IMA Budaun 2022-2023

IMA Budaun 2022-2023 Health is top priority

16/07/2023

विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस
1200 से 600 ई ० पूर्व महर्षि सुश्रुत का शल्य चिकित्सा काशी स्थित आश्रम सम्पूर्ण आर्यावर्त एवं खाड़ी के देशों में प्रसिद्ध था। दूर दूर से विद्यार्थी एवं चिकित्सक उनसे शल्य चिकित्सा की आधुनिक विधा सीखने आते। यहां से प्राप्त ज्ञान को वह अपने अपने क्षेत्रो में प्रसारित करते और मरीजों की चिकित्सा भी करते।
सुश्रुत आधुनिक शल्य चिकित्सक थे। काशी में सुरसरि गंगा जी के तट पर शवों को पानी से भीग जाने पर वो काष्ठ तूलिकाओं एवं कूंचियों से उसकी शरीर रचना , मांशपेशियों, रक्त नलिकाओं ,तंत्रिकाओं , अंदरूनी अंगों ,अस्थियों एवं अस्थि संधियों का अध्ययन करते एवं विद्यार्थियों को भी अभ्यास करने देते। उनके समय अनेकों प्रकार की शल्य चिकित्सा की जाती थी। आधुनिक यन्त्र एवं औजार भी थे जिनके नाम बहुधा पशु पक्षियों के मुंह अथवा चोंच पर रखे गए थे। आज भी बहुत से शल्य औजार सुश्रुत की औजारों से मेल खाते हैं।
शल्य चिकित्सा की विधा तब विज्ञान संगत थी, और गहन शरीर रचना के अध्ययन एवं शल्य चिकित्सा के सिद्धांतो पर आधारित थी. महर्षि सुश्रुत को विश्वामित्र का पुत्र भी माना जाता है।
तब आँखों , त्वचा, अंदरूनी अंगों की शल्य चिकित्सा के अतिरिक्त सुगठन अथवा पुनर्निर्माण शल्य जिसे आजकल प्लास्टिक सर्जरी कहा जाता है, में वो सिद्धहस्त थे। कटी नाक का पुनर्निर्माण उनमें से एक है।
महर्षि सुश्रुत को आज सम्पूर्ण विश्व में प्लास्टिक सर्जरी का जनक या फादर ऑफ़ प्लास्टिक सर्जरी माना जाता है। उनके जन्म के बारे में कोई एक राय नहीं है। कुछ लोग यह भी मानते हैं की सुश्रुत एक शल्य गुरुओं की एक श्रंखला थी जो ईसा से 1200 वर्ष पूर्व से ईसा के जन्म तक भारत वर्ष में काशी में अति सफल और प्रसिद्ध हुयी। तदुपरांत, भारत के अन्य विश्वविद्यायलों में यथा तक्षशिला में ,यह विधा अधिक उन्नत एवं और प्रसिद्ध हुयी।

01/02/2023

Since the day of his engagement I was wondering how vile people are?
Do we need to troll and bully just because he is Ambani?Only by looking at him and the way he was standing behind her in the pictures one can know how he must be feeling inside.Very unfair!

Copy pasted


कई दिनों से अनंत अंबानी के ‘लुक्स’ को लेकर राधिका मर्चेंट टार्गेट पर है

हमारे समाज में लड़कों के ‘लुक्स’ के आधार पर कब शादियां हुई हैं ? हमारे यहां तो पद, परिवार, खानदान, नौकरी, जायदाद और जातियों से लड़कियाँ ब्याही गईं। उस समय परिवार की नाक हमेशा ऊंची रही जब लड़कियों ने बिना लड़कों के चेहरे देखे परिवार की रज़ामंदी से शादी कर ली। सुंदर से सुंदर लड़कियां (सुंदरता के प्रतिमानों पर बात फिर कभी) ऐसे लड़कों से ब्याह दी गईं जो कायदे से उनके साथ खड़े रहने योग्य भी नहीं थे। अम्मा बुआ ताई दादी नानी काका बाबा यहाँ तक कि पड़ोसन ने भी कहा कि ‘आदमियों की सूरत नहीं देखी जाती।’

ऐसे ऐसे जोड़े देखे हैं जहां फूलों सी नाज़ुक लड़कियां जल्लादों के सिर मढ़ी गईं। असुंदर तो छोड़िए..लड़कियों ने दारूबाज़, चरित्रहीन, क्रूर, मेरिटल रेप करने वाले पुरुषों को पति के रूप में जीवन भर सहा। मुंह में गुटखा भरे, गालियां बकने वाले, लापरवाह, गैर जिम्मेदार, हर लड़की को बिस्तर पर लाने की फिराक में रहने वाले आदमी को ‘पति परमेश्वर’ की पदवी दी गई। जो लड़कियां ऊंची आवाज़ पर सहम जाती थी..उन्होंने जीवनभर यातनाएँ सही और परिवार की इज़्ज़त की खातिर चुप रहीं। जानें कितनी लड़कियों का जीवन परिवार द्वारा चुने गए पतियों ने बर्बाद किया।

बावजूद इसके..लड़कियां ‘गोल्ड डिगर’ कहलाईं। चुटकुलों में बताया गया कि लड़की तो सिर्फ पद और पैसे देखकर शादी करती है। गोया शादी करने का अधिकार हमेशा से उसी के पास रहा हो! इस समाज ने शादी को ही लड़कियों का एकमात्र ‘करियर’ बना दिया (अरसे तक) और वो तय करने का अधिकार भी परिवार के पास रहा। लड़की को पाला ही शादी के लिए गया, उनकी परवरिश ही शादी के लिए हुई, अगर पढ़ाया भी तो इसलिए कि अच्छा वर मिले। शादी से पहले लड़की ने सुना कि ससुराल ही असली घर होगा, शादी के समय सुना कि अर्थी भी अब ससुराल से उठेगी और ससुराल में वो हमेशा बाहरी रही।

अरेंज मैरिज में लड़के का ‘अच्छा दिखना’ कब शादी की अर्हता रहा है ? और जिन लड़कियों ने अपनी मर्ज़ी से शादी की..वो बागी कहलाई। ऐसी लड़कियों के रिश्ते टूटे तो समाज ने मज़े लेते हुए कहा ‘ये तो होना ही था, और करो अपने मन की।’

अनंत अंबानी के लिए कही जा रही बातें बॉडी-शेमिंग है और निहायत फूहड़। लेकिन यहाँ भी असल निशाना राधिका मर्चेंट हैं। अब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो बचपन के साथी हैं..कि राधिका खुद बेहद समर्थ परिवार से हैं। हमें तो बस अपना फ्रस्ट्रेशन निकालना है। और इसके लिए लड़की का मज़ाक उड़ाने से बेहतर टॉपिक तो कोई हो ही नहीं सकता है न।

Sadistic Pleasure

25/01/2023

OLD AGE
#वरिष्ठता #स्वंय की सुरक्षा #
अपना ख्याल खुद रखे

उम्र के बढऩे के साथ-साथ वृद्ध लोगों को कई प्रकार की समस्याएं होती है। ऐसे में खासतौर पर चालीस साल के बाद लोगों को रूटीन चैकअप करवाना चाहिए। खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। नियमित रूप से योग एवं अन्य एक्सरसाइज की जाए तो काफी हद तक कई बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। यदि चैकअप करवाने के बाद किसी बीमारी का पता चलता है तो समय पर इलाज करवाना जरूरी है।

क्या वृद्धावस्था एक बीमारी है?

वृद्धावस्था जीवन का एक पड़ाव है। इस अवस्था में बीमारी होने की सम्भावना रहती है। शहरीकरण होने के कारण कई बातों को नजर अंदाज किया जा रहा है। ऐेसे में बुजुर्गों को लोग प्रतिक्रिया नहीं देते हैं। उनसे बचने का प्रयास करते हैं। इससे बुजुर्ग डिप्रेशन में भी रहते हैं। वृद्धावस्था में यह बीमारी शरीर को नुकसान ना पहुंचाए।

After 40 yrs /
चालीस की उम्र के बाद

चालीस वर्ष के बाद डायबिटिक, मोटापा, बीपी आदि समस्या हो जाती है। ऐसे में समय-समय पर चैकअप करवाने की जरूरत होती है। यदि किसी भी बीमारी का समय पर उपचार कर लिया जाए तो वृद्धावस्था में होने वाली समस्याओं से निजात मिल सकती है। यदि किसी को वॉकर या फिर अन्य कोई जरूरत हो उसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। शुरुआती स्तर पर किसी भी बीमारी की जानकारी मिलने पर उसका इलाज करवाना चाहिए। सीजन फूड एवं एक्सरसाइज करने से स्ट्रेस से छुटकारा मिलता है।

Ageing /बढ़ती उम्र

उम्र बढऩे के साथ-साथ शरीर कमजोर होने लगता है। शारीरिक रूप से शुगर, मोतियाबिंद, हायपर टैंशन, कम सुनाई देना, हृदय रोग, आर्थराइटिस, कब्ज रहना आदि समस्या होती है। इसके अलावा मानसिक रूप से डिप्रेशन, डिमेंशिया, नींद की दिक्कत, नशा करना आदि समस्याएं होती है। ये समस्या होने पर मनोरोग विशेषज्ञ की सलाह लेने लेनी चाहिये

Smoking

स्मोकिंग सबसे बड़ी कफ की समस्या है। इसे छोडऩा चाहिए। यदि समस्या पर इसे नहीं छोड़ा गया तो कैंसर तक की समस्या हो सकती है। इसके अलावा दिनचर्या में नियमित रूप से योग एवं अन्य एक्सरसाइज की जाए तो काफी हद तक कई बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। बुजुर्ग अक्सर तेज बोलते हैं। पुरानी बातें याद करते हैं।

प्रश्न : खाने-पीने का स्वाद कम हो जाता है?

उम्र के साथ कम सुनने की समस्या हो जाती है। ऐसे में बुजुर्ग अक्सर तेज आवाज में बोलते हैं। यदि स्वाद की समस्या हो तो चिकित्सक की सलाह ली जा सकती है। वृद्धावस्था में कई विटामिन की भी कमी हो जाती है। पुरानी बातें याद आती है, लेकिन नई बातों को जल्द भूल जाते है

अपना ख्याल रखे
स्वस्थ रहे
खुश रहे

17/01/2023
अपने घुटनों का ख्याल रखे हल्की सी दर्द में भी अपने डॉ से ज़रूर मिले
09/01/2023

अपने घुटनों का ख्याल रखे
हल्की सी दर्द में भी अपने डॉ से ज़रूर मिले

24/12/2022

Funny World 🙃
Or
Foolish Us...

*Till Sunday there was no Covid, with House Full Stadium of Thousands and Messi and team hugging everyone.*

*_Wednesday Covid is back_*

*Well played China and WHO*

😊🙃

23/12/2022

☕ *चाय पियोगे ....... !!*

मुझे कोई चाय के लिए पूछता है
तो मैं मना नहीं करता
ऐसा नहीं कि चाय में
कोई अमृत का स्वाद है
जिसके बिना रह नहीं सकते...

जब कोई पूछता है चाय पियोगे
मतलब वह कुछ देर
साथ चाहता है तुम्हारा
चाहता है कि कुछ देर
तुम उसके पास बैठो...

चाय को बनाना पड़ता है
रिश्तों की तरह
चाय बनाने वाला सिर्फ
चाय ही नहीं बनाता
कई रिश्ते भी बनाता है...

चाय बनने में कुछ समय लगता है
रिश्तों को भी समय चाहिए
रिश्ते बाजार में पैक वस्तु नहीं है
उसे चाय की तरह बनाना पड़ता है...

चाय में प्यार की अदरक
और श्रद्धा की तुलसी डालो
अपने प्यार की उष्णता से
जितना हो सके उबालो
फ़िर अच्छी तरह छानो
जिससे निकल जाए
बची हुई सारी कड़वाहट...

और फ़िर पेश करो
चाय को पूरी संजीदगी से
क्योंकि यह सिर्फ चाय नहीं
रिश्तों को जोड़ने का अमृत है!

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

23/11/2022

Team to help masses with heart

Best Intensive care units
22/11/2022

Best Intensive care units

22/11/2022

हमें अपने भीतर करुणा रखनी है
आवेश नहीं क्योंकि
बादलों की वर्षा से ही
पुष्प खिलते हैं
उसकी गर्जना से नहीं......

सुप्रभात

Address

Sanjivani Hospital Ujhani Budaun
Budaun
243639

Opening Hours

10am - 5pm

Telephone

+918077440766

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