Shree Sai Physiotherapy Center

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26/01/2022
लिगामेंट टियर एक बहुत ही कॉमन सा शब्द हो गया है आजकल  जोड़ों से संबंधित परेशानियों में कुछ काम करते हुए चलते फिरते समय य...
09/01/2020

लिगामेंट टियर एक बहुत ही कॉमन सा शब्द हो गया है आजकल जोड़ों से संबंधित परेशानियों में कुछ काम करते हुए चलते फिरते समय या किसी एक छोटे-मोटे एक्सीडेंट के बाद कोई परेशानी में जब लोग डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर उन्हें कहते हैं आपका लिगामेंट टियर है ज्यादातर लोग लिगामेंट टियर को केवल घुटने से ही जोड़कर देखते हैं यह बात सही है कि घुटनों के लिगामेंट अन्य जोड़ों की तुलना में ज्यादा इंजर्ड होते हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि अन्य जोड़ों में लिगामेंट नहीं होते या उनमें परेशानियां नहीं होती उन्हें भी उतनी ही इंज्यूरियस होती है शोल्डर, एल्बो,नी,और एंकल ज्वाइंट कुछ कुछ कॉमन जॉइंट है जो ज्यादातर लिगामेंट इंजरी से प्रभावित होते हैं घुटने के बारे में यदि बात करें एक तो एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट याने (A.C.L.)की इंजरी को ज्यादा ही देखने को मिलती है चलते चलते ही पैर मुड़ गया किसी ने खड़े होते हुए धक्का मार दिया बस या गाड़ी चलाते वक्त कोई छोटा-मोटा एक्सीडेंट हो गया एसीएल इंजरी कॉमनली देखने को मिलती है यदि आप ऐसी किसी परिस्थिति में है आपका पैर मुड़ गया है या गिर गए हैं या एक्सीडेंट हुआ है और आप पैर पर वजन डालने में असमर्थ हैं पेन हो रहा है चमक जैसी निकल रही है कुछ सूजन जैसा लग रहा है घुटना waight डालने पर लचक जा रहा है तो संभावना है कि यहां पर आपकी लिगामेंट इंजरी हो सकती है ऐसे में आप डॉक्टर के पास जाने से पहले कुछ चीजों का ध्यान अवश्य रखें
1) R-रेस्ट सबसे अच्छा है संबंधित जोड़ पर वजन ना डालें मैं करके देखता हूं मुड़ के देखता हूं या वजन डाल कर देखता हूं जैसी कोशिश ना
2) I- आइसिंग या बर्फ लगाना injury के तुरंत बाद उस जोड़ पर बर्फ लगाने से आप सूजन और इन्फ्लेमेशन को रिड्यूस कर सकते हैं
3) C- अगर आपके पास कंप्रेशन बैंडेज हो तो उस जोड़ पर उसे बांध ले
और इसके बाद अगला महत्वपूर्ण कदम है कि तुरंत आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें जो उसका प्रॉपर एग्जामिनेशन करके उसका सही ट्रीटमेंट करेगा कई बार तो केवल दवा गोलियों से और इमोबिलाइजेशन से ही लिगामेंट इंजरी को treat किया जाता है लेकिन कहीं बार डॉक्टर इसका डायग्नोसिस बनाने के लिए एम आर आई का सहारा लेते हैं बेसिकली लिगामेंट इंजरी के तीन ग्रेड्स होते हैं partial, mid, और complete tear जो केवल m.r.i. के जरिए ही पता किए जा सकते हैं इसके साथ-साथ यहां पर एक और चीज देखी जाती है क्या लिगामेंट के आसपास पढ़ने वाली और कई छोटी-छोटी चीजें तो नहीं टूटी है जैसे knee joint के केस में मैं meniscus एक इंपॉर्टेंट चीज होती है जो लिगामेंट इंजरी के साथ में रूल आउट करना बहुत जरूरी होता है नहीं तो आगे जाकर यह तकलीफ देते हैं
TREATMENT:- इस कंडीशन में ट्रीटमेंट क्या होगा यह बहुत कुछ इस चीज पर डिपेंड करेगा कि क्या टूटा है और कितना टूटा है ज्यादातर हमने एक हवा बना रखा है कि अगर एसीएल जैसा कोई लिगामेंट टूटा है तो सर्जरी करना हमेशा ही जरूरी है पूरे विश्व में एसीएल सर्जरी को लेकर के बड़े-बड़े Surgeons की अपनी अपनी अलग राय है कोई एकमत नहीं है चाहे कंपलीट tear ही क्यों ना हो surgeons क बड़ा ग्रुप आज भी यह कहता है कि कंप्लीट ACl tear को भी विदाउट सर्जरी केवल फिजियोथैरेपी के द्वारा ही treat किया जाना चाहिए लिगामेंट टियर भी हिल होते हैं यह बात और है कि यह कई बार यह हड्डी के फ्रैक्चर के जुड़ने से से भी ज्यादा समय ले लेते हैं ऐसी कंडीशन में पेशेंट का ढेर सारा धैर्य और स्पेसिफिकलि डिजाइन किया गया रिहैबिलिटेशन प्रोटोकॉल बहुत जरूरी होता है लिगामेंट केवल joint को बांध के रखने का ही काम नहीं करते यह जॉइंट की पोजीशन के संबंधित इंफॉर्मेशन भी प्रोवाइड करवाते हैं इसलिए केवल पेशेंट का घुटना मुड़ गया या सीधा हो गया और वह चलने लग गया तक ही Physiotherapy को सीमित ना रखें लिगामेंट टियर जैसी फिजियोथैरेपी में इसके आगे भी बहुत कुछ होता है आप अपनी ट्रीटमेंट के ऑप्शन को सर्जिकल चुने या नॉन सर्जिकल चुने इसका प्रॉपर Rehabilitation अवश्य करवाएं.

