30/03/2026
" महिलाओं की पहचान एक संकट और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम
आज दिनांक 30 मार्च को सत्यमेव मानसिक विकास केंद्र की निदेशिका स्मिता कुमारी द्वारा आंगनबाड़ी क्रमांक 710, गोविंदपुरा में "महिलाओं की पहचान एक संकट और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव" विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। साथ ही इसलिए बार बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाले बच्चे किस प्रकार अपना कैरियर सही दिशा में ले जाए इसके लिए भी मार्गदर्शन दिया गया। लड़कियों में आर्थिक संबलता की जरूरत, घरेलू हिंसा की रोकथाम, महिलाओं एवं बच्चों के संवैधानिक अधिकार पर विस्तार से चर्चा किया गया। स्मिता पेशे से मनोवैज्ञानिक होने के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों के अधिकार पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम करती हैं। उन्होंने बताया कि कैसे आर्थिक रूप से कमजोर या निर्भर लड़की किसी ना किसी रूप में मानसिक या शारीरिक शोषण की शिकार होती रहती है और इसे उसकी परवरिश में ऐसे गढ़ा गया है कि उस शोषण को अपनी नियति समझ कभी उसके निराकरण होने की आस भी नहीं कर पाती। अगर लड़कियां आर्थिक रूप से संबल हो जाए तो वह अपने ऊपर हो रही हर हिंसा का विरोध और निराकरण कर सकती हैं। लड़कियों को पैदा होने से अधिकार से लेकर जीने का अधिकार भी पितृसत्तात्मक समाज के हाथ में है, ऐसे में उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर होता है। इससे आने वाली पीढ़ियों के मानसिकता पर भी गहरा असर हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने बताया कि वह कभी किसी ऐसे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुई हैं जहाँ मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा होती है यह उनके लिए पहली कार्यक्रम है। कार्यक्रम के अंत में स्क्रीनिंग में एक महिला डिप्रेशन और आत्महत्या की विचार की समस्या से गुजर रही थी, उसे अलग से काउंसलिंग दिया गया और चिकित्सा से जोड़ा गया। इस कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य पर कई सवाल-जवाब हुए, इस कार्यक्रम में आंगनवाड़ी की कार्यकर्त्ता मधु सोनी,सहायिका मंजू और लगभग 20 महिलाएँ शामिल हुई।
सादर आभार
स्मिता कुमारी