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अगर यही दृश्य भारत में होता ना…तो अभी तक यहाँ “प्राचीन चमत्कारी स्थल” का बोर्ड लग चुका होता।ये गोल पत्थर?सीधे किसी शिवलि...
12/04/2026

अगर यही दृश्य भारत में होता ना…
तो अभी तक यहाँ “प्राचीन चमत्कारी स्थल” का बोर्ड लग चुका होता।

ये गोल पत्थर?
सीधे किसी शिवलिंग घोषित हो जाते—
और पीछे कहानी तैयार: “हजारों साल पहले यहाँ दिव्य घटना हुई थी…”

गुफा में टपकता पानी?
वो भी “अमृत की बूंदें” बन जाता।
लोग लाइन लगाकर बोतल भर रहे होते।

और अगर पास में नदी बह रही होती…
तो वो बस नदी नहीं रहती—
सीधे किसी देवी का रूप ले लेती, जैसे गंगा।

असल बात ये है—
जहाँ दुनिया प्राकृतिक प्रक्रिया देखती है,
वहीं हम कहानी, चमत्कार और आस्था जोड़ने में देर नहीं लगाते।

थोड़ा विज्ञान कम,
थोड़ा भाव ज्यादा…
और बस एक नई “पवित्र जगह” तैयार।

06/04/2026
With DrRavindra Narolia – I'm on a streak! I've been a top fan for 4 months in a row. 🎉
25/03/2026

With DrRavindra Narolia – I'm on a streak! I've been a top fan for 4 months in a row. 🎉

मेरा आज का पोस्ट उन लोगों के लिए है जिनको डायबिटीज की वजह से शारीरिक कमजोरी बहुत अधिक हो गयी है और कोई भी दवा से फायदा न...
25/03/2026

मेरा आज का पोस्ट उन लोगों के लिए है जिनको डायबिटीज की वजह से शारीरिक कमजोरी बहुत अधिक हो गयी है और कोई भी दवा से फायदा न मिल रहा है,,,।।।

यह पोस्ट सेव जरूर कर लेना क्योंकि ऐसा पोस्ट देखने को कम ही मिलता है ।।।

मधुमेह (डायबिटीज) के लिए विजयसार का उपयोग आयुर्वेद में बहुत प्रभावशाली माना गया है। यह प्राकृतिक रूप से रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

विजयसार का उपयोग मधुमेह में कैसे करें:

1. विजयसार लकड़ी का टम्बलर (गिलास) प्रयोग विधि:

✓ बाजार में विजयसार की लकड़ी से बने गिलास मिलते हैं।

✓ रात को सोने से पहले उस लकड़ी के गिलास में साफ पानी (लगभग 100–150 ml) भर दें।

✓ सुबह उठकर उस गिलास का पानी खाली पेट पिएं।

✓ यह पानी हल्का भूरा या गुलाबी रंग का हो जाएगा—इसी में औषधीय गुण होते हैं।

✓ 30 दिनों तक नियमित उपयोग करें, फिर 15 दिन का अंतर लें।

2. लकड़ी के टुकड़े वाला तरीका:

✓ विजयसार की लकड़ी के टुकड़े किसी आयुर्वेदिक दुकान से ले लें।

✓ 1–2 टुकड़े एक मिट्टी या कांच के बर्तन में रातभर 1 गिलास पानी में भिगो दें।

✓ सुबह उस पानी को छानकर खाली पेट पिएं।

✓ 15–30 दिन तक यह प्रयोग करें।

सावधानियाँ:

✓ यदि आप पहले से कोई एलोपैथिक दवा ले रहे हैं तो शुगर लेवल नियमित रूप से चेक करते रहें।

✓ कभी-कभी शुगर बहुत कम भी हो सकती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से दवाओं की मात्रा समायोजित करें।

✓ गर्भवती महिलाएं या गंभीर रोगी इसका उपयोग करने से पहले वैद्य या डॉक्टर से सलाह लें।

विजयसार का उपयोग टाइप 2 डायबिटीज में अधिक प्रभावी माना जाता है, जबकि टाइप 1 डायबिटीज में इसका उपयोग बहुत सावधानी से और केवल सहायक (supportive) चिकित्सा के रूप में किया जाता है—not as a replacement for insulin therapy.

यहाँ दोनों प्रकार के मधुमेह के लिए विजयसार का सुरक्षित उपयोग बताया गया है:

1. टाइप 2 डायबिटीज के लिए उपयोग (Type 2 Diabetes):

उद्देश्य: रक्त शर्करा नियंत्रित करना, इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाना

दिनचर्या:

सुबह खाली पेट:
रातभर विजयसार टम्बलर में रखा हुआ पानी (150 ml) पिएं।

भोजन के बाद:
यदि चाहें तो ½ चम्मच विजयसार चूर्ण (पाउडर) गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं (दिन में 1 या 2 बार)।

व्यायाम/योग: हल्का योग या वॉक जरूर करें (जैसे कपालभाति, मंडूकासन, शुगर कंट्रोलिंग आसन)।

2. टाइप 1 डायबिटीज के लिए उपयोग (Type 1 Diabetes):

उद्देश्य: शरीर की सामान्य शक्ति बढ़ाना, पाचन सुधारना, ब्लड शुगर में थोड़ी स्थिरता लाना (बिना इंसुलिन रोके)

सावधानी से उपयोग करें:

✓ केवल विजयसार टम्बलर का पानी सुबह 100 ml तक लें।

✓ इंसुलिन या अन्य दवा को बिल्कुल न रोकें—यह केवल एक सहायक (supplementary) उपाय है।

✓ शुगर लेवल बार-बार मॉनिटर करें ताकि हाइपोग्लाइसीमिया न हो।

सामान्य सुझाव:

✓ लगातार 30 दिन तक उपयोग करें फिर 7–10 दिन का ब्रेक लें।

✓ लकड़ी के टुकड़े या टम्बलर हर 1–1.5 महीने में बदल दें क्योंकि उनमें से औषधीय गुण धीरे-धीरे कम हो जाते हैं।

✓ उच्च गुणवत्ता वाली विजयसार लकड़ी ही चुनें—नकली या मिलावटी सामग्री से बचें।

डायबिटीज के लिए एक आसान आयुर्वेदिक डायट चार्ट

सुबह जल्दी (5:30–6:30 AM):

1 गिलास विजयसार का पानी (रातभर टम्बलर/लकड़ी में रखा हुआ)

10 मिनट प्राणायाम (कपालभाति, अनुलोम-विलोम)

सुबह का नाश्ता (7:30–8:30 AM):

1 कटोरी धान्य आधारित उपमा, ओट्स या बेसन का चीला
(बिना मैदा/चावल के)

1 मुट्ठी भुने हुए चने या 4–5 बादाम (भीगे हुए)

1 कप गुलाब या दालचीनी युक्त हर्बल चाय

मध्याह्न (10:30–11:30 AM, यदि भूख लगे):

1 फल (कम ग्लाइसेमिक फल जैसे: जामुन, सेब, अमरूद)

दोपहर का भोजन (12:30–1:30 PM):

1–2 बाजरे या मल्टीग्रेन रोटी

1 कटोरी हरी सब्ज़ी (तोरई, लौकी, पालक आदि)

1 कटोरी मूंग दाल या मसूर दाल

थोड़ा कच्चा सलाद (खीरा, टमाटर, मूली)

छाछ या मट्ठा (बिना नमक/बहुत कम नमक वाला)

शाम का नाश्ता (4:30–5:30 PM):

1 कप हर्बल चाय (मेथी/दालचीनी/गिलोय युक्त)

1 मुट्ठी मखाने या भुने चने

रात का भोजन (7:30–8:00 PM):

1–2 रोटी (बाजरा/ज्वार/मल्टीग्रेन)

हल्की सब्जी + सूप (लो-कार्ब सब्ज़ियाँ)

अगर चाहें तो ½ कटोरी मूंग दाल

सोने से पहले (9:30–10:00 PM):

1 कप हल्का गुनगुना पानी
(यदि कब्ज है तो उसमें ½ चम्मच त्रिफला चूर्ण मिला सकते हैं)

वर्जित चीज़ें (Avoid):

सफेद चावल, चीनी, मैदा, शक्कर, मीठा फल (केला, आम, अंगूर)

पैकेज्ड जूस, कोल्ड ड्रिंक

ज्यादा तली हुई चीज़ें और प्रोसेस्ड फूड

यह चार्ट आपके ब्लड शुगर को स्थिर रखने और विजयसार जैसे आयुर्वेदिक उपचार को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

अगर आपको यह नुस्खा अच्छा लगा तो शेयर जरूर कर दें क्योंकि आपके एक शेयर से किसी का भला हो सकता है..

जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया पेज को फॉलो जरूर करे।।

जब आप शोरूम से नई कार या बाइक खरीदते हैं, तो चाबियों के गुच्छे के साथ अक्सर एक छोटा सा मेटल या एल्युमीनियम के टुकड़ा लगा...
12/03/2026

जब आप शोरूम से नई कार या बाइक खरीदते हैं, तो चाबियों के गुच्छे के साथ अक्सर एक छोटा सा मेटल या एल्युमीनियम के टुकड़ा लगा होता है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ एक साधारण टुकड़ा या टैग समझते हैं और की रिंग लगाने के बाद इसे निकालकर फेंक देते हैं।
वहीं कुछ लोग चाबी के साथ इसे सालों-साल लटका कर रखते हैं।

हम अक्सर गाड़ी के इंजन, माइलेज और फीचर्स पर तो घंटों चर्चा करते हैं, लेकिन इस छोटे से धातु के टुकड़े को नजरअंदाज कर देते हैं। असल में, यह कोई साधारण चीज नहीं है, बल्कि यह आपकी गाड़ी की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। यकीनन 80-99% लोगों को इसके पीछे का सही और असली काम पता नहीं होता है। अगर आपकी चाभी में भी यह टुकड़ा लगा है, तो इसे बेकार या फर्जी न समझें। नीचे लेख में जानें इसके पीछे का कारण।

चाबी के गुच्छे से साथ क्यों लगा होता है मेटल का टुकड़ा?
चाबी के साथ लगे हुए मेटल के टुकड़े पर कुछ अंक लिखे होते हैं, जिसे की कोड कहते हैं। इसका काम तब शुरू होता है जब आपकी गाड़ी की असली चाबी खो जाती है। पहले के समय में चाबी खोने पर पूरा लॉक तोड़ना पड़ता था, लेकिन आज की आधुनिक गाड़ियों में इमोबिलाइजर और सेंट्रल लॉकिंग जैसे सिस्टम होते हैं। अगर आपकी दोनों चाबियां खो जाएं, तो नई चाबी बनवाना परेशानी वाला काम बन सकता है। ऐसे में यह मेटल कोड ही वह चाबी है, जिसे दिखाकर कंपनी आपके लिए हूबहू वैसी ही नई चाबी तैयार कर सकती है।
अगर आपके पास यह कोड है, तो आपको पूरी गाड़ी का लॉक सेट बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। जब आप ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर पर यह कोड देते हैं, तो वे अपनी मशीन में इस नंबर को फीड करते हैं। यह मशीन उस कोड के आधार पर चाबी के खांचे को बिल्कुल सटीक तरीके से काट देती है। इससे आपकी नई चाबी पुरानी वाली की तरह ही स्मूथ काम करती है। बिना इस कोड के, मैकेनिक को काफी मेहनत करनी पड़ती है और कई बार गाड़ी का पूरा लॉक सिस्टम ही बदलना पड़ जाता है, जो महंगा सौदा साबित होता है।

सुरक्षा के लिहाज से है जरूरी
स्मार्ट की के समय में कितना हेल्पफुल है यह कोड?

आजकल की कई गाड़ियों में फिजिकल चाबी के बजाय स्मार्ट की या की-फोब आते हैं। उनमें भी एक छोटी इमरजेंसी चाबी अंदर छिपी होती है। उस इमरजेंसी चाबी को दोबारा बनाने के लिए भी यह मेटल कोड उतना ही जरूरी है। अगर आपकी चाबी चोरी हो गई है, तो इसी कोड की मदद से कंपनी पुरानी चाबी के सिग्नल को डी-रजिस्टर्ड कर सकती है।
मेटल का टुकड़ा जितना मददगार है, उतना ही इसे संभालकर रखने की भी जरूरत होती है। टुकड़े पर लिखे नंबर आपकी गाड़ी का डिजिटल फिंगरप्रिंट है। अगर यह नंबर किसी गलत हाथ में लग जाए, तो वह व्यक्ति आपकी गाड़ी की डुप्लीकेट चाबी बनवा सकता है। इसलिए मेटल टैग को चाबी के साथ लटकाकर न घूमें। इसे अपनी गाड़ी के पेपर्स के साथ या घर पर किसी सुरक्षित अलमारी में रखना चाहिए। शोरूम से गाड़ी लेते ही इस कोड की एक फोटो खींचकर अपने फोन या ईमेल पर सेव कर लें।

With DrRavindra Narolia – I'm on a streak! I've been a top fan for 3 months in a row. 🎉
02/03/2026

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पतझड़ में सिर्फ पत्ते गिरते हैं, नज़रों से गिरने का कोई मौसम नहीं होता "साहेब" ।
02/03/2026

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ख़त लिख रहे हो वो भी वफ़ादारों के पते पर….डाकिये की उम्र बीत जाएगी शहर ढूंढते ढूंढते....!!
02/03/2026

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डाकिये की उम्र बीत जाएगी शहर ढूंढते ढूंढते....!!

मैरे घनिष्ठ सम्मानीय, डॉ रविन्द्र नारोलिया जी आपको वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पद से उप- निदेशक पद पर पदोन्नति होने पर हार्द...
13/02/2026

मैरे घनिष्ठ सम्मानीय, डॉ रविन्द्र नारोलिया जी आपको वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पद से उप- निदेशक पद पर पदोन्नति होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! 💐💐

पुस्तकों से बड़ा कोई मित्र नहीं है।
04/02/2026

पुस्तकों से बड़ा कोई मित्र नहीं है।

जिनके उजाले,आपकी अंधी आस्था से जलते हैं...वे आपके सोचने से डरते हैं।क्योंकि तर्क सवाल खड़े करता है…और सवाल, सबसे पहले सु...
04/02/2026

जिनके उजाले,
आपकी अंधी आस्था से जलते हैं...
वे आपके सोचने से डरते हैं।

क्योंकि तर्क सवाल खड़े करता है…
और सवाल, सबसे पहले सुविधाओं को हिलाते हैं।

जो लोग आपको
“जैसा चल रहा है वैसा चलने दो” सिखाते हैं,
असल में वो चाहते हैं कि
आप सोचें नहीं,
बस मानते रहें।
वे आपको भावुक बनाए रखेंगे,
डराएंगे, शर्मिंदा करेंगे,
परंपरा, रिश्ते, संस्कार और मर्यादा की दुहाई देंगे
ताकि आप कभी यह न पूछ सकें कि
“क्यों?”

क्योंकि जिस दिन आपने
क्यों पूछना शुरू कर दिया,
उस दिन किसी का
राज, रुतबा, अधिकार
आप पर नहीं चलेगा।

तर्कशील इंसान
न आसानी से बहकता है,
न डर से चुप रहता है,
और न ही किसी के कह देने भर से
अपने विवेक का गला घोंटता है।

इसलिए याद रखिए
आपकी चुप्पी किसी की ढाल हो सकती है,
और आपकी समझ
किसी की सबसे बड़ी परेशानी।

असल में समस्या ये नहीं है
कि आप तर्कशील हो गए
समस्या ये है कि
अब आप उपयोग के लिए आसान नहीं रहे।

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