29/06/2025
1926 में जन्मी नीरू बेन पटेल ने महात्मा गांधी के आह्वान पर अपनी स्कूली शिक्षा को छोड़ दिया व बाद में दोबारा अपनी पढ़ाई शुरू की। उन्होंने बांम्बे एल्फिस्टोन कॉलेज से एम.ए. पास् की तथा कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्या बनी। उन्होंने सौराष्ट्र सरकार द्वारा दवाइयों के दाम बढ़ाने व टेक्स लगान, जिसकी वजह से किंसानो में जबरदस्त असंतोष पनपा, के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई की। सरकार ने उनकी गिरफ्तारी के स्थाई आदेश दे दिए लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका। 'सौराष्ट्र की शेरनी के नाम से प्रसिद्ध नीरूबेन पटेल लोगों की मीटिंग करती, भाषण देती, पुलिस की नाम के नीचे से गायब हो जाती थी। सौराष्ट्र के किसान उन पर थोपी गई बैटरमेंन्ट लेवी को वापस करवाने में कामयाब हुए। उन्होने भाषा के आधार पर राज्य बनाने के आंदोलन में हिस्सा लिया व पुर्तगाली शासन से गोवा, दीव, दमन की मुक्ति के लिए आंदोलन किया, जिसमे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 1968 में वह गुजरात की पहली महिला मेयर चुनी गई। 1974 में रेलवे कर्मचारियो की हड़ताल में मीसा के तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया।