Agnivesha for Pre PG Ayurveda

Agnivesha for Pre PG Ayurveda "AGNIVESHA" provides classes for the preparation of Pre PG Ayurveda examinations for various institutions. Join the Agnivesha..... JOIN the AGNIVESHA.......

We provide regular classes for seven months with 25 test papers of divided syllabus followed by 30 papers as test series. "AGNIVESHA" started classes in Patiala since March'14 considering announcement of AMO exam by PPSC. Now we have increased number of test papers of divided syllabus 30 papers as well as test series up to 40 papers consisting total 8,000 questions. We ensure 100% success to a devoted student.

26/01/2026

कई बार बच्चों को खांसी इतनी तेज हो जाती है की बच्चों को खांसते खांसते सीने में दर्द होने लगता है,पेट में दर्द होने लगता है और कफ नहीं निकल पाता है। ऐसे में बच्चे बड़े परेशान हो जाते हैं। इसके लिए मैं एक आसान सा घरेलू उपाय आपको बताता हूं। छोटी कटेरी उसको आप लीजिए। उसको धूप में सुखाकर अच्छे से रख लीजिए और उसको बारीक पीस लीजिए और उसका पाउडर बना लीजिए। इसी तरह से एक छोटी पिप्पल भी आती है उसको भी आप बारीक पीसकर उसका पाउडर बना लीजिए। दोनों को समान मात्रा में लेकर आप एक ग्राम पाउडर लेकर उसको शहद में मिलाकर बच्चे को सुबह शाम दिन में दो बार बच्चों को चटाए। आप देखेंगे की आपके बच्चे का जो कफ का प्रॉब्लम है,जो खांसी के कारण जो कफ निकल नहीं पा रहा है वो आसानी से निकल जाएगा और बच्चे को बड़ा रिलैक्स फील होगा। यह आसान सा घरेलू उपाय आप अपने बच्चों के लिए कर सकते हैं। इससे बच्चे की खांसी में तुरंत फायदा होता है।
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धन्यवाद |

नमस्ते दोस्तों ,"Shri Daddaji Child Care Ayurveda" Family की और से आप सभी लोगो को 77th गणतंत्र दिवस की हार्दिक सुभकामनाए...
26/01/2026

नमस्ते दोस्तों ,

"Shri Daddaji Child Care Ayurveda" Family की और से आप सभी लोगो को 77th गणतंत्र दिवस की हार्दिक सुभकामनाए

भारत माता की जय 🙏🙏🙏🙏

24/01/2026

वेलकम बैक टू श्री दादाजी चाइल्ड केयर आयुर्वेदा। दोस्तों, कई पेरेंट्स मुझसे बार बार यही चीज बोल रहे थे कि सर आपने। बच्चों के लिए सर्दी खांसी का इतना अच्छा टॉनिक बनाया है। कडगॉन सिरप कॉनिट सिरप। जिसको देने से बच्चे की सर्दी खांसी में तुरंत आराम हो रहा है। तो आपने। हमारे लिए क्या किया। हम भी तो उनके पेरेंट्स हैं। हमारे बच्चों को सर्दी खांसी हो रही है तो हमको भी सर्दी खांसी होती है। तो दोस्तों आप सभी लोगों की डिमांड पर और आप सभी लोगों की रिक्वेस्ट पर मैंने उन कडगॉन सिरप और कॉनिट सिरप के कैप्सूल्स तैयार किए हैं। आप लोगों के लिए आप देख सकते हैं कि यह कडगॉन कैप्सूल है। यह कॉनिट कैप्सूल है। तो यदि आपको भी सर्दी और खांसी की दिक्कत है तो आप कडगॉन और कॉनिट का यूज कर सकते हैं। इससे आपको भी तुरंत फायदा होगा जैसे आपके बच्चे को फायदा मिला है सर्दी खांसी में। ऐसे आप भी कडगॉन और कॉनिट कैप्सूल से सर्दी और खांसी में आराम होगा। तो आप ये ले सकते हैं और अपने लिए यूज कर सकते हैं। जो कंटेंट है वही कंटेंट इसमें यूज किए गए हैं जो सिरप में है।
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धन्यवाद |

22/01/2026

यदि आपके बच्चे को बुखार है और वह बुखार उतर नहीं रहा है। आप दवाई देते हैं, बुखार ठीक हो जाता है, फिर से बुखार आ जाता है। इस तरह से यदि आपका बच्चा फीवर से परेशान है तो मैं एक आसान सा घरेलू उपाय आपको बताता हूं। पांच औषधियों के नाम मैं आपको बताऊंगा। देवदारु, सोंठ, बड़ी कटेरी, छोटी कटेरी और धनिया। ये पांचों औषधियों को आप अच्छे से लीजिए। इनका समान मात्रा एक एक ग्राम लें। इनको अच्छे से कूटकर पीसकर बारीक चून बना लें और इसका काढ़ा बनाएं। काढ़ा बनाकर रोज आप बच्चे को सुबह शाम दिन में दो बार इससे पिलाएं। इस काढ़े को पिलाने से बच्चे में किसी भी तरह का बुखार हो,किसी भी तरह का फीवर हो, वह बच्चे का पूरी तरह से ठीक हो जाता है क्योंकि यह पांचों औषधियां आयुर्वेद में ज्वर को शांत करने के लिए कही गई हैं और इनका यह कॉम्बिनेशन बच्चे के फीवर को ठीक करता है।
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14/01/2026

