12/01/2018
घर में रखें आयुर्वेद चिकित्सा किट !
आमतौर पर आयुर्वेद के विषय में यह धारणा है कि इसके उपचार से स्थाई लाभ तो मिलता है लेकिन थोड़ा समय लगता है, लेकिन यह धारणा बिल्कुल गलत है, इसे समझने के लिए इस लेख को अवश्य पढ़ें व अधिक से अधिक शेयर करें! - डॉ.अभिषेक गुप्ता (आयुर्वेदाचार्य)
आजकल की भागदौड़ से भरे जीवन में ऐसी कई शारीरिक समस्यायें जैसे: सर दर्द, सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, कुछ बदपरहेजी कर देने से उल्टी, गैस, पेट दर्द या कब्ज आदि परेशानी हो जाती हैं, जिसके लिए लोग आसपास के किसी मेडिकल से ऐसी दवायें लेकर खा लेते हैं जिससे उन्हें जल्दी आराम मिल जाये, लेकिन जल्दी आराम के चक्कर में ऐसे लोग यह भूल जाते हैं कि अंग्रेजी दवाओं के कई बार ऐसे नुकसान होते हैं जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं, यह अंग्रेजी दवायें विशेष रूप से बच्चों के लिए और भी ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं!!
आयुर्वेद में भी सामान्य समस्याओं के लिए ऐसी सैकड़ों दवायें मौजूद हैं जो आपकी छोटी-मोटी समस्याओं में न सिर्फ तत्काल लाभ पहुँचाती हैं बल्कि इनके नुकसान भी लगभग शून्य होते हैं, जानिए ऐसी किन समस्याओं में आप तत्काल लाभ के लिए आयुर्वेद औषधियों की किट अपने पास रख सकते हैं:
• पेट दर्द :
सामान्यतः बच्चों को पेट दर्द की समस्या जल्दी हो जाती है, इसके लिए उन्हें पुदीन हरा, अमृतधारा की 1-2 बूँद पानी में डालकर देने पर तुरंत आराम मिलता है, चाहे तो रसोन वटी या शंख वटी के 1 गोली का प्रयोग बच्चो के पेट दर्द में दे सकते हैं, किसी बड़े को भी पेट दर्द की स्थिति में यह दवा दी जा सकती है, बड़ो को लवण भास्कर चूर्ण भी 1-2 ग्राम की मात्रा में दिया जा सकता है, स्त्रियों को मासिक धर्म के समय होने वाले पेट दर्द में महाशंख वटी, दशमूल क्वाथ का प्रयोग किया जा सकता है, साथ में ऐसी स्थिति में गुनगुने पानी का सेवन भी लाभदायक होता है।
• गैस/एसिडिटी:
इस स्थिति में ENO एक बेहद तेज़ी से कार्य करने वाली आयुर्वेदिक दवा है, इसके अतरिक्त गैस की दिक्कत में लवणभास्कर चूर्ण 1 - 2 ग्राम, रसोन या शंख वटी दे सकते हैं, एसिडिटी में कामदुधा रस व सूतशेखर रस की गोली या धूतपापेश्वर कंपनी का अम्लपित्त मिश्रण या डाबर का Active Antacid सिरप बहुत फायदेमंद है।
• उल्टी (वमन):
इस स्थिति में पुदीन हरा, लवण भास्कर चूर्ण या चरक कंपनी की Vomitab का प्रयोग तत्काल लाभ प्रदान करता है।
• सर्दी/जुकाम:
इस स्थिति में लक्ष्मी विलास रस (नारदीय), संजीवनी वटी या धूतपापेश्वर कंपनी की A-Flu-o-cil टेबलेट बेहद हितकारी है, इनके सेवन की विशेषता यह है अंग्रेजी दवाओं की तरह सिर या नाक में भारीपन या मुँह में कड़वापन नहीं होता।
• खांसी:
इस स्थिति के लिए आयुर्वेद में हज़ारों तत्काल प्रभाव देने वाली औषधियां मौजूद हैं, जैसे सितोपलादि चूर्ण, तालीसादि चूर्ण, एलादि वटी, चित्रक हरीतकी, च्यवनप्राश, गोजिह्वादि क्वाथ आदि का प्रयोग तत्काल प्रभाव देता है।
•बुखार (ज्वर):
इस स्थिति के लिए भी आयुर्वेद में तत्काल प्रभाव देने वाले योगों का अम्बार है, अमृतारिष्ट, संजीवनी वटी, गोजिह्वादि क्वाथ, गिलोय, तुलसी आदि के योग ज्वर की स्थिति में तत्काल प्रभाव देते हैं।
• सिर दर्द:
शिरोशूलवज्रादि रस, गोदन्ती भस्म, अणु तेल का नस्य सिर दर्द की स्थिति में तत्काल लाभ करता है।
• हिचकी:
Vomitab (चरक), मयूरपिच्छ भस्म, कपूर कचरी, लवण भास्कर चूर्ण आदि योग इस स्थिति में तत्काल राहत प्रदान करते हैं।
• जख्म होने पर:
जात्यादि तेल को दशांग लेप पर लगाकर पट्टी करने पर किसी भी तरह के जख्म भर जाते हैं।
• दर्द में:
मांसपेशियों व हड्डियों के दर्द में, दर्द वाले स्थान पर महानारायण या विषगर्भ तेल की मालिश व इसके बाद गर्म सिकाई से तत्काल लाभ मिलता है।
आप भी अपने घर में होने वाली छोटी-मोटी शारीरिक समस्याओं के लिए आयुर्वेद चिकित्सा किट बना कर रखें, इसके साइड इफेक्ट्स लगभग शून्य हैं व दवाओं के सेवन से तत्काल लाभ या तेज असर होता है।
नोट: ऊपर विभिन्न शारीरिक समस्यों के लिए लिखे गए योगों का प्रयोग कुछ समय से हुई समस्याओं में ही करें व कोशिश करें कि इन औषधियों का प्रयोग आयुर्वेद चिकित्सक के निरीक्षण में करें, लम्बे समय से चली आ रही परेशानी में आयुर्वेद के डॉक्टर से परामर्श लेकर उपचार करायें निश्चित लाभ होगा। - डॉ.सौरभ गुप्ता (भोपाल )