20/09/2019

क्या फीजियो थेरेपी का मतलब ' सिकाई ' होता है?
अक्सर बहुत सारे लोग इस बात को लेकर असमंजस में रहते है या वो सिर्फ इतना ही जानते है कि फिजियो थेरेपी मतलब सिकाई।

इस सिकाई शब्द से बहुत बड़ा नुकसान लोगो को ही हुआ है क्योंकि वो सोचते है कि सिर्फ सिकाई के लिए फीजियो के पास क्यो जाए, क्यो पैसे खर्च करे?
इससे फायदा उन कम्पनियों को हो गया जो दरअसल सिर्फ और सिर्फ ' सिकाई' ही कर रही है और फ्री सिकाई के बहाने हजारो रुपये की सिकाई मशीन लोगो को बेच दी जा रही है ये बोलकर की यही सिकाई है, यही थेरेपी है।
इससे नुकसान लोगो का ही हुआ है।
इसलिए ये समझना बेहद जरूरी है कि क्या वाकई में फीजियो थेरेपी मतलब सिकाई है?

में कोशिश करता हूँ कि आसान तरीके से समझा सकूँ।

फीजियो थेरेपी मतलब भौतिक चिकित्सा, यानी जो भी तरीके का उपयोग आपकी समस्या यानी दर्द या त्तक्लीफ को दूर करने के लिए किया जाएगा वो सिर्फ भौतिक होगा।
अधिकतर फीजियो, सिकाई का इस्तेमाल करते है क्योंकि ये हमारा एक अहम टूल है जिसके लिए SWD मशीन या MOIST HEAT का इस्तेमाल किया जाता है। सिकाई के अपने फायदे होते है, सिकाई से हमारी मासपेशियां या जॉइंट जिस पर फीजियो को काम करना होता है वो रिलैक्स हो जाता है, इससे फीजियो को बाकी के काम जैसे जॉइंट मोबिलिटी, स्ट्रेचिंग, मायो फेसिअल रिलीस जैसे अन्य बहुत सारे तरीकों में मदद मिलती है।
फीजियो थेरेपी में सिर्फ सिकाई होती है ये बिल्कुल गलत है बल्कि फीजियो थेरेपी में सिकाई सिर्फ एक टूल है, एक शुरुआत का तरीका है, बाकी अन्य बहुत सारे तरीके है जिनका इस्तेमाल फीजियो थेरेपी में किया जाता है जैसे Joint mobilisation, MFR, MET, Stretching, Strengthening exercise, ROM exercise , अन्य मैन्युअल थेरेपी, इसके अलावा भी बहुत सारे तरीके जिनमे कुछ मोडलिटीसभी शामिल है होते है जिनकी मदद से फीजियो थेरेपिस्ट अपने काम करते है। सभी का यह जिक्र नही किया जा सकता।
ज्यादा जानकारी आप अपने क्षेत्र में किसी भी फीजियो थेरेपिस्ट के पास जा कर समझ सकते है।
अपना भ्रम मिटाइये की फीजियो थेरेपी मतलब सिकाई। मेरा निवेदन है कि अगर सिर्फ सिकाई ही करनी है तो घर पर ही गरम पानी की थैली से कीजिये क्यो हजारो रुपये की सिकाई मशीन ख़रीद रहे है।
जागरूक बनिये।

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18/10/2018
15/09/2018

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1. Physiotherapist spends more time with the patients and listens the problem carefully and tries to find the underlying cause by asking several questions from the patient.

2. Physiotherapist participates along with patient recovery with possible inputs through out for a speedy recovery

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Doctors can give years to a life: but a Physiotherapist can give life to those years.

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