दोस्तों, यदि आपके बच्चे को भी खांसी की दिक्कत है और उसकी खांसी ठीक नहीं हो रही है तो एक आसान सा घरेलू उपाय मैं आपको बताता हूं। आप आयुर्वेद में एक बहुत अच्छी औषधि होती है जिसे हम मुलेटी कहते हैं। उस मुलेटी को आप लीजिए। उसको अच्छे से पाउडर फॉर्म में बना के रख लीजिए और उस मुलेटी को शहद के साथ में बच्चे को दिन में दो से तीन बार चटाए। आप देखेंगे कि उस पाउडर को चटाने से बच्चे की खांसी में आराम होता है क्योंकि मुलेटी आयुर्वेद की एक अति उत्तम औषधि है जिसको देने से बच्चों की खांसी में शीघ्र लाभ होता है। यदि बच्चा नहीं खा पा रहा है तो आप उसकी जगह पर आप यह कफ निट डीसी सिरप भी बच्चे को दे सकते हैं। इससे भी बच्चे की खांसी में तुरंत आराम होता है। इसके अंदर भी मुलेटी है और उसके साथ साथ अनेक अनेक उत्तम औषधियां हैं जिनको देने से बच्चे की खांसी जरूर ही ठीक हो जाती है।
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12/01/2026

ऑटिज़्म में नीम का प्रयोग सही है या गलत, यह सवाल कई माता-पिता के मन में रहता है। आयुर्वेद में नीम को शुद्धिकरण और रोग प्रतिरोधक बढ़ाने वाली औषधि माना गया है, लेकिन ऑटिज़्म एक न्यूरो-डेवलपमेंटल कंडीशन है। डॉक्टरों की राय है कि नीम को मुख्य इलाज न मानें। किसी भी आयुर्वेदिक प्रयोग से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह, सही डोज और बच्चे की उम्र व स्थिति को ध्यान में रखना बेहद ज़रूरी है।
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12/01/2026

कुमार, मुंबई से मेरा बच्चे को ऑटिज्म हुआ था जो कि अभी धीरे धीरे पाँच साल हो गया है और हमने वाडिया में ट्रीटमेंट कराया बहुत दिनों तक, लेकिन वहां पर कुछ आराम नहीं मिला तो हमने यूट्यूब के माध्यम से डॉक्टर पुनीत त्रिवेदी सर का वीडियो देखा। तो हमने ऑनलाइन उनसे ऑनलाइन कंसल्ट किया तो ऑनलाइन पर सर ने हमको ट्रीटमेंट दिया। दवा दिया जो कि अभी धीरे धीरे छह महीने हुआ है। बच्चे में ऑटिज्म के जो भी लक्षण थे हाइपर के अटेंशन के धीरे धीरे सुधार हुए हैं और दूसरी चीज इनको बहुत ज्यादा सर्दी जुखाम, बुखार हो रहा था मेरे बच्चे को तो यह धीरे धीरे और स्वर्ण प्राशन देने से बच्चे को सर्दी जुखाम अभी बिल्कुल ही कम हो गया है जो कि पहले कंटिन्यू लगातार होता था भी। जुखाम एकदम कम हो गया है तो मैं सर का बहुत बहुत धन्यवाद करता हूं और मैं यह उम्मीद करता हूं कि सर की दवा से सभी लोगों को यूज करना चाहिए। सर की दवा सभी लोग यूज करना चाहिए।
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10/01/2026

हाथरस से आए हैं। यूपी स्टेट के मेरे बच्चे को सीपी की प्रॉब्लम थी। काफी परेशानी हो रही थी। डॉक्टर साहब पुनीत त्रिवेदी डॉक्टर साहब हैं। जिनके यहां से हमारा इलाज चल रहा है। 5 महीनों में हमें काफी इंप्रूवमेंट है। आज हम पंचकर्म वगैरह करवाने आए हैं। पाँच दिन और इसमें पहले ना तो खड़ा होता था, अब खड़ा हो जाता है। बोलने लगा है। रोता रहता था। सारी जगह उसका भी सहजता है। आवाज नहीं लगा। पहले ये भी नहीं था। फिर का साइज थोड़ा दबा हुआ था। वो खुल गया है। हमारे बच्चे का गैस की प्रॉब्लम थी,वो सलूशन हो गया है। बाकी बोलने लगा थोड़ा थोड़ा था। काफी हद तक सॉल्यूशन है। अभी थोड़ा थोड़ा इलाज चल रहा है। बाकी भोपाल से रिलेटेड है ये पुनीत त्रिवेदी डॉक्टर साहब आपको भी की अगर दिक्कत है तो यहां आकर एक बार जरूर लेना आपको फायदा होगा।
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09/01/2026

ऑटिज्म के केसेस में आप हमेशा ध्यान रखिए की बच्चों को शुगर बिल्कुल मत दीजिए। बच्चों को फाइबर वाली डाइट ज्यादा दीजिए। उनको ग्रीन वेजिटेबल्स खिलाएं। फ्रूट्स खिलाएं। इस तरह की चीज आप ज्यादा दें। फाइबर जिसमें ज्यादा हो साथ में आपको नॉनवेज आपको नहीं खिलाना चाहिए। डेयरी प्रोडक्ट्स भी आप अवॉइड करिए। दूध आप मत दीजिए। इन चीजों का विशेष ध्यान रखिए। मैदा जितने भी अपने जो है ये प्रोसेस्ड फूड होते हैं। चिप्स,कुरकुरे, ये सारी चीजें बच्चों को नुकसान पहुंचाती है। आप जितना नेचुरल चीज देंगे बच्चे में उतनी जल्दी रिकवरी होती है। इसलिए कोशिश करिए की नेचुरल चीजें आप बच्चों को खिलाएं और जो इस तरीके के पैक्ड फूड होते हैं, बिस्कुट होते हैं, मैदे वाली चीज होती है। ये सारी चीज आप अवॉइड करेंगे तो बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद होता है। तो डाइट का एक बहुत बड़ा रोल है इसलिए आप इसका विशेष ध्यान रखिए। साथ में जो मेडिसिन मैंने आपको दिया है वह आप साथ में चालू रहने दीजिए। दोनों के कॉम्बिनेशन से आप देखेंगे की बच्चे के अंदर बहुत बढ़िया इंप्रूवमेंट आपको देखने को मिलेगा।
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#ऑटिज़्म #ऑटिज़्मडाइट #ऑटिज़्मबच्चे

08/01/2026

श्री दद्दाजी सोमाब्लिस कैप्सूल कमजोरी दूर करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक एक प्रभावी आयुर्वेदिक फॉर्मूला है। इसमें अश्वगंधा, गिलोय, आंवला जैसी शक्तिशाली जड़ी-बूटियाँ शामिल हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाती हैं। नियमित सेवन से थकान कम होती है, ऊर्जा और स्फूर्ति बढ़ती है तथा बार-बार होने वाली बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है। यह कैप्सूल बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सुरक्षित है।
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ऑफिस में कार्य हेतु एक लड़के की आवश्यकता है
07/01/2026

ऑफिस में कार्य हेतु एक लड़के की आवश्यकता है

07/01/2026

कई बच्चे होते हैं जिनको की खाना पचता नहीं है और खाना खाने के तुरंत बाद वो बच्चे पॉटी चले जाते हैं या खाना खाने के आधे एक घंटे बाद पॉटी जाते हैं। दिन भर में चार से पांच बार पॉटी करते हैं। आयुर्वेद में इसको ग्रहणी रोग कहा जाता है। ग्रहणी रोग में बच्चा खाना खाए हुए खाने को अच्छे से पचा नहीं पाता है और इसमें बच्चा थोड़ा थोड़ा सा मल बार बार त्याग करता है। तो दोस्तों यदि आपके बच्चे को भी इस तरह की कोई दिक्कत है तो उसके लिए मैं एक आसान सा घरेलू उपाय आपको बताता हूं। जो बिल्व का फल आता है, बेल का जो फल होता है उसका गूदा आप निकाल लीजिए और उसके गूदे में थोड़ा सा सोंठ का पाउडर और थोड़ा सा गुड़। गुड़ थोड़ा आप ज्यादा ले सकते हैं। उसको मीठा करने के लिए उसको मिक्स करके आप थोड़ी थोड़ी सी मात्रा में यदि बच्चे को दिन में दो से तीन बार देते हैं तो कुछ ही दिन का प्रयोग करने से आप देखेंगे की आपके बच्चे की जो यह शिकायत है यह ठीक हो जाएगी और बच्चे का पाचन अच्छा हो जाएगा। फिर आपका बच्चा बार बार पॉटी नहीं करेगा और जो भी वह खाना खाएगा वह उसके शरीर में लगेगा तो उससे आपके बच्चे की हेल्थ में भी सुधार होगा।
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"AGNIVESHA" started classes in Patiala for Pre PG and AMO exams since March'14 with one student and gradually into two batches. April 2019 Now we have increased number of test papers of divided syllabus 40 papers as well as test series up to 50 papers consisting total 15,000 questions. We ensure 100% success to a devoted student. JOIN the AGNIVESHA.......