24/03/2022
24 मार्च अंतर्राष्ट्रीय क्षय रोग दिवस
"आओ घर घर अखल् जगाए टी.वी.को दूर भगाएं"
टी.बी.
टी.बी. की बीमारी क्या है।
टी.बी यानि क्षय रोग एक संक्रामक रोग है, जो कीटाणु के कारण होता है।
टी.बी. के लक्षण क्या है।
तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी
बुखार विशेष तौर से शाम को बढने वाला बुखार
छाती में दर्द
वजन का घटना
भूख में कमी
बलगम के साथ खून आना
टी.बी. की जॉंच कहॉं।
अगर तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी हो तो नजदीक के सरकारी अस्पताल/ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र , जहॉं बलगम की जॉंच होती है, वहॉं बलगम के तीन नमूनों की निःशुल्क जॉंच करायें।
टी.बी. की जॉंच और इलाज सभी सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त किय जाता है।
टी.बी का उपचार कहॉं।
रोगी को घर के नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र (उपस्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं चिकित्सालयों) में डॉट्स पद्वति के अन्तर्गत किया जाता है।
उपचार अवधि 6 से 8 माह।
उपचार विधिः-
प्रथम दो से तीन माह स्वास्थ्य पर स्वास्थ्य कर्मी की सीधी देख-रेख में सप्ताह में तीन बार औषधियों का सेवन कराया जाता है। बाकी के चार -पॉंच माह में रोगी को एक सप्ताह के लिये औषधियॉं दी जाती है जिसमें से प्रथम खुराक चिकित्साकर्मी के सम्मुख तथा शेष खुराक घर पर निर्देशानुसार सेवन करने के लिये दी जाती है।
नियमित और पूर्ण अवधि तक उपचार लेने पर टी.बी. से मुक्ति मिलती है।
बचाव के साधन:-
बच्चों को जन्म से एक माह के अन्दर B.C.G. का टीका लगवायें।
रोगी खंसते व छींकतें वक्त मुंह पर रूमाल रखें।
रोगी जगह-जगह नहीं थूंके।
क्षय रोग का पूर्ण इलाज ही सबसे बडा बचाव का साधन है।
टी.बी रोग विशेषकर (85 प्रतशित) फेंफडों को ग्रसित करता है, 15 प्रतिशत केसेज शरीर के अन्य अंग जैसे मस्तिष्क, आंतें, गुर्दे, हड्डी व जोड इत्यादि भी रोग से ग्रसित होते हैं।
टी.बी. का निदान कैसे किया जाये?
टी.बी के निदान (पहचान) का सबसे कारगर एवं विश्वसनीय तरीका सुक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) के द्वारा बलगम की जांच करना है क्योंकि इस रोग के जीवाणु (बेक्ट्रेरिया) सुक्ष्मदर्शी द्वारा आसानी से देखे जा सकते हैं।
टी.बी रोग के निदान के लिये एक्स-रे करवाना, बलगम की जॉंच की अपेक्षा मंहगा तथा कम भरोसेमन्द है, फिर भी कुछ रोगियों के लिये एक्स-रे व अन्य जॉंच जैसे FNAC, Biopsy, CT Scan की आवश्यकता हो सकती है।