30/04/2026
डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी (Dilated Cardiomyopathy - DCM) हृदय की मांसपेशियों से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है जिसमें हृदय का मुख्य पंपिंग चैंबर (बायां वेंट्रिकल) बड़ा (डिलेट) और कमजोर हो जाता है। इसके कारण हृदय शरीर के बाकी हिस्सों में प्रभावी ढंग से रक्त पंप नहीं कर पाता।
प्रमुख लक्षण
DCM के लक्षण अक्सर धीरे-धीरे विकसित होते हैं, लेकिन कभी-कभी अचानक भी सामने आ सकते हैं:
सांस फूलना: परिश्रम करने पर या लेटने के दौरान सांस लेने में कठिनाई होना।
थकान: सामान्य कार्यों को करने में भी बहुत अधिक कमजोरी महसूस होना।
सूजन: पैरों, टखनों और कभी-कभी पेट में तरल पदार्थ जमा होने के कारण सूजन (एडिमा) आना।
धड़कन का बढ़ना: दिल की धड़कन तेज होना या अनियमित महसूस होना (Palpitations)।
सीने में दर्द या चक्कर: बेहोशी या छाती में भारीपन महसूस होना।
कारण
DCM के कई कारण हो सकते हैं, हालांकि कई मामलों में इसका सटीक कारण अज्ञात (Idiopathic) रहता है:
आनुवंशिकता (Genetics): लगभग 30-40% मामलों में यह परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी चलता
है।
संक्रमण: वायरल मायोकार्डिटिस (हृदय की मांसपेशियों में सूजन) इसका एक सामान्य कारण है।
जीवनशैली और पदार्थ: अत्यधिक शराब का सेवन, कोकीन जैसी नशीली दवाओं का उपयोग या शरीर में पोषण की कमी (जैसे विटामिन B1/बेरीबेरी)।
अन्य बीमारियां: अनियंत्रित उच्च रक्तचाप (Hypertension), हृदय वाल्व रोग, या कीमोथेरेपी की दवाएं।
गर्भावस्था: कुछ महिलाओं में बच्चे के जन्म के बाद यह स्थिति विकसित हो सकती है (Peripartum Cardiomyopathy)।
निदान और उपचार
इसका पता आमतौर पर Echocardiogram (ईको टेस्ट) से लगाया जाता है, जिससे हृदय के 'इजेक्शन फ्रैक्शन' (पंपिंग क्षमता) का माप मिलता है।
दवाएं: बीटा-ब्लॉकर्स, ACE इनहिबिटर्स और डाइयुरेटिक्स (मूत्रवर्धक) का उपयोग हृदय के कार्य को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।
उपकरण: गंभीर मामलों में पेसमेकर या ICD (इंप्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर) लगाया जा सकता है।
जीवनशैली में बदलाव: नमक का सेवन कम करना, वजन संतुलित रखना और शराब से बचना।
हृदय प्रत्यारोपण: यदि दवाएं काम नहीं करतीं, तो अंततः हार्ट ट्रांसप्लांट की आवश्यकता पड़ सकती है।
क्या आप DCM के लिए उपयोग की जाने वाली विशिष्ट दवाओं या आहार संबंधी नियमों के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे?