17/03/2026
*श्रीसारस्वत पञ्चाङ्ग™----------®*
*👉पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। पंचांग को नित्य पढ़ने और सुनने से देवताओं की कृपा, कुंडली के ग्रहो के शुभ फल मिलते है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फल की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना और पढ़ना चाहिए।*
*🐚🌺📜आज का पञ्चाङ्ग📜🌺🐚*
🔅 आज का दिनाँक 17 मार्च 2026
🔅 दिन - मंगलवार
🔅 विक्रम संवत - 𝟐𝟎𝟖𝟐
🔅 शाकः संवत - 𝟏𝟗𝟒𝟕
🔅 संवत्सर नाम - सिद्धार्थी
🔅 अयन - उत्तरायण
🔅 ऋतु - बसंत
🔅 मास - चैत्र
🔅 पक्ष - कृष्णपक्ष
🔅 तिथि - त्रयोदशी
🔅 नक्षत्र - शतभिषा
🔅 योग - सिद्ध
🔅 दिशाशूल - उत्तर दिशा मे
🔅 सूर्योदय - 06:44 मिनट पर
🔅 सूर्यास्त - 18:46 मिनट पर
🔅 चंद्रोदय - 06:08 मिनट पर
🔅 चंद्रास्त - 17:12 मिनट पर
🔅 राहुकाल - 15:46 - 17:16 अशुभ
🔅 अभिजित -12:23 -13:10 शुभ
🔅 तिथि विशेष - पंचक , मासिक शिवरात्रि
*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*--*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-***
*🔱⚜ भाग्योदय के लिए क्या करें⚜🔱*
*👉जानिए क्यों अन्न दान से बड़ा दुनियाँ में कोई दूसरा दान नहीं है::--------------*
*🌻इस पूरे संसार में भूख से बड़ा दूसरा कोई शत्रु नहीं है, फिर चाहे वह किसी भी भूख हो इंसान या फिर जानवर की l अगर आप जीवन मे दान ही करना चाहते है तो अन्न का दान करें क्योंकि इससे बड़ा दुनिया में कोई दूसरा दान ही नहीं होता है l जब आप किसी को भोजन करा रहे होते है या फिर किसी को अन्न का दान कर रहे होते है तब आप सिर्फ उस व्यक्ति की भूख की तृप्ति नहीं बल्कि उस परमात्मा को संतुष्ट कर रहे होते है जो उस व्यक्ति के शरीर से जुड़ी हुई है l जब आप अन्न दान अर्पण करते हैं, तो आप उनका शरीर उन्हें दे रहे होते हैं।*
*🌻अन्न दान भोजन के साथ अपने रिश्ते को चेतना और जागरूकता के निश्चित स्तर पर लाने के लिए एक संभावना है। इसे सिर्फ भोजन के रूप में मत देखियें, यह जीवन है। यह हम सब को समझना बहुत जरूरी है - जब भी आप के सामने भोजन आता है, आप इसें एक वस्तु की तरह न समझें जिसका आप उपयोग कर सकते हैं या फेंक सकते है - यह जीवन है। अगर आप अपने जीवन को विकसित करना चाहते हैं,तो आप को भोजन,जल,वायु और पृथ्वी को जीवन के रूप में देखना होगा - क्योंकि ये वे तत्व है जिससे आपका निर्माण हुआ है। अन्न दान एक तरीका है जिस के द्वारा आप पूरे जुड़ाव के साथ अपने हाथों से, प्रेम और भक्ति के साथ खाना परोसते हुए दूसरे इंसान से गहराई से जुड़ सकते हैं।*
*🌻हमारे प्राचीन भारतीय शास्त्रों के अनुसार अगर इस संसार में कोई सबसे बड़ा दान है तो वह है अन्न दान l यह संसार अन्न से ही चलता है और अन्न की सहायता से ही इसकी रचनाओं का पालन हो रहा है। अन्न एकमात्र ऐसी वस्तु है जिससे शरीर के साथ-साथ आत्मा भी तृप्त होती है। इसीलिए कहा गया है कि अगर कुछ दान करना ही है तो अन्नदान करो। अन्नदान करने से बहुत लाभ होता है।सभी शास्त्रों में जितने दान और व्रत कहे गए हैं, उनकी तुलना में अन्नदान सबसे श्रेष्ठ है।*
*🌻इस संसार का मूल अन्न है, प्राण का मूल अन्न है। यह अन्न अमृत बनकर मुक्ति देता है। सात धातुएं अन्न से ही पैदा होती हैं, यह अन्न जगत का उपकार करता है। इसलिए अन्न का दान करना चाहिए। इन्द्र आदि देवता भी अन्न की उपासना करते हैं, वेद में अन्न को ब्रह्मा कहा गया है। सुख की कामना से ऋषियों ने पहले अन्न का ही दान किया था। इस दान से उन्हें तार्किक और पारलौकिक सुख मिला। जो इंसान पूरे विधि-विधान से अन्नदान करता है, उसे पुण्य और यश की प्राप्ति होती है।*
*You can contact us onWebsite*
Website:https://astrologer-ojhaji.ueniweb.com/
* .k. bhardwaj*
* *
* salahkar*
* sarswat Jyotish*
https://mybusinesscard.click/Astro-guru-Ojha-ji
*👉नोट~~~~ आज सिद्ध योग में कुमकुम का दान करना शुभफलदायी है।*
==================================================
*✍ पंचागकर्ता~~~इन्द्रकृष्ण भारद्वाज(बीकानेर)*
*मोबाइल नम्बर ---- +919314147672 9214247672*j
*Email. --- Astroojhaji@gmail.com*
==================================================
*यह पंचांगबीकानेर की अक्षांश रेखांश परआधारित है।*
🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌻🌹🌻🌹🌻