01/05/2026
बाजार में मिलने वाले ये "मैंगो ड्रिंक" असल में 'मैंगो फ्लेवर्ड शुगर सिरप' हैं।
ब्रांड चीनी की मात्रा (प्रति 500ml) में कुल चीनी चम्मच के हिसाब से (लगभग)
*माज़ा (Maaza) ~ 67.5 ग्राम ~13-14 चम्मच
*फ्रूटी (Frooti) ~ 68.5 ग्राम ~14 चम्मच
*स्लाइस (Slice) ~ 70-75 ग्राम ~15 चम्मच
*पतंजलि मैंगो ड्रिंक ~ 60-65 ग्राम ~12 चम्मच
"हानिकारक रसायन और उनके प्रभाव"
इन ड्रिंक्स को लंबे समय तक खराब होने से बचाने, गाढ़ा बनाने और आकर्षक दिखाने के लिए कई रसायनों का उपयोग किया जाता है:
*सोडियम बेंजोएट (INS 211): यह एक सामान्य प्रिजर्वेटिव है। शोध बताते हैं कि जब इसे विटामिन-C (जो आम में होता है) के साथ मिलाया जाता है, तो यह 'बेंजीन' बना सकता है, जो कैंसरकारी तत्वों में गिना जाता है।
*सिंथेटिक फूड कलर्स (जैसे INS 110 - Sunset Yellow FCF): ड्रिंक को चमकीला पीला-नारंगी रंग देने के लिए इसका प्रयोग होता है। यह बच्चों में अति-सक्रियता (Hyperactivity) और एलर्जी का कारण बन सकता है।
*एसीडिटी रेगुलेटर (INS 330 - Citric Acid): हालांकि यह प्राकृतिक भी होता है, लेकिन ड्रिंक्स में मौजूद अधिकता दांतों के इनेमल को नुकसान पहुँचा सकती है और पेट में एसिडिटी बढ़ा सकती है।
*आर्टिफिशियल फ्लेवर्स: इन ड्रिंक्स में असली आम की खुशबू कम और 'नेचर आइडेंटिकल फ्लेवरिंग सब्सटांस' अधिक होते हैं, जो केवल स्वाद की नकल करते हैं।
"सेहत के लिए नुकसानदायक क्यों है"
आधा लीटर मैंगो ड्रिंक नियमित पीने से शरीर पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ सकते हैं:
*इंसुलिन स्पाइक: इतनी अधिक चीनी एक साथ खून में जाने से शरीर का शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है, जो समय के साथ Type-2 डायबिटीज का कारण बन सकता है।
*फैटी लिवर: इन ड्रिंक्स में 'फ्रुक्टोज' की मात्रा अधिक होती है। लिवर फ्रुक्टोज को फैट में बदल देता है, जिससे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर की समस्या हो सकती है।
*मोटापा: खाली कैलोरीज (Empty Calories) होने के कारण यह वजन तेजी से बढ़ाता है लेकिन पोषण शून्य देता है।
*पोषक तत्वों की कमी: यह असली फल का विकल्प नहीं है क्योंकि इसमें फाइबर (Fiber) बिल्कुल नहीं होता, जो पाचन के लिए जरूरी है।