताया कि रामस्नेही आई बैंक को अबतक 970 आई डोनेशन प्राप्त हुए है तथा 78 व्यक्तियों को भीलवाड़ा रामस्नेही चिकित्सालय में नेत्र प्रत्यारोपित किया जा चुका है। अतः हमें इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। इस अवसर पर डॉ भदादा ने बताया कि नेत्रदान मृत्यु पश्चात् ही किया जाता है एवं मृत्यु होने के 6 से 8 घंटे के भीतर ही कराया जा सकता है। डॉ भदादा ने विस्तार से बताया कि कौन व्यक्ति नेत्रदान करा सकता है एवं इसकी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।
इस अवसर पर उपस्थित जन समुदाय की शंकाओ का निराकरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान सर्व सिंधी समाज महासभा, तेरापंथ युवक परिषद्, भारत विकास परिषद्, सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन आदि संगठनो से आये प्रतिनिधियों, नेत्रदान कराने वालो के परिवारजन को स्मृति चिन्ह व माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अभी हाल ही में एक व्यक्ति के नेत्र प्रत्यारोपन कर रौशनी प्रदान की गयी, से सभी को मिलाया गया तथा उसके अनुभव को उस व्यक्ति ने सभी के साथ साझा किया गया। कार्यक्रम के अंत में रामस्नेही चिकित्सालय के प्रबंध समिति के सचिव रतन जी दरगड़ ने पधारे सभी आगुन्तको का आभार व्यक्त करते हुए निवेदन किया कि नेत्रदान का भीलवाड़ा में अच्छा रिकॉर्ड है, ओर हमें इससे बढ़ाना चाहिए।