14/01/2026
मकर संक्रांति पर क्यों खाते हैं तिल और गुड़? सिर्फ परंपरा नहीं, सेहत से भी जुड़े हैं इसके 5 कारण
शरीर को गर्माहट
मकर संक्रांति जनवरी के महीने में आती है, जब उत्तर भारत सहित कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ती है। तिल और गुड़ दोनों की तासीर गर्म होती है। इनके लड्डू खाने से शरीर का अंदर का तापमान बना रहता है, जिससे ठंड का असर कम महसूस होता है। यह सर्दी-जुकाम और जोड़ों के दर्द जैसी शीतकालीन समस्याओं से बचाने में मदद करता है।
एनर्जी का पावरहाउस
सर्दियों में अक्सर हमें आलस महसूस होता है। गुड़ एक कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट है जो ब्लड में शुगर लेवल को अचानक बढ़ाए बिना शरीर को लंबे समय तक एनर्जी देता है। वहीं तिल में मौजूद हेल्दी फैट्स शरीर को एक्टिव बनाए रखने में सहायक होती है।
हड्डियों की मजबूती के लिए वरदान
हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम और मैग्नीशियम जरूरी हैं। तिल में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। बढ़ते बच्चों और बुजुर्गों के लिए, जिनकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, तिल के लड्डू खाना एक नेचुरल सप्लीमेंट की तरह काम करता है। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं के खतरे को कम करने में भी मदद करता है।
पाचन तंत्र में सुधार
गुड़ को पाचन के लिए बेहतरीन माना जाता है। यह शरीर में डाइजेस्टिव एंजाइम्स को एक्टिव करता है, जिससे कब्ज जैसी समस्या दूर होती है। सर्दियों में हैवी खाने को पचाने के लिए खाने के बाद तिल-गुड़ का एक छोटा टुकड़ा खाना बेहद फायदेमंद होता है।
दिल और त्वचा के लिए फायदेमंद
तिल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और अनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स दिल के स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही, तिल के तेल के गुण आपकी त्वचा में नेचुरल चमक लाते हैं और सर्दियों में होने वाली रूखेपन की समस्या को दूर करते हैं।
पोषक तत्व तिल में फायदे गुड़ में फायदे
मिनरल्स कैल्शियम, मैग्नीशियम आयरन (खून की कमी दूर करता है)
विटामिन विटामिन-बी6, ई विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स
फाइबर पाचन में सहायक डिटॉक्सिफिकेशन में मदद
इसलिए मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ के लड्डू खाना केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि सेहस से जुड़ी एक हेल्दी प्रैक्टिस भी है। इसलिए इस महीने आप भी अपनी डाइट में गुड़ और तिल के लड्डू को जरूर शामिल करें।
डॉ स्वप्निल दुबे
Eh medicine Bpt chiropractic
9770016630