Hamare Hakeem ji

Hamare Hakeem ji I want to share most experience in my life about Health. ayurveda unani medicine plants etc

03/02/2026

ठंड से नहीं🤔🤔 लापरवाही से हार्ट ❤️अटैक आता है

⚠️ बस 60 सेकंड पढ़ लो…हो सकता है ये पोस्ट आपकी या आपके अपने की जान बचा ले ❤️सुबह घर से निकले…शाम को वापस नहीं आए…❌ वजह ए...
01/02/2026

⚠️ बस 60 सेकंड पढ़ लो…
हो सकता है ये पोस्ट आपकी या आपके अपने की जान बचा ले ❤️

सुबह घर से निकले…
शाम को वापस नहीं आए…
❌ वजह एक्सीडेंट नहीं था
❌ वजह उम्र नहीं थी

👉 वजह थी दिल की नसों का चुपचाप बंद होना!

---

💔 दिल की नसें बंद हों तो क्या होता है?

(पहले नुकसान जानिए – यही सबसे ज़रूरी है)

❗ सीने में हल्का-सा दर्द
❗ सांस फूलना
❗ ज्यादा थकान
❗ पसीना आना
❗ घबराहट
❗ चक्कर
❗ अचानक हार्ट अटैक
❗ ब्रेन स्ट्रोक
❗ और कई बार… सीधी मौत

👉 सबसे खतरनाक बात?
कई लोगों को कोई लक्षण दिखता ही नहीं।

---

😱 दिल की नसें बंद कैसे होती हैं?

हर रोज़ की ये छोटी-छोटी गलतियाँ👇
🚬 सिगरेट
🍔 जंक फूड
🥤 कोल्ड ड्रिंक
😴 कम चलना
😡 ज़्यादा टेंशन
⚖️ बढ़ता वजन

धीरे-धीरे खून में
❌ गंदा कोलेस्ट्रॉल
❌ चर्बी
❌ कैल्शियम

जम जाता है…
और एक दिन रास्ता पूरी तरह बंद!

---

🚨 दिल की नसें कैसे खोली जाती हैं?

🏥 मेडिकल तरीका (डॉक्टर से)

✔️ दवाइयाँ
✔️ एंजियोप्लास्टी
✔️ स्टेंट
✔️ बायपास

⚠️ ये फैसला जांच के बाद डॉक्टर करते हैं।

---

🌿 क्या बिना ऑपरेशन भी फायदा हो सकता है?

👉 हाँ, शुरुआती स्टेज में👇

❤️ रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना
❤️ तला-भुना कम
❤️ नमक-शक्कर कंट्रोल
❤️ सिगरेट = ज़हर (आज ही छोड़ें)
❤️ वजन और टेंशन कम

⏳ याद रखो —
शुरुआत में संभले तो स्टेंट से बच सकते हो।

---

🍎 दिल को बचाने वाला खाना

✅ लहसुन
✅ अलसी
✅ अखरोट
✅ हरी सब्ज़ियाँ
✅ फल
✅ ओमेगा-3

🤔 क्या नहीं खाना चाहिए

❌ बाहर का खाना
❌ ज्यादा तेल
❌ मीठा
❌ सिगरेट

---

🛑 बहुत जरूरी चेतावनी

⚠️ सीने के दर्द को गैस समझकर नजरअंदाज मत करो
⚠️ बिना जांच देसी नुस्खों पर भरोसा मत करो
⚠️ BP, शुगर, कोलेस्ट्रॉल रेगुलर चेक करो

👉 ECG, TMT, एंजियोग्राफी
डरने की नहीं, बचने की जांच है।

---

❤️ आख़िरी बात (दिल से)

दिल सिर्फ धड़कने के लिए नहीं,
अपने अपनों के लिए धड़कता है।

🙏 इस पोस्ट को
👉 अपने माता-पिता
👉 भाई-बहन
👉 दोस्तों
👉 व्हाट्सएप ग्रुप

सबके साथ शेयर करो…
एक शेयर किसी की ज़िंदगी बचा सकता है।

--- ( हमारे हाकिम जी)

#दिल_की_नसें




#दिल_का_दर्द



.❤️ दिल को मज़बूत कैसे बनाएँ? (100% नेचुरल तरीके) ❤️आजकल हार्ट अटैक सिर्फ उम्र का नहीं,👉 गलत लाइफस्टाइल का नतीजा बन चुका...
30/01/2026

.
❤️ दिल को मज़बूत कैसे बनाएँ? (100% नेचुरल तरीके) ❤️

आजकल हार्ट अटैक सिर्फ उम्र का नहीं,
👉 गलत लाइफस्टाइल का नतीजा बन चुका है।
लेकिन अच्छी खबर ये है कि
कुछ आसान और नेचुरल आदतें अपनाकर दिल को मज़बूत रखा जा सकता है।

🌿 दिल को मज़बूत करने के नेचुरल तरीके 🌿

✅ सुबह खाली पेट गुनगुना पानी
➡️ खून को पतला करता है, ब्लॉकेज का खतरा कम करता है।

✅ लहसुन – दिल का सबसे अच्छा दोस्त
➡️ रोज़ 1 कली कच्चा लहसुन या शहद के साथ लें।

✅ चलना = जीवन
➡️ रोज़ 30 मिनट तेज़ चाल से चलना दिल को नई ताक़त देता है।

✅ तेल बदलो, दिल बचाओ
➡️ रिफाइंड छोड़ो, सरसों/जैतून तेल अपनाओ।

✅ तनाव कम करो
➡️ ज़्यादा टेंशन सीधा दिल पर वार करती है।
➡️ नमाज़, योग, ध्यान – जो भी सुकून दे।

✅ खुश रहना भी इलाज है
➡️ हँसी, अच्छी नींद और अपनों के साथ समय दिल को मजबूत बनाता है।

❌ इन चीज़ों से दूरी ज़रूरी
🚫 ज़्यादा नमक
🚫 ज़्यादा चीनी
🚫 धूम्रपान
🚫 देर रात तक जागना

👉 याद रखिए:
दवा से पहले आदत बदलना ज़रूरी है।
आज थोड़ा ध्यान रखेंगे,
तो कल दिल तंदुरुस्त रहेगा। ❤️

🙏 पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर ज़रूर करें
किसी एक की ज़िंदगी बच सकती है।







(HAMARE HAKEEM JI )

...⚠️ पहले सच जानिए: अर्जुनारिष्ट के संभावित नुकसान(क्योंकि आधा सच सबसे ज़्यादा नुकसान करता है)❌ यह खमीरित (Fermented) द...
28/01/2026

...
⚠️ पहले सच जानिए: अर्जुनारिष्ट के संभावित नुकसान

(क्योंकि आधा सच सबसे ज़्यादा नुकसान करता है)

❌ यह खमीरित (Fermented) दवा है, इसमें थोड़ी प्राकृतिक अल्कोहल होती है
❌ ज़्यादा मात्रा लेने से:

पेट में जलन

गैस / एसिडिटी

उलझन या भारीपन
हो सकता है
❌ डायबिटीज़ के मरीज बिना सलाह न लें
❌ लो BP वालों में चक्कर बढ़ा सकता है
❌ खाली पेट लेने से कुछ लोगों को तकलीफ हो सकती है

👉 इसलिए “देसी है तो सेफ है” यह सोचना ग़लत है।

---

❤️ अब फायदे जानिए: अर्जुनारिष्ट क्यों मशहूर है?

✔️ दिल की मांसपेशियों को मज़बूत करता है
✔️ हार्ट की कमजोरी में सहायक
✔️ हाई BP को संतुलन में लाने में मदद
✔️ कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में सहयोग
✔️ धड़कन, घबराहट, बेचैनी में राहत
✔️ हार्ट अटैक के रिस्क को कम करने में सहायक
✔️ दिल की नसों (Arteries) को सपोर्ट देता है

👉 आयुर्वेद में इसे “हृदय का रक्षक” कहा गया है।

---

👤 किसे लेनी चाहिए?

✅ जिन्हें:

दिल की कमजोरी हो

BP बार-बार बढ़ता हो

सीने में भारीपन रहता हो

तनाव से हार्ट पर असर पड़ता हो

35+ उम्र के बाद हार्ट के लिए सपोर्ट चाहिए

---

🚫 किसे नहीं लेनी चाहिए?

❌ गर्भवती महिलाएँ
❌ बहुत लो BP वाले
❌ अनियंत्रित डायबिटीज़ वाले
❌ अल्कोहल से परहेज़ करने वाले
❌ पहले से हार्ट की तेज़ दवाइयाँ चल रही हों (बिना सलाह)

---

🥄 लेने का सही तरीका (बहुत ज़रूरी)

👉 मात्रा:
15–20 ml अर्जुनारिष्ट
उतनी ही मात्रा में गुनगुना पानी मिलाकर

👉 समय:
🍽️ खाने के बाद, दिन में 2 बार

❌ खाली पेट न लें
❌ ज़्यादा मात्रा न बढ़ाएँ

---

⚠️ एक जरूरी सलाह (ह्यूमन टच)

👉 अर्जुनारिष्ट दवा है, शरबत नहीं
👉 फायदा तभी होगा जब:

मात्रा सही हो

समय सही हो

और शरीर के हिसाब से हो

🙏 बेहतर है किसी हकीम / वैद्य से सलाह लेकर शुरू करें।

---

नोट..

अगर आप दिल की सेहत को
कुदरत के तरीके से मज़बूत करना चाहते हैं,
तो अर्जुनारिष्ट सही हाथों में
अमृत है,
और गलत तरीके से
नुकसान भी कर सकता है।

( हमारे हाकिम जी)


#अर्जुनारिष्ट

#दिलकीसेहत






❤️❤️ सर्दियों में ज़्यादातर हार्ट अटैक सुबह ही क्यों होते हैं? ❤️(यह पोस्ट हर घर तक पहुँचना ज़रूरी है)सर्दियों की ठंड सि...
28/01/2026

❤️❤️ सर्दियों में ज़्यादातर हार्ट अटैक सुबह ही क्यों होते हैं? ❤️
(यह पोस्ट हर घर तक पहुँचना ज़रूरी है)

सर्दियों की ठंड सिर्फ हाथ-पैर नहीं जमाती,
यह दिल की नसों को भी चुपचाप सिकोड़ देती है।

👉 ठंड में
• ब्लड गाढ़ा हो जाता है
• खराब कोलेस्ट्रॉल तेज़ी से बढ़ता है
• ब्लड प्रेशर अचानक ऊपर जाता है

और फिर…
एक दिन दिल हार मान लेता है।

🤔 सबसे ज़्यादा खतरा किसे है?

35+ उम्र वालों को

हाई बीपी वालों को

डायबिटीज़ वालों को

जो सुबह ठंड में बिना तैयारी के उठ जाते हैं

❤️ दिल को सर्दियों में बचाने के 5 आसान नियम ✔️ सुबह उठते ही गुनगुना पानी
❤️ ठंड में सीधे नहाने से बचें
❤️ रोज़ 20 मिनट हल्की वॉक
❤️ ज़्यादा तला-भुना नहीं
❤️ बीपी और कोलेस्ट्रॉल की जाँच

याद रखिए —
हार्ट अटैक अचानक नहीं आता,
हमारी रोज़ की लापरवाही उसे बुलाती है।

🙏 अगर यह पोस्ट पढ़कर आपको अपने किसी अपने की याद आई हो,
तो इसे ज़रूर शेयर करें।
शायद आपकी एक शेयर किसी की ज़िंदगी बचा ले ❤️



#दिल_की_देखभाल


#अपनों_का_ख्याल

.👍👍खमीरा आबरेशम लेने से पहले यह ज़रूर पढ़ें!क्योंकि सही जानकारी ही असली इलाज है 👇🤔🤔 खमीरा आबरेशम के नुकसानात (अगर गलत तर...
25/01/2026

.
👍👍खमीरा आबरेशम लेने से पहले यह ज़रूर पढ़ें!
क्योंकि सही जानकारी ही असली इलाज है 👇

🤔🤔 खमीरा आबरेशम के नुकसानात (अगर गलत तरीके से लिया जाए)

▪ यह मीठी दवा है — शुगर के मरीज़ बिना सलाह न लें
▪ ज़्यादा मात्रा लेने से
– पेट भारी
– गैस
– बेचैनी
– दिल की धड़कन बढ़ सकती है
▪ लंबे समय तक बिना ज़रूरत सेवन नुकसानदेह हो सकता है
▪ गंभीर हार्ट पेशेंट और गर्भवती महिलाएँ परहेज़ करें

👉 याद रखिए:
दवा अच्छी है, लेकिन हर किसी के लिए नहीं।

---

🌿 अब जानिए – खमीरा आबरेशम (हकीम अरशदवाला) क्या है?
यह यूनानी तिब्ब की एक मशहूर दवा है, जिसे हकीम अरशदवाले ने दिल और दिमाग़ की कमजोरी के लिए तैयार किया।
इसे हकीम लोग सदियों से
👍 दिल को ताक़त
👍 घबराहट
👍 मानसिक थकान
👍 कमजोरी
में इस्तेमाल करते आ रहे हैं।

---

🥰सर्दियों में खमीरा आबरेशम कैसे इस्तेमाल करें? 🤔
सर्दियों में यह ज़्यादा फायदेमंद मानी जाती है
✔ ठंड में दिल की कमजोरी, घबराहट और बेचैनी बढ़ती है — इसमें सहायक
✔ 5–10 ग्राम
✔ सुबह खाली पेट या हल्के गुनगुने दूध के साथ
✔ बुज़ुर्गों और कमज़ोर शरीर वालों के लिए उपयोगी

---

🚫 सर्दियों में ऐसे इस्तेमाल बिल्कुल न करें ❌ बहुत ठंडे पानी के साथ न लें
❌ रात में देर से न लें
❌ ज़्यादा मात्रा न बढ़ाएँ
❌ शुगर वाले लोग खुद से प्रयोग न करें
❌ हार्ट की एलोपैथिक दवाओं के साथ बिना सलाह न लें

---

👉 निष्कर्ष:
खमीरा आबरेशम (हकीम अरशदवाला) एक बेहतरीन यूनानी दवा है,
लेकिन सही जानकारी + सही मात्रा + सही सलाह
यही असली इलाज है।

अगर पोस्ट उपयोगी लगी हो तो
👍 Like | 📤 Share | 💬 Comment करें

#खमीरा_आबरेशम
#हकीम_अरशदवाला
#यूनानी_इलाज
#सर्दियों_का_इलाज
#दिल_की_कमजोरी
#घबराहट_का_इलाज
#हर्बल_मेडिसिन
#देसी_नुस्खा

23/01/2026

क्या ऐसा भी हो सकता है??? 🤔🤔🤔9:11रेप केस.आओ जाने चिकित्सा के अनुसार!

🌿 लड़कों में स्पर्म किस उम्र में बनना शुरू होता है?(यूनानी और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण)बहुत से माता-पिता और युवा यह जानना चा...
22/01/2026

🌿 लड़कों में स्पर्म किस उम्र में बनना शुरू होता है?

(यूनानी और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण)

बहुत से माता-पिता और युवा यह जानना चाहते हैं कि
लड़कों में स्पर्म (वीर्य) कब बनना शुरू होता है?

❤️ यूनानी और आयुर्वेद दोनों के अनुसार,❤️
स्पर्म बनने की प्रक्रिया किशोरावस्था (Puberty) में शुरू होती है।

---

🌹 यूनानी चिकित्सा के अनुसार:🌹

यूनानी में स्पर्म को “मनी” कहा जाता है।
जब शरीर में हरारत-ए-ग़रीज़िया (प्राकृतिक गर्मी) बढ़ती है, तब मनी बनना शुरू होती है।

👉 आमतौर पर 12–14 वर्ष की उम्र में
👉 अच्छे खून और सही पाचन से मनी बनती है
👉 नाइटफॉल होना इसका सामान्य संकेत है

---

🌿 आयुर्वेद के अनुसार:

आयुर्वेद में स्पर्म को “शुक्र धातु” कहा गया है।
यह शरीर की 7वीं और अंतिम धातु होती है।

👉 आमतौर पर 13–15 वर्ष में
👉 जब शरीर की सभी धातुएँ परिपक्व हो जाती हैं
👉 तभी शुक्र धातु का निर्माण होता है

---

🤔 कमजोरी के मुख्य कारण:

गलत खानपान
नींद की कमी
ज़्यादा तनाव
कम उम्र में गलत आदतें

---

✅ बचाव और देखभाल:

✔️ पौष्टिक भोजन
✔️ दूध, फल, मेवे
✔️ पर्याप्त नीं
✔️ मोबाइल और तनाव से दूरी

---

📌 ध्यान रखें:
यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, घबराने की कोई ज़रूरत नहीं।
किसी भी दवा या नुस्खे से पहले विशेषज्ञ की सलाह ज़रूरी है।

---

👉 ऐसी ही यूनानी और आयुर्वेदिक जानकारी के लिए
Hamare Hakeem Ji को Follow करें 🌿

🤔 सर्दियों में हार्ट अटैक और हाई BP क्यों बढ़ जाता है? जानिए, बचिए! 🤔क्या आप जानते हैं?👍👍👍हर साल ठंड के मौसम में हार्ट अ...
20/01/2026

🤔 सर्दियों में हार्ट अटैक और हाई BP क्यों बढ़ जाता है? जानिए, बचिए! 🤔

क्या आप जानते हैं?👍👍👍

हर साल ठंड के मौसम में हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर के मामले अचानक बढ़ जाते हैं।
लेकिन सही जानकारी और थोड़ी सी सावधानी से इस खतरे से बचा जा सकता है 👇

🔴 असल वजहें:
🌹 ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे BP बढ़ जाता है
🌹 पानी कम पीने से खून गाढ़ा हो जाता है
🌹 ठंड के कारण एक्सरसाइज कम हो जाती है
🌹 ठंडे पानी से नहाना दिल पर भारी पड़ सकता है

⚠️ खतरे के लक्षण:
❗ सीने में दर्द
❗ सांस फूलना
❗ बाएं हाथ या गर्दन में दर्द
❗ अचानक घबराहट या पसीना

✅ बचाव के आसान उपाय:
✔️ शरीर को हमेशा गर्म रखें
✔️ गुनगुना पानी पिएं
✔️ रोज़ 20–30 मिनट टहलें
✔️ नमक और तला-भुना कम करें
✔️ दवाइयाँ नियमित लें
✔️ ठंडे पानी से न नहाएं

👉 याद रखें:==-

🌹🙏ठंड मज़ेदार है, लेकिन लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
आज सावधानी, कल सुरक्षा 🌹🙏

📌 यह पोस्ट अपने परिवार और बुजुर्गों के साथ जरूर शेयर करें।
एक शेयर किसी की जान बचा सकता है।

#हार्टअटैकावेयरनेस
#हाईब्प


मूंगफली खाने के नुकसान 😬:1. *अधिक कैलोरी*: मूंगफली में कैलोरी ज्यादा होती है, इसलिए अधिक खाने से वजन बढ़ सकता है।2. *अलर...
14/01/2026

मूंगफली खाने के नुकसान 😬:

1. *अधिक कैलोरी*:
मूंगफली में कैलोरी ज्यादा होती है, इसलिए अधिक खाने से वजन बढ़ सकता है।
2. *अलर्जी*:
कुछ लोगों को मूंगफली से एलर्जी हो सकती है, जिससे त्वचा पर दाने, पेट खराब आदि हो सकते हैं।
3. *फिटेट*
मूंगफली में फिटेट होता है, जो शरीर में मिनरल्स के अवशोषण को कम कर सकता है।
4. *अफ्लाटॉक्सिन*:
मूंगफली में अफ्लाटॉक्सिन हो सकता है, जो जहरीला होता है और कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।

लेकिन, मूंगफली के फायदे भी हैं! 😊 अगर सीमित मात्रा में खाई जाए तो यह प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत है।
मूंगफली के फायदे 👍❤️❤️:
===========
1. *प्रोटीन का अच्छा स्रोत*:
मूंगफली में प्रोटीन भरपूर होता है, जो शरीर के लिए जरूरी है।
2. *हृदय स्वास्थ्य*:
मूंगफली में मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है, जो हृदय को स्वस्थ रखता है।
3. *वजन नियंत्रण*:
मूंगफली में फाइबर और प्रोटीन होता है, जो भूख को कम करता है और वजन नियंत्रित रखता है।
4. *विटामिन और मिनरल्स*:
मूंगफली में विटामिन ई, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं।
5. *कैंसर से बचाव*:
मूंगफली में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो कैंसर से बचाव में मदद करते हैं।

बस ध्यान रहे, सीमित मात्रा में खाएं! 😊

👍- *एक मुट्ठी* मूंगफली (लगभग 30-40 दाने) रोजाना खाना काफी है।
👍- यह मात्रा आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्व देगी बिना कैलोरी बढ़ाए।
👍- अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो थोड़ी ज्यादा खा सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि यह आपके दैनिक कैलोरी जरूरतों के अनुसार हो।

बस, इसे सीमित मात्रा में रखें और इसका आनंद लें! 😋

❤️❤️❤️लाल छिलका❤️❤️❤️

मूंगफली का लाल छिलका 🤔 - कुछ लोग इसके फायदे बताते हैं, लेकिन सच यह है कि इसके फायदे कम और नुकसान ज्यादा हैं।

लाल छिलके में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो थोड़े फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन इसमें अफलाटॉक्सिन और फिटेट जैसे हानिकारक पदार्थ भी हो सकते हैं।

सच यह है:
1. *फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट*: थोड़े फायदे हो सकते हैं।
2. *अफलाटॉक्सिन और फिटेट*: नुकसान ज्यादा हो सकते हैं।

मूंगफली का लाल छिलका फायदेमंद है 🤩:

1. *फाइबर की कमी वाले लोगों के लिए*: लाल छिलके में फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है।
2. *वजन कम करने वालों के लिए*: फाइबर के कारण लाल छिलका खाने से भूख कम होती है और वजन कम करने में मदद मिलती है।
3. *एंटीऑक्सीडेंट की जरूरत वाले लोगों के लिए*: लाल छिलके में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाते हैं।
4. *रक्त शुगर नियंत्रित करने वालों के लिए*: फाइबर के कारण लाल छिलका रक्त शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

लेकिन, ध्यान रहे, सीमित मात्रा में खाएं और डॉक्टर से सलाह लें! 😊

बेहतर है कि मूंगफली को छीलकर खाएं 😊 - इससे आप हानिकारक पदार्थों से बच सकते हैं और पोषक तत्वों का लाभ उठा सकते हैं।

अफलाटॉक्सिन फायदेमंद नहीं है 🤯, यह एक जहरीला पदार्थ है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। अफलाटॉक्सिन के कोई फायदे नहीं हैं, और यह सभी लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है।

अफलाटॉक्सिन से बचाव के तरीके 😊:
1. *साफ और सूखे स्थान पर रखें*: खाद्य पदार्थों को साफ और सूखे स्थान पर रखें।
2. *ताजगी जांचें*: खाने से पहले खाद्य पदार्थों की ताजगी जांचें।
3. *मूंगफली को भूनकर खाएं*: भूनने से अफलाटॉक्सिन कम हो सकता है।

बस, सावधानी रखें और अफलाटॉक्सिन से बचें! 😊

अफलाटॉक्सिन 🤔🤔🤔🤔
=========
एक प्रकार का जहरीला पदार्थ है जो कुछ प्रकार के फंगी (फ्लुंगस) से बनता है, जो अनाज, नट्स और सीड्स पर उगते हैं। मूंगफली, बादाम, पिस्ता जैसे खाद्य पदार्थों में अफलाटॉक्सिन हो सकता है अगर उन्हें ठीक से नहीं रखा जाए।

🤔अफलाटॉक्सिन के नुकसान 🤔
1. *कैंसर का खतरा*: अफलाटॉक्सिन से लिवर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
2. *लिवर की समस्या*: यह लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।
3. *इम्यून सिस्टम कमजोर*: अफलाटॉक्सिन इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है।

बचाव के तरीके ❤️
👍1. *साफ और सूखे स्थान पर रखें*: खाद्य पदार्थों को साफ और सूखे स्थान पर रखें।
👍2. *ताजगी जांचें*: खाने से पहले खाद्य पदार्थों की ताजगी जांचें।
👍3. *मूंगफली को भूनकर खाएं*: भूनने से अफलाटॉक्सिन कम हो सकता है।

बस, सावधानी रखें! 🥺

😡😡मूंगफली के लाल छिलकों से नुकसान 😡😡:

🤔1. *पाचन समस्या*: लाल छिलके पचने में मुश्किल होते हैं, जिससे पेट खराब हो सकता है।
🤔2. *अफ्लाटॉक्सिन*: लाल छिलकों में अफ्लाटॉक्सिन हो सकता है, जो जहरीला होता है।
🤔3. *एलर्जी*: कुछ लोगों को लाल छिलकों से एलर्जी हो सकती है, जिससे त्वचा पर दाने आदि हो सकते हैं।
🤔4. *फिटेट*: लाल छिलकों में फिटेट होता है, जो शरीर में मिनरल्स के अवशोषण को कम कर सकता है।

🙏🙏मूंगफली का लाल छिलका नहीं खाना चाहिए🙏🙏

👍1. *पाचन समस्या वाले लोगों को*: अगर आपको पाचन समस्या है, तो लाल छिलका पचने में मुश्किल हो सकता है।
👍2. *एलर्जी वाले लोगों को*: अगर आपको मूंगफली या उसके छिलके से एलर्जी है, तो इसे न खाएं।
👍3. *किडनी रोग वाले लोगों को*: लाल छिलके में पोटैशियम ज्यादा होता है, जो किडनी रोग वाले लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है।
👍4. *प्रेग्नेंट महिलाओं को*: अफ्लाटॉक्सिन के कारण प्रेग्नेंट महिलाओं को लाल छिलका नहीं खाना चाहिए।
👍5. *बच्चों को*: बच्चों को लाल छिलका नहीं देना चाहिए, क्योंकि यह पचने में मुश्किल हो सकता है और एलर्जी का खतरा हो सकता है।

❤️बेहतर है कि आप डॉक्टर से सलाह लें! ❤️
❤️बेहतर है कि मूंगफली को छीलकर खाएं! ❤️
Hmg@nsari

13/01/2026

क्यों सर्दियों में बढ़े हुए बीपी और कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए बथुआ है बहुत जरूरी है

Dr. Biswaroop Roy Chowdhury

Address

Bijnor
Bijnor

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Hamare Hakeem ji posